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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Thursday 22 December 2011

आस्ट्रेलिया दौरा टीम इंडिया के लिए सुनहरा अवसर

0 पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ने कहा, अब तक की सबसे बेस्ट टीम 
हीरा कार्पोरेट क्रिकेट के समापन समारोह में हिस्सा लेने आये पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ पत्रकारों से चर्चा करते हुए.
 रायपुर। पूर्व क्रिकेटर व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ का कहना है कि वर्तमान आस्ट्रेलिया दौरा टीम इंडिया के लिए सबसे सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान टीम भारतीय क्रिकेट की सबसे बेस्ट टीम है, जो अपनी ही धरती पर वर्ल्ड कप जीतने व टेस्ट में नंबर वन होने का कारनामा किया। इस टीम को दाद देनी चाहिए। 
 यहां आयोजित हीरा कार्पोरेट क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए श्रीनाथ ने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया दौरे से हमेशा ही सीखने को मिलता है और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का अच्छा मौका है।
300 से अधिक वनडे विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज ने कहा कि वर्तमान में अभिमन्यु मिथुन व विनय कुमार तेज गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इशांत शर्मा भी अपने तरीके से दम लगा रहे हैं। जहीर खान भी पूरी तरह फिट हैं और वे आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना बेस्ट प्रदर्शन करेंगे। आस्ट्रेलिया दौरा हमेशा से ही टफ रहा है। खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वर्तमान टीम इंडिया में सचिन, सहवाग, द्रविड़, गंभीर व धोनी बैटिंग की बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि खासकर तेज गेंदबाजों के लिए आस्ट्रेलिया से बेहतर कोई जगह नहीं। 
कपिल का रिप्लेसमेंट मुश्किल
श्रीनाथ ने कहा कि टीम इंडिया को कपिलदेव जैसे आलराउंडर मिलना मुश्किल है। फिर भी वर्तमान टीम इंडिया में आलराउंडर की जरूरत नहीं। सहवाग भी बालिंग करने लगे हैं। 
भज्जी वापसी करेंगे
 हरभजन सिंह की वापसी के बारे में मीडियम पेसर गेंदबाज ने कहा कि भज्जी वर्तमान टीम इंडिया में रहते तो अच्छा होता, लेकिन अश्विन फिलहाल बेस्ट चयन है। उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को सही साबित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भज्जी टीम इंडिया में जरूर वापसी करेंगे। 
सचिन, सहवाग का रिकार्ड तोड़ना मुश्किल
श्रीनाथ ने कहा कि वनडे में सचिन तेंडुलकर व वीरेंद्र सहवाग के दोहरे शतक का रिकार्ड तोड़ना बहुत मुश्किल है। वर्तमान में तो इस रिकार्ड को तोड़ने वाला बल्लेबाज नहीं आ रहा, लेकिन रिकार्ड टूटने के लिए बनता है और कोई न कोई तो इसे तोड़ सकता है। यदि कोई भारतीय तोड़े तो अच्छा रहेगा। 
सचिन को मिले 'भारत रत्न"
 श्रीनाथ ने स्पोर्ट्स मैन को 'भारत रत्न" दिए जाने के संबंध में कहा कि क्रिकेटर होने के नाते वे सचिन तेंडुलकर को 'भारत रत्न" देने का समर्थन करेंगे। सचिन के महाशतक के बारे में उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया दौरे पर उनका महाशतक लग सकता है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी खेलता है तो वह प्रेशर में रहता है। बिना प्रेशर के कोई भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते सचिन भी महाशतक के लिए प्रेशर में होंगे। 
काफी बदल गया होगा रायपुर
श्रीनाथ ने कहा कि करीब 20-22 साल पहले वे साइंस कालेज मैदान पर हुए इंटर विश्वविद्यालयीन विजी ट्राफी टूर्नामेंट खेलने रायपुर आए थे। उसके बाद से कभी आना नहीं हुआ। अब तो रायपुर काफी बदल गया होगा। हीरा कार्पोरेट क्रिकेट के आयोजन से वे अंदाजा लगा सकते हैं कि छत्तीसगढ़ में क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिल रहा है।

Tuesday 20 December 2011

अभिजीत ने जीता गोंडवाना कप

0 48 साल बाद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब मेजबान छग की झोली में
अभिजीत को गोंडवाना कप प्रदान करते राज्यपाल शेखर दत्त.
शंकर चंद्राकर
रायपुर। 21 साल बाद शुरू हुए गोंडवाना कप आल इंडिया लान टेनिस टूर्नामेंट के एकल खिताब पर मेजबान छत्तीसगढ़ के अभिजीत तिवारी ने कब्जा किया। अभिजीत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले प्रदेश के तीसरे खिलाड़ी बन गए।  
उपविजेता  एनएस विजय प्रशांत को ट्राफी प्रदान करते राज्यपाल.
 छत्तीसगढ़ क्लब में शनिवार शाम को हुए एकल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ के अभिजीत तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु के एनएस विजय प्रशांत को 2-6, 6-4, 6-4 से हराया। एक घंटा 46 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में पहला सेट 2-6 से हारने के बाद अभिजीत ने शानदार वापसी की और अगले दो सेट 6-4, 6-4 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। समारोह के मुख्यअतिथि राज्यपाल शेखर दत्त व प्रथम महिला सुष्मिता दत्त ने पूरे समय बैठकर रोमांचक मैच का आनंद लिया। 
दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया
मैच के बाद अभिजीत को बधाई देते उपविजेता प्रशांत.
 मैच जीतने के बाद अभिजीत ने कहा कि उनपर बेहद दबाव था, लेकिन दबाव के बावजूद उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। अभिजीत ने कहा कि उनके लिए खुशी की बात है कि उन्होंने 21 साल शुरू हुए मैच का खिताब प्रदेश के लिए जीता। 

क्रिसमस का तोहफा : सेंटियागो
पूर्व चैम्पियन ऍफ़ एक्स सेंटियागो के साथ
अभिजीत तिवारी
 पूर्व चैंपियन 80 वर्षीय एफएक्स सेंटियागो ने अभिजीत की जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके व प्रदेश के लिए क्रिसमस का तोहफा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मैंने अभिजीत का खेल देखा है, उससे कह सकता हूँ कि अभिजीत भविष्य में भारत कि ओर से डेविस कप खेलेंगे.
जीतने के लिए टेम्परामेंट जरूरी : राज्यपाल 
पुरस्कार व समापन समारोह में राज्यपाल शेखर दत्त ने कहा कि किसी भी मैच में जीतने के लिए टेम्परामेंट और मैच स्पीरिट का होना जरूरी है। अभिजीत ने जो खेल दिखाया, इसके पीछे काफी योगदान उनके पिता का है, जिन्होंने हमेशा उनका सपोर्ट किया।  उन्होंने कहा कि बिना फैमिली सपोर्ट के कोई भी खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकता है. खेल एक तरह से मैनेजमेंट के गुर भी सिखाता है. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों कि तरह यहाँ भी फैन क्लब होना चाहिए. जिससे खिलाड़ी प्रोत्साहित हो सके.
राज्यपाल ने बांटे पुरस्कार
युगल विजेता तमिलनाडु के मो. फ़रीज़ व एनएस विजय प्रशांत.
 पुरस्कार वितरण समारोह में राज्यपाल श्री दत्त ने एकल व युगल के विजेता व उपविजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार व ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया। एकल विजेता अभिजीत को 65 हजार रुपए व ट्राफी तथा उपविजेता एनएस विजय प्रशांत को 45 हजार रुपए व ट्राफी प्रदान की गई। इसी तरह युगल विजेता तमिलनाडु के एनएस विजय प्रशांत व मो. फारीज को 31500 रुपए व ट्राफी तथा उपविजेता छत्तीसगढ़ के तुषार मांडलेकर व तमिलनाडु के नीरज एलनगोवन को 18500 व ट्राफी दी गई। समारोह में पूर्व चैंपियन एफएक्स सेंटियागो का स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। इस मौके पर प्रथम महिला सुष्मिता दत्त, खेल सचिव मनोहर पांडे, वाणिज्यकर आयुक्त जीएस मिश्रा, एडीजी लोक अभियोजन एमडब्ल्यू अंसारी, छग लान टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया, सचिव गुरुचरण सिंह होरा, टूर्नामेंट डायरेक्टर लारेंस सेंटियागो, सारडा एनर्जी एंड मिनरल लिमिटेड के एमडी जीके छंगानी समेत लान टेनिस संघ के पदाधिकारी व खिलाड़ी मौजूद थे। 
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परिणाम एक नजर 
एकल 
क्र. खिलाड़ी राज्य
1. अभिषेक तिवारी छत्तीसगढ़
2. एनएसवी प्रशांत तमिलनाडु
युगल
क्र. खिलाड़ी राज्य
1. एनएसवी प्रशांत/मो. फारीज तमिलनाडु
2. तुषार मांडलेकर/नीरज एलनगोवन छत्तीसगढ़/तमिलनाडु
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गोंडवाना कप के विजेता एक नजर
वर्ष विजेता (एकल) महिला
1937-38 डीआर रुतनाम श्रीमती हाइड
1938-39 जेएम मेहता
1939-40 डॉ. एसके कौल
1940-41 जीवी देव
1941-48 स्थगित
1948-49 जीवी देव
1949-50 आरएल खान
1950-61 स्थगित
1961-62 आरएल खान
1962-63 एफएक्स सेंटियागो
1963-64 एचएल दास
1964-65 एचएल दास
1965-66 नरेंद्र तिवारी
1979-84 स्थगित
1984-85 पुन: शुरू
1990-2011 स्थगित
2011-12 अभिजीत तिवारी
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वर्ष विजेता (युगल)
1937-38 डीआर रुतनाम/जेए फ्रोस्ट
1938-39 जेएम मेहता/एमआर जयंत
1939-40 पीसी मैथ्यू/एसएन कुंजरू
1940-41 जीवी देव/केके दस्तुर
1941-48 स्थगित
1948-49 जीवी देव/एके दवे
1949-50 आरएल खान/एनएल खान
1950-61 स्थगित
1961-62 आरएल खान/एनएल खान
1962-63 डीसी रॉय/आरवाय देशमुख
1963-64 गोपाल रॉय/चौधरी
1964-65 एचएल दास/दत्त
1965-66 नरेंद्र तिवारी/अनवर अली
1979-84 स्थगित
1984-85 पुन: शुरू
1990-2011 स्थगित
2011-12 तुषार मांडलेकर/नीरज एलनगोवन
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पुरस्कार वितरण समारोह एक नजर ........ 

मैच के दौरान प्रशांत. 



        
मैच के दौरान अभिजीत.         

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पूर्व चैम्पियन का सम्मान करते राज्यपाल

युगल उपविजेता छत्तीसगढ़ के तुषार मंडलेकर.
 


गोंडवाना कप टेनिस टूर्नामेंट का आगाज

0 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने खेलकर किया उद्घाटन
0 प्रदर्शन मैच में हारी पेस की जोड़ी

उद्घाटन मैच के दौरान लिएंडर पेस और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह .
रायपुर। मध्य भारत के प्रतिष्ठित गोंडवाना कप आल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट का दो दशक बाद सोमवार को टेनिस स्टार लिएंडर पेस की उपस्थिति में आगाज हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और लिएंडर पेस ने मैच खेलकर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस दौरान युगल प्रदर्शन मैच भी खेला गया, जिसमें लिएंडर पेस व नितिन कीर्तने की जोड़ी देश के दूसरे नंबर के शीर्ष खिलाड़ी जे. विष्णुवर्धन व प्रदेश के उभरते खिलाड़ी अभिजीत तिवारी से टाईब्रेकर में 7-6 (10-8) हार गई। मुख्यमंत्री ने पूरे समय बैठकर देश के स्टार खिलाड़ियों के बीच हुए मैच का आनंद लिया।
छत्तीसगढ़ क्लब में हुए उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि टेनिस के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन से यहांॅ की टेनिस प्रतिभाओं में नए उत्साह और नई ऊर्जा का संचार होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि 1937 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट की मध्य भारत में एक विशिष्ट पहचान रही है। उन्होंने कहा कि 1949 में आरएल खान व 62-63 में एफएक्स सेंटियागो ने राष्ट्रीय स्तर की इस स्पर्धा में विजेता बनकर छत्तीसगढ़ अंचल को गौरवान्वित किया था। डा. सिंह ने कहा कि पेस देश के ऐसे खिलाड़ी हैं, जो भले ही अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच हार जाएंॅ, पर जब वे देश के लिए खेलते हैं तो वे बड़े से बड़े दिग्गज टेनिस खिलाड़ियों को हरा देते हैं। यह इनकी एक बड़ी खासियत है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री के रूप में अपनी दूसरी पारी के तीन वर्ष और दोनों पारियों को मिलाकर कुल आठ वर्ष पूर्ण कर वे नौवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। आज मेरे दिन की शुरुआत इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन से हो रही है, जो मेरे लिए निश्चित रूप से सौभाग्य की बात है।
समारोह में लिएंडर पेस ने कहा कि यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है। यह उनके लिए खुशी की बात है कि वे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पुन: शुरू होने पर शामिल हो रहे हैं। भारत टेनिस में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी उत्साह व ऊर्जा के साथ प्रदर्शन करेंगे।
समारोह में छत्तीसगढ़ लान टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया ने स्वागत भाषण में आयोजन की जानकारी दी। श्री सिसोदिया ने बताया कि गोंडवाना कप में तीन क्वालीफाइंग मैंच होने के बाद 32 खिलाड़ियों को मुख्य ड्रा प्रवेश दिया गया है। यह पांच लाख रुपए इनामी राशि वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी टेनिस प्रतियोगिता है। इसमें छत्तीसगढ़ के अभिजीत तिवारी, प्रतीक बख्शी, तुषार मांडलेकर और हेनरी सेंटियागो भी एकल और युगल मैंचों में अपनी चुनौती प्रस्तुत करेंगे। समारोह में छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया ने आभार व्यक्त किया और टेनिस स्टार लिएंडर पेस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 
मुख्यमंत्री ने किया पेस का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया.
 समारोह में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ और छग लान टेनिस संघ की ओर से लिएंडर पेस को बस्तर आर्ट के रूप में स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने डेविस कप खिलाड़ी  विष्णुवर्धन व नितिन कीर्तने का भी स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर  लिएंडर पेस ने भी मुख्यमंत्री को सम्मान के रूप में टेनिस का एक रैकेट भेंटकर अपनी शुभकामनाएं दी। इस मौके पर विधायक अमितेश शुक्ल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक धीरेंद्र शर्मा, खेल संचालक जीपी सिंह, सारडा मिनरल एवं एनर्जी लिमिटेड के कमल सारडा, देश डेविस कप खिलाड़ी विष्णुवर्धन, लारेंस सेंटियागो समेत देशभर से आए खिलाड़ी व लान टेनिस के पदाधिकारी व खिलाड़ी मौजूद थे।
राज्यपाल से भी मिले पेस
राज्यपाल शेखर दत्त से मुलाकात करते पेस.
समारोह के बाद लिएंडर पेस ने राजभवन में राज्यपाल शेखर दत्त से सौजन्य मुलाकात की।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया, छत्तीसगढ़ लान टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


Sunday 18 December 2011

सचिन 'भारत रत्न" हैं : पेस

0 स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा- सबके लिए समान हो देश का सर्वोच्च पुरस्कार


रायपुर।
 गोंडवाना कप आल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने आए देश के स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा है कि सचिन महान क्रिकेटर ही नहीं, एक अच्छे इंसान भी हैं। वे देश के सर्वोच्च पुरस्कार 'भारत रत्न" के हकदार हैं। 
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पूरा भारत एक है। हम सभी नागरिकों को एक समान अधिकार प्राप्त है। ऐसे में देश के सर्वोच्च पुरस्कार भी सभी के लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी भारतीय चाहे वे स्पोर्ट्स, बिजनेस, राजनीति या किसी भी क्षेत्र के हों, जिन्होंने देश-दुनिया में बेहतर काम किया हो और जो 'भारत रत्न" अवार्ड को डिजर्व करते हांे, उन्हें यह अवार्ड जरूर मिलना चाहिए। ओलिंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाने वाले स्टार टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि सचिन एक बेहतर बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान भी हैं। 
पहली बार छत्तीसगढ़ आए पेस ने कहा कि उन्हें यहांॅ आकर बेहद खुशी हुई। यहांॅ आने के लिए पिछले सालभर से बात चल रही थी, जो अब जाकर संभव हो पाई। पेस ने कहा कि वे अभी लंदन ओलिंपिक की तैयारी में लगे हैं और इसके लिए काफी समय है। उन्होंने कहा कि देश में टेनिस के एकल में सानिया मिर्जा, महेश भूपति व सोमदेव देवबर्मन जैसे खिलाड़ी हैं, जो बेहतर खेल रहे हैं। ग्रैंड स्लेम में भूपति के साथ युगल जोड़ी नहीं बनाने के बारे में उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल मैच अलग है, इसमें वे अपनी पसंद के खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाते हैं, लेकिन जब देश के लिए खेलते हैं तो वे हमेशा भूपति के साथ ही खेले हैं। इसके लिए इंडियन टेनिस फेडरेशन जिसके साथ भी जोड़ी तय करता है, उनके साथ वे खेलते रहे हैं। 

तेजी से लोकप्रिय हो रहा टेनिस 
तीन युगल व तीन मिक्स ग्रैंड स्लेम जीतने वाले पेस ने कहा कि टेनिस भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब तक भारत को  30 से अधिक ग्रैंड स्लैम खिताब मिल चुका है। साथ ही 20 से अधिक विभिन्ना इंटर नेशनल खिताब है, इसलिए टेनिस में भारत कमजोर नहीं है। यहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी हैं। इस हिसाब से भारत में टेनिस में बेहतर माहौल है। 

टफ गेम है टेनिस
टेनिस को खर्चीला व अमीरों का खेल कहे जाने के बारे में पेस ने कहा कि लोग कुछ भी कहते हैं, लेकिन टेनिस बेहद टफ गेम है। इसमें खिलाड़ी को बेहद कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसमें देश ही नहीं, वर्ल्ड लेवल पर बेहद टफ कॉम्पीटिशन है। खिलाड़ी को कठिन फिटनेस ट्रेनिंग लेनी पड़ती है।































बेहतर प्रशिक्षण के लिए खेल अकादमी जरूरी


0 देश के शीर्ष दूसरे नंबर के टेनिस खिलाड़ी विष्णुवर्धन रायपुर में
विष्णुवर्धन, अभिजीत तिवारी व छत्तीसगढ़ लान टेनिस संघ के पदाधिकारियों के साथ. 
रायपुर। देश के शीर्ष दूसरे नंबर के खिलाड़ी जे. विष्णुवर्धन का मानना है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व खेल की बारीकियां सीखने के लिए खेल अकादमी का होना बहुत जरूरी है। इससे खिलाड़ियों को सीखने का भरपूर मौका मिलता है और खिलाड़ी अपना पूरा ध्यान सिर्फ खेल में ही लगाता है। विष्णुवर्धन रविवार को छत्तीसगढ़ क्लब में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। 
विष्णुवर्धन छत्तीसगढ़ लान टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया के साथ.
मध्य भारत के प्रतिष्ठित गोंडवाना कप अखिल भारतीय टेनिस टूर्नामेंट में शामिल होने आए विष्णुवर्धन ने कहा कि टेनिस बेहद टफ गेम है और इसमें देश में ही काफी काम्पीटिशन हो गया है। उन्होंने देश में टेनिस के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में कहा कि भारत की तुलना अमेरिका, आस्ट्रेलिया या यूरोपीय देशों से नहीं कर सकते, लेकिन एशिया की बात की जाए तो भारत में टेनिस की बेस्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं। भारत में टेनिस भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। सानिया मिर्जा, लिएंडर पेस, महेश भूपति और अब सोमदेव देवबर्मन के प्रदर्शन से टेनिस को काफी लोकप्रियता मिली है। भारतीय टीम में विदेशी कोच की अनिवार्यता के बारे में कहा कि जरूरी नहीं विदेशी कोच हो। देश में भी टेनिस के कई अच्छे कोच हैं, लेकिन तकनीकी दृष्टि से विदेशी कोच बेहतर साबित होता है। उन्होंने देश में टेनिस कोच की कमी को नकारते हुए कहा कि यहां अब अच्छे कोच उपलब्ध हैं।  
छोटे शहरों में टेनिस को लोकप्रिय बनाने के लिए बेहतर सुविधाएं डेवलप करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे जगहों पर गोंडवाना कप जैसे टूर्नामेंट होने से लोकल खिलाड़ियों को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। मैच में बड़े खिलाड़ियों को खेलते हुए देखकर वे प्रेरित होते हैं। टेनिस को उच्च वर्ग का खर्चीला गेम कहे जाने के बारे डेविस कप खिलाड़ी ने कहा कि अब ऐसा कहना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी एक मिडिल क्लास से हैं। देश के अधिकतर टॉप खिलाड़ी भी मिडिल वर्ग से हैं। 

भारत अभी अमेरिका, यूरोपीय देशों से पीछे
गोंडवाना कप में हिस्सा लेने वाले शीर्ष खिलाडी. 
पिछले साल ग्वांगझू एशियन गेम्स में सानिया मिर्जा के साथ मिक्स युगल में देश को रजत दिलाने वाले विष्णुवर्धन ने कहा कि टेनिस में हम हर लिहाज से अभी अमेरिका व यूरोपीय देशों से काफी पीछे हैं। वहां वर्ल्ड क्लास बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। अच्छी अकादमियां हैं। वहां के स्कूल लेवल के छोटे खिलाड़ी भी यहां के टॉप खिलाड़ी को हरा देंगे। रोजर फेडरर को अपना प्रिय खिलाड़ी मानने वाले विष्णुवर्धन ने कहा कि खेल में वातावरण व कल्चर का भी प्रभाव पड़ता है। भारत में क्रिकेट लोकप्रिय है, लेकिन अमेरिका इसमें शून्य है। 

दूसरी सानिया कौन? 
देश में दूसरी सानिया मिर्जा निकलने के बारे में विष्णुवर्धन ने कहा कि टेनिस बेहद टफ गेम में और इसमें बेहद स्टेमिना की जरूरत होती है। भारत में कल्चर ऐसा है कि लड़कियों को लंबे समय तक खेलने व खेल को करियर बनाने का मौका नहीं मिलता। सानिया भी अपने पैरेंट्स का पूरे समय सहयोग मिलने व खेलने की पूरी आजादी मिलने से ही वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं। इसलिए टेनिस में अभी दूसरी सानिया की जगह बैडमिंटन में साइना नेहवाल की बात कर सकते हैं। 

गोंडवाना कप का रहा है गौरवशाली इतिहास


0 विदेशी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी दिखाया है कमाल
0 आजादी के पहले शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ने देखा है उतार-चढ़ाव का दौर 
0 21 साल बाद फिर हो रहा है आगाज
यूनियन क्लब का सिंथेटिक कोर्ट, जो पहले क्ले कोर्ट था. 
शंकर चंद्राकर 
रायपुर। मध्य भारत के प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंटों में शुमार गोंडवाना कप अखिल भारतीय लान टेनिस स्पर्धा का 74 सालों का गौरवशाली इतिहास रहा है। आजादी से पहले शुरू हुए इस टूर्नामेंट में देश ही नहीं, विदेश के भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने कमाल दिखाया है। वर्ष 1937 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट ने उतार-चढ़ाव भरा दौर भी देखा है। इस बीच टूर्नामेंट को परिस्थितिवश दो बार स्थगित कर दिया गया। अब 21 साल बाद नए स्वरूप में फिर इसका आगाज हो रहा है। 
यूनियन क्लब के इस कोर्ट में शुरू हुआ था गोंडवाना कप टेनिस टूर्नामेंट.
अंग्रेजों के जमाने में यूनियन क्लब में शुरू हुए इस टूर्नामेंट का नाम इस अंचल के गोंडवाना राजवंशों के नाम पर गोंडवाना कप रखा गया। इसके पहले एकल चैंपियन डीआर रुतनाम थे। 1937 में पहले टूर्नामेंट में पुरुष एकल व युगल और महिला एकल के मुकाबले हुए। महिला एकल की विजेता अंग्रेज महिला मिसेज हाइड थीं। महिलाओं के लिए यह पहला व अंतिम मुकाबला था। इसके बाद फिर इसमें महिलाओं को हिस्सा नहीं लेने दिया गया, जो एक परंपरा बन गई। इस टूर्नामेंट में अब तक छत्तीसगढ़ के दो खिलाड़ी रियाज लतीफ खान और एफएक्स सेंटियागो ने खिताब पर कब्जा किया है। रियाज खान 1949 व 1961 में दो बार चैंपियन रहे, जबकि एफएक्स सेंटियागो ने 1962 में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब मेजबान अविभाजित मध्यप्रदेश (अब छत्तीसगढ़) की झोली में डाला। 
गोंडवाना कप के पूर्व खिलाड़ी लारेंस सेंटियागो ने बताया कि एक समय इस टूर्नामेंट का बेहद क्रेज था। इसमें उस समय देश के सभी टॉप टेनिस खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें केजी रमेश, नंदन बल, एनरीको पिपरनो, विशाल नायर, मिहिर मांकड़, नरेन्द्रनाथ, हीरालाल दास, जयदीप मुखर्जी, त्रिदीप मुखर्जी आदि ने अपने खेल का जौहर दिखाया। यही नहीं, वर्ष 1969 में आस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बॉबकर माइकल भारत आए तो उन्होंने भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। बॉबकर ने यहां से खेलकर विम्बलडन में हिस्सा लिया और उसमें वे शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंचे। श्री सेंटियागो ने बताया कि इसके आयोजकर्ताओं के बदलने के बाद नए पदाधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दिए और इंडियन लान टेनिस फेडरेशन के नए नार्म्स भी टूर्नामेंट के आयोजन में बाधा बने। इस कारण बीच में इसे बंद कर दिया गया।  

 ...जब बंद हुआ टूर्नामेंट
इस बीच टूर्नामेंट ने कई उतार-चढ़ाव भी देखा, जब परिस्थितिवश इसे वर्ष 1979 से 1986 तक बंद कर दिया गया। इसके बाद वर्ष 1986 में रायपुर के तत्कालीन कमिश्नर शेखर दत्त जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल हैं, के प्रयासों से इसे पुन: शुरू किया गया, लेकिन उनका यह प्रयास भी ज्यादा समय तक सफल नहीं रहा और 1990 में इसे पुन: बंद कर दिया गया। अब प्रदेश टेनिस संघ के प्रयास से इसे पुन: शुरू किया गया है।

लगातार चौथी पीढ़ी गोंडवाना कप को समर्पित
ऍफ़एक्स सेंटियागो 
मजेदार बात यह कि सेंटियागो परिवार की चौथी पीढ़ी लगातार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा लेती आ रही है। मेजबान छत्तीसगढ़ (अविभाजित मप्र) को पदक दिलाने वाले पूर्व खिलाड़ी एफएक्स सेंटियागो ने प्रदेश का नाम रोशन किया था। इससे पूर्व उनके पिता सालोमन सेंटियागो इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेते आ रहे थे। श्री सालोमन तो राजकुमार कालेज में फिजिकल ट्रेनर भी थे। उन्होंने सारंगढ़ (कोमाखान) के राजा के यहां भी अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद तीसरी पीढ़ी के लारेंस सेंटियागो इस टूर्नामेंट में दमखम दिखाया। अब सेंटियागो परिवार की चौथी पीढ़ी लारेंस के दोनों बेटे हेनरी व रोहिन गोंडवाना कप में हिस्सा ले रहे हैं। इस तरह सेंटियागो परिवार गोंडवाना कप मेंशुरू से लेकर अब तक खेलते आ रहा है।



लारेंस सेंटियागो 
 


















हेनरी सेंटियागो 



















रोहिन सेंटियागो 

संजय के सुझावों का जर्मनी में अमल


0 वाबा मि.व मिस यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप के सभी इवेंट में निर्णायक रहे संजय
0 बॉडी बिल्डिंग के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक संजय शर्मा जर्मनी से लौटे
जर्मनी के एल्जी में हुई वाबा मिस्टर एंड मिस यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप के दौरान पर्तिभागी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक संजय शर्मा जर्मनी में अपनी प्रतिभा दिखाई। उन्होंने जर्मनी के एल्जी में हुई वाबा मिस्टर एंड मिस यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप के सभी इवेंट के निर्णायक बनाए गए। ऐसा पहली बार हुआ है जब वर्ल्ड चैंपियनशिप के सभी इवेंट में श्री शर्मा को 11 सदस्यीय ज्यूरी मेंबर में शामिल किया गया। आयोजकों ने श्री शर्मा को पहली बार मुख्य इवेंट के विजेता को पुरस्कृत करने का मौका भी दिया। वे वहां हुई वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन की वार्षिक बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। 
यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर जर्मनी से लौटे श्री शर्मा ने 'नईदुनिया" से चर्चा करते हुए बताया कि भारत से इसमें दिल्ली के चंद्रपाल शर्मा ने मिडिल टाल ग्रुप में हिस्सा लिया और वे इसमें नौवें स्थान पर रहे। श्री शर्मा ने बताया कि इस साल अगस्त में वर्ल्ड फेडरेशन ने उनसे आयोजन के संबंध में सुझाव मांगे थे, जिसे वे ईमेल से भेजा था। उनके द्वारा सुझाए गए कई सुझावों का असर यूनिवर्स स्पर्धा आयोजन के दौरान दिखा। वर्ल्ड फेडरेशन ने आयोजन के दौरान उनको विशेष तवज्जो दी गई। यह उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि स्पर्धा के दौरान वर्ल्ड फेडरेशन की वार्षिक बैठक हुई। इसमें अगले दो सालों के खेल कैलेंडर व आयोजन स्थल तय किया गया। बैठक में उन्होंने बॉडी बिल्डिंग को एशिया समेत दक्षिण एशियाई देशों पर फोकस करने व नियमों में शिथिलता लाने का सुझाव दिया, जिसे फेडरेशन ने विचार करने का आश्वासन दिया। 
भारत में मि. शेप में अधिक संभावना
मैं इवेंट के विजेता के साथ संजय शर्मा 
श्री शर्मा ने कहा कि बॉडी बिल्डिंग के मि. शेप (फिटनेस) बॉडी बिल्डिंग वर्ग में भारत में अधिक संभावना है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की शरीर की बनावट ऐसी है, जिसमें इस स्पर्धा में भारतीय बॉडी बिल्डर वर्ल्ड लेवल पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वर्ल्ड लेवल पर भारतीय बॉडी बिल्डरों के पिछड़ने पर उन्होंने कहा कि यहांॅ के बॉडी बिल्डर प्रोफेशनल नहीं है। इस कारण वे इस पर ध्यान नहीं देते। विदेशों में बॉडी बिल्डर का ध्यान पूरे सालभर सिर्फ अपने मुख्य इवेंट पर फोकस रहता है, जबकि भारतीय बॉडी बिल्डरों में फोकस की कमी रहती है। यहां के बॉडी बिल्डरों का फोकस ही तय नहीं होता है। 

स्पोर्ट्स डोम इंडोर हाल हो सकता है मॉडल
श्री शर्मा ने कहा कि जर्मनी में बड़े स्टेडियमों के अलावा जगह-जगह स्पोर्ट्स डोम इंडोर हाल बने हुए हैं, जो एक तरह से पोर्टेबल व कम लागत से बनी होती है। यह हाल मैदानों पर विभिन्ना आयोजनों के लिए बनाए जाने वाले डोम की तरह होते हैं। वहां खिलाड़ी इसमें सभी तरह के इंडोर गेम्स की रोजाना प्रैक्टिस की जाती है। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी झेल रहे भारत में यह स्पोर्ट्स डोम इंडोर हाल एक बेहतरीन मॉडल बन सकता है। इस डोम के अंदर टेबल टेनिस, बैडमिंटन, लान टेनिस के अलावा हॉकी जैसे खेल भी खेले जा सकते हैं। इसे सिंथेटिक ट्रैक या ग्रासी मैदान सभी तरह से बनाया जा सकता है।

नार्वे के बॉडी बिल्डर चार्ली को छग आमंत्रण
श्री शर्मा ने बताया कि वे नार्वे के बॉडी बिल्डर चार्ली को छत्तीसगढ़ का आने का न्योता दिया है। इसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। यदि राजधानी में फेडरेशन कप का आयोजन होगा तो उन्हें यहां बुलाने पर विचार किया जाएगा। 

विरोध का नायाब तरीका
श्री शर्मा ने बताया कि फ्रैंकफर्ट में उन्होंने वहांॅ के लोगों के सरकार के प्रति विरोध का नायाब तरीका देखा। उन्होंने बताया कि लोग भारत की तरह नारेबाजी करने के बजाय विभिन्ना आकर्षक वेशभूषा व तख्ती लेकर फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अंदर बड़ी संख्या में बेहिचक घुस गए, लेकिन उन्हें किसी ने रोका भी नहीं, क्योंकि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण था। इसमें लोग अपनी फैमिली के साथ हिस्सा लिया। उनकी मांग थी कि रात में वहां पर विमान की आवाजाही न हो। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। मांगों को वहां के एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मान भी ली। वहां के लोगों का इस तरह विरोध जताने का यह तरीका उन्हें बेहद पसंद आया। 
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वर्ल्ड चैम्पियन बनने के लिए दीर्धकालीन योजना एवं कड़ी मेहनत की जरुरत : शर्मा 
प्रोफेशनल इवेंट के विजेता के साथ संजय. 
जर्मनी के अल्जाई शहर के राउड स्पोर्ट्स हाल में आयोजित वाबा मिस्टर एंड मिस यूनिवर्स -२०११ बॉडीबिल्डिंग अन फिटनेस चेम्पियनशिप 3 तथा 4 दिसंबर को संपन्न हुई. इसमें 15 से अधिक देशों के महिला-पुरुष खिलाडियों ने हिस्सा लिया. इस प्रतियोगिता में पुरुष के शाट ग्रुप, मिडिल ग्रुप टाल ग्रुप एव मेंन फिटनेस मास्टर जूनियर, एवं महिलाओं के मिस फिटनेस, मिस शेप, मिस माडल, कपल्स एवं प्रोफेशनल स्पर्धा हुई. इस स्पर्धा में ओवरआल चैम्पियन इटली रही. प्रोफेशनल चैम्पियन होल्नर पिटर  हंगरी, टाल क्लास विजेता सेंटियागो आर हरेरा स्पेन तथा ओवरआल चेम्पियन टी स्तेफिनो इटली ने जीता, भारत के खिलाडी चंद्रपाल शर्मा यूपी नॉवे स्थान पर रहे. जर्मनी में आयोजित हुई वाबा यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के प्रथम वीर हनुमान सिंह अवार्डी व शरीर सौष्ठव के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक संजय शर्मा ने भारतीय टीम का बतौर कोच प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ निर्णयन कार्य भी किया। श्री शर्मा इसके पूर्व कई देशों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णयन कार्य कर चुके हैं। गौरतलब है कि शरीर सौष्ठव के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक और छत्तीसगढ़ एमेच्योर शरीर सौष्ठव संघ के सचिव संजय शर्मा का चयन भारतीय बॉडी बिल्डिंग टीम के प्रशिक्षक के लिए किया गया था। श्री शर्मा का चयन इंडियन फिटनेस एंड बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन (नेशनल एमेच्योर शरीर सौष्ठव संघ) द्वारा किया गया। जर्मनी में श्री शर्मा का चयन इस प्रतियोगिता के निर्णयन के लिए भी किया गया।  श्री शर्मा छत्तीसगढ़ एमेच्योर शरीर सौष्ठव संघ के सचिव भी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई शरीर सौष्ठव प्रतियोगिताओं में उनके निर्णयन कार्य के लिए उन्हें राज्य सरकार ने वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया है। वे यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले राज्य के पहले निर्णायक हैं। श्री शर्मा ने बताया की जर्मनी में 4 दिसम्बर को फेडरेशन की बैठक हुई जिसमे श्री शर्मा ने सुझाव दिया की एशिया में शामिल देशों में भी इस तरह की स्पर्धा के आयोजन किया जाय एवं यूथ बॉडी बिल्डर्स के लिए आकर्षक प्रोग्राम बनाया जाय. इसके अलावा डोपिंग पर कड़ी करवाई की जाये. श्री शर्मा ने बताया की वर्ष २०१२ जून में मिस्टर वर्ल्ड इटली में होगी, एवं 2013 में ग्रीस तथा टर्की ने दावेदारी की है. 2012 का मिस्टर वबा यूनिवर्स जर्मनी में ही आयोजित है. इस खेल को जो की विश्व में बहुत लोकप्रिय है तथा देश में भी नवयुवकों में इस खेल को और अधिक प्रोत्साहित करने एवं लोकप्रिय बनाने की जरूरत है. इसे ओल्य्म्पिक, एशियाड से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि हर वर्ग के लोगों को फिटनेस एवं स्वाथ्य के नजरिये से देखा जाना चाहिए.
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एक नजर इधर भी ...


मिश्रित युगल  विजेता के साथ संजय. 

गुरुदत्त व पूजा ट्रायथलॉन चैंपियन


0 20वीं नेशनल सब-जूनियर, जूनियर व सीनियर ट्रायथलॉन चैंपियनशिप का समापन
0 छग की सुजाता धर एक्वाथलॉन में छठे व उमेश धीवर ट्रायथलॉन में नौवें स्थान पर रहे
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से पुरस्कार ग्रहण करती गुजरात की पूजा चौरसिया. 
रायपुर। दो दिनों तक चली 20वीं सब-जूनियर, जूनियर व सीनियर ट्रायथलॉन स्पर्धा के सीनियर पुरुष वर्ग में सर्विसेज के गुरुदत्त और महिला वर्ग में गुजरात की पूजा चौरसिया चैंपियन बनीं। टीम चैंपियनशिप का पुरस्कार सर्विसेज को मिला। स्पर्धा में पहली बार हिस्सा ले रहीं जूनियर एक्वाथलॉन में मेजबान छत्तीसगढ़ की सुजाता धर ने छठा स्थान हासिल किया। वहीं पुरुष ट्रायथलॉन में भी प्रदेश के उमेश धीवर पहली बार में ही नौवें स्थान पर आए। स्पर्धा में सेना सहित 24 राज्यों के लगभग 250 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 
स्पर्धा के दौरान पूजा 
स्पर्धा के मुख्य इवेंट सीनियर ट्रायथलॉन स्पर्धा रविवार को सुबह परसदा डेम में हुई। इसमें खिलाड़ियों ने एक साथ 1.5 किमी तैराकी, 40 किमी साइकिलिंग और 10 किमी दौड़ में हिस्सा लिया। स्पर्धा के बाद सीनियर पुरुष वर्ग में सर्विसेज ने स्वर्ण, रजत व कांस्य तीनों पदक अपने नाम किया। टीम के गुरुदत्त एक घंटा 57 मिनट 32 सेकंड का समय लेकर प्रथम, दिलीप एक घंटा 58 मिनट 45 सेकंड के साथ दूसरे व विकास एक घंटा 59 मिनट 21 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। हरियाणा के मनीष कुमार चौथे, दिल्ली के ई. सुशील पांचवे व केरल के मानूब एनके छठे स्थान पर रहे। इसी महिला वर्ग में गत चैंपियन गुजरात की पूजा चौरसिया दो घंटा 21 मिनट 48 सेकंड के साथ पहले, मणिपुर की एमसी लिनथोइंग अम्बी दो घंटा 30 मिनट 59 सेकंड के साथ द्वितीय व गुजरात की सारंग उर्वसी आर. दो घंटा 35 मिनट तीन सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। महाराष्ट्र की तेजश्री नायक चौथे व चित्राली पवनस्कर पांचवें व मणिपुर की केएसएच रेणुका देवी छठे स्थान पर रहीं। 

जूनियर एक्वाथलॉन में सुप्रीथ व स्वप्नाली विजेता

सीनियर ट्रायथलॉन के बाद जूनियर एक्वाथलॉन की स्पर्धा हुई। इसमें खिलाड़ियों ने 750 मी. तैराकी व 5 किमी दौड़ में हिस्सा लिया। स्पर्धा के बालक वर्ग में कर्नाटक के सुप्रीथ एस. प्रथम व महाराष्ट्र की स्वप्नाली यादव विजेता रहीं। इसमें छत्तीसगढ़ की सुजाता धर ने पहली बार में शानदार प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रहीं। स्पर्धा के बाद बालक वर्ग में कर्नाटक के एस. सुप्रीथ 29 मिनट 8.90 सेकंड के साथ प्रथम, गुजरात के ध्रुव चौधरी 29 मिनट 21.53 सेकंड के साथ द्वितीय व मणिपुर के एल. महेश सिंह 29 मिनट 40.38 सेकंड के साथ तृतीय रहे। तमिलनाडु के डी. सबदर हासमी चौथे, वी. नरेंद्रन पांचवें व निरुबन चक्रवर्ती आर. छठे स्थान पर रहे। इसी तरह बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की स्वप्नाली यादव 35 मिनट 15 सेकंड के साथ पहले, कर्नाटक की तान्या अग्निहोत्री 36 मिनट चार सेकंड के साथ दूसरे व महाराष्ट्र की पूनम वानखेड़े 37 मिनट 47 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कर्नाटक की एन. हरिणी चौथे, गुजरात की क्रुतिका ए. कहर पांचवें और छत्तीसगढ़ की सुजाता धर छठे स्थान पर रहीं। 
परिणाम एक नजर
टीम चैंपियनशिप
टीम चैम्पियनशिप का पुरस्कार जितने वाली सर्विसेस की टीम. 
क्र. टीम
1. सर्विसेज
2. महाराष्ट्र
3. दिल्ली
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सीनियर ट्रायथलान पुरुष
क्र. खिलाड़ी टीम
1. गुरुदत्त सर्विसेज
2. दिलीप सर्विसेज
3. विकास सर्विसेज
4. मनीष हरियाणा
5. ई. सुशील दिल्ली
6. मनूब एनके केरल
सीनियर ट्रायथलॉन महिला
1. पूजा चौरसिया गुजरात
2. एमसी लिनथोइंग मणिपुर
3. सारंग उर्वसी आर. गुजरात
4. तेजश्री नायक महाराष्ट्र
5. चित्राली पवनस्कर महाराष्ट्र
6. केएसएच रेणुका देवी मणिपुर
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जूनियर ट्रायथलॉन बालक
क्र. खिलाड़ी टीम
1. एल. महेश मणिपुर
2. टीएच पेरिश सिंह मणिपुर
3. अक्षय कदम महाराष्ट्र
जूनियर ट्रायथलॉन बालिका
1. एस. नंदादेवी मणिपुर
2.  स्वप्नाली यादव महाराष्ट्र
3. क्रुतिका कहर गुजरात
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जूनियर एक्वाथलॉन बालक
क्र. खिलाड़ी टीम
1. एस. सुप्रीथ कर्नाटक
2. ध्रुव चौधरी गुजरात
3. एल. महेश सिंह मणिपुर
4. डी. सबदर हासमी तमिलनाडु
5. वी. नरेंद्रन तमिलनाडु
6. निरुबन चक्रवर्ती आर. तमिलनाडु

जूनियर एक्वाथलॉन बालिका
1. स्वप्नाली यादव महाराष्ट्र
2. तान्या अग्निहोत्री कर्नाटक
3. पूनम वानखेड़े महाराष्ट्र
4. हरिणी एन. कर्नाटक
5. क्रुतिका कहर गुजरात
6. सुजाता धर छत्तीसगढ़
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सब-जूनियर एक्वाथलॉन बालक
क्र. खिलाड़ी टीम
1. सुहास वाय. कर्नाटक
2. सूरज कुमार कर्नाटक
3. रुबेन बिलुंग ओडिशा

सब-जूनियर एक्वाथलॉन बालिका
1. मिनल बी. शिवप्रकाश कर्नाटक
2. चेतना गौड़ा कर्नाटक
3. प्रियंका पुगल तमिलनाडु
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मैच के दौरान खिलाडी. 

Wednesday 30 November 2011

एक अरब के स्टेडियम को लगी दीमक

0 उद्घाटन के तीन साल बाद भी अधूरा
0 पैवेलियन के कांच व टाइल्स टूट-फूट रहे
0 मैदान व पिच पर जगह-जगह दीमक
0 स्टेडियम लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर पर अधूरे काम शुरू नहीं
 

शंकर चंद्राकर
रायपुर। नई राजधानी की शान व एक अरब रुपए से भी अधिक की लागत से बने प्रदेश के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को दीमक खा रही है। उद्घाटन के तीन साल बाद भी स्टेडियम अभी तक अधूरा ही है। अभी भी इसमें एसी, जनरेटर, कार्पोरेट बाक्स, कुर्सी लगाने समेत कई काम बचे हुए हैं। स्टेडियम के मैदान व पिच पर जगह-जगह दीमक की बांबी बन गई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने स्टेडियम को लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर कर दिया है, लेकिन बाकी बचे कामों पर विभाग अभी तक ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में यहाँ अंतरराष्ट्रीय मैच के बारे में सोचना अभी सपना ही है।
उद्घाटन के बाद इन तीन सालों में स्टेडियम में अभी तक तकरीबन 200 मैच खेले जा चुके हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और कनाडा के बीच खेले गए अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच, विभिन्ना आयु वर्ग के बीसीसीआई एसोसिएट ट्राफी व घरेलू मैच शामिल हैं। स्टेडियम के ग्राउंड व पिच के रखरखाव की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने ली है। क्रिकेट संघ ने अपने खर्चे पर वहां छह कर्मचारी नियुक्त किया है, जो किसी तरह ग्राउंड का मेटेनेंस करते हैं। इसके बावजूद मैदान की हालत खराब है। दीमक ने पिच को भी नहीं छोड़ा है।
ग्राउंडमैन का कहना है कि अभी मैच नहीं होने के कारण पानी का छिड़काव नहीं किया गया, इस कारण कई जगह पर दीमक लग गई है। अब जहां-जहां दीमक लगी है, वहां पर नई मिट्टी डालकर कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। मैच के अनुसार पिच का मेंटेनेंस किया जाता है। चूंकि यहां पर नौ पिच हैं, जिस पर मैच होना होता है, उसी पिच पर ध्यान दिया जाता है। इस कारण अन्य पिच पर कहीं-कहीं दीमक लग गई है। उसे ठीक कर लिया जाएगा। 
पैवेलियन के कांच टूटे
मैदान के अलावा पैवेलियन के सामने और प्रवेश द्वार पर लगे कीमती कांच टूट गए हैं। इसके अलावा पैवेलियन के सामने कई जगहों पर टाइल्स भी उखड़ चुकी है। पैवेलियन में लगी कुर्सी भी कई जगह उखड़ गई है। यही हाल अन्य जगहों पर भी है।





एसी, कुर्सी व जनरेटर का काम बचा
स्टेडियम में अभी एयरकंडीशन, कुर्सी लगाने, जनरेटर का काम बचा है। कार्पोरेट बाक्स भी अधूरा है। मेंटेनेंस के अभाव में स्टेडियम के दर्शक दीर्घा समेत अन्य स्थानों पर कचरे का ढेर है। इसके अलावा पैवेलियन में मीडिया गैलरी, अंपायर, डोप रुम समेत अन्य बेसिक सुविधाएं डेवलप करना बाकी है।
आगे का काम पीडब्ल्यूडी के जिम्मे
इस संबंध छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के सचिव राजेश दवे का कहना है कि ग्राउंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी क्रिकेट संघ ने ली है। वहां छह कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश संघ हर माह कर्मचारियों के वेतन व ग्राउंड के मेंटेनेंस पर करीब 50 हजार रुपए खर्च कर रहा है। स्टेडियम का जो भी अधूरा काम है, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टेडियम के अधूरे काम के लिए पांच करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया है। इसके लिए विभाग ने संघ से जरूरी काम करवाने के लिए सूची मांगी थी। संघ ने उसकी सूची भी पीडब्ल्यूडी विभाग को दे दी है। उम्मीद है कि शीघ्र ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
स्टेडियम पूरा हो तो जगेगी उम्मीद
श्री दवे ने कहा कि प्रदेश संघ को 2013 में बीसीसीआई से पूर्ण मान्यता मिलना तय है। यदि इसके पूर्व ही स्टेडियम का अधूरा काम पूरा हो जाता है तो बोर्ड से यहां रणजी, दिलीप ट्राफी जैसे महत्वपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट के सेमीफाइनल-फाइनल मैच मांगने का प्रयास किया जाएगा। प्रथम श्रेणी मैच के लिए भी स्टेडियम की सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप होना जरूरी है। संघ अपनी ओर से पूरी तरह तैयार है।



एक साल में पूरा हो जाएगा काम
'काम शुरू हो गया हो गया है। खेल विभाग के निर्देशानुसार काम किया जाएगा। स्टेडियम के सभी अधूरे कार्य एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। जैसे-जैसे शासन से पैसा स्वीकृत होगा, वैसे ही काम होता जाएगा। अभी स्टेडियम के चारों ओर सड़क बनाने का काम चल रहा है।"
- बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री लोक निर्माण विभाग।
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स्टेडियम एक नजर
स्थित : ग्राम परसदा, नई राजधानी क्षेत्र।
क्षेत्रफल : 50 एकड़।
उद्घाटन : 11 सितंबर, 2008 को।
इनफील्ड ग्राउंड : 90 गज यार्ड, जो आस्ट्रेलिया के मेलबोर्न स्टेडियम के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्टेडियम।
अनुमानित लागत : 98.45 करोड़ रुपए। अभी करोड़ों के काम बाकी।
दर्शक क्षमता : 60 हजार से अधिक।
पार्किंग व्यवस्था : 6000 चारपहिया वाहन, अलग से मोटरसाइकिल व साइकिल स्टैंड।
परिवहन व्यवस्था : हावड़ा-मुंबई राष्ट्रीय मार्ग क्र.-6,
रायपुर-भुवनेश्वर-पुरी रेलमार्ग, माना विमानतल, स्टेडियम के पास हेलीपैड।
पिच : 9 मैच पिच, 3 अभ्यास पिच।
सिंचाई व्यवस्था : स्वचलित स्प्रिंकलर।
कार्पोरेट बाक्स : 40 बाक्स।
स्कोरबोर्ड : इलेक्ट्रानिक लाइट।
फ्लड लाइट : 6 हाई मास्क लाइट।
म्यूजियम : क्रिकेट म्यूजियम बनाया जाएगा। म्यूजियम में छत्तीसगढ़ की
संस्कृति की झलक दिखेगी, लेकिन अभी  बना नहीं।
टिकट प्लाजा : 11 प्लाजा।
रेस्टोरेंट : एक पांच सितारा स्तर की सर्वसुविधायुक्त रेस्टोरेंट की व्यवस्था।
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पूरी स्टोरी एक नज़र ......