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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Tuesday, 22 February 2011

विश्व कप : इंग्लैंड की संघर्षपूर्ण जीत

 नीदरलैंड को छह विकेट से हराया, रियान का शतक
नागपुर. डच बल्लेबाज रियान टेन डोएश्चेट (119) का टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले किसी भी देश के खिलाफ अविस्मरणीय हरफनमौला प्रदर्शन भी नीदरलैंड्स को उलटफेर का मौका देने में नाकाम रहा। एंड्रयू स्ट्रास (88) और जोनाथन ट्राट (62) के दमदार पारियों के बावजूद इंग्लैंड को विश्व कप के इस रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड्स को छह विकेट से हराने में पसीना बहाना पड़ा।
एंड्रयू स्ट्रास
डोएश्चेट ने विश्व कप में शानदार फार्म बरकरार रखा और चार मैचों में दो पचासा लगाने के बाद पहला शतक भी जड़ दिया। डजटेच ने 98 गेंदों में शतक पूरा किया। अपनी शतकीय पारी में उन्होंने 109 गेंद खेलते हुए नौ चौका व तीन छक्के जड़ा। डजटेच के शतक, टाम कूपर (47) व टाम डि ग्रूथ (28) के अलावा अंतिम ओवरों में पीटर बोरेन (नाबाद 35 रन, 24 गेंद) की आतिशी बल्लेबाजी के दम पर डच ने 50 ओवर में छह विकेट पर 292 रन बनाने में कामयाब रहा। जवाब में इंग्लैंड ने 48.4 ओवर में चार विकेट पर 296 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कमजोर टीम से मिली विशाल लक्ष्य के जवाब में सलामी बल्लेबाजों स्ट्रास और केविन पीटसरन ने आतिशी पारी खेलते हुए माकूल जवाब देते हुए पहले विकेट के लिए 17.4 ओवर में 105 रन की साझेदारी की। स्ट्रास ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बटोरे और मात्र 34 गेंदों में पचासा ठोक दिया। दूसरी तरफ डच फील्डरों ने शानदार क्षेत्ररक्षण करते हुए काफी रन बचाए। पीटरसन के रूप में पहला विकेट गिरा जिसे पीटर सीलार ने कैच आउट कराया। स्ट्रास का आक्रामक अंदाज जारी था और जोनाथन ट्राट के साथ 59 रन जोड़े। मुदस्सर बुखारी ने 83 गेंदों में 88 रन बनाकर खेल रहे स्ट्रास को कूपर के हाथों कैच आउट कराया। ट्राट ने भी अर्धशतकीय पारी खेली और 62 रन (65 गेंद) बनाकर शतक लगाने वाले डेजटेच ने अपना पहला शिकार बनाया। डोएश्चेट ने इयान बेल (33) को बोल्ड कर मैच में रोमांच ला दिया। लेकिन इसके बाद अनुभवी पाल कोलिंगवुड [नाबाद 30] और रवि बोपारा (नाबाद 30) ने पांचवें विकेट के लिए अविजित 55 रन की साझेदारी कर टीम को उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया। विश्व कप में ग्रुप-बी का यह मैच 49वें ओवर में तक खींचा। डच टीम जिस अंदाज में खेल रही थी उससे एक समय ऐसा लग रहा था कि इस बार विश्व कप में कुछ कारनामा कर लेगा। विश्व कप में अभी तक एसोसिएट टीमों का प्रदर्शन लचर रहा है लेकिन डच बल्लेबाजों ने आज इंग्लैंड के खिलाड़ियों के पसीने छुड़ा दिए।
इससे पूर्व नीदरलैंड्स ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और सलामी बल्लेबाजों एलेक्सी कर्वेजी (16) और वेस्ले बरासी (29) ने पहले विकेट के लिए छह ओवर में 36 रन जोड़ दिए। 25 गेंद पर 16 रन बनाने के बाद करवीजी ब्रेसनन की गेंद पर विकेटकीपर प्रायर के हाथों लपके गए। नीदरलैंड्स अभी इस दर्द से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि उसे वेस्ले बारेसी (29) के रूप में एक और करारा झटका लग गया। बारेसी ग्रीम स्वान की गेंद पर आगे बढ़कर शाट खेलने के चक्कर में स्टंप्ड हो गए। कूपर व डजटेच ने डच पारी को बेहतर ढंग से संवारा और सौ के पार पहुंचाते हुए स्कोर 136 रन तक ले गए। डजटेच ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और टेस्ट खेलने वाले किसी भी देश के खिलाफ उन्होंने वनडे में सर्वश्रेष्ठ पारी खेली।
डोएश्चेट ने 59 गेंदों में विश्व कप में अपना तीसरा पचासा पूरा किया। हालांकि विश्व कप में अपना पहला ही मैच खेल रहे कूपर मात्र तीन रन से अर्धशतक नहीं लगा सके। संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए तीन चौके के साथ 73 गेंदों में 47 रन बनाए। वह कोलिंगवुड की गेंद पर कैच आउट हुए। इसके बाद बेस जोइडेरैंट (1) जल्दी वापस लौट गए। डजटेच को इस झटके के बाद टाम डि ग्रूथ का बढ़िया साथ मिला। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़े। ग्रूथ 31 गेंदों पर 28 रन बनाकर स्टुअर्ट ब्राड की गेंद पर बोल्ड हो गए। दूसरी तरफ डजटेच का आक्रामक अंदाज जारी था और लगभग हर गेंदबाजों पर जमकर प्रहार करते हुए तेजी से अपने दूसरे शतक की ओर बढ़ते गए। डजटेच के प्रहार के आगे इंग्लिश गेंदबाज काफी भटके नजर आए। डजटेच ने अपना शतक 45वें ओवर में पूरा किया। 98 रन पर खेल रहे डजटेच ने ब्राड की गेंद पर एक रन चुराने की कोशिश की लेकिन क्षेत्ररक्षक लारा ओवरथ्रो से चौका चला गया और करियर का चौथा शतक ठोक दिया।
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 स्कोर कार्ड
नीदरलैंड                                               रन    गेंद    4    6
कर्वेजी कै प्रायर बो ब्रेस्नन                      16    25    2    0
बैरेसी स्टंप्स प्रायर बो स्वान                    29    25    6    0
कूपर कै एंडरसन बो कोलिंगवुड                47    73    3    0
डोएश्चेट कै बोपारा बो ब्राड                        119    110    9    3
जुइडेरेंट कै कोलिंगवुड बो स्वान               1    10    0    0
ग्रूथ बो ब्राड                                            28    31    3    0
बोरेन नाबाद                                          35    24    4    0
बुखारी नाबाद                                        6    5    0    0
अतिरिक्त : 14, कुल :  50 ओवर में 6 विकेट पर 292 रन।
विकेटपतन : 1-36 (एलेक्सी कर्वेजी, 6.2), 2-58 (वेस्ली बोरेसी, 11.4), 3-136 (टाम कूपर, 28.1), 4-149 (बास जुइडेरेंट, 32.5), 5-213 (टाम डी ग्रूथ, 42.5), 6-274 (रियान टेन डोएश्चेट, 48.1).
गेंदबाजी : जेम्स एंडरसन 10-0-72-2, स्टुअर्ट ब्राड 10-2-65-2, टिम ब्रेस्नन 10-0-49-1, ग्रीम स्वान 10-0-35-2, पाल कोलिंगवुड 8-0-46-1, केविन पीटरसन 2-0-19-0.
इंग्लैंड    रन    गेंद    4    6
स्ट्रास कै कूपर बो बुखारी    88    83    9    0
पीटरसन कै बोरेन बो सीलार     39    61    5    0
ट्राट स्टंप्स बैरेसी बो   डोएश्चेट    62    65    4    0
बेल बो टेन डोएश्चेट    33    40    1    0
कोलिंगवुड नाबाद    30    23    2    0
बोपारा नाबाद    30    20    2    1
अतिरिक्त : 14, कुल :  48.4 ओवर में 4 विकेट पर 296 रन।  
विकेटपतन : 1-105 (केविन पीटरसन, 17.4), 2-166 (एंड्रयू स्ट्रास, 29.2), 3-224 (जोनाथन ट्राट, 40.1), 4-241 (इयान बेल, 42.6).
गेंदबाजी : मुद्दस्सर बुखारी 9-0-54-1, बेरेंड वेस्टदिज्क 7-0-41-0, बर्नार्ड लूट्स 9.4-0-74-0, पीटर सीलार 10-0-54-1, रियान टेन डोएश्चेट 10-0-47-2, टाम कूपर 3-0-23-0.
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हालैंड ने दिया आईसीसी को करारा जवाब
नई दिल्ली. हालैंड (नीदरलैंड) ने इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर में विश्व कप मुकाबले में छह विकेट पर 292 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर अंतरराष्टीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को करारा जवाब दे दिया है।
हालैंड के बल्लेबाज रियान टेन डोएश्चेट
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने हाल ही में घोषणा की थी कि 2015 में होने वाला अगला विश्व कप मौजूदा 14 टीमों के बजाय 10 टीमों का होगा ताकि अगले विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ वनडे टीमों को रखा जा सके।  लोर्गट के इस फैसले की आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी वकालत की। श्रीलंका के हाथों कनाडा की 210 रन की पराजय और न्यूजीलैंड के हाथों केन्या की 10 विकेट से पराजय से इस बात को और बल मिला। लेकिन इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ  हालैंड ने अपने प्रदर्शन से दिखाया कि आईसीसी का फैसला सही नहीं है। आईसीसी के इस फैसले का एसोसिएट देशों ने कड़ा विरोध किया है। मौजूदा विश्व कप में हालैंड, आयरलैंड, केन्या और कनाडा एसोसिएट देश हैं। आईसीसी वनडे विश्व कप टीमों की संख्या को 10 लाना चाहती है वहीं टी-20 विश्व कप में टीमों की संख्या को 12 से बढ़ाकर 16 ले जाना चाहती है। आईसीसी क्रिकेट को विश्व स्तर पर फैलाना चाहती है। लेकिन उसका यह कदम क्रिकेट के विकास के आड़े आ सकता है। हालैंड चाहे यह मैच जीते या हारे लेकिन उसने अपने पहले ही मैच से विश्व कप में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। दूसरी छोटी टीमें उसके प्रदर्शन से प्रेरणा ले सकती हैं।
 हालैंड ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। एलेक्सी कर्वेजी (16) और वेस्ली बारेसी (29) ने पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में 36 रन जोड़े। कर्वेजी 25 गेंदों में दो चौकों की मदद से 16 रन बनाकर टिम ब्रेस्नन की गेंद पर विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों लपके गए जबकि बारेसी ने 25 गेंदों की अपनी पारी में छह चौकों की मदद से 29 रन बनाए।  बैरेसी के 12वें ओवर में ग्रीम स्वान की गेंद पर आउट होने के बाद डोएश्चेट और कूपर हालैंड को 136 रन तक ले गए। कूपर ने संयम के साथ खेलते हुए 73 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 47 रन बनाए और वह मात्र तीन रन से अपना अर्धशतक बनाने से चूक गए। उन्हें पाल कोलिंगवुड ने जेम्स एंडरसन के हाथों कैच कराया।  ग्रूथ 31 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 28 रन बनाने के बाद ब्राड की गेंद पर बोल्ड हुए। लेकिन कप्तान बोरेन ने सिर्फ 24 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 33 रन ठोके। 50 ओवर की समाप्ति पर हालैंड का 292 रन का स्कोर इंग्लैंड सहित सभी को हैरत में डालने वाला था। इंग्लैंड के नंबर एक तेज गेंदबाज एंडरसन दस ओवर में 72 रन लुटाकर सबसे महंगे रहे। ब्राड ने 65 रन पर दो विकेट और आफ स्पिनर ग्रीम स्वान ने 35 रन पर दो विकेट लिए1 ब्रेस्रन और कोलिंगवुड को एक-एक विकेट मिला।
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वानखेडे को मिला फायर क्लीयरेंस
मुंबई.  मुंबई के अग्निशमन विभाग ने क्रिकेट विश्वकप के फाइनल के मेजबान स्थल यहां के वानखेड़े  स्टेडियम को हरी झंडी देकर मुंबई क्रिकेट संघ के अधिकारियों को राहत की सांस भी दे दी है।
फाइनल का मेजबान स्थल वानखेड़े  स्टेडियम, मुंबई
अंतरराष्टीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने विश्व कप फाइनल के मेजबान स्टेडियम वानखेडे को अपनी मंजूरी दे दी थी लेकिन इस स्टेडियम को सोमवार तक फायर क्लीयरेंस नहीं मिल पाया था। इससे दो अप्रैल को होने वाले फाइनल को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना था। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने पुनरद्धार किए गए इस स्टेडियम का सोमवार को निरीक्षण करने के बाद कहा था कि इसमें कुछ और प्रगति की जानी है। उप अग्निशमन प्रमुख ए एन शिंदे ने आज स्टेडियम का फिर निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि कुछ अनियमितताएं जरूर थीं लेकिन वे ज्यादा गंभीर नहीं थी। वे नियमों का पालन कर रहे हैं और काम चालू है। शहर के अग्निशमन विभाग के प्रमुख उदय तत्कारे ने गत सप्ताह स्टेडियम का दौरा करने के बाद फायर सुरक्षा के मामले में कई कमियों को उजागर किया था और स्टेडियम को क्लीयरेंस नहीं दी थी। तक्कारे ने कहा था कि उन्होंने महाराष्टÑ क्रिकेट संघ (एमसीए) को पत्र लिखकर इन कमियों के बारे में बताया है।  एमसीए ने भी अपने सभी संसाधन झोंककर इन कमियों को पूरा किया।
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पोंटिंग ने गुस्से में तोड़ा टीवी सेट
 अहमदाबाद. आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने सोमवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ विश्व कप मैच में रन आउट होने के बाद गुस्से में आकर टीम के ड्रेसिंग रूम में अपने बल्ले से टेलीविजन सेट तोड़ दिया।  पोंटिंग के टीवी सेट तोड़ने की घटना की जानकारी अंतरराष्टीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी)  को दे दी गई है। हालांकि आईसीसी के सूत्र ने कहा है कि इस मामले को आगे बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है।
आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग
 आस्ट्रेलियाई कप्तान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच   के दौरान जब दूसरा रन लेने की कोशिश कर रहे थे तो क्रिस एमपोफू  के मिडविकेट बाउंड्री से फेंके गए सीधे थ्रो से वह रनआउट हो गए।  पवेलियन लौटते समय पोंटिंग नाराजगी में खुद से ही बातें करते जा रहे थे और ऐसा लगता है कि ड्रेसिंग रूम तक पहुंचते पहुंचते गुस्सा उन पर हावी हो चुका था। जब वह ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो उस समय टीवी पर उनके आउट होने का रीप्ले दिखाया जा रहा था जिसे देखते ही पोंटिंग का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने अपना बल्ला टेलीविजन पर दे मारा।  गुजरात क्रिकेट संघ के सचिव राजेश पटेल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हां यह मामला हुआ था। हमने इस घटना के बारे में आईसीसी और आस्ट्रेलियाई क्रिकेट के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। पटेल ने हालांकि इस घटना को बेहद मामूली बताया। आस्ट्रेलिया ने विश्वकप के अपने पहले मैच में 91 रन से जीत हासिल की थी।
पोंटिग की हरकत पर आस्ट्रेलिया का टिप्पणी से इंकार
 अहमदाबाद . आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिग की डेसिंग रुम में अपने बल्ले से टीवी तोड़ने की हरकत पर क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
 पोंटिंग ने सोमवार को यहां जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में रन आउट होने के बाद गुस्से में डेसिंग रुम में आकर अपना बल्ला ही चलते टीवी पर मार दिया था। इस घटना के बारे में अन्तरराष्टÑीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी)  को सूचित कर दिया गया है। लेकिन इस बारे में पूछने पर क्रिकेट आस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने कहा कि मुझे इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है।

Monday, 21 February 2011

झारखंड में छत्तीसगढ़ का तहलका

शूटिंग में तीन पदक, बास्केटबाल में दिल्ली को रौंदा, हैंडबाल की दोनों टीमें जीतीं
  छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान (क्रमश: बाएं से), पीपी सिंग,
बाबा पीएस बेदी और मिराज अहमद खान पदक के साथ।

रायपुर. झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने अपनी उपस्थिति का अहसास करा ही दिया। छत्तीसगढ़ से शूटिंग में पदक की काफी उम्मीदें थीं जिस पर टीम के खिलाड़ी खरे उतरे और सोमवार को तीन पदक हासिल कर लिए। बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने राज्य का झंडा बुलंद रखा और खिताब की दावेदार दिल्ली को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया तो हैंडबाल में राज्य की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने लीग में पहला मैच जीतकर अपने इरादे जता दिए।
 छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम में जिंदल स्टील रायगढ़ के अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं और नेशनल गेम्स में इन खिलाड़ियों से पदक हासिल करने की पूरी उम्मीद थी। टीम के कप्तान पीपी सिंग ने स्कीट इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल कर लिया तो बाबा पीएस बेदी ने इसी इवेंट में कांस्य पदक पाया। टीम इवेंट में इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा मैराज अहमद खान ने टीम इवेंट का स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के लिए सोमवार का दिन खुशियों की सौगात भरा दिन रहा। खेलगांव में मौजूद छत्तीसगढ़ के दल में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी। एक ही दिन एक साथ नेशनल गेम्स के तीन पदक छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में पहली बार राज्य को हासिल हुए हैं। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ ने बास्केटबाल में भी अपना पदक तय कर लिया। कल तक छत्तीसगढ़ की झोली में पांच पदक आ जाएंगे। इसके बाद नजरें टिकी रहेंगी राज्य की महिला और पुरुष बास्केटबाल टीम पर जिसने सोमवार को अपने-अपने लीग मुकाबलों में जीत के साथ शुरुआत की। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने नेशनल लुक को बताया कि हैंडबाल की पुरुष टीम ने अपने पहले लीग मैच में जम्मू-कश्मीर को 13 अंकों के अंतर से पराजित कर दिया। इस मैच को जीतने में छत्तीसगढ़ को किसी विशेष कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। छत्तीसगढ़ ने 42-29 अंक से जीत हासिल की। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ ने 20-13 से बढ़त बना ली थी। छत्तीसगढ़ के कुनाल ने सर्वाधिक 11, वी बीनू ने 7, कलिता ने 6, संजीव ने 6, राजेश कुमार ने 4, अंक बनाए। जम्मू के नीरज ने 8, साहिल ने 7 और हरमुख ने 6 अंक बनाए। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपना विजय अभियान शुरू कर दिया है और उम्मीद की जा रही है कि टीम पदक हासिल करेगी। पुरुष टीम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने भी लीग मैच में विजयी शुरुआत की। छत्तीसगढ़ की पहले लीग मैच में मणिपुर के साथ भिड़ंत हुई और इस मैच में राज्य की टीम ने 44-20 (एकतरफा 24 अंकों की बढ़त) से जीत हासिल कर ली। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ ने 20-11 से बढ़त बना ली थी। टीम में शामिल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। टीम की वेंकट लक्ष्मी ने सर्वाधिक 14 अंक, डी माधवी ने 9, करिश्मा साहू ने 8 और श्रीमती अनिता राव ने चार अंक बनाए। मणिपुर की ओ संध्या ने छह और रेबिका देवी ने पांच अंक बनाए। नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष दोनों टीम से इस बार पदक की उम्मीदें हैं। राज्य हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान के मुताबिक दोनों टीमों में अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं और नेशनल गेम्स के लि दोनों टीम के खिलाड़ियों ने काफी कड़ा अभ्यास भी किया है।
छत्तीसगढ़ की टीमें
महिला बास्केटबाल टीम : कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस।
हैंडबाल की टीमें :
पुरुष : फिरोज अहमद खान, बीनू वी, फाजिल अहमद खान, ज्योति कुमार, अनिल कुमार निर्मलकर, सैय्यद जफर हुसैन, कुनाल, (सभी दुर्ग जिला सीअईएसएफ), विश्वजीत , प्रेम कुमार, अनिल कुमार (बिलासपुर रेलवे), सलमान खान, संजीव, योगेश, राजेश  कुमार, अनिल कुमार कौशिक, (सभी दुर्ग जिला), चीफ कोच : सुरेश कुमार, सहायक कोच अमरनाथ सिंह, मैनेजर आलोक दुबे।
महिला : श्रीमती अनिता राव, अनामिका मुखर्जी, वेंकट लक्ष्मी, डी माधवी, श्रीमती शबनम फिरोज अंसारी, निश पाटिल, मति मुरमु (सभी बिलासपुर रेलवे), करिश्मा साहू, श्रीमती जूलियट विनय, दुर्गा तिवारी, रूपा साह, रीना यादव (सभी दुर्ग जिला), निधि जायसवाल (महासमुंद), चित्तेश्वरी ध्रुव (रायपुर),संध्या ध्रुव बिलासपुर,  सीमा पाठक, सावित्री मंडावी, कोच शेख मौला, बीअर दश, मैनेजर उमेश सिंह।
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बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की धाक
 रायपुर में हुए  फेडरेशन कप में जिस तरह छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने दिल्ली को करारी शिकस्त दी थी उसी तरह सोमवार को झारखंड में भी छत्तीसगगढ़ ने दिल्ली को करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बना ली। रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे इस सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने दिल्ली को 80-63 अंक से पराजित किया। इस मैच का डीडी स्पोर्ट्स पर सीधा प्रसारण किया गया। इस मैच के पहले ही क्वार्टर से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया। छत्तीसगढ़ ने 27-18 अंकों से बढ़त बना ली थी। दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 40-34 अंकों की बढ़त बनाई। तीसरा क्वार्टर काफी   रोमांचक रहा जिसमें दिल्ली के खिलाड़ियों ने काफी अच्छा खेल दिखाया लेकिन छत्तीसगढ़ की बढ़त को वे रोक नहीं सके। तीसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 59-47 अंक की बढ़त बना ली। टीम की कप्तान और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अंजु लकड़ा ने काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। अंजु का ड्राइविंग शाट काफी बेहतरीन था। तीसरे क्वार्टर में एक समय डिड फार डेड जैसी स्थिति बन गई थी। तीसरे क्वार्टर में दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशंति सिंह ने दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई लेकिन वे तीसरा क्वार्टर टीम को जिताने में असफल रहीं। चौथे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 80-63 अंक से बढ़त हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ ही एक और पदक तय हो गया है। इस मैच में कप्तान अंजु लकड़ा ने 23 अंक, एम पुष्पा ने सर्वाधिक 28 अंक, सीमा सिंग ने 13 और भारती नेताम ने 17 अंक बनाए।
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पदकों की हैट्रिक पर लगा निशाना
 रायपुर. 34वें नेशनल गेम्स में कराते का पहला स्वर्ण पदक मिलने के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ ने शूटिंग में तीन पदक हासिल कर अपने पदकों की संख्या चार कर ली। छत्तीसगढ़ ने महिला बास्केटबाल में भी अपनी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बना ली। दूसरी तरफ हैंडबाल की महिला टीम ने भी अपना विजय अभियान शुरू कर दिया। छत्तीसगढ़ से झारखंड नेशनल गेम्स में पिछले छह पदकों के रिकार्ड के टूटने की पूरी उम्मीद है। राज्य की इस उपलब्धि पर राज्यपाल शेखर दत्त, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सहित खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह और सांसद नवीन जिंदल सहित खेल जगत की कई हस्तियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
 छत्तीसगढ़ को सबसे पहला स्वर्ण पदक कराते में मिला था। इसके बाद छत्तीसगढ़ का खाता नहीं खुला था। लेकिन सोमवार को एक साथ शूटिंग में तीन पदक मिलने से प्रदेश के खेल जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई। छत्तीसगढ़ से शूटिंग में पदक की काफी उम्मीदें की जा रही थीं। पिछले नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ को शूटिंग में पदक मिला था।
इस समय झारखंड में मौजूद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने बताया कि राज्य को टीम इवेंट में दो स्वर्ण पदक और व्यक्तिगत इवेंट में एक कांस्य पदक मिला। कप्तान पीपी सिंग ने व्यक्तिगत  स्कीट इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया। पीपी सिंग ने 150 में से सर्वाधिक 143 अंक बनाए और स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। इसी इवेंट में बाबा पीएस बेदी ने 150 में से 140 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया जबकि सर्विसेस के एडी पिनाल ने रजत पदक हासिल किया। टीम इवेंट में छत्तीसगढ़ के पीपी सिंग, बाबा पीएस बेदी और मिराज अहमद खान ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया और  टीम इवेंट में भी छत्तीसगढ़ ने स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ ने 375 में से 353 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। छत्तीसगढ़ की टीम के सभी खिलाड़ी जिंदल स्टील रायगढ़ में कार्यरत हैं। टीम के कोच दुर्गेश वशिष्ठ और दुर्गेश गुप्ता हैं।
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विश्व कप : आस्ट्रेलिया का विजयी आगाज

 जिम्बाब्वे को 91 रन से हराया, शेन वाटसन ने बनाए 79 रन
शेन वाटसन
अहमदाबाद. शेन वाटसन और माइकल क्लार्क की अर्धशतकीय पारियों और मिशेल जानसन की उम्दा गेंदबाजी से पिछले तीन बार का चैंपियन आस्ट्रेलिया सोमवार को जिम्बाब्वे को 91 रन से शिकस्त देकर पांचवां विश्व कप जीतने के अपने अभियान का जानदार आगाज करने में सफल रहा।
वाटसन ने 79 रन बनाए जिसके लिए उन्होंने 92 गेंद खेली तथा आठ चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क 55 गेंद पर चार चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद रहे। इन दोनों के अलावा ब्रैड हैडिन (29) और कप्तान रिकी पोंटिंग (28) ने भी योगदान दिया जिससे आस्ट्रेलिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 262 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। जिम्बाब्वे ने शुरू में ही चार विकेट गंवाने के बाद संघर्ष जारी रखा लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम 46.2 ओवर में 171 रन पर सिमट गई और इस तरह से हार का अंतर ही कम कर पाई। जिम्बाब्वे की तरफ से नौवें नंबर के बल्लेबाज ग्रीम क्रेमर ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। आस्ट्रेलिया की तरफ से जानसन ने 19 रन देकर चार जबकि शान टैट और जैसन क्रेजा ने दो-दो विकेट लिए। आस्ट्रेलिया की जीत भले ही आसान दिख रही हो लेकिन उसके बल्लेबाजों को स्पिनरों के सामने काफी परेशानी हुई जबकि जानसन को छोड़कर उसके अन्य गेंदबाज भी जिम्बाब्वे के कम अनुभवी खिलाड़ियों पर अपना पूरा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के खेलने की कोशिश की। चार्ल्स कावेंट्री (14) ने ब्रेट ली पर छक्का जड़कर अपने इरादे जतलाए लेकिन यह तूफानी गेंदबाज शार्ट पिच गेंद पर उनकी कमजोरी भांप गया और अपने अगले ओवर में उन्होंने ऐसी ही गेंद पर वापस कैच लपककर जिम्बाब्वे को पहला झटका दिया। जानसन ने अनुभवी टातैंडा टैबू (7) और क्रेग इर्विन तथा शाट टैट ने सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर (16) को आउट करके जिम्बाब्वे का स्कोर चार विकेट पर 44 रन कर दिया। कप्तान एल्टन चिंगुबुरा (14) और सीन विलियम्स (28) ने अगले नौ ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच पांचवें विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी की। इन दोनों के पवेलियन लौटने के बाद क्रेमर और प्रोस्पर उत्सेया (24) ने आस्ट्रेलिया को आसानी से नहीं जीतने दिया और जब स्कोर सात विकेट पर 104 रन था तब आठवें विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी की। पोंटिंग को यह साझेदारी तोड़ने के लिए डेविड हस्सी को बुलाना पड़ा जिनकी लेग की तरफ टर्न होती गेंद पर उत्सेया ने आस्ट्रेलियाई कप्तान को आसान कैच थमाया। क्रेमर भी इसके कुछ देर बाद पवेलियन लौट गए जिसके बाद जिम्बाब्वे की पारी सिमटने में देर नहीं लगी।
इससे पहले, आस्ट्रेलिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरा लेकिन उसे शुरू से ही स्पिनरों का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे के स्पिनर आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर अंकुश लगाए रखने में कामयाब रहे। उसके तीनों मुख्य स्पिनरों रेमंड प्राइस, प्रास्पर उत्सेया और ग्रीम क्रेमर ने 30 ओवर में केवल 127 रन दिए और तीनों को एक-एक विकेट भी मिला। तेज गेंदबाज क्रिस मपोफु ने नौ ओवर में 58 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
वाटसन और हैडिन ने आस्ट्रेलिया को सकारात्मक शुरुआत दी लेकिन वे तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे। पहले 13 ओवर तक स्कोर केवल 32 रन था और इस बीच दो बार गेंद सीमा रेखा पार गई थी। इसके बाद मपोफु के ओवर में वाटसन और हैडिन ने दो-दो चौके जड़कर तेजी दिखाने की कोशिश लेकिन फिर भी पावरप्ले के पहले 15 ओवर में स्कोर 53 रन ही पहुंच पाया था। जिम्बाब्वे ने हैडिन के रूप में पहली सफलता हासिल की जिन्हें उत्सेया ने पगबाधा आउट किया। अंपायर अशोका डिसिल्वा ने हालांकि तब उन्हें नाटआउट दिया था और जिम्बाब्वे को रेफरल का सहारा लेना पड़ा था। हैडिन ने कितनी धीमी बल्लेबाजी की उसका अंदाजा इसी से लग सकता है कि उन्होंने अपने 29 रन के लिए 66 गेंद खेली।
वाटसन के खिलाफ भी जब क्रेमर ने पगबाधा की जोरदार अपील की थी तो इंग्लैंड के अंपायर रिचर्ड केटलबोरोग ने उसे ठुकरा दिया। जिम्बाब्वे ने फिर से रेफरल मांगा और दूसरी बार भी उसे सफलता मिली। वाटसन ने इस बीच कुछ अच्छे शाट लगाए जिसमें क्रेमर पर डीप मिडविकेट क्षेत्र में लगाया गया छक्का भी शामिल है। अभ्यास मैचों में दो अर्धशतक जमाकर अच्छी वापसी करने वाले पोंटिंग शुरू से ही स्पिनरों के सामने रन बनाने के लिए जूझते रहे। उन्होंने मपोफु के सीधे थ्रो पर रन आउट होने से पहले 36 गेंद खेली लेकिन इस बीच एक भी गेंद को सीमा रेखा के दर्शन नहीं करवा पाए। पोंटिंग के आउट होने के बाद भी गेंद सीमा रेखा पार जाने के लिए तरसती रही। इस बीच दस ओवर तक केवल एक चौका पड़ा। नए बल्लेबाज कैमरून वाइट (22) भी टीम को अपेक्षित तेजी नहीं दिला पाए। आस्ट्रेलिया ने 40वें ओवर के बाद पावरप्ले लिया और इससे रन गति में भी तेजी आई। वह भले ही पावरप्ले के इन पांच ओवर में 35 रन जुटा पाया लेकिन आखिर के पांच ओवरों में वह 55 रन जुटाने में सफल रहा। इसमें क्लार्क के अलावा डेविड हस्सी (आठ गेंद पर 14) और स्टीवन स्मिथ (चार गेंद पर 11) का योगदान भी अहम रहा।
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स्कोर कार्ड
आस्टेलिया                                             रन    गेंद    4    6
वाटसन पगबाधा बो क्रेमर                         79    92    8    1
हैडिन पगबाधा बो उत्सेया                        29    66    3    0
पोंटिंग रनआउट                                      28    36    0    0
क्लार्क   नाबाद                                        58    55    4    0
व्हाइट बो म्पोफु                                      22    36    0    0
हसी बो प्राइस                                         14    8    1    1
स्मिथ कै चकाब्वा बो म्पोफु                     11    4    1    1
जानसन नाबाद                                     7    3    1    0
अतिरिक्त : 14, कुल :  50 ओवर में 6 विकेट पर 262 रन।  
विकेटपतन : 1-61 (ब्रैड हैडिन, 18.5), 2-140 (शेन वाटसन, 31.2), 3-144 (रिकी पोंटिंग, 32.5), 4-207 (कैमरन व्हाइट, 44.6), 5-241 (डेविड हसी, 6-254 (स्टीवन स्मिथ, 49.1).
गेंदबाजी : क्रिस म्पोफु 9-0-58-2, रे प्राइस 10-0-43-1, प्रास्पर उत्सेया 10-2-43-1, ग्रीम क्रेमर 10-0-41-1, ब्रेंडन टेलर 3-0-23-0, एल्टन चिगुम्बुरा 2-0-18-0, सीन विलियम्सन 6-0-29-0.
जिम्बाब्वे                               रन    गेंद    4    6
टेलर बो टैट                             16    24    1    0
कोवंट्री कै एंड बो ली                 14    24    1    1
टैबू कै वाटसन बो जानसन     7    17    1    0
इरविन पगबाधा बो जानसन     0    6    0    0
चिगुम्बुरा कै हैडिन बो क्रेजा      14    25    2    0
विलियम्स कै वाटसन बो टैट    28    40    1    1
चकाब्वा पगबाधा बो क्रेजा        6    18    0    0   
उत्सेया कै पोंटिंग बो हसी        24    45    1    0
क्रेमर कै हैडिन बो जानसन    37    51    4    0
प्राइस नाबाद                          5    19    0    0
म्पोफु कै हैडिन बो जानसन    2    11    0    0
अतिरिक्त : 18, कुल :  46.2 ओवर में 171 रन (आलआउट)।
विकेटपतन : 1-22 (चार्ल्स कोवेंट्री, 5.4), 2-40 (टैटेंडा टैबू, 10.3), 3-40 (टेलर, 11.2), 4-44 (इरविन, 12.3), 5-88 (चिगुम्बुरा, 21.2), 6-96 (विलियम्स, 24.6), 7-104 (चकाब्वा, 27.2), 8-153 (प्रास्पर उत्सेया, 39.2), 9-167 (ग्रीम क्रेमर, 42.4), 10-171 (म्पोफु, 46.2).  
गेंदबाजी : शान टैट 9-1-34-2, ब्रेट ली 8-1-34-1, मिशेल जानसन 9.2-2-19-4, शेन वाटसन 3-0-7-0, स्टीवन स्मिथ 5-0-24-0, डेविड हसी 4-1-12-1.
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फाइनल की टिकटों के लिए मारामारी
के कारण वेबसाइट हुई क्रैश

 मुंबई. मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में दो अप्रैल को होने वाले विश्वकप के फाइनल मैच के लिए मात्र 1000 टिकटें बेच रही वेबसाइट आज इनकी बिक्री शुरू करने के कुछ सेकंड बाद ही भारी ट्रेफिक के कारण क्रैश हो गई।
 टिकटों की बिक्री में अंतरराष्टीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की साझेदार क्याजूंगा. काम ने दोपहर साढे बारह बजे टिकटों की बिक्री शुरू की लेकिन भारी ट्रेफिक के कारण वेबसाइट क्रैश हो गई।  वानखेडे स्टेडियम में कुल 31000 सीटों में मात्र 4000 सीटें आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं उनमें से 1000 टिकटों की बिक्री आनलाइन की जा रहा है जबकि 3000 टिकटें स्टेडियम के  टिकट काउंटर पर ही बेची जाएंगी। बाकी की टिकटें आईसीसी और मुंबई क्रिकेट संघ द्वारा मान्यता प्राप्त क्लबों को दी जाएंगी।  याहू के एक सूत्र ने बताया कि उनके पास सैंकडों क्रिकेटप्रेमियों की शिकायतें आ रही हैं जो उनकी वेबसाइट पर मौजूद लिंक के जरिए आधिकारिक टिकट एजेंसी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आईसीसी के प्रवक्ता ने इस बारे में शिकायत करने पर कहा कि हमने पहली बार इस बारे में सुना है इसलिए अभी हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते। टिकटों की बिक्री से पहले आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने आज कहा था कि टिकटों की मांग उनकी आपूर्ति के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतने लोगों की मांग पूरी कर पाना असंभव है। लेकिन हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने का मौका मिले। इसलिए हमने कुछ टिकटों को आनलाइन बेचने का निर्णय लिया है।  भारत जैसे क्रिकेट के दीवाने देश में यदि आम लोगों के लिए इतनी कम मात्रा में इस मेगा टूर्नामेंट के फाइनल के टिकट उपलब्ध लगाए जाए तो ऐसे में टिकटों को लेकर मारामारी होना कोई हैरानी की बात नहीं है। उद्घाटन मैच में बंगलादेश को बुरी तरह हराने वाली भारतीय टीम इस बार विश्वकप की प्रबल दावेदार मानी जा रही है इसलिए क्रिकेटप्रेमी इस मैच की टिकट हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।
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करोड़ों धड़कनें बढ़ाने के बाद सचिन फिट
मुंबई. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के  बाएं घुटने के दर्द ने अचानक ही करोडों धड़कनों को तेज कर दिया था लेकिन उनके घुटने का एमआरआई स्कैन होने के बाद उन्हें विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मैच के लिए क्लीन चिट दे दी गई है।
37 वर्षीय सचिन को उनके बाएं घुटने में दर्द महसूस होने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में रविवार रात उनके घुटने का स्कैन कराया गया1 ढाका में टीम इंडिया के बांग्लादेश के खिलाफ उद्घाटन मैचें जीत के बाद ही सचिन को घुटने में दिक्कत होने लगी थी। जहां टीम इंडिया के बाकी साथी 27 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मैच के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए जबकि सचिन स्कैन के लिए मुंबई रुक गए थे। टीम मैनेजर रंजीव बिस्वाल ने आज बताया कि यह पुरानी चोट है और इसे हल्का फुल्का ही कहा जा सकता है।
चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। एमआरआई स्कैन रिपोर्ट में सबकुछ ठीक है। मास्टर ब्लास्टर सोमवार की  बेंगलूर में शेष टीम के साथ जुड़ जाएंगेसचिन ने आज यहां अपने घुटने की परेशानी को चोट बताने से इनकार करते हुए संवाददाताओं से कहा था कि अब वह बिल्कुल ठीक है। उन्होंने कहा कि मैं ठीक हूं। मेरे घुटने में कोई गंभीर परेशानी नहीं है और मैंने एहतियातन एमआरआई स्कैन कराया था। भारतीय टीम विश्वकप में विजयी आगाज करने के बावजूद अपने खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही है। बांग्लादेश के खिलाफ 175 रन बनाने वाले विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के भी घुटने में चोट है।
जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा चोट के कारण पहले मैच में नहीं   खेल पाए थे।
 भारत की इस विश्वकप में उम्मीदों का दारोमदार उसके टाप क्रम के बल्लेबाजों पर टिका हुआ है। सचिन ने घुटने के दर्द की खबर फैलते ही जैसे हड़कंप मच गया था और हर तरफ यह प्रार्थना की जाने लगी थी कि अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे सचिन पूरी तरह फिट हो जाए और यह विश्व कप पूरा खेलकर खिताब जीतने का अपना सपना पूरा करें। सचिन के घुटने में दर्द महसूस होने के बाद टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें एमआरआई स्कैन कराने की सलाह दी थी जिसके कारण सचिन टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ बेंगलूर जाने के बजाए घुटने की स्कैनिंग के लिए मुंबई आ गए थे।  सचिन बंगलादेश के खिलाफ मैच में उतरने के साथ ही सर्वाधिक वनडे खेलने वाले खिलाड़ी बन गए थे। अपने विश्व रिकार्ड 445वें मैच में वह 28 रन बनाकर रनआउट हो गए थे।
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Sunday, 20 February 2011

क्रिकेट का जादू ...



क्रिकेट वर्ल्ड कप का जुनून न सिर्फ युवाओं में सिर चढ़कर बोल रहा है, बल्कि बालीवुड सितारे भी इनसे अछूते नहीं हैं। मॉडल व अभिनेत्री मिंक सिंह वर्ल्ड कप के समर्थन में अपनी पीठ पर पेंट करवाती हुईं। आखिर इसे क्या कहेंगें...? बेशर्मी... दिखावा ... या... चीप लोकप्रियता हासिल करने का तरीका.....????????

श्रीलंका ने कनाडा को 210 रनों से रौंदा

महेला जयवर्धने
हम्बनटोटा. श्रीलंका ने कनाडा को 210 रनों से हराकर अपने वर्ल्ड कप   अभियान का विजयी आगाज किया है। सहमेजबान टीम के 332 रन के विशाल स्कोर के सामने कनाडा की टीम मात्र 122 रन पर सिमट गई।
महेला जयवर्धने के धुआंधार शतक की बदौलत श्रीलंका ने कनाडा के खिलाफ विश्व कप के अपने उद्घाटन मुकाबले में सात विकेट पर 332 रन का विशाल स्कोर बनाया। जयवर्धने ने विश्वकप का चौथा सबसे तेज शतक ठोकते हुए 81 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाए। उनका यह कुल 13वां और विश्व कप का तीसरा शतक है। कप्तान कुमार संगकारा ने 87 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 92 रन बनाए जबकि ओपनर तिलकरत्ने दिलशान ने 59 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 50 रन का
योगदान दिया।
जयवर्धने और संगकारा ने कनाडा के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए तीसरे विकेट के लिए 179 रन जोड़े। जयवधर्ने ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए अपने 50 रन 40 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से पूरे किए जबकि संगकारा ने अपना अर्धशतक पूरा करने के लिए 61 गेंदें खेली।
 स्थानीय महिंद्रा राजपक्षे इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले अंतरराष्टÑीय मैच में श्रीलंका के कप्तान संगकारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उपुल थोरंगा (19) और दिलशान ने पहले विकेट के लिए 11.5 ओवर में 63 रन जोड़े। थोरंगा के रनआउट होने के बाद दिलशान और संगकारा ने श्रीलंकाई पारी को आगे बढ़ाया। दिलशान अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद रिजवान चीमा की गेंद पर जान डेविसन के हाथों लपके गए। लेकिन संगकारा और जयवर्धने ने इसके बाद कनाडा के अनुभवहीन गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए मनमाफिक अंदाज में रन बटोरे। संगकारा दुर्भाग्यशाली रहे और महज आठ रन से शतक बनाने से चूक गए। उनके आउट होने के कुछ देर बाद ही जयवर्धने भी अपना शतक बनाकर चलते बने। एंजेलो मैथ्यूज ने अंतिम ओवरों में अपने हाथ दिखाते हुए 16 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 21 रन बनाए जबकि तिलन समरवीरा ने 10 गेंदों में तीन चौकों की मदद से नाबाद 18 रन का योगदान दिया। कनाडा की ओर से हरवीर बैदवां और डेविसन ने दो-दो विकेट लिए जबकि चीमा को एक विकेट मिला।
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 स्कोर कार्ड
श्रीलंका    रन    गेंद    4    6
थरंगा रनआउट     19    31    1    0
दिलशान कै डेविसन बो चीमा    50    59    8    0
संगकारा कै एंड बो डेविसन    92    87    7    1
जयवर्धने कै बालाजी बो डेविसन    100    83    8    2
परेरा रनआउट     11    11    1    0
मैथ्यूज कै एंड बो बैदवान    21    16    3    0
कैपुगेदेरा कै कुमार बो बैदवान    2    3    0    0
समरवीरा नाबाद    18    10    3    0
कुलसेकरा नाबाद    7    3    1    0
अतिरिक्त : 12, कुल :  50 ओवर में 7 विकेट पर 332 रन।
विकेटपतन : 1-63 (उपुल थरंगा, 11.5), 2-88 (तिलकरत्ने दिलशान, 19.1), 3-267 (कुमार संगकारा, 41.6), 4-276  (महेला जयवर्धने, 43.6), 5-284 (तिषारा परेरा, 6-295 (चमारा कैपुगेदेरा, 46.1), 7-314 (एंजेलो मैथ्यूज, 48.4).
गेंदबाजी : खुर्रम चौहान 8-0-62-0, हेनरी ओसिंडे 2.1-0-10-0, हरवीर बैदवान 8.5-0-59-2, जिम्मी हंसरा 9-0-47-0, रिजवान चीमा 7-0-47-1, बालाजी राव 7-0-48-0, जान डेविसन 8-0-56-2.
कनाडा    रन    गेंद    4    6
गुणसेकरा कै दिलशान बो कुलसेकरा    1    10    0    0
डेविसन बो परेरा    0    1    0    0
सुरकारी पगबाधा बो परेरा    6    10    0    0
हंसरा स्टंप्स संगकारा बो समरवीरा    9    49    0    0
बगई कै संगकारा बो परेरा    22    47    2    0
चीमा कै जयवर्धने बो मुरलीधरन    37    35    4    2
गोर्डन कै संगकारा बो कुलसेकरा    4    10    0    0  
चौहान कै संगकारा बो कुलसेकरा    4    8    1    0
बैदवान नाबाद    16    35    1    0
बालाजी कै थरंगा बो मुरलीधरन    6    7    1    0
ओसिंडे बो मेंडिस    4    10    0    0
अतिरिक्त : 13, कुल :  36.5 ओवर में 122 रन (आलआउट)। 
विकेटपतन : 1-0 (जान डेविसन, 1.1), 2-8 (गुणसेकरा, 2.5), 3-12 (जुबीन सुरकारी, 3.6), 4-42 (जिम्मी हंसरा, 17.5), 5-53 (आशीष बगई, 21.3), 6-68 (टायसन गोर्डन, 24.3), 7-74 (खुर्रम चौहान, 26.2), 8-103 (रिजवान चीमा, 31.3), 9-111 (बालाजी राव, 33.2), 10-122 (ओसिंडे, 36.5).
गेंदबाजी : नुआन कुलसेकरा 6-2-16-3, तिषारा परेरा 7-0-24-3, अजंथा मेंडिस 7.5-3-18-1, मुरलीधरन 9-0-38-2, तिलकरत्ने दिलशान 5-0-14-0, थिलन समरवीरा 2-0-4-1.
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विश्व कप : न्यूजीलैंड का परफेक्ट टेन

 केन्या को एकतरफा 10 विकेट से हराया
kivi batsman martin guptil and brendon macculum

चेन्नई. तेज गेंदबाजों हामिश बेनेट, टिम साउथी और जैकब ओराम की घातक गेंदबाजी के  दम पर न्यूजीलैंड ने क्रिकेट  विश्वकप में आज ग्रुप-ए में केन्या को 10 विकेट से रौंदकर अपने अभियान का विस्फोटक आगाज किया।
 न्यूजीलैंड ने पूरा मैच 31.5 ओवर में निपटाकर टी-20 क्रिकेट को कहीं पीछे छोड़ दिया। बेनेट ने पांच ओवर में 16 रन पर चार विकेट, साउथी ने छह ओवर में 13 रन पर तीन विकेट और ओरम ने 2.5 ओवर में दो रन पर तीन विकेट लेकर केन्या का 23.5 ओवर में मात्र 69 रन पर पुलिंदा बांध दिया। कीवियों ने जीत का लक्ष्य आठ ओवर में बिना कोई विकेट खोए 72 रन बनाकर हासिल कर लिया। मार्टिन गुप्तिल ने 32 गेंदों में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 39 रन ठोके जबकि ब्रैंडन मैकुलम ने मात्र 17 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 26 रन ठोककर मैच ठीक दो घंटे 24 मिनट में समाप्त कर दिया।  न्यूजीलैंड को इस जीत से दो अंक मिले जबकि अपने विश्व कप पर्दापण मैच में अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले बेनेट को मैन आफ द मैच घोषित किया गया। एमए चिदंबरम स्टेडियम में यह अब तक का सबसे छोटा मैच था और केन्या का स्कोर इस मैदान का अब तक का सबसे छोटा स्कोर था। बेनेट ने तेज गेंदबाजी का घातक नमूना पेश करते हुए सिर्फ दस गेंदों में अंतराल में चार विकेट लेकर केन्या की बल्लेबाजी की कमर तोड दी। किसी  गेंदबाज के लिए विश्व कप में इससे बेहतरीन पदार्पण और कोई नहीं हो सकता। अक्टूबर 2010 में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ अपना वनडे करियर शुरू करने के बाद बेनेट अपना नौंवा वनडे खेल रहे थे और उन्होंने 16 रन पर चार विकेट लेकर केन्या का स्कोर एक विकेट पर 40 रन से पांच विकेट पर 49 रन कर दिया।
 साउथी ने ओपनर एलेक्स ओबांदा (छह) को पगबाधा किया। सेरेन वाटर्स (16) और कोलिंस ओबुया (14) ने दूसरे विकेट के लिए 26 रन की साझेदारी की। लेकिन इसके बाद बेनेट ने कहर बरपाते हुए वाटर्स, स्टीम टिकोलो (दो), ओबुया (14) और मोरिस ओमा (एक) को पवेलियन भेजकर मुकाबला ही खत्म कर दिया। केन्या को यहीं राहत नहीं मिली और बेनेट की जगह आए ओरम ने 16 गेंदों के अंतराल में सिर्फ दो रन पर तीन विकेट लेकर केन्या को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
साउदी ने ओपनर ओबांदा को आउट करने के बाद अपने दूसरे स्पेल में लौटते हुए अपने पहले ओवर की पहली ही दो गेंदों पर दो विकेट लेकर केन्याई पारी 69 रन पर निपटा दी।  न्यूजीलैंड ने इसके बाद जीत के लिए जरूरी रन सिर्फ 37 मिनट में आठ ओवर में हासिल कर लिए। हालांकि इस मैच को देखने के लिए चिदंबरम स्टेडियम में ज्यादा दर्शक मौजूद नहीं थे लेकिन जो दर्शक मौजूद थे। उन्हें यह मैच लंच से कहीं पहले समाप्त हो जाने पर गहरी निराशा हाथ लगी।  न्यूजीलैंड के लिए यह जीत मनोबल बढाने वाली है क्योंकि वह हाल में अपने पिछले 18 वनडे में से 16 वनडे गंवा चुका था।
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 स्कोर कार्ड
केन्या    रन    गेंद    4    6
ओबांडा पगबाधा बो साउथी     6    19    19    0
वाटर्स पगबाधा बो बेनेट    16    42    1    0
ओबुया पगबाधा बो बेनेट    14    19    2    0
टिकोलो बो बेनेट    2    2    0    0
ओमा पगबाधा बो बेनेट    1    6    0    0
पटेल नाबाद    16    23    1    0
कमांडे कै मैक्कुलम बो ओराम    2    16    0    0
ओडोयो कै रायडर बो ओराम    2    6    0    0
ओधियांबो बो साउथी    0    6    0    0
न्गोचे पगबाधा बो साउथी    0    1    0    0
ओटिएनो कै स्टायरिस बो ओराम    0    4    0    0
अतिरिक्त : 10, कुल :  23.5 ओवर में 69 रन (आलआउट)। विकेटपतन : 1-14 (ओबांडा, 6.6), 2-40 (वाटर्स, 11.6), 3-42 (टिकोलो, 13.2), 4-44 (ओबुया, 13.5), 5-49 (ओमा, 15.3), 6-59 (कमांडे, 19.5), 7-63 (ओडोयो, 21.3), 8-68 (ओधियांबो, 22.5), 9-68 (न्गोचे, 22.6), 10-69 (ओटिएनो, 23.5). 
गेंदबाजी : टिम साउथी 6-0-13-3, नाथन मैक्कुलम 4-0-15-0, हमीश बेनेट 5-0-16-4, डेनियल वेट्टोरी 6-1-16-0, जैकब ओराम 2.5-1-2-3.
न्यूजीलैंड    रन    गेंद    4    6
गुप्टिल नाबाद    39    32    5    2
मैक्कुलम नाबाद    26    17    4    0
अतिरिक्त : 7, कुल :  8 ओवर में 72 रन। गेंदबाजी : थामस ओडोयो 3-0-25-0, एलिजाह ओटिएनो 2-0-18-0, जिम्मी कमांडे 2-0-21-0, नेहेमियाह ओधियांबो 1-0-5-0.
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विश्व कप इतिहास की दूसरी सबसे तेज जीत
चेन्नई. न्यूजीलैंड ने केन्या को आज ग्रुप ए में 10 विकेट से रौंदकर क्रिकेट विश्व कप इतिहास की दूसरी सबसे तेज जीत हासिल की।  पूरा मैच दो घंटे 24 मिनट तथा 193 गेंदों में निपट गया। इन 193 गेंदों में प्रत्येक पारी की एक-एक नो बाल भी शामिल है। मैच की दोनों पारियां 31.5 ओवर तक चलीं। केन्या 23.5 ओवर में 69 रन पर निपट गया,  जबकि न्यूजीलैंड ने आठ ओवर में 72 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। इससे पहले विश्व कप में सबसे तेज जीत श्रीलंका ने कनाडा के खिलाफ 2003 में दक्षिण अफ्रीका के पर्ल में दर्ज की थी। श्रीलंका ने कनाडा को तब 112 गेंदों में 36 रन पर लुढ़का दिया था। श्रीलंका ने मात्र 18 मिनट में 28 गेंदों में एक विकेट पर 37 रन बनाकर समय और ओवर दोनों लिहाज से सबसे तेज जीत दर्ज की थी। पूरा मैच 140 गेंदों तक चला था। जहां तक चिदंबरम स्टेडियम की बात है तो यह इस मैदान पर खेला गया सबसे छोटा मैच है।

Saturday, 19 February 2011

विश्व कप : वीरू, विराट का विस्फोट

भारत ने बांग्लादेश को 87 रन से हराया, पिछले वर्ल्ड कप में मिली हार का लिया बदला
मीरपुर. विध्वंसक वीरेन्द्र सहवाग (175) की सर्वश्रेष्ठ पारी और युवा विराट कोहली (नाबाद 100) के पहले विश्व कप शतक के दम पर भारत ने उद्घाटन मैच में चार विकेट पर 370 रन का रिकार्ड स्कोर खड़ा करने के बाद बांग्लादेश को शनिवार रात 87 रन से रौंदकर उससे पिछले वर्ल्ड कप में मिली हार का बदला चुका लिया। विस्फोटक पारी खेलने वाले सहवाग मैन आफ द मैच रहे।
      सहवाग ने विश्व कप शुरू होने से पहले कहा था कि उनका लक्ष्य बांग्लादेश से 2007 में मिली हार का बदला लेना है और उन्होंने अपने इस वादे को पूरा करते हुए न केवल विश्व कप के उद्घाटन मैच की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली बल्कि अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए बांग्लादेश को शेरे बांग्ला स्टेडियम में जमींदोज कर दिया।  भारत के ग्रुप-बी के इस मैच में चार विकेट पर 370 रन के विशाल स्कोर के जवाब में बांग्लादेश की टीम कड़ा संघर्ष करने के बावजूद पहाड़नुमा स्कोर के दबाव में दम तोड़ गई और नौ विकेट पर 283 रन ही बना सकी।
मैन आफ द मैच सहवाग ने प्रतिभाशाली बल्लेबाज कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 203 रन की शानदार साझेदारी की। कोहली विश्व कप के अपने पहले ही मैच में शतक जमाने का कारनामा कर दिखाया। सहवाग ने 140 गेंदों में 14 चौकों और पांच छक्कों की मदद से बेहतरीन 175 रन बनाए जबकि कोहली ने 83 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन ठोके।
 बांग्लादेश के लिए ओपनर तमीम इकबाल ने 70 रन और कप्तान शाकिब अल हसन ने 55 रन की तेजतर्रार पारियां खेली लेकिन भारत का स्कोर इतना बड़ा था कि वे लक्ष्य से बहुत दूर रहे। इसके बावजूद बंगलादेश ने सराहनीय संघर्ष दिखाया और ओपनर इमरूल कायेस ने 34. ुजुनैद सिद्दकी ने 37 और मुशफिकुर रहीम ने 25 रन बनाए। भारत के लिए मुनाफ पटेल ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए दस ओवर में 48 रन पर सर्वाधिक चार विकेट और जहीर खान ने 41 रन पर दो विकेट लिए।  विश्व कप का उद्घाटन मैच पूरी तरह दिल्ली के दो बल्लेबाजों सहवाग और कोहली के नाम रहा। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट की साझेदारी में 203 रन की विशाल साझेदारी कर भारत को विराट स्कोर पर पहुंचा दिया। सहवाग का वनडे करियर का यह 14वां और विश्व कप का दूसरा शतक था जबकि कोहली का कुल पांचवां और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा शतक था।
 बांग्लादेश का टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला उसके ही गले पड गया और भारत ने शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम का शेर होने के अपने रतबे को कायम रखते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों की तबियत से धुनाई कर दी।  भारत ने इस तरह बंगलादेश से इस स्टेडियम में सभी छह मैच जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने 2007 विश्व कप के मैच को याद करते हुए टास जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया। उस मैच में भारतीय पारी 200 से नीचे सिमट गई और बांग्लादेश ने पांच विकेट से वह मैच जीत लिया था।
 शाकिब का इरादा यही था कि भारत को सस्ते में लपेटा जाए।  लेकिन वह भूल गए कि इस बार उनका वास्ता उस वीरू से पड़ा है जो विश्व कप शुरू होने से पहले यह कह चुके थे कि बांग्लादेश से उस हार का बदला लेना है और वह 50 ओवर तक खेलने की ठान चुके हैं। वीरू अपने शब्दों पर कायम रहते हुए 48वें ओवर में जाकर आउट हुए और तब तक भारत का स्कोर 355 रन पहुंच चुका था। हालांकि वीरू को इस पारी के दौरान रनर का भी सहारा लेना पड़ा लेकिन उन्होंने इस समस्या को अपने शाटों पर हावी नहीं होने दिया।  बांग्लादेश की गेंदबाजी में कहीं कोई डंक नहीं दिखाई दिया और सहवाग तथा कोहली ने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए बांग्लादेश को उसी के मैदान में धोकर रख दिया।  सहवाग और सचिन ने भारत को विस्फोटक शुरुआत देते हुए 10.5 ओवर में 69 रन की साझेदारी कर डाली। सहवाग ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ा और पहले ओवर में 12 रन बटोर डाले। यहीं तय हो गया था कि भारतीय बल्लेबाज क्या ठानकर मैदान में उतरे हैं।
सचिन का यह दुर्भाग्य रहा कि वह एक अनावश्यक रन चुराने की कोशिश में रन आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंदों में चार चौकों की मदद से 28 रन बनाए। इसके बाद सहवाग ने अपने दिल्ली के जोड़ीदार गौतम गंभीर (39) के साथ दूसरे विकेट के लिए  83 रन जोड़ डाले। गंभीर 39 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 39 रन बनाकर महमूदुल्ला की गेंद पर बोल्ड हुए।  गंभीर के आउट होने के बाद वीरू का साथ देने उतरे दिल्ली के एक अन्य बल्लेबाज विराट कोहली। जबर्दस्त फार्म में चल रहे कोहली ने विश्वकप के विराट मंच पर खुद को साबित करते हुए अपने से कहीं अनुभवी सहवाग का शाट दर शाट साथ दिया1 इस जोडी की तेजी का आलम यह था कि बंगलादेश के गेंदबाज पनाह मांगते नजर आए। सहवाग ने अपना अर्द्धशतक 45 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से और अपना शतक 94 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से पूरा किया1 सहवाग के 100 रन पूरे होने के साथ भारत के भी 200 रन पूरे हो गए1 बंगलादेशी कप्तान शाकिब को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह इन दोनों बल्लेबाजों को रोकने के लिए क्या करें।
 कोहली ने अपना अर्धशतक 46 गेंदों   में पांच चौकों की मदद से पूरा किया। सहवाग शतक पूरा करने के बाद खासे आक्रामक हो गए और अपनी परेशानी के बावजूद उन्होंने पांच चौके और चार छक्के ठोके। आखिर पारी के 48वें ओवर में शाकिब की गेंद पर बिना पैरों के मूवमेंट के शाट खेलने की कोशिश में वह गेंद को विकेट पर खेल गए।  अपनी 175 रन की पारी खेलकर सहवाग जब पवेलियन लौट रहे थे तो ड्रेसिंग रूम में सभी भारतीय खिलाडी और स्टेडियम में मौजूद सभी दर्शक उनका तालियां बजाते हुए अभिवादन कर रहे थे।  विराट ने अपना शतक आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर पूरा किया लेकिन यूसुफ पठान (आठ) पारी की आखिरी गेंद पर आउट हो गए। भारतीय पारी चार विकेट पर 370 रन का विशाल स्कोर बनाकर थमी।  बांग्लादेश की तरफ से शफीउल ने 69 रन पर एक विकेट, शाकिब ने 61 रन पर एक विकेट और महमूदुल्ला ने 49 रन पर एक विकेट लिया। रूबेल हुसैन ने 60 रन, अब्दुर रज्जाक ने 74 रन और नईम इस्लाम ने 54 रन लुटाए।
बांग्लादेश को तमीम (70) और कायेस (34) ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 6.5 ओवर में 56 रन जोड़कर तूफानी शुरआत दी। कायेस सात चौकों की मदद से 29 गेंदों में 34 रन बनाकर मुनाफ का पहला शिकार बने1 तमीम ने सिद्दकी के साथ बंगलादेश के स्कोर को 24वें ओवर में 129 तक पहुंचा दिया। लेकिन सिद्दकी हरभजन की एक बेहतरीन गेंद पर विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप हो गए।  सिद्दकी ने 37 रन की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। कप्तान शाकिब और तमीम ने स्थिति को संभालने की कोशिश लेकिन मुनाफ की गेंद पर युवराज सिंह ने तमीम का बेहतरीन कैच लपक लिया। तमीम ने 70 गेंदों की अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया1 इसके बाद बंगलादेश की पारी दबाव में आ गई।  हालांकि कप्तान शाकिब ने 50 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 55 रन बनाए मगर लगातार बढती रनगति ने बंगलादेश की उम्मीदों को तोड दिया। यूसुफ पठान ने शाकिब का शिकार किया जबकि जहीर ने मुशफिकुर और रज्जाक के विकेट चटकाए1 मुनाफ ने महमूदुल्ला और नईम इस्लाम का शिकार कर बंगलादेश का संघर्ष समाप्त कर दिया।  भारत की ओर से मुनाफ ने दस ओवर में 48 रन पर चार विकेट चटकाए जबकि जहीर को दो विकेट मिले1 हरभजन सिंह और पठान को एक-एक विकेट मिला। शांतकुमारन श्रीसंथ पांच ओवर में 53 रन लुटाकर कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए।
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स्कोर कार्ड
भारत    रन    गेंद    4    6
सहवाग बो शाकिब     175    140    14    5
सचिन रनआउट    28    29    4    0
गंभीर बो महमूद्दुल्लाह    39    39    3    0
कोहली नाबाद    100    83    8    2
यूसुफ कै मुसफिकुर बो इस्लाम    8    10    0    0
अतिरिक्त : 20, कुल :  50 ओवर में 4 विकेट पर 370 रन। विकेटपतन : 1-69 (सचिन तेंदुलकर, 10.5), 2-152 (गौतम गंभीर, 23.2), 3-355 (वीरेंद्र सहवाग, 47.3), 4-370 (यूसुफ पठान, 49.6).
गेंदबाजी : शफीउल इस्लाम 60-0-69-1, रूबेल हुसैन 10-0-60-0, अब्दुर रज्जाक 9-0-74-0, शाकिब उल हसन 10-0-61-1, नईम इस्लाम 7-0-54-0, महमूद्दुल्लाह 7-0-49-1.
बांग्लादेश    रन    गेंद    4    6
तमीम कै युवराज बो मुनाफ    70    86    3    1
इमरुल बो मुनाफ    34    29    7    0
जुनैद स्टंप्स धोनी बो हरभजन    37    52    1    1
शाकिब कै हरभजन बो यूसुफ    55    50    5    0
रहीम कै रैना बो जहीर    25    30    2    0
रकीबुल नाबाद    28    28    0    1
महमूद्दुल्लाह बो मुनाफ    6    6    0    0
नईम पगबाधा बो मुनाफ    2    8    0    0
रज्जाक पगबाधा जहीर    1    5    0    0
शफीउल रनआउट    0    1    0    0
रूबेल नाबाद    1    6    0    0
अतिरिक्त : 24, कुल :  50 ओवर में 9 विकेट पर 283 रन। विकेटपतन : 1-56 (इमरूल कायेस, 6.5), 2-129 (जुनैद सिद्दीकी, 23.1), 3-188 (तमीम इकबाल, 32.1), 4-234 (शाकिब उल हसन, 39.4), 5-248 (मुशफिकुर रहीम, 42.3), 6-261 (महमूद्दुल्लाह, 44.3), 7-275 (नईम इस्लाम, 46.3), 8-279 (अब्दुर रज्जाक, 47.6), 9-280 (शफिउल इस्लाम, 48.3). गेंदबाजी : एस श्रीसंथ 5-0-53-0, जहीर खान 10-0-40-2, मुनाफ पटेल 10-0-48-4, हरभजन सिंह 10-0-41-1, यूसुफ पठान 8-0-49-1, युवराज सिंह 7-0-42-0.
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सहवाग का बेस्ट, कपिल की बराबरी की

मीरपुर. दुनिया के मौजूदा क्रिकेट में सबसे विध्वंसक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने विश्व कप के उद्घाटन मैच में आज टूर्नामेंट का पहला चौका और पहला शतक लगाने के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर बना दिया और महान कपिलदेव के 1983 के विश्वकप में 175 रन बनाने की बराबरी कर ली।
 सहवाग ने 140 गेंदों में 14 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 175 रन की ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कपिल के 1983 विश्वकप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रन के स्कोर की बराबरी भी कर ली1 कपिल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 गेंदों में 16 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 175 रन की पारी खेली थी। बेरहम बल्लेबाजी के पर्याय माने जाने वाले सहवाग ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 146 रन था जो उन्होंने दिसंबर 2009 में राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। सहवाग वनडे में सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों में अब सहवाग से आगे सौरभ गांगुली (183), महेन्द्र सिंह धोनी (नाबाद 183) और सचिन तेंदुलकर (नाबाद 186 तथा नाबाद 200 रन) हैं।
वीरू के बल्ले से निकला पहला चौका और शतक
सहवाग के नाम विश्वकप में पहला चौका और पहला शतक बनाने की शानदार उपलब्धि भी दर्ज हो गई। विस्फोटक ओपनर सहवाग ने बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप के उद्घाटन मैच में पहली ही गेंद पर चौका जडा और फिर 99 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से अपना शतक पूरा कर लिया। सहवाग का 229 वनडे करियर में यह 14वां शतक और विश्व कप का दूसरा शतक था। सहवाग ने महमूदुल्ला की गेंद को लेग साइड में खेलकर एक रन लिया और बंगलादेश के खिलाफ अपना पहला शतक बना दिया1 सहवाग ने इस शतक के साथ ही विश्व कप में 15 मैचों में 600 रन पूरे कर लिए। इससे पहले विश्वकप में उनके खाते में इससे पहले 14 मैचों में 463 रन थे1 उनके अब विश्वकप में 638 रन हो गए हैं। विश्वकप की शुरुआत सहवाग ने चौके के साथ की। उन्होंने बांग्लादेश के मध्यम तेज गेंदबाज शफीउल इस्लाम की गेंद पर कवर में शानदार चौका जड़कर विश्व कप की विस्फोटक शुरुआत की। विश्वकप का पहला ओवर फेंकने का सौभाग्य शफीउल इस्लाम को मिला। लेकिन उन्होंने इस ओवर में 12 रन लुटाए। सहवाग ने साथ ही इस ओवर की अंतिम गेंद पर भी चौका मारा। सहवाग फिर तो रोके नहीं रके और उन्होंने 94 गेंदों पर शतक जड़ दिया।  सहवाग विश्वकप में अपने दूसरे शतक के साथ ही विदेशी और तटस्थ मैदानों में दस शतक बनाने वाले तीसरे भारतीय और ओवरआल 13वें बल्लेबाज बन गए।
मैं खुद से कह रहा था 20-30 ओवर टिके रहो : सहवाग
ढाका. भारत की बांग्लादेश के खिलाफ विश्वकप उद्घाटन मैच में 87 रन की शानदार जीत के   सूत्रधार वीरेंद्र सहवाग ने आज कहा कि वह पारी की शुरआत से खुद से लगातार कह रहे थे कि उन्हें 20-30 ओवर तक क्रीज पर टिके रहना है। शानदार 175 रन बनाकर मैन आफ द मैच बने सहवाग ने कहा कि मैंने मैच में अच्छी शुरआत की थी और मैं चाहता था कि मैं अपनी पारी को लंबा खींचूं। मैं लगातार खुद से कह रहा था कि विकेट पर टिके रहो, रन बनते रहेंगे। मुझे खुशी है कि मैं लगभग आखिर तक विकेट पर टिका रहा।  खुशी व्यक्त करते हुए वीरू ने कहा कि हम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चाहते थे कि इस मैच को हर हाल में जीतें। हमने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत हासिल की। उन्होंने अपने फीजियो और ट्रेनर का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्होंने उनपर खासी मेहनत की जिससे वह लंबी पारी खेल सके। अपने जोड़ीदार विराट कोहली की भी तारीफ करते हुए सहवाग ने कहा कि उसने शानदार पारी खेली और वह इस शतक का हकदार था। सहवाग ने हालांकि सभी खिलाड़ियों की तारीफ की लेकिन तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंथ पर वह थोड़ा कटाक्ष कर गए कि उन्हें छोड़कर बाकी सभी अच्छा खेले।
सचिन का नया विश्व रिकार्ड, मियांदाद की बराबरी की

मीरपुर. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने विश्व कप के उद्घाटन मैच में आज यहां बंगलादेश के खिलाफ उतरने के साथ ही सर्वाधिक वनडे खेलने का रिकार्ड अपने नाम कर लिया। साथ ही उन्होंने सर्वाधिक छह विश्व कप खेलने के पाकिस्तान के जावेद मियांदाद की भी बराबरी कर ली।
 सचिन का यह 445वां मैच है और उन्होंने श्रीलंका के सनत जयसूर्या (444 वनडे) को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि अपने नाम की।  इसके साथ ही सर्वाधिक टेस्ट और वनडे खेलने के दोनों रिकार्ड एक साथ उनके नाम हो गए। सचिन टेस्ट और वनडे में सर्वाधिक रन और सर्वाधिक शतक बनाने के रिकार्ड भी अपने नाम रखते हैं। मास्टर ब्लास्टर ने इसके साथ ही मियांदाद के सर्वाधिक छह विश्व कप खेलने के रिकार्ड की भी बराबरी कर ली। मियांदाद ने 1975 से लेकर 1996 तक विश्व कप खेले थे जबकि सचिन ने 1992 से विश्व कप खेलना शुरू किया था। सचिन के पास इस टूर्नामेंट में विश्व कप में 2000 रन पूरे करने और वनडे में 18000 रन पूरे करने का भी मौका रहेगा। विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन के नाम इस टूर्नामेंट में 36 मैचों में 1796 रन और 444 वनडे में 17629 रन हैं।
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क्षेत्ररक्षण में अभी काफी सुधार की जरूरत : धोनी
मीरपुर. विश्व कप में विजयी आगाज और टीम के शानदार प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आ रहे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खेल के एक पहलू क्षेत्ररक्षण पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसमें काफी सुधार करने की जरूरत है। धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को उद्घाटन मैच में मिली 87 रन की जीत के बाद कहा कि टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही ओवरआल बढिया प्रदर्शन रहा है। लेकिन क्षेत्ररक्षण अभी ऐसा इलाका है जहां काफी सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि आपको मैदान में रन बचाने की जरूरत है। आप विरोधी को आसानी से क्षेत्ररक्षण में रन नहीं दे सकते। खिलाड़ियों ने मैदान में इस मैच में जो गलतियां की हैं उन्हें अगले मैचों में दोहराने से बचना होगा। हम कोशिश करेंगे कि अगले मैचों में टीम के क्षेत्ररक्षण में काफी सुधार आए। भारतीय कप्तान ने 175 रन बनाने वाले वीरेन्द्र सहवाग और नाबाद 100 रन बनाने वाले विराट कोहली की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी और इन दोनों ही बल्लेबाजों ने दोहरी शतकीय साझेदारी से भारत को बडे स्कोर तक पहुंचाया। धोनी ने कहा कि सहवाग ने अपनी पारी को बेहतरीन तरीके से आगे बढाया और उन्हें कोहली से काफी अच्छा साथ मिला। उन्होंने कहा कि यहां का विकेट धीमा था और नए बल्लेबाज के लिए शाट खेलने में मुश्किल हो सकती थी इसलिए जरूरी था कि टिके हुए बल्लेबाज विकेट पर जमे रहे और साझेदारी को आगे बढ़ाएं। धोनी ने कहा कि टीम ने विश्वकप में मनमाफिक शुरआत की है और इतने बडे टूर्नामेंट में विजयी शुरआत करना बहुत जरूरी होता है। भारतीय कप्तान ने हालांकि इस बात पर राहत जताई कि भारत को अगला मैच छह दिन बाद जाकर खेलना है जिससे छोटी-मोटी चोटों से पीड़ित उनके खिलाड़ियों को इनसे निजात पाने का मौका मिल जाएगा। 
दूसरी तरफ बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि हमने काफी खराब गेंदबाजी की और ऐसी गेंदें डाली जिनपर जमकर बाउंड्री लगी। इस तरह का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारे गेंदबाजों को अपने प्रदर्शन में अगले मैचों के लिए सुधार करना होगा। शाकिब हालांकि अपने बल्लेबाजों के प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि शीर्षक्रम के सभी बल्लेबाजों ने सधी हुई बल्लेबाजी की और सभी क्रिकेटिंग शाट खेले। टाप क्रम में सभी ने रन बनाए जो टीम के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने सहवाग की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय ओपनर ने शानदार पारी खेलकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया।
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वर्ल्ड कप के टाप स्कोरर बल्लेबाज
वर्ष    खिलाड़ी    देश    खिलाफ    रन    मैदान
1996    गैरी कर्स्टन    द. अफ्रीका    यूएई    188*    रावलपिंडी
1999    सौरव गांगुली    भारत    श्रीलंका    183    टांटन
1987    विवियन   रिचर्ड्स    वेस्टइंडीज    श्रीलंका    181    कराची
1983    कपिल देव    भारत    जिम्बाब्वे    175*    टनब्रिज
2011    वीरेंद्र सहवाग    भारत    बांग्लादेश    175    मीरपुर
2003    क्रेग विशार्ट    जिम्बाब्वे    नामीबिया    172*    हरारे
1975    ग्लेन टर्नर    न्यूजीलैंड    ईस्ट अफ्रीका    171*    बर्मिंघम
1996    एंड्रयू हडसन    द. अफ्रीका    नीदरलैंड    161    रावलपिंडी
2007    इमरान नजीर    पाकिस्तान    जिम्बाब्वे    160    किंग्सटन
2007    मैथ्यू हेडन    आस्टेÑलिया    वेस्टइंडीज    158    नार्थ साउंड
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वर्ल्डकप के पहले मैच में शतक बनाने वाले बल्लेबाज
वर्ष    खिलाड़ी    देश    रन
1975    डेनिस एमिस    इंग्लैंड    137
1979    गॉर्डन ग्रीनीज    वेस्टइंडीज    106
1983    एलेन लंब    इंग्लैंड    102   
1987    जावेद मियांदाद    पाकिस्तान    103
1992    मार्टिन क्रो    न्यूजीलैंड    100
1996    नाथन एस्टल    न्यूजीलैंड    101
2003    ब्रायन लारा    वेस्टइंडीज    116
2011    वीरेंद्र सहवाग     भारत    175
2011    विराट कोहली    भारत    100*
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Thursday, 17 February 2011

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का रंगारंग उद्घाटन


ढाका. क्रिकेट और आसमां के सितारों का आज बंगबंधु स्टेडियम में जगमगाती आतिशबाजी, शानदार लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच विश्व कप के अब तक के सबसे भव्य उद्घाटन समारोह में मिलन हो गया।
 बंगबंधु स्टेडियम में यह कोई डे-नाइट मैच नहीं था बल्कि 10वें विश्व कप का भव्य उद्घाटन समारोह था। आसमान में जहां आतिशबाजी की जगमगाहट दिखाई दे रही थीं वहीं क्रिकेट के मैदान के सितारे स्टेडियम में अपनी छटा बिखेर रहे थे। विश्व कप के इतिहास में यह ऐसा उद्घाटन समारोह था जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के  विश्वकप के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा करते ही क्रिकेट के इस महाकुंभ का शंखनाद हो गया।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत विश्व कप के शुभंकर ‘स्टंपी’ के एक रिक्शे में स्टेडियम में प्रवेश करने के साथ शुरू हुई। उसके बाद सभी 14 टीमों के कप्तानों ने रिक्शे में ही स्टेडियम में प्रवेश किया।  कप्तानों के स्टेडियम में प्रवेश करने के बाद रंगारंग कार्यक्रम का सिलसिला भव्य आतिशबाजी के साथ शुरू हो गया। भारतीय गायक सोनू निगम ने अंग्रेजी ‘राइज अप फोर ग्लोरी’ प्रस्तुत कर समां बांध दिया।  सोनू निगम का गीत खत्म होते ही आसमान पर इलेक्ट्रानिक पतंगों को भव्य नजारा देखने को मिला।  यह नजारा खत्म ही हुआ था कि बंगबंधु स्टेडियम के साथ लगी विशाल इमारत के बाहरी हिस्से पर लगाई गई विशालकाय एलईडी स्क्रीन पर कलाकारों ने रस्सियों से झूलते हुए पहली बार हवा में क्रिकेट मैच खेला।
बांग्ला कलाकरों ने गाया स्वागत गीत
बांग्लादेश के कलाकरों ने फ्यूजन की मधुर धुनों पर बांग्लादेश का स्वागबत गीत गया जिस पर वहां मौजूद सभी दर्शक झूमने लगे।
mascot 'stumpy'

आगे-आगे ‘स्टंपी’
कप्तानों के मैदान पर पदापर्ण से पहले वर्ल्डकप के शुभंकर नन्हें हाथी "स्टंपी को रिक्शे मे बिठाकर मैदान में घुमाया गया।" स्टंपी की झलक पाने को बच्चों में काफी उत्साह देखा गया।
खालिदा ने की उद्घाटन की घोषणा

Prime Minister Khalida Z
शेख हसीना ने 27 हजार दर्शकों से खचाखच भरे बंगबंधु स्टेडियम में टूर्नामेंट को शुरू करने से पहले अपने संबोधन में कहा कि मैं अंतरराष्टÑीय क्रिकेट परिषद का बंगलादेश को उद्घाटन समारोह के लिए चुनने पर हृदय से धन्यवाद देती हूं। बांग्लादेश उद्घाटन समारोह के साथ-साथ आठ विश्व मैचों का भी आयोजन करेगा।
 प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इसके साथ ही आयोजकों को आईसीसी विश्व कप के सफल आयोजन के लिए भी शुभकामनाएं देती हूं। मैं अपने देश के क्रिकेटप्रेमियों के उत्साह और सहयोग के लिए उन्हें बधाई देती हूं। साथ ही मैं विश्व कप में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देती हूं कि वे इस टूर्नामेंट को यादगार बनाएं। शेख हसीना से पहले आईसीसी के अध्यक्ष शरद पवार ने सभी 14 टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारतीय उपमहाद्वीप के लिए एक यादगार दिन है। 
भारतीय उपमहाद्वीप के लिए ऐतिहासिक दिन : पवार
 
ICC President Sharad Pawar
अंतरराष्टÑीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष और भारत के कृषि मंत्री शरद पवार ने 10वें विश्व कप के उद्घाटन समारोह में आज कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है और ऐसा भव्य उद्घाटन समारोह उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। पवार ने बंगबंधु स्टेडियम में उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत अंग्रेजी में की और साथ ही उन्होंने बांग्ला भाषा में भी इन पंक्तियों को बोला।
पवार ने बांग्लादेश को एक खूबसूरत देश बताते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे 14 टीमों को अपनी शुभकामनाएं दी। आईसीसी अध्यक्ष ने कहा कि एकदिवसीय विश्व कप आईसीसी का फ्लैगशिप टूर्नामेंट है जिसमें खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। भारतीय उपमहाद्वीप के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। हमने इससे पहले भी 1987 और 1996 में विश्व कप की मेजबानी की थी लेकिन बांग्लादेश पहली बार इस मेजबानी में साथ जुड़ा है। पवार ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह विश्व कप टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे यादगार विश्व कप होगा। इसका उद्घाटन इतने भव्य स्तर पर हो रहा है कि यह विश्व कप का अब तक का सबसे भव्य उद्घाटन समारोह बन गया। आईसीसी अध्यक्ष ने कहा कि 19 फरवरी को सहमेजबानों बांग्लादेश और भारत के बीच उद्घाटन मैच से टूर्नामेंट की शुरुआत हो जाएगी और मुझे उम्मीद है कि दो अप्रैल को होने वाले फाइनल तक 14 टीमों के खिलाड़ी रोमांचक क्रिकेट से क्रिकेटप्रेमियों का मन मोह लेंगे। पवार ने बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और श्रीलंका के राष्टÑपति महिन्दा राजपक्षे तथा तीनों क्रिकेट बोर्डों के अध्यक्षों को धन्यवाद दिया।
हवा में खेला गया क्रिकेट मैच
air in cricket show
 10वें विश्व कप का उद्घाटन मैच होने में अभी दो दिन बाकी हैं लेकिन गुरुवार को टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में एक हवाई मैच खेला गया, जिसने सबको सम्मोहित कर दिया। बंगबंधु स्टेडियम से लगी बांग्लादेश की सबसे ऊंची इमारतों में से एक इमारत पर यह मैच खेला गया। यह मैच 200 से 300 फुट ऊंचाई पर खेला जा रहा था। रस्सियों से बंधे कलाकारों ने हवा में झूलते हुए इमारत के बाहरी हिस्से पर लगी विशालकाय एलईडी स्क्रीन पर बनी पिच पर पूरे एक ओवर क्रिकेट खेली। इसमें न   केवल शाट लगे, गेंदबाजी हुई, कैच भी हुआ और छक्का भी लगा।  स्टेडियम में मौजूद 27 हजार दर्शक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार, क्रिकेट बोर्डों के सदस्य और सभी टीमों के खिलाडी मंत्रमुग्ध होकर इस हवाई क्रिकेट का नजारा देख रहे थे।
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रिक्शे की सवारी कर उद्घाटन समारोह 
में पहुंचे 14 कप्तान

All team captains are participates in ICC World Cup 2011.
  ढाका. क्रिकेट विश्व कप में हिस्सा ले रही 14 टीमों के कप्तानों के लिए टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह का दिन आज यादगार बन गया। उनके लिए उद्घाटन समारोह के मुख्य स्थल बंगबंधु नेशनल स्टेडियम पहुंचने का अनुभव ऐसा रहा जिसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे।
Indian Captain MS Dhoni

 आमतौर पर कारों और लक्जरी बसों से क्रिकेट स्टेडियम या अपने होटल पहुंचने वाले क्रिकेट के इन दिग्गज सितारों को उद्घाटन समारोह में आम आदमी की सवारी रिक्शे में बैठकर बंगबंधु स्टेडियम लाया गया।  गत तीन बार के चैंपियन आस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग सबसे पहले स्टेडियम पहुंचे। हर कप्तान के साथ रिक्शे में एक बच्चे को यादगार मौका मिला। टीमों के कप्तान जब स्टेडियम में प्रवेश कर रहे थे तो पूरा स्टेडियम विश्व कप के थीम गीत ‘दे घुमा के’ से गूंज रहा था। आस्ट्रेलियाई कप्तान से पहले विश्वकप के शुभंकर ‘स्टंपी’ यानि छोटे हाथी ने रिक्शे में बैठकर स्टेडियम में एंट्री मारी। उसके बाद तो 14 टीमों के कप्तानों का स्टेडियम में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।  पोंटिंग के बाद कनाडा के कप्तान आशीष बगई,  इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रास, आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड,  केन्या के जिमी कमांडे, हालैंड के पीटर बोरेन, न्यूजीलैंड के डेनियल वेट्टोरी, पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ,  वेस्टइंडीज के डेरेन सैमी और जिम्बाब्वे के एल्टन चिगुम्बुरा ने स्टेडयम में प्रवेश किया।  भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के स्टेडियम में प्रवेश करते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। धोनी के बाद श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा और अंत में उद्घाटन समारोह के मेजबान बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने भी तालियों की गूंज के बीच स्टेडियम में प्रवेश किया।  इन कप्तानों के लिए रिक्शे की सवारी एक ऐसा अनूठा अनुभव था जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे।

महासंग्राम के लिए तैयार 14 सेनाएं


ढाका. क्रिकेट के विश्व कप महासंग्राम के लिए रणभेरी बज चुकी है और गत तीन बार के चैंपियन आस्ट्रेलिया, सहमेजबान भारत और श्रीलंका तथा खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका सहित 14 सेनाएं विजेता ट्राफी उठाने के लिए कमर कस चुकी हैं।
 विश्व कप शनिवार को भारत और बंगलादेश के बीच ढाका में उदटन मैच के साथ शुरू हो जाएगा। उससे एक सप्ताह पहले तक सभी टीमों ने अभ्यास मैचों में अपने हथियारों को पूरी तरह जांच परख लिया है। आस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं लेकिन विजेता के बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना इस बार खतरे से खाली नहीं है।
अब अपराजेय नहीं कंगारू
 चार बार की चैंपियन आस्ट्रेलियाई टीम अब ‘अपराजेय’ नहीं रही और उसकी आभा मद्धिम पड़ चुकी है। इस टीम ने विश्वकप के पिछले दो संस्करणों में लगातार 11 मैच जीते थे। लेकिन वेस्टइंडीज में 2007 में हुए विश्व कप में आस्ट्रेलिया की खिताबी जीत के बाद कई टीमें अपने प्रदर्शन से कंगारू टीम को पछाड़ चुकी हैं। इंग्लैंड को घरेलू जमीन पर 6-1 से रौंदने के बाद विश्व कप के लिए पहुंची आस्ट्रेलियाई टीम को दोनों अभ्यास मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा। पहले मैच में भारत ने आस्ट्रेलिया को 38 रन से हराया वहीं दूसरे मैच में उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों सात विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी।  आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के लिए खेल के हर विभाग में मुश्किलें दिखाई दे रही हैं। अभ्यास मैचों में उनके बल्लेबाज जहां बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे वहीं गेंदबाज भी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। आस्ट्रेलिया के इस प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि अब कोई चमत्कार ही इस टीम का खिताब बचा सकता है। 28 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद खिताब पर कब्जा करने को बेकरार टीम इंडिया ने दोनों अभ्यास मैच जीतकर अपने इरादे जतला दिए हैं। टीम ने आस्ट्रेलिया को जहां 38 रन से शिकस्त दी वहीं न्यूजीलैंड को 117 रन से हराया। 
टीम इंडिया का प्रचंड प्रदर्शन
महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम का प्रदर्शन जबर्दस्त रहा है और यही प्रदर्शन टीम को विश्व कप में खिताब का प्रबल दावेदार बनाती है। टीम इंडिया के सभी बल्लेबाज जबर्दस्त फार्म में हैं और गेंदबाज भी अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। बेंगलुरु में आस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में भारतीय गेंदबाजों ने जिस तरह 214 रन के मामूली स्कोर का बचाव किया वह काबिलेतारीफ है। न्यूजीलैंड के खिलाफ धोनी और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले की धार को पैना करके विश्वकप के लिए कमर कस ली है।
‘चोकर’ छवि तोड़ने बेकरार प्रोटीज
ग्रीम स्मिथ की अगुवाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका भी इस बार ‘चोकर्स’ की अपनी छवि तोड़कर विश्व कप जीतने को बेकरार है। टीम ने दोनों अभ्यास मैचों में जीत दर्ज करके विश्व कप जीतने की अपनी संभावनाओं को पुख्ता किया है। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व कप में उतरने से पहले अपनी जमीन पर टीम इंडिया को 3-2 से मात दी थी। टीम के कई खिलाड़ियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि विश्व कप से ऐन पहले मिली इस जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। अभ्यास मैच में दक्षिण अफ्रीका ने आस्ट्रेलिया को सात विकेट से रौंदकर यह जतला दिया है कि विश्वकप में उसकी दावेदारी इस बार सबसे ज्यादा गंभीर है।
सिंहली टीम भी तैयार
सहमेजबान श्रीलंका 1996 की कामयाबी को दोहराने के लिए बेताब है। श्रीलंकाई टीम ने अर्जुन रणतुंगा की अगुवाई में 15 वर्ष पहले भारतीय उपमहाद्वीप में हुए विश्वकप में खिताब पर कब्जा किया था। टीम के पास कुमार संगकारा, माहेला जयवर्धने, उपुल तरंगा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं तो वहीं लसित मलिंगा, नुवान कुलशेखरा, मुथैया मुरलीधरन और अजंता मेंडिस के रूप में जबर्दस्त गेंदबाज हैं। विश्व रिकार्डधारी लेग स्पिनर मुरलीधरन का यह आखिरी विश्वकप है। श्रीलंकाई टीम अपने इस दिग्गज स्पिनर को विश्वकप का तोहफा देने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। दिलशान का ‘दिलस्कूप’ शाट इस टूर्नामेंट में सभी के आकर्षण का केन्द्र रहेगा।
‘छुपारुस्तम’ हो सकता है पाक
पाकिस्तान को इस विश्व कप में ‘छुपे रस्तम’ के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान के पास ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जो अपना दिन होने पर किसी भी टीम पर भारी पड सकते हैं। टीम को अगर किसी एक चीज की जरूरत है तो वह है एकजुट होने की। विश्वकप से पहले पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को उसी की जमीन पर हराया था जिसकी बदौलत शाहिद आफरीदी को विश्वकप के लिए टीम की कप्तानी मिली थी। विश्व कप शुरू होने से पहले आस्ट्रेलिया के हाथों 1-6 से पिटी इंग्लैंड की टीम में भी कुछ विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।
संकट में इंग्लैंड
क्रिकेट का जन्मदाता इंग्लैंड अभी तक एकदिवसीय विश्वकप के खिताब से महरूम है। अब देखना है कि एंड्रयू स्ट्रास इंग्लैंड के इस खिताबी सूखे को खत्म कर पाते हैं या नहीं। मध्यक्रम के धाकड बल्लेबाज इयोन मोर्गन चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो चुके हैं जबकि टीम के कई अन्य खिलाडी चोटों से जूझ रहे हैं।
न्यूजीलैंड को विश्वकप शुरू होने से पहले भारतीय उपमहाद्वीप की चारों टीमों के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था। लेकिन डेनियल वेट्टोरी जैसे चमत्कारिक गेंदबाज और ब्रैंडन मैकुलम जैसे विध्वंसक   बल्लेबाज की मौजूदगी में यह टीम कुछ उलटफेर कर सकती है।  सहमेजबान बांग्लादेश का इतिहास उलटफेर करने का रहा है और इस बार भी टीम उसी प्रदर्शन को दोहराने को बेकरार है। बंगलादेश ने पिछले विश्वकप में भारत को हराकर तहलका मचाया था और इस बार भी उसका पहला मुकाबला ‘टीम इंडिया’ से ही है। पिछले कुछ समय से टीम के प्रदर्शन को देखते हुए बांग्लादेश को हल्के में लेने की भूल नहीं की जा सकती है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह अब तक का सबसे खुला विश्वकप है। यानि किसी एक टीम को खिताब का प्रबल दावेदार नहीं माना जा सकता है और किसी भी टीम को दो अप्रैल को विजेता ट्राफी का गौरव हासिल हो सकता है।

Sunday, 13 February 2011

बकअप छत्तीसगढ़, पूल में नंबर वन

मेजबान लड़कियों ने खिताब की दावेदार दिल्ली को अंतिम लीग मैच में रौंदा

रायपुर. राजधानी का इनडोर स्टेडियम रविवार की शाम दर्शकों से खचाखच भरा था क्योंकि पूरे शहर को मालूम था कि लीग का अंतिम मुकाबला मेजबान छत्तीसगढ़ और दिल्ली के बीच होने वाला है। रेलवे के अलावा ये दोनों ही टीमें खिताब की प्रबल दावेदार हैं।
25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता के लीग के अंतिम मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने दिल्ली के खिलाफ जो प्रदर्शन दिखाया वह सेमीफाइनल और फाइनल में भी बरकरार रहा तो मेजबान को खिताब से कोई नहीं रोक सकता। लीग का यह अंतिम मुकाबला काफी यादगार बन गया। दिल्ली के साथ संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ। 10 मिनट के पहले क्वार्टर में दिल्ली के खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी और नतीजा यह हुआ कि दिल्ली ने एकतरफा 25-9 अंक से बढ़त हासिल कर ली। दिल्ली की पहले ही क्वार्टर में एकतरफा 16 अंको की इस बढ़त ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के होश उड़ा दिए थे। लेकिन दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने जिस अंदाज में मैच में अपनी पकड़ बनाई उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। दूसरे क्वार्टर में टीम के सभी खिलाड़ियों ने मैच में पकड़ बनाने पूरा जोर लगा दिया। टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों अंजु लकड़ा, अरुणा किंडो ने तीन-तीन अंक स्कोर करने शुरू कर दिए। दूसरे क्वार्टर के चार मिनट में ही मेजबान खिलाड़ियों ने 14 अंक कवर कर लिए। दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने में जब दो मिनट शेष रह गए थे तब कप्तान अंजु लकड़ा ने एक बार फिर से तीन प्वांइट कवर किए। अंतिम 17 सेकंड शेष रहते छत्तीसगढ़ ने 36-35 से बढ़त बना ली। दूसरा क्वार्टर छत्तीसगढ़ की झोली में गया और  टीम ने 38-35 अंक के स्कोर के साथ तीन अंक की बढ़त बना ली। तीसरे क्वार्टर में टीम ने और भी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया और दिल्ली के खिलाफ 38-35 अंक की बढ़त बना ली। चौथा क्वार्टर भी काफी शानदार रहा।
छत्तीसगढ़ ने पूरे समय दिल्ली पर दबाव बनाए रखा और 86-65 से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपने पूल में टाप कर लिया। दूसरे स्थान पर दिल्ली की टीम रही। मैच हारने के बाद दिल्ली के खिलाड़ी निराशा में डूब गए। हालांकि दिल्ली ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस मैच में कप्तान अंजु लकड़ा ने सर्वाधिक 24 अंक, एम पुष्पा ने 20 अंक, भा्रती नेताम ने 19 अंक, अरुणा किंडो ने 14 अंक और सीमा सिंह ने 9 अंक बनाए। दूसरी तरफ दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशांति सिंह ने सर्वाधिक 26 और आकांक्षा सिंह ने 13 अंक बनाए। छत्तीसगढ़ की टीम के कोच और राज्य बास्केटबाल संघ के सचिव राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ के लिए यह मैच जीतना जरूरी था। मेजबान का सेमीफाइनल में केरल के साथ मुकाबला होगा और टीम से इस मुकाबले को जीतने की पूरी उम्मीद है।
महिला वर्ग में दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण  रेलवे और दिल्ली के साथ खेला जाएगा। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ यदि फाइनल में पहुंचती है तो मैच दिल्ली या फिर दक्षिण रेलवे के साथ होगा। दूसरी तरफ पुरुष वर्ग के पूल ए में इंडियन आर्मी और पश्चिम रेलवे ने पूल में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान बना लिया है। सुबह नौ बजे दक्षिण रेलवे और केरल के बीच खेले गए महिला वर्ग के मैच में खिताब की दावेदार दक्षिण रेलवे ने केरल को 82-56 अंक से पराजित किया। यह मैच रेलवे ने आसानी से जीत लिया। रेलवे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गीथू अन्ना जोस ने इस मैच में भी सर्वाधिक 28 अंक बनाए। टीम के अन्य खिलाड़ियों अनिता पी ने 16 और रेंजेनी पीटर ने भी 16 अंक बनाए। वहीं केरल की एस जोसेफ ने 12 और एल मैथ्यू ने 10 अंक बनाए। दूसरा मैच पुरुष वर्ग में ओएनजीसी और विजया  बैंक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में ओएनजीसी ने 34 अंकों के अंतर से जीत हासिल की। ओएनजीसी ने विजया बैंक को 74-40 अंक से पराजित किया। ओएनजीसी के त्रिदीप राय ने 22, एस सिधार ने 18 और रयिाजुद्दीन ने 17 अंक बनाए। विजया बैंक के अरविंद ने 10 अंक का योगदान दिया। महिला वर्ग में तीसरा मैच आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में कर्नाटक ने 80-37 अंक से जीत हासिल कर ली। कर्नाटक की स्मिथा के ने 16, सविता एलएस ने 11, कृतक लक्ष्मण ने 14 अंक बनाए। आंध्र की कवंलजीत कौर ने सर्वाधिक 19 अंक बनाए।

इस बार इनाम में गजब का इजाफा

नई दिल्ली. क्रिकेट विश्व कप वही है लेकिन इसमें मिलने वाली इनामी राशि में गजब का इजाफा होता जा रहा है। इस बीच सभी देशों के बीच रन और विकेट चुराने की जंग में दिलचस्पी बढ़ती चली जा रही है। तभी तो कपिल देव की अगुवाई वाली टीम को विश्व विजेता बनने पर जो इनाम नसीब हुआ था, उसके मुकाबले अब जो टीम फाइनल मैच जीतेगी उसे उस इनामी राशि के नब्बे गुने ज्यादा की रकम दी जाएगी।
सच, क्रिकेट को लेकर लोगों की दीवानगी और इसमें होने वाली धन वर्षा का कोई जवाब नहीं। बहरहाल, कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम 1983 में जब विश्व चैंपियन बनी थी तो उसे केवल 20 हजार पौंड की राशि इनाम के तौर पर दी गई थी। वहीं, यदि वर्ष 2011 में महेंद्र सिंह धौनी की टीम विश्व कप विजेता बनती है तो उसे इससे लगभग 90 गुणा अधिक पुरस्कार राशि मिलेगी। अंतरराष्टÑीय क्रिकेट परिषद  (आईसीसी) ने 19 फरवरी से दो अप्रैल तक भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में चलने वाले क्रिकेट महाकुंभ के लिए पिछले विश्व कप की तुलना में लगभग दोगुनी पुरस्कार राशि रखी है। इस टूर्नामेंट में चैंपियन बनने वाली टीम को 30 लाख डालर यानी लगभग 18 लाख 74 हजार पौंड या 13 करोड़ 67 लाख रुपए की इनामी राशि मिलेगी। आलम यह है कि इस बार पहले दौर में जीत दर्ज करने वाली टीम को भी 60 हजार डालर यानी लगभग 27 लाख रुपये मिल जाएंगे जो 1987 में पहली बार चैंपियन बनी आस्ट्रेलियाई टीम को मिली 30 हजार पौंड की पुरस्कार राशि से कहीं अधिक है। इस बार जो भी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी, उसको तीन लाख 70 हजार डालर यानी लगभग एक करोड़ 68 लाख रुपये मिलने तय हैं। इसी तरह से सेमीफाइनल में हारने वाली टीम को 7,50,000 डालर यानी तीन करोड़ 41 लाख रुपये तथा फाइनल में पराजित होने वाली टीम को एक करोड़ 50 हजार डालर यानी छह करोड़ 83 लाख रुपये मिलेंगे। यह रकम पिछले सभी विश्व कप की तुलना में सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है। विश्व कप की शुरुआत 1975 में हुई थी और तब चैंपियन बनी वेस्टइंडीज की टीम को 4000 पौंड मिले थे। इसके चार साल बाद कैरेबियाई टीम जब फिर से चैंपियन बनी तो उसके हाथ 10,000 पौंड पुरस्कार राशि हाथ लगी थी। लगातार तीसरी बार यानी 1983 में विजेता को मिलने वाली राशि बढ़ाकर 20 हजार पौंड कर दी गई थी। सौरव गागुली की टीम को 2003 में केवल उप विजेता बनने पर ही आठ लाख डालर मिल गए थे जबकि चैंपियन आस्ट्रेलिया को 20 लाख डालर मिले थे। इसके चार साल बाद वेस्टइंडीज में हुए विश्व कप में यह राशि बढ़ाकर 22 लाख 40 हजार डालर कर दी गई। रिकी पोंटिंग की टीम पिछली बार भी चैंपियन बनी थी जबकि उप विजेता रही श्रीलंकाई टीम को दस लाख डालर मिले थे। भारतीय टीम 1983 में जब चैंपियन बनी थी तो क्रिकेट बोर्ड के पास भी खिलाड़ियों को देने के लिए पैसा नहीं था। आखिर में पैसा इकट्ठा करने के लिए लता मंगेशकर का कन्सर्ट करवाया गया था जिससे चैंपियन टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक लाख रुपए मिल गया था। अब यदि धौनी की टीम चैंपियन बनती है तो उसके प्रत्येक सदस्य को करोड़ों रुपये मिलना तय है।

अभ्यास मैच में टीम इंडिया पास

virendra sehwag
बेंगलुरु. पीयूष चावला की खूबसूरत लेग ब्रेक और हरभजन सिंह की चतुराई भरी गेंदबाजी से भारत ने विश्व कप से पहले अपने स्पिन आक्रमण की मजबूती का बेमिसाल नजारा पेश करके रविवार को अभ्यास मैच में पिछले तीन बार के चैंपियन आस्ट्रेलिया को 38 रन से मात देकर अपने कम स्कोर का बखूबी बचाव किया।
भारत के लिए हालांकि मध्यक्रम की नाकामी चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने की उतरी महेंद्र सिंह धोनी टीम में से केवल वीरेंद्र सहवाग (56 गेंद पर 54 रन) ही गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाए। भारत की तरफ से कोई अर्धशतकीय साझेदारी नहीं निभाई गई और उसकी पूरी टीम 44.3 ओवर में 214 रन पर सिमट गई। चावला ने 31 रन देकर चार और हरभजन ने 15 रन देकर तीन विकेट लिए और आस्ट्रेलिया के लिए यह स्कोर भी बड़ा साबित कर दिया। आस्ट्रेलियाई
piyush chawl
टीम के लिए अच्छी बात यह रही कि चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले कप्तान रिकी पोंटिंग (85 गेंद पर 57 रन) बल्लेबाजी का पर्याप्त अभ्यास करने में सफल रहे। उनके अलावा टिम पेन (37) और शेन वाटसन (33) की सलामी जोड़ी ही कुछ रन बटोर पाई लेकिन अंतिम नौ विकेट 58 रन के अंदर गंवाने से उसकी पूरी टीम 37.5 ओवर में 176 रन पर ढेर हो गई। चावला कभी अपनी गुगली पर अधिक विश्वास दिखाते थे लेकिन आज उन्होंने लेग ब्रेक और स्लाइडर का जानदार नमूना पेश किया और आस्ट्रेलियाई मध्यक्रम को तहस-नहस करने में अहम भूमिका निभाई। वाटसन और पेन ने पहले विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी करके आस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत दी। पोंटिंग और पेन ने दूसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े लेकिन इसके बाद केवल विकेटों का पतझड़ देखने को मिला। वाटसन ने आते ही आशीष नेहरा के पहले ओवर में ही दो चौके जड़े। धोनी ने जब नेहरा की जगह पर मुनाफ को उतारा तो वाटसन ने उनके पहले ओवर में तीन और दूसरे ओवर में दो चौके जमाए। श्रीसंथ की गेंद पर चावला ने उनका कैच लपककर भारत को पहला विकेट दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पोंटिंग ने आते ही आर अश्विन पर तीन चौके जमाए लेकिन इसके बाद स्पिनरों विशेषकर चावला के सामने रन बनाने में उन्हें भी खासी परेशानी हुई। बीच में 19 ओवर तक केवल एक बार गेंद ने सीमा रेखा के दर्शन किए।
आस्ट्रेलिया हालांकि एक विकेट पर 118 रन के स्कोर तक अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन चावला का जादू चलने के बाद उसका मध्यक्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया। इसकी शुरुआत युवराज ने पेन को आउट करके की जिसके बाद चावला ने उम्दा लेग ब्रेक पर माइकल क्लार्क (शून्य) को बोल्ड किया और फिर कैमरून वाइट और डेविड हस्सी को लगातार गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई। कैलम फर्गुसन को जीवनदान मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और अगले ओवर में चावला के जाल में फंस गए। हरभजन सिंह ने एक छोर संभाले रखने वाले पोंटिंग, मिशेल जानसन (15) और जैसन क्रेजा को आउट करके भारत की जीत सुनिश्चित की।
इससे पहले सहवाग को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों का डटकर सामना नहीं कर पाया। विराट कोहली (21), धोनी (11) और सुरेश रैना (12) सभी ने कुछ समय क्रीज पर बिताया लेकिन जब टीम को जरूरत थी तब उन्होंने अपने विकेट गंवाए। भारत का बल्लेबाजी में लचर प्रदर्शन का आलम यह रहा कि उसकी तरफ से सबसे बड़ी भागीदारी नौवें विकेट के लिए 49 रन की पठान और आर अश्विन (नाबाद 25) ने की।