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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Friday, 25 February 2011

नेशनल गेम्स : बकअप छत्तीसगढ़, मिल गया चौथा स्वर्ण

फ़ाइनल जीतने के बाद छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम की खिलाड़ियाँ दर्शकों का अभिवादन करती हुईं. (फोटो दिनेश यदु)
राज्य को कुल सात पदक, एक कदम आगे बढ़ गए हम
झारखंड से कमलेश गोगिया
रांची. अंतत: छत्तीसगढ़ की उम्मीदों पर महिला हैंडबाल टीम खरी उतरी और महाराष्ट्र को खिताबी मुकाबले में हराकर नेशनल गेम्स का चौथा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ ने झारखंड नेशनल गेम्स में कुल सात पदक हासिल कर लिए हैं। इस तरह राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ ने नेशनल गेम्स में चार बार प्रतिनिधित्व कर 21 पदक  हासिल किए हैं। छत्तीसगढ़ की सात पदकों के बाद चुनौती समाप्त हो गई है।
 शुक्रवार का दिन छत्तीसगढ़ के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र को 30-19  गोल  से  पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। सच पूछिए तो छत्तीसगढ़ ने असम नेशनल गेम्स का एक बार फिर से इतिहास दोहरा दिया। असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में भी छत्तीसगढ़ ने स्वर्ण पदक हसिल किया था। महाराष्ट्र के साथ खेला गया फाइनल मुकाबला काफी  रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। इस मैच  को जीतने के लिए दोनों ही  टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों श्रीमती अनिता राव, जूलियट लारेंस और शबनम (तीनों विवाहित खिलाड़ियों की तिकड़ी) ने काफी बेहतर खेल का  प्रदर्शन किया। ये तीनों खिलाड़ी असम के नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल थी। फाइनल मुकाबले के पहले हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम 12-9 गोल से आगे थी। पहला हाफ काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ का डिफेंस भी काफी कमजोर था। लेकिन टीम ने दूसरे हाफ में आपसी तालमेल के साथ खेलना शुरू किया और अपना डिफेंस मजबूत कर फाइनल मुकाबला 11 अंकों से जीत लिया। छत्तीसगढ़ की वेकंटलक्ष्मी ने सर्वाधिक 10 गोल, श्रीमती एम अनिता राव ने 6 गोल, करिश्मा ने 5 गोल किए। महाराष्ट्र की निशा पाटिल ने 8, उज्जवला ने 5 और कोमल ने 3 गोल किए। इस स्वर्णिम उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। छत्तीसगढ़ की कप्तान अनामिका मुखर्जी ने कहा कि हमें जीत की पूरी उम्मीद  थी और हमने  फाइनल मुकाबले में बेहतर तालमेल बनाए रखा जो जिसका बेहतर  परिणाम सामने आया। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव और राज्य हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हैंडबाल टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी और टीम ने पदक हासिल कर दिखाया। छत्तीसगढ़ की इस जीत के बाद राज्य के सात पदक तय हो  गए। इसके बाद किसी खेल में छत्तीसगढ़ की चुनौती नहीं बची। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि पर राज्यपाल शेखर दत्त, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह सहित राज्य ओलंपिक संघ के कई पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
मिलेगा पांच लाख का नगद पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर पांच लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा शूटिंग टीम को पांच लाख रुपए, बास्केटबाल टीम को तीन लाख रुपए, कुश्ती के पदक विजेता आनंद को 50 हजार रुपए, अंबर सिंह भारद्वाज को एक लाख रुपए और शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण पर एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की थी। उन्होंने टीम गेम और व्यक्तिगत इवेंट दोनों में अलग-अलग घोषणा की थी। टीम गेम में स्वर्ण पदक पर पांच लाख रुपए, रजत पदक पर तीन लाख रुपए व कांस्य पदक पर दो लाख रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। व्यक्तिगत खेलों में स्वर्ण पदक पर एक लाख रुपए, रजत पदक पर 75 हजार रुपए और कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी।
हैंडबाल में रचा छत्तीसगढ़ ने इतिहास
छत्तीसगढ़ टीम की खिलाडी और आफिशियल्स विजयी मुद्रा में.                     (फोटो : दिनेश यदु)
 एक दशक में हासिल किए नेशनल गेम्स के चार पदक
रांची. छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने पिछले एक दशक में चार नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया है और चारों में पदक हासिल किए हैं। राज्य की झोली हैंडबाल में कभी खाली नहीं रही।
छत्तीसगढ़ की हैंडबाल टीम ने हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर सबजूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में कई पदक हासिल किए हैं लेकिन नेशनल गेम्स में राज्य की टीम कभी खाली हाथ नहीं लौटी। वर्ष 2001 में पहली बार छत्तीसगढ़ ने पंजाब के राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था और रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद 2002 के हैदराबाद नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को हैंडबाल में कांस्य पदक मिला था। 2007 के नेशनल गेम्स में टीम ने स्वर्ण पदक असम के नेशनल गेम्स में हासिल किया था। असम के बाद राज्य ने झारखंड में भी स्वर्ण पदक हासिल कर लगातार दूसरी बार सोना जीता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का कहना है कि वे केरल के 35वें नेशनल गेम्स में भी पदक हासिल करेंगे और अपनी हैट्रिक पूरी करेंगे। छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान के मुताबिक टीम के लिए केरल का नेशनल गेम्स हैट्रिक पदक हासिल करने का मौका होगा और इस मौके को हम नहीं खोएंगे। लेकिन इसके पहले सीनियर नेशनल   में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर नेशनल गेम्स के लिए क्वालीफाई करना होगा।
ऐसा रहा फाइनल जीतने तक का सफर
छत्तीसगढ़ ने लीग के पहले मुकाबले में मणिपुर को 28-22 से पराजित किया था। लीग  के दूसरे  मैच में छत्तीसगढ़ ने हरियाणा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद टीम ने पूल में नंबर वने रहने के लिए खिताब की दावेदार महाराष्ट्र को 32-22 अंक से पराजित कर अपनी धाक जमा दी थी। पूल में नंबर वन छत्तीसगढ़ की सेमीफाइनल में मेजबान झारखंड के साथ भिड़ंत हुई। यह मैच काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने 33-16 से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। फाइनल में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र को 30-19 अंकों से पराजित कर दिया।
स्वर्णिम शुरुआत और अंत भी स्वर्णिम
झारखंड नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने स्वर्णिम शुरुआत उस समय की जब अंबर सिंह ने कराते का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। मजेदार बात यह भी है कि 25 फरवरी को सभी स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले के दिन छत्तीसगढ़ ने हैंडबाल में स्वर्ण पदक हासिल किया। राज्य की शुरुआत भी बेहतर रही और अंत भी ...
पुराना रिकार्ड टूट ही गया
छत्तीसगढ़ के खेल जगत को इस बात की खुशी है कि पदक हासिल करने का पुराना रिकार्ड इस बार भी टूट गया। हर बार छत्तीसगढ़ को नेशनल गेम्स में मिलने वाले पदकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। राज्य निर्माण के इस एक दशक में छत्तीसगढ़ ने 2001 से 2011 तक चार राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया है। पंजाब के नेशनल गेम्स में तीन पदक, हैदराबाद में पांच, असम में छह और अब झारखंड में सात पदक मिले।
ये रहे छत्तीसगढ़ के पदक वीर
1.अंबर सिंह भारद्वाज (कराते में प्लस 84 किलोग्राम का स्वर्ण पदक)
छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण पदक  व्यक्तिगत खेलों में राजनांदगांव के राष्ट्रीय खिलाड़ी अंबर सिंह भारद्वाज ने दिलाया।
2. कैप्टन पीपी सिंग, बाबा पीएस बेदी, मेराज अहमद खान (शूटिंग में दो स्वर्ण एक कांस्य पदक)
छत्तीसगढ़ को निशानेबाजी में एक ही दिन तीन खिलाड़ियों ने पदक दिलाए और राज्य को सबसे ज्यादा पदक निशानेबाजी में मिले।
3. महिला बास्केटबाल   टीम (रजत पदक, छत्तीसगढ़ को पांचवा पदक महिला बास्केटबाल टीम ने दिलाया।
4. आनंद (सीआईएसएफ)-राज्य को छठा कांस्य पदक सीआईएसएफ के आनंद ने कुश्ती में दिलाया। कुश्ती में छत्तीसगढ़ को पहली बार नेशनल गेम्स का पदक मिला।
5. महिला हैंडबाल : छत्तीसगढ़ को सातवां पदक 25 फरवरी को महिला हैंडबाल टीम ने दिलाया।

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ओलंपिक के लिए देश को चाहिए 
आरचरी फील्ड : धर्मेन्द्र तिवारी
तीरंदाजी कोच धर्मेंद्र तिवारी
कमलेश गोगिया
रांची. भारतीय तीरंदाजी के पूर्व कोच और टाटा आरचरी एकेडमी के चीफ कोच धर्मेंद्र तिवारी का कहना है कि ओलंपिक पदक के लिए भारत को आरचरी फील्ड की कमी पूरी करनी होगी। तिवारी के मुताबिक ओलंपिक में जो फील्ड आरचरी होती है वैसी फील्ड आरचरी पूरे देश में नहीं है।
टाटा आरचरी एकेडमी के चीफ कोच धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि वर्ल्ड चैंपियन साउथ कोरिया इस समय आरचरी में पूरे विश्व में नंबर वन पर है क्योंकि वहां काफी बेहतरीन सुविधाएं हैं। साउथ कोरिया में सात फील्ड आरचरी है और 100 टारगेट एक साथ स्टेडियम में लगाए जा सकते हैं। हमारे यहां ऐसी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि हम आज भी टेक्नीकल फील्ड में काफी कमजोर हैं जबकि साउथ कोरिया काफी आगे है। टाटा एकेडमी के माध्यम से देश को दीपिका, डोला बेनर्जी, राहुल बेनर्जी, जयंत तालुकदार जैसे खिलाड़ी दे चुके श्री तिवारी का कहना है कि आरचरी में 10से 13 साल की आयु तक के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना चाहिए जिससे वे आगे बेहतर परिणाम दे सकें। उनका यह भी कहना कि ज्यादा से ज्यादा मौका युवाओं को देना चाहिए क्योंकि वे ऊर्जावान होते हैं। टाटा आरचरी एकेडमी की शुरुआत 1986 से हुई और तब से यहां कोच के रूप में पदस्थ श्री तिवारी ने कहा कि देश को ओलंपिक पदक मिल सकता है क्योंकि मौजूदा समय में तीरंदाज अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद से भारतीय खिलाड़ी काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। कामनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। यदि यह प्रदर्शन और कामनवेल्थ के पहले मिलने वाली कोचिंग सुविधाएं लगातार जारी रहे तो हमें ओलंपिक 2012 में काफी बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। श्री तिवारी ने टाटा आरचरी एकेडमी को लेकर बताया कि यहां चार साल के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। 12 बालक और 12 बालिका खिलाड़ियों का यहां हर साल खिलाड़ियों का अखिल भारतीय स्तर पर चयन किया जाता है। चयन के लिए राज्य संघों को भी पत्र लिखा जाता है। इसके बाद 20 दिन का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाकर अंतिम चयन किया जाता है। चयन के बाद जो खिलाड़ी काफी अच्छा प्रदर्शन करता है और जिनमें काफी संभावनाएं होती हैं उन्हें सेवा काफी अवसर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि झारखंड नेशनल गेम्स में देश के कई राज्यों की टीम में टाटा के खिलाड़ियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और पदक भी हासिल किया। टाटा के खिलाड़ियों ने सर्विसेस और बंगाल की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक भी हासिल किए। 
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ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैण्ड को सात विकेट से हराया

कंगारुओं ने किया कीवियों का शिकार
शेन वाटसन
नागपुर. नागपुर के वीसीए स्टेडियम पर खेले गए विश्व कप ग्रुप-ए के एक मुकाबले में कंगारुओं ने कीवियों शिकार करते हुए सात विकेटों से मात दे डाली। आस्ट्रेलिया ने 16 ओवर शेष रहते ही विजयी लक्ष्य हासिल कर लिया। अहम माने जा रहे इस मुकाबले में पहले मैन आफ द मैच रहे मिशेल जानसन ने चार विकेट लेकर कीवियों के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ी, उसके बाद शेन वाटसन (62) और ब्रैड हैडिन (55) के अर्धशतकों ने कीवी गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए रही-सही कसर भी निकाल दी।
पहले मैच में केन्या को 10 विकेट से रौंदने वाले न्यूजीलैंड के क्रिकेटर आज कुछ खास नहीं कर सके। दूसरी ओर गत चैंपियन आस्ट्रेलिया ने लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए अपने लगातार चौथे खिताब की ओर कदम बढ़ा लिए हैं। आस्ट्रेलिया ने पहले मैच में जिंबाब्वे को हराया था।
इससे पहले आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने टास जीतकर न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम का स्वागत ब्रेट ली ने मेडन ओवर से किया।
मिशेल जानसन
 मार्टिन गुप्तिल (10) और ब्रेंडन मैक्कुलम (16) ने पारी की शुरुआत की। चौथे ही ओवर में न्यूजीलैंड को ब्रेंडन के रूप में पहला झटका लगा। टैट की गेंद को बाउंड्री पार पहुंचाने के चक्कर में ब्रेंडन क्रेजा को कैच थमा बैठे। इसके बाद गुप्तिल ने जेसे राइडर (25) के साथ टीम के खाते में 20 रन और जोड़कर शेन वाटसन की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। गेंदबाजी में परिवर्तन के तौर पर आए पिछले मैच के हीरो मिशेल जानसन ने एक ही ओवर में राइडर और जेम्स फ्रेंकलिन (0) को पवेलियन भेज कीवी टीम का स्कोर चार विकेट पर 66 रन कर दिया। टैट ने अपने दूसरे गेंदबाजी स्पेल में स्कॉट स्टायरिस (0) और रॉस टेलर (7) का विकेट लेकर कीवियों के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। कुछ देर बाद ही जेमी हाउ (22) भी चलते बने और कीवियों का स्कोर 121 रनों पर सात विकेट हो गया। 
लगने लगा कि कीवी टीम 200 का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी, लेकिन नाथन मैक्कुलम (52) और कप्तान डेनियल विटोरी (44) ने मिलकर टीम 206 रनों तक पहुंचाने में अहम योगदान किया। कीवियों की ओर से सबसे ज्यादा 52 रन बनाने वाले नाथन का विकेट जानसन की झोली में गया, जबकि विटोरी को ली ने पवेलियन भेजा। पूरी कीवी टीम 206 रनों पर ही सिमट गई। 207 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलियाई टीम को हैडिन और वाटसन ने तूफानी शुरुआत दी। दोनों ने 18 ओवरों में ही 133 रन जोड़ डाले। हैडिन के रूप में कंगारुओं का पहला विकेट गिरा। हमीश बेनेट की गेंद पर फ्रैंकलिन हैडिन का कैच लपका। हैडिन ने 50 गेंदों पर 55 रनों की पारी खेली, इस दौरान हैडिन ने आठ चौके जड़े। इसी ओवर में शेन वाटसन भी बोल्ड आउट हो गए। वाटसन ने छह चौके और एक छक्के की मदद से 61 गेंदों पर 62 रनों की पारी खेली। रिकी पोंटिंग एक बार फिर नाकाम रहे और 28 गेंदो पर 12 रन बनाकर टिम साउथी की गेंद पर विकेट के पीछे ब्रेंडन मैक्कुलम को कैच थमा बैठे। इसके बाद माइकल क्लार्क (नाटआउट 24) और कैमरून व्हाइट (नाटआउट 22) ने मिलकर कंगारुओं को विजयी लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इस मैच में हार के साथ ही आस्ट्रेलिया ने सुपर एट में पहुंचने का दावा मजबूत कर लिया है।
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स्कोर कार्ड
न्यूजीलैंड                                   रन     गेंद     4     6
गुप्टिल बो वाटसन                      10      25      2     0
मैक्कुलम कै क्रेजा बो टैट              16     12      3      0
रायडर कै हैडिन बो जानसन         25      31      6     0
टेलर बो टैट                                 7       22       1     0
फ्रैंकलिन कै हैडिन बो जानसन      0       3         0     0
स्टायरिस कै हैडिन बो टैट             0       4         0     0
हाउ पगबाधा बो स्मिथ                 22      47       1     0
नाथन पगबाधा बो जानसन          52      76       3     0
वेट्टोरी कै हैडिन बो ली                44       43      5     0
साउथी कै पोंटिंग बो जानसन       6          10      0     0
बेनेट नाबाद                               0          0        0      0
अतिरिक्त : 15, कुल : 45.1 ओवर में 206 रन (आलआउट)। 
विकेटपतन : 1-20 (ब्रेंडन मैक्कुलम, 3.4), 2-40 (मार्टिन गुप्टिल, 8.5), 3-66 (जेसी रायडर, 13.2), 4-66 (जेम्स फ्रैंकलिन, 13.5), 5-67 (स्काट स्टायरिस, 14.4), 6-73 (रोस टेलर, 16.6), 7-121 (जैमी हाउ, 28.6), 8-175 (नाथन मैक्कुलम, 41.2), 9-206 (डेनियल वेट्टोरी, 44.6), 10-206 (टिम साउथी, 45.1). 
गेंदबाजी : ब्रेट ली 8-2-29-1, शान टैट 7-0-35-3, मिशेल जानसन 9.1-3-33-4, शेन वाटसन 3-1-9-1, जैसन क्रेजा 9-0-47-0, स्टीवन स्मिथ 9-0-44-1.
ऑस्ट्रेलिया                                      रन     गेंद     4     6
वाटसन बो बेनेट                               62         61      6    1
हैडिन कै फ्रैंकलिन बो बेनेट                55         50      8    0
पोंटिंग स्टंप्स मैक्कुलम बो साउथी      12        28      1    0
क्लार्क नाबाद                                    24        37      4    0
व्हाइट नाबाद                                    22        28       3    0
अतिरिक्त : 32, कुल : 34 ओवर में 3 विकेट पर 207 रन। 
विकेटपतन : 1-133 (ब्रैड हैडिन, 18.1), 2-136 (शेन वाटसन, 18.3), 3-167 (रिकी पोंटिंग, 26.4).
गेंदबाजी : टिम साउथी 10-2-45-1, डेनियल वेट्टोरी 7-0-39-0, हामिश बेनेट 7-0-63-2, नाथन मैक्कुलम 3-0-22-0, जेसी रायडर 5-0-24-0, जेम्स फ्रैंकलिन 2-0-11-0.
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गेंदबाजों ने दिलाई बांग्लादेश को जीत
ढाका. वर्ल्डकप के ग्रुप-बी के मैच में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने घरेलू मैदान पर आयरलैंड को निर्धारित 50 ओवरों से पहले ही समेट दिया और 27 रनों से जीत दर्ज की। आयरलैंड ने हालांकि सधी शुरुआत की थी लेकिन कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई। बल्लेबाज एक के बाद एक पेवेलियन लौटते गए। आयरलैंड की टीम महज 45 ओवर में 178 रन पर ही सिमट गई। सैफुल इस्लाम ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके।
अब्दुल रज्जाक ने पाल र्स्टलिंग को आउट कर बांग्लादेश को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद कप्तान पोर्टरफील्ड ने पारी को संवारा लेकिन 20 रन बनाकर वे भी शकीब उल हसन की गेंद पर आउट हो गए। इसके कुछ देर बाद ही अशरफउल ने जॉयस का विकेट लेकर आयरलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। अभी आयरलैंड संभला ही था कि अशरफउल ने व्हाइट का विकेट चटकाकर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला दिया। आयरलैंड को उस बहुत बड़ा झटका लगा जब शकीब अल हसन ने नील ओ ब्रायन को तमीम के हाथों कैच करवा दिया। नील ओ ब्रायन के बाद केविन ओ ब्रायन और फिर मोनी, बोथा और फिर जॉनस्टन के रूप में आयरलैंड को एक के बाद एक तगड़े झटके लगे और मैच हाथ से लगभग निकल सा गया था। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की पारी 49.2 ओवर में 205 रनों पर सिमट गई। बांग्लादेश की ओर से तमीम इकबाल ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए। जबकि रकीब उल हसन ने 38 और मुशफिकर रहीम ने 36 रनों का योगदान दिया। आयरलैंड की ओर से 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
तमीम इकबाल और इमरूल काइस ने खूबसूरत स्ट्रोक खेलकर शुरूआती ओवरों में तेजी से रन बटोरे। लेकिन काइस 12 के स्कोर पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद बांग्लादेश के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ और तमीम इकबाल भी 44 रनों की पारी खेल बोथा की गेंद पर आउट हो गए। हालांकि रकीब उल हसन और मुशफिकर रहीम ने पांचवें विकेट के 63 रन जोड़कर कुछ स्थिरता प्रदान की । लेकिन 36 रन बनाकर रहीम भी पैवलियन लौट गए। इसके अगले ही ओवर में व्हाइट ने रकीब को रन आउट कर बांग्लादेश को तगड़ा झटका दिया। रकीब ने 38 रन बनाए। अतिम ओवरों में नईम इस्लाम ने 29 रनों की तेज पारी खेली जिसकी बदौलत बांग्लादेश 205 रन बनाने में कामयाब रहा।
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स्कोर कार्ड
बांग्लादेश                                      रन गेंद 4 6
तमीम कै पोर्टरफील्ड बो बोथा          44 43 7 0
इमरुल स्टंप्स ओब्रायन बो मूनी      12 12 2 0
जुनैद रनआउट                             3 8 0 0
रहीम कै व्हाइट बो डोकरेल            36 66 2 0
शाकिब कै एंड बो बोथा                 16 20 3 0
रकीबुल रनआउट                         38 69 010
अशरफुल कै व्हाइट बो डोकरेल     1 6 0 0
नईम कै डोकरेल बो जानसन       29 38 3 0
शफीउल पगबाधा बोथा              2 17 0 0
रज्जाक बो जानसन                  11 16 0 0
रूबेल नाबाद                             2 2 0 0
अतिरिक्त : 11, कुल : 49.2 ओवर में 205 रन (आलआउट)।
विकेटपतन : 1-53 (इमरुल कायेस, 6.3), 2-61 (जुनैद सिद्दिकी, 8.5), 3-68 (तमीम इकबाल, 11.1), 4-86 (शाकिब अल हसन, 15.2), 5-147 (मुशफिकुर रहीम, 33.3), 6-151 (मो. अशरफुल, 35.2), 7-159 (रकीबुल हसन, 38.1), 8-170 (शफीउल इस्लाम, 42.3), 9-193 (अब्दुर रज्जाक, 47.6), 10-205 (नईम इस्लाम, 49.2). गेंदबाजी : ब्योड रैनकिन 9-0-62-0, ट्रेंट जानसन 8.2-0-40-2, जान मूनी 7-0-25-1, आंद्रे बोथा 9-1-32-3, जार्ज डोकरेल 10-2-23-2, पाल स्टर्लिंग 4-0-13-0, केविन ओब्रायन 2-0-8-0.
आयरलैंड                                           रन गेंद 4 6
पोर्टरफील्ड कै रकीबुल बो शाकिब           20 30 2 0
स्टर्लिंग स्टंप्स रहीम बो रज्जाक           9 10 1 0
जोयसे कै एंड बो अशरफुल                   16 35 0 0
एन ओब्रायन कै तमीम बो शाकिब        38 52 3 0
व्हाइट बो अशरफुल                            10 27 1 0
केओब्रायन कै शुवो बो शफीउल            37 40 3 1
बोथा बो शफीउल                               22 36 2 0
मूनी बो नईम                                   0 8 0 0
जानसन पगबाधा बो शफीउल            6 6 1 0
डोकरेल नाबाद                                 4 12 0 0
रैनकिन कै जुनैद बो शफीउल             3 13 0 0
अतिरिक्त : 13, कुल : 45 ओवर में 178 रन (आलआउट)।
विकेटपतन : 1-23 (पाल स्टर्लिंग, 5.3), 2-36 (पोर्टरफील्ड, 9.1), 3-75 (एड जोयसे, 18.1), 4-93 (एंड्रयू व्हाइट, 24.4), 5-110 (एन ओब्रायन, 27.4), 6-151 (केविन ओब्रायन, 36.4), 7-164 (जान मूनी, 39.4), 8-168 (आंद्रे बोथा, 40.1), 9-171 (ट्रेंट जानसन, 42.1), 10-178 (ब्योड रैनकिन, 44.6).
गेंदबाजी : शफीउल इस्लाम 8-1-21-4, अब्दुर रज्जाक 8-0-30-1, नईम इस्लाम 9-1-36-1, शाकिब अल हसन 8-0-28-2, मो. अशरफुल 9-0-42-2, रूबेल हुसैन 3-0-12-0.
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वीरू चोटिल, इंग्लैंड के खिलाफ खेलेंगे
बेंगलुरु. भारतीय विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले ग्रुप बी मैच की तैयारी के लिए आज यहां एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अभ्यास करते समय चोटिल हो गए लेकिन वह इस मैच के लिए फिट हो जाएंगे।
भारतीय टीम के मैनेजर रंजीब बिस्वाल ने यह जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि सहवाग की चोट गंभीर नहीं है और उनका इलाज किया जा रहा है। सहवाग अभ्यास सत्र के दौरान एक स्थानीय गेंदबाज के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे कि तभी गेंद उनकी बायीं पसली पर जा लगी1 मैदान पर लगभग आधे घंटे तक मेडिकल स्टाफ ने उनकी जांच की। इसके बाद सहवाग ने अभ्यास नहीं किया जबकि टीम इंडिया के अन्य खिलाडियों ने अभ्यास जारी रखा1 सहवाग ने गुरुवार से ही अभ्यास सत्र में भाग लेना शुरू किया था। उन्होंने मीरपुर में बंगलादेश के खिलाफ 175 रन की शानदार पारी खेली थी। बिस्वाल ने कहा कि सहवाग इंग्लैंड के खिलाफ खेलेंगे। उनकी चोट गंभीर नहीं है और वह मैच में खेलने के लिए फिट हैं। लेकिन ऐहतियातन उन्हें अभ्यास सत्र में हिस्सा लेने से रोक दिया गया। मगर कल के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी बाद में एक बयान जारी कर कहा कि उसे सहवाग के इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खेलने की उम्मीद है। सहवाग पहले से ही घुटने की चोट से परेशान हैं जिसके कारण उन्हें बंगलादेश के खिलाफ अपनी पारी के अधिकतर समय के दौरान रनर का सहारा लेना पड़ा। सहवाग पिछले दो दिनों अभ्यास सत्र से दूर रहे थे।


Thursday, 24 February 2011

धोनी के गढ़ में राष्ट्रीय खेलों का बुखार

वर्ल्ड कप क्रिकेट का रोमांच गायब, रोजाना लाखों की भीड़ जुट रही है स्टेडियम में

झारखंड से कमलेश गोगिया
गेम्स देखने उमड़ रहे हैं हजारों लोग.               -फोटो: दिनेश यदु
रांची. वर्ल्ड कप क्रिकेट की खुमारी में भले ही पूरा देश खो गया हो और लोग टीवी सेट से घंटों चिपके  रहे हों, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गढ़ में इसके ठीक उलट क्रिकेट की दीवानगी पर 34वें राष्ट्रीय खेल हावी हैं। रोजाना दो से तीन लाख लोगों की भीड़ यहां के मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में देखने को मिल रही है। सिर्फ रांची के शहरी ही नहीं बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के अलावा धनबाद और जमशेदपुर के लोग भी क्रिकेट से हटकर दूसरे खेलों की दीवानगी में डूब  गए हैं।
कुछ दिन पहले की ही बात है जब महेंद्र सिंह धोनी ने 20 फरवरी को यहां मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पदक विजेताओं का सम्मान किया था, तब  पांच लाख से भी ज्यादा लोग खेलगांव से लगे मुख्य स्टेडियम में जुटे थे। धोनी की एक झलक पाने के लिए हर कोई ललायित था। इसी दौरान मीडिया में यह खबर भी प्रमुखता से सामने आई कि वर्ल्ड कप शुरू होते ही झारखंड के नेशनल गेम्स का महत्व कम हो जाएगा और सड़कें भी वीरान हो जाएंगी। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बने दर्जनभर से ज्यादा खेलों के इनडोर और आउटडोर स्टेडियम में सुबह से लेकर  देर  रात तक लाखों की भीड़ जुटती है। इनमें स्कूली बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग वर्ग के लोग शामिल  होते  हैं। ज्यादातर लोग अपने  परिवार के साथ यहां आते हैं। लोगों के मनोरंजन के  लिए स्टेडियम के मुख्य द्वार के पास ही भू-तल पर कई सारे फव्वारे लगाए गए हैं जिनमें म्यूजिकल फाउंटेन भी शामिल हैं, इन्हें देखने और लुत्फ उठाने हजारों की भीड़ जुटती है और तब लगता  है  कि यह नेशनल गेम्स नहीं बल्कि राष्ट्रीय खेलों का मेला लगा हुआ है। 
झारखंड के स्थानीय लोगों की मानें तो रांची  में ऐसा पहले कभी  नहीं हुआ था और देशभर के स्टार खिलाड़ियों के बीच जो नजारा देखने को मिल  रहा है वह  काफी अद्भुत है। रांची में टेलरिंग का व्यवसाय करने वाले शहनवाज कहते हैं कि क्रिकेट का बुखार तो 26 फरवरी के बाद  ही  लोगों पर चढ़ेगा जब 34वें राष्ट्रीय खेलों का समापन  होगा। धनबाद से रांची तक खेलों का लुत्फ उठाने आए अनुज मुंडा कहते हैं कि छह बार नेशनल  गेम्स के स्थगित होने के बाद  लोगों  को काफी  इंतजार था राष्ट्रीय खेलों का और जब खेल शुरू हुए तो लोगों ने शिकवा-गिले भूलकर जमकर भागीदारी  निभाई।
 शादी, बच्चे... फिर भी दमदार है खेल
हैंडबाल की महिला खिलाड़ियों को भा गया प्रेम विवाह
अनीता राव, जूलियट लारेंस व सबनम .     -फोटो: दिनेश यदु
 रांची. झारखंड नेशनल गेम्स में हालांकि काफी कम ऐसी महिला खिलाड़ी देखने मिल रहीं  हैं जो विवाहित और बच्चों की माताएं हैं। इसके साथ ही खेल में भी उनका दमदार प्रदर्शन है। हैंडबाल में देश के आठ राज्यों की शीर्ष आठ टीमें जौहर दिखा रही हैं। इनमें सर्वाधिक तीन विवाहित महिला खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल हैं और तीनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का  प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं।
यह किस्सा है भिलाई की अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी श्रीमती अनिता राव, जूलियट लारेंस और शबनम का। झारखंड नेशनल गेम्स में इन तीनों खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है और ये खिलाड़ी टीम को लगातार जीत दिलाने में अहम भूमिका भी  निभा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्रीमती अनिता राव का विवाह करीब  डेढ़ साल पूर्व विवाह हुआ है और वे कहती हैं कि पति  व परिवार के सहयोग की बदौलत वे आज भी छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय खेलों में प्रतिनिधित्व कर रही हैं जो उसके लिए काफी खुशी की बात है।
शबनम बानो का विवाह करीब बेढ़ साल पहले हाकी  के राष्ट्रीय खिलाड़ी और हाकी छत्तीसगढ़ के सचिव फिरोज अंसारी के साथ  हुआ है। जूलियट लारेंस ने विवाह के  तीन साल बाद खेल शुरू किया और उसका दो साल का एक बेटा भी  है। शबनम की भी एक संतान है।  लेकिन ये तीनों खिलाड़ी अभी भी खेल  के मैदान में फिट हैं। मजेदार  बात तो  यह भी है कि इन तीनों खिलाड़ियों ने प्रेम विवाह किया है और ये कहते  हैं  कि खिलाड़ियों का प्रेम विवाह काफी सफल  होता है। इसकी एक वजह यह भी है खिलाड़ी का जीवन काफी संघर्षमयी होता है और उनमें अनुशासन के साथ-साथ एक-दूसरे का सम्मान करने और विश्वास की भावना भी  रहती  है। यह परिवार को जोड़े रखने का अहम आधार है।
बहरहाल इन तीनों खिलाड़ियों ने उम्मीद जताई कि वे छत्तीसगढ़ के लिए पदक हासिल करेंगे और जब तक वे खेल सकते हैं इस राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते  रहेंगे। तीनों खिलाड़ी राज्य के खेल अवार्ड हासिल कर चुके हैं और तीनों खिलाड़ी रेलवे में हैं तो तीनों उत्कृष्ट भी घोषित किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ का सातवां पदक तय
छत्तीसगढ़ की विजेता महिला हैंडबाल टीम .           -फोटो: दिनेश यदु
महिला हैंडबाल टीम फाइनल में, सेमीफाइनल में पंजाब को हराया
रांची. झारखंड के 34वें  राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ ने महिला हैंडबाल  के फाइनल में पहुंचकर राज्य के लिए सातवां पदक  तय कर  ही लिया। पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को छह पदक मिले थे। छत्तीसगढ़ का फाइनल मुकाबला कल 25 फरवरी को खेला  जाएगा। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम से पदक की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम से पदक की काफी उम्मीदें थीं और इन उम्मीदों पर राज्य की टीम सौ फीसदी खरी उतरी। हैंडबाल के मुकाबले यहां मेगा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स के इनडोर स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। छत्तीसगढ ने पहले दिन से अपना विजय अभियान शुरू  कर  दिया था। छत्तीसगढ़ ने लीग के पहले मुकाबले में मणिपुर को 28-22 से पराजित किया था। लीग  के दूसरे  मैच में छत्तीसगढ़ ने हरियाणा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद टीम ने पूल में नंबर वने रहने के लिए खिताब की दावेदार महाराष्ट्र को 32-22 अंक से पराजित कर अपनी धाक जमा दी थी। पूल में नंबर वन छत्तीसगढ़ की सेमीफाइनल में मेजबान झारखंड के साथ भिड़ंत हुई। यह मैच काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने 33-16 से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर  लिया। छत्तीसगढ़ की अनिता राव ने छह, अनामिका और  करिश्मा साहूू ने पांच-पांच  और माधवी ने चार अंक  बनाए। छत्तीसगढ़ का फाइनल में महाराष्ट्र और दिल्ली के बीच खेले जाने वाले मैच से होगा।
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ  के सचिव बशीर अहमद खान के मुताबिक टीम ने काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया और हमें ऐसे ही खेल की उम्मीद थी। राज्य के लिए यह गौरव का विषय है कि हमने हैंडबाल में भी पदक तय कर लिया। श्री खान छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के भी सचिव हैं और वे कहते  हैं कि हम स्वर्ण पदक हासिल करेंगे। छत्तीसगढ़ को पुरुष टीम  से भी पदक की काफी उम्मीद थी  लेकिन पुरुष टीम ने उतना बेहतर प्रदर्शन नहीं किया जितना नेशनल गेम्स के लिए जरूरी  होता  है। पुरुष वर्र्ग में हालांकि छत्तीसगढ़ ने पहले  लीग मैच में जम्मू-कश्मीर को 17-11 से हराकर विजय अभियान शुरू किया था। लेकिन इसके बाद के मुकाबलों में पराजय का सामना करना पड़ा। दिल्ली  से दो गोल से पराजय के बाद पंजाब  से 31-27 गोल से पराजय का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ को पदक की दौड़ में बने रहने के लिए यह अहम मुकाबला जीतना था लेकिन इसे हारकर टीम दौड़ से बाहर हो गई। छत्तीसगढ़ की  पुरुष हैंडबाल टीम में  फिरोज अहमद खान, बीनू वी, फाजिल अहमद खान, ज्योति कुमार, अनिल कुमार निर्मलकर, सह्णय्यद जफर हुसह्णन, कुनाल, (सभी दुर्ग जिला सीअईएसएफ), विश्वजीत , प्रेम कुमार, अनिल कुमार (बिलासपुर रेलवे), सलमान खान, संजीव, योगेश, राजेश  कुमार, अनिल कुमार कौशिक, (सभी दुर्ग जिला), चीफ कोच : सुरेश कुमार, सहायक कोच अमरनाथ सिंह, मह्णनेजर आलोक दुबे शामिल थे।
राज्य की महिला टीम 
श्रीमती अनिता राव, अनामिका मुखर्जी, वेंकट लक्ष्मी, डी माधवी, श्रीमती शबनम फिरोज अंसारी, निश पाटिल, मति मुरमु (सभी बिलासपुर रेलवे), करिश्मा साहू, श्रीमती जूलियट विनय, दुर्गा तिवारी, रूपा साह, रीना यादव (सभी दुर्ग जिला), निधि जायसवाल (महासमुंद), चित्तेश्वरी ध्रुव (रायपुर),संध्या ध्रुव बिलासपुर,  सीमा पाठक, सावित्री मंडावी, कोच शेख मौला, बीआर दश, मैनेजर उमेश सिंह।
सर्वाधिक पदक निशानेबाजी में
झारखंड नेशनल गेम्स में सर्वाधिक  तीन  पदक निशानेबाजी में (दो स्वर्ण, एक कांस्य) छत्तीसगढ़ को मिले  हैं। जाहिर है कि यदि  निशानेबाजी में इतने पदक नहीं मिलते तो छत्तीसगढ़ पिछले नेशनल  गेम्स का रिकार्ड नहीं तोड़ पाता। हमें चार पदकों पर ही संतोष करना पड़ता। निशानेबाजी के अलावा छत्तीसगढ़ ने कराते, बास्केटबाल और कुश्ती में पदक हासिल  किए हैं। राज्य को बास्केटबाल से पदक की उम्मीदें पहले से थी। लेकिन कराते और कुश्ती जैसे खेलों में उम्मीद नहीं थी।
कांस्य पदक से चूक गईं अनिता
वेटलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ को दल्लीराजहरा की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनिता  शिंदे  से  पदक की  काफी उम्मीदें थी  लेकिन तीन किलोग्राम वजन ज्यादा  होने से अनिता कांस्य पदक से चूक गईं। अनिता ने 69 किलोग्राम वजन वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। झारखंड की प्रतिमा पहले और दिल्ली  की कृष्णा दूसरे स्थान पर रहीं। कांस्य पदक के लिए अनिता ने 171 किलोग्राम वजन उठाया। इतना ही वजन उड़ीसा की सीता जेना ने भी उठाया। लेकिन बाडी वेट में अनिता मार  खा गईं। अनिता का तीन किलो वजन ज्यादा था जिससे वे कांस्य की दावेदार नहीं बन सकीं।
 बकअप छत्तीसगढ़, टूट गया  पुराना रिकार्ड
राज्य निर्माण के इस एक दशक में छत्तीसगढ़ ने अब तक चार बार राष्ट्रीय खेलो ंमें हिस्सा लिया है। राज्य बनते  ही सबसे पहले छत्तीसगढ़ ने   पंजाब  के राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था। नया राज्य होने की वजह से छत्तीसगढ़ को टोकन इंट्री मिली थी और  राज्य ने तीन  पदक हासिल किए थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ ने 2002 में हैदराबाद के राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था। हैदराबाद में राज्य को पांच  पदक मिले थे। इसके चार साल  बाद वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ ने असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में छह पदक हासिल किए थे। इसमें   तीन स्वर्ण और  तीन रजत पदक शमिल थे। दो  स्वर्ण पदक टीम गेम में हैंडबाल और नेटबाल की टीम ने दिलाए थे।
बास्केटबाल में रजत पदक  मिला था। इसके अलावा जूडो में रीना सााहू ने, वेटलिफ्टिंग में रुस्तम सारंग ने रजत पदक हासिल  किए थे।  एक रजत पदक शूटिंग  में मिला था। झारखंड  के राष्ट्रीय खेलों में भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य को सबसे पहला पदक अंबर  सिंह भारद्वाज ने कराते में दिलाया। इसके बाद पीपी सिंग, बाबा बेदी, मेराज खान ने शूटिंग में पदक हासिल किया। राज्य को पांचवा पदक बास्केटबाल की टीम ने दिलााया जो रजत पदक था। राज्य को छठा  पदक सीआईएसएफ के आनंद ने कुश्ती में दिलाया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने सातवां पदक तय कर लिया। छत्तीसगढ़ की टीम  यदि  स्वर्ण पदक हासिल करती है तो  पदकों की संख्या चार स्वर्ण, दो  रजत व एक कांस्य हो  जाएगी। टीम को  रजत पदक  मिलने की स्थिति में तीन स्वर्ण, तीन  रजत और एक कांस्य पदक की संख्या होगी।
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छत्तीसगढ़ को सेवाएं देने तैयार हैं लिम्बाराम
लिम्बा राम 
जमशेदपुर. देश के ख्यातिप्राप्त तीरंदाज और ओलंपियन लिम्बाराम छत्तीसगढ़ को अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्हें अच्छे प्रस्ताव का इंतजार है। राजस्थान के जयपुर में साई हास्टल के कोच और ओलंपियन लिम्बाराम ने गुरुवार  को छत्तीसगढ़ के पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि करीब  चार साल पहले जब  वे राजधानी रायपुर आए थे राज्य तीरंदाजी संघ के पदाधिकारियों के साथ मौखिक  चर्चा हुई थी लेकिन लिखित में कोई प्रस्ताव नहीं मिला। यदि रायपुर में आरचरी एकेडमी खुलती है तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार  हैं। वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के युवा भी इस खेल में आगे आएं। लिम्बाराम ने कहा कि देश में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं  है, जरूरत  उन्हें आगे बढ़ाने की है। उन्होंन कहा कि आज भी खिलाड़ियों को बेहतर उपकरण नहीं मिल पाते। देश के खिलाड़ी विदेशों में बनने वाले खेल उपकरणों पर निर्भर करते हैं जबकि अपने ही  देश में युवाओं को आरचरी के उपकरण बनाने के लिए प्रयास  करना चाहिए। इसके लिए जरूर है कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खुल जाए जिससे खेलों का विकास हो सके। राजस्थान  के उदयपुर  में सरादित गांव के रहने वाले लिम्बाराम ने अपने संघर्षों के दिनों को भी याद किया और बतायाा कि जब वे 12 से 13 साल  के तब उनके पिता का निधन हो गया था और परिवार की जवाबदारी उन पर आ गई थी। खेत में काम करने के अलावा उन्होंने कारखाने में भी काम किया। लिम्बा ने बताया कि उन्होंने भूख और गरीबी करीब से  देखी है और वे जानते हैं इसका दर्द क्या होता है। लिम्बा बताते हैं कि कई दिन तक उन्हें और उनके परिवार को भूखे रहना पड़ता था। वे बताते हैं कि उनके पिता तीर-कमान बनाते थे और उनका यह परंपरागत काम भी था। वे अपने हाथ से बनाए तीर-कमान का उपयोग करते थे। जनवरी 1987 में चित्तौड़ में साई हास्टल में प्रवेश के लिए तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।   इसमें खजूर पर निशाना लगाना था और उन्होंने सटीक निशाना लगाया। उनका चयन साई हास्टल दिल्ली के लिए किया गया। दिल्ली  में उन्होंने देखा कि झारखंड के ही कई तीरंदाज आधुनिक तीर-कमान से अभ्यास कर  रहे हैं। यह देखकर वे भी हैरत मे ंपड़ गए क्योंकि यह उनके लिए नया था। तब मन में आया कि वे भी सटीक निशाना लगा सकते हैं। लिम्बा ने बताया कि इसके बाद 1987 में ही बेंगलूर की जूनियर नेशनल आरचरी चैंपियनशिप में पहली बार  हिस्सा लिया और 1988 में उनका चयन ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में किया गया। इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व किया व कई कीर्तिमान भी बनाए। लिम्बाराम को इस बात की पूरी उम्मीद है कि 2012 के लंदन ओलंपिक में भारतीय तीरंदाज पदक  हासिल करेंगे और जिस तरह से भारतीय तीरंदाजों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक  हासिल किए हैं इससे  लगता है कि भारतीय खिलाड़ी इतिहास रचेंगे। लिम्बा  का मानना है कि मौजूदा दौर में प्रतियोगिता बढ़ी  है, विदेशों में सालभर प्रतियोगिताएं होती रहती  हैं। भारत  में भी तीरंदाजी की प्रतियोगिताओं की  बढ़ाने पर  जोर  देना  होगा। इसके लिए भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी उपकरणों की जरूरत है। विदेशी खिलाड़ी  हर दूसरी अंतरराष्ट्रीय  स्पर्धा के बाद अपना उपकरण बदल देते हैं। भारतीय खिलाड़ी कई बड़ी स्पर्धाएं एक ही उपकरण में निकाल देते हैं। इसके लिए एसोसिएशन व सरकार को मिलकर प्रयास करने पड़ेंगे। लिम्बा का यह भी कहना है कि इस खेल में आदिवासियों को आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि यह उनके खून में है। इसकी एक वजह यह भी है कि वे ज्यादातर किसी एक ही बात पर ध्यान देते हैं और उनका ध्यान ज्यादा  लगता है। तीरंदाजी में बेहतरीन के लिए यदि ऐसे खिलाड़ियों को एकेडमी में लाया जाए तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते  हैं।
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दीपिका की सनसनीखेज हार
प्रतिभा, सुनीता, अभिषेक को स्वर्ण
जमशेदपुर. 34 वें राष्ट्रीय खेलों की तीरंदाजी की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के महिला फाइनल में आज असम की प्रतिभा ने ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद समझी जा रही कामनवेल्थ की (दोहरा स्वर्ण) विजेता दीपिका कुमारी को 6-4 से हरा कर सनसनी मचाते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। 
 पुरूष रिकर्व के फाइनल में पश्चिम बंगाल के एम आर तिर्की ने सेना के विश्वास को 6-2 से हरा कर स्वर्ण जीता। कम्पाउंड शैली के पुरूष फाइनल में दिल्ली के अभिषेक वर्मा ने आंध्र प्रदेश के रितुल चटर्जी को कड़े संघर्ष में टाई ब्रेकर के जरिए 6-6 (10-9) से हरा कर तथा महिला फाइनल में पंजाब की सुनीता रानी ने आंध्र की वी ज्योति सुरेखा को 7-3 से हरा कर स्वर्ण जीत लिए।  रिकर्व महिला स्पर्धा का कांस्य पदक झारखंड की सीमा वर्मा को, पुरूष स्पर्धा का कांस्य असम के संजय बोरो को, कंम्पाउंड पुरूष वर्ग का कांस्य सेना के सी श्रीधर को तथा महिला कांस्य झारखंड की नमिता यादव को मिला।  ज्ञातव्य है कि कई बड़े उलटफेर में राष्टÑमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता राहुल बनर्जी, कांस्य धारक जयंत तालुकदार, तरूणदीप राय, मंगल सिंह चांपिया तथा नामी गिरामी महिला तीरंदाजी झानू हांसदा समेत कई बड़े (स्टार) प्रतियोगिता से पहले ही बाहर हो गए थे। उम्मीदों के विपरित सर्वाधिक स्टार वाले मेजबान झारखंड को एक भी स्वर्ण नहीं मिला1 उसे एक रजत और दो कांस्य से ही संतोष करना पड़ा।
जयंत, तरुणदीप समेत कई और सितारे बाहर
जमशेदपुर. 34 वें राष्ट्रीय खेलों की तीरंदाजी की व्यक्तिगत स्पर्धा में आज दूसरे दिन भी कई बड़े उलटफेर हुए जिसमें राष्टमंडल खेलों के पदक विजेता जयंत तालुकदार, तरूणदीप राय, मंगल सिंह चांपिया तथा नामी गिरामी महिला तीरंदाजी झानू हांसदा समेत कई बड़े (स्टार) प्रतियोगिता से बाहर हो गए।  इससे मेजबान झारखंड की पदक उम्मीदों को करारा झटका लगा जिसके चार तीरंदाज में से केवल एक ही फाइनल में पहुंच सके।
 रिकर्व पुरूष वर्ग के क्वार्टर फाइनल में झारखंड के जयंत को उनके ही राज्य के अंतराष्टÑीय खिलाड़ी पवन खालको ने 7-1 से पीट दिया हालांकि खालको भी सेमीफाइनल में हार गये1 राष्टÑीय रिकार्डधारी सेना के तरूणदीप राय को असम के संजय बोरो ने प्री राउंड में 4-2 से हराया जबकि झारखंड के अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज मंगल सिंह चांपिया को उत्तर प्रदेश के पटनायक ने 4-2 से पराजित किया। कंपाउंड महिला वर्ग में पदक की सबसे मजबूत दावेदार झारखंड की झानू हांसदा को क्वार्टर फाइनल में पंजाब की सुनीता रानी ने 6-2 से हरा दिया। अंतराष्टÑीय खिलाड़ी झारखंड की भाग्यवती चानू और मंजूधा सोय भी हार गई।  कल पहले दिन राष्टÑमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता बंगाल के राहुल बनर्जी, (दोहरा) रिकार्ड बनाने वाले कामनवेल्थ कांस्य विजेता सेना के सीएच जिग्नास तथा छत्तीसगढ़ की ओलंपियन महिला तीरंदाज वी. परिणिता शुरूआती चक्र में ही बाहर हो गए थे।

विश्व कप : द. अफ्रीका की शानदार जीत


वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराया, कैरेबियन टीम का निराशाजनक प्रदर्शन
एबी डीविलियर्स
नई दिल्ली. पाकिस्तान में जन्मे दक्षिण अफ्रीका के लेग स्पिनर इमरान ताहिर की जादुई गेंदे और डेन स्टेन की कहर बरपाती गेंदों के बाद एबी डीविलियर्स (नाबाद 107) के शतकीय पराक्रम से दक्षिण अफ्रीका ने आज रात यहां फिरोजशाह कोटला मैदान में वेस्टइंडीज को ग्रुप-बी मैच में सात विकेट से रौंदकर क्रिकेट विश्व कप में विजयी आगाज किया।
 ताहिर ने अपने पर्दापण वनडे में बेमिसाल गेंदबाजी करते हुए 41 रन पर चार विकेट और अनुभवी स्टेन ने 24 रन पर तीन विकेट लेकर वेस्टइंडीज का 47.3 ओवर में 222 रनों पर पुलिंदा बांध दिया। दक्षिण अफ्रीका को जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडा और उसने डीविलियर्स के विश्वकप के दूसरे और ओवरआल दसवें शतक की बदौलत 42.5 ओवर में तीन विकेट पर 223 रन बनाकर एकतरफा जीत हासिल कर ली। डीविलियर्स ने 97 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया और उन्होंने कप्तान ग्रीम स्मिथ (45) के साथ तीसरे विकेट के लिए 119 रन की मैच विजयी साझेदारी की। डीविलियर्स 105 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 107 रन बनाकर अविजित लौटे। आसान लक्ष्य के सामने हालांकि दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 20 तक पहुंचते पहुंचते ओपनर हाशिम अमला (14) और जेक्स कैलिस (चार) . को गंवा दिया। कैमर रोश की गेंद पर अमला का कैच विकेटकीपर डेवोन थामस ने अपने बार्इं तरफ गोता लगाते हुए बेहतरीन ढंग से लपका।  कैलिस स्पिनर सुलेमान बेन की गेंद पर डेरेन सैमी को कैच थमा बैठे। वेस्टइंडीज की यह दो विकेट जल्दी हासिल करने की खुशी स्मिथ और डीविलिसयर्स के बीच बेहतरीन शतकीय साझेदारी के कारण काफूर हो गई। दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई हडबडाहट दिखाए आसानी से रन बटोरे।  स्मिथ के मुकाबले डीविलियर्स कहीं ज्यादा आक्रामक अंदाज में खेले और उन्होंने दक्षिण अफ्र ीका की जीत को और आसान बना दिया1 दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 139 रन तक पहुंचा था कि कीरोन पोलार्ड ने स्मिथ को बोल्ड कर दिया। स्मिथ ने 78 गेंदों मे ंदो चौकों के सहारे 45 रन बनाए।  डीविलियर्स ने अपने कप्तान के आउट होने के बाद जेपी डुमिनी के साथ चौथे विकेट के लिए नाबाद 84 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका को जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया। दक्षिण अफ्र ीका का स्कोर जब 38 ओवर में तीन विकेट पर 199 रन पहुंचा था तब बारिश के कारण कुछ मिनटों के लिए खेल रुका। उस समय डीविलियर्स 97 रन पर नाबाद थे।  बारिश जल्दी ही थमी और खेल शुरू होने के बाद डीविलियर्स ने पहले शतक पूरा किया और फिर डुमिनी के साथ जीत की औपचारिकता भी पूरी कर दी। डुमिनी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन आफ द मैच चुना गया।  इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया और इस मैच में तीन स्पिनरों के साथ उतरने का दांव खेला जो अंत में बेहद कारगर साबित हुआ।
ताहिर ने अपने वनडे करियर का स्वप्निल आगाज करते हुए वेस्टइंडीज के टाप और मध्यक्रम की कमर तोड दी।  रही सही कसर स्टेन ने निचले क्रम में तीन विकेट निकालकर पूरी कर दी। वेस्टइंडीज के लिए दो साझेदारियों को छोडकर इस मैच में कुछ भी अच्छा नहीं रहा और उसके आखिरी पांच विकेट तो मात्र 13 रन जोडकर गिर गए। ओपनर डेवोन स्मिथ (36) और डैरेन ब्रावो (73) ने दूसरे विकेट के लिए 111 रन जोड़े जबकि शिवनारायण चंद्रपाल (31) और ड्वेन ब्रावो (40) ने पांचवें विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी की। डैरेन ने 82 गेंदों की अपनी पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया जबकि स्मिथ ने 58 गेंदों में तीन चौके लगाए। चंद्रपाल ने 51 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया।  ड्वेन 35 गेंदों में एक चौका और तीन छक्के लगाने के बाद रनआउट हुए। वेस्टइंडीज को सबसे बड़ा झटका उसके सबसे खतरनाक बल्लेबाज कीरोन पोलार्ड के पगबाधा होने पर लगा। पोलार्ड अपना खाता भी नहीं खोल पाए।
मैच में रैफरल सिस्टम की दिलचस्प दास्तां रही। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने मैच का पहला ओवर आफ स्पिनर योहान बोथा को थमा दिया। बोथा ने तीसरी ही गेंद पर खतरनाक ओपनर क्रिस गेल को एकमात्र स्लिप में जैक्स कैलिस के हाथों कैच करा दिया।  गेल सिर्फ दो रन ही बना सके1 इस ओवर की आखिरी गेंद पर डेरेन के खिलाफ पगबाधा की जोरदार अपील हुई लेकिन अंपायर ने यह अपील ठुकरा दी1 दक्षिण अफ्र ीका ने रैफरल मांगा मगर अंपायर का पैसला कायम रहा। डेरेन को आखिर जब बोथा ने ही पगबाधा किया तो इस बार ब्रावो ने रैफरल मांगा मगर तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के पगबाधा फैसले को बरकरार रखा।
 डेरेन ने इस दौरान शानदार और तेज अर्धशतकीय पारी खेली और जब तक वह क्रीज पर थे वेस्टइंडीज एक अच्छे स्कोर की तरफ बढ़ता दिख रहा था लेकिन उनके आउट होने के बाद वेस्टइंडीज की टीम दबाव में आ गई।  बोथा के डेरेन को आउट करने के चार रन बाद ही ताहिर ने डेवोन स्मिथ को अपनी ही गेंद पर कैच कर लिया।
 ताहिर ने फिर रामनरेश सरवन (दो) को भी पगबाधा किया। इस बार सरवन ने रैफरल मांगा लेकिन मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रहा। वेस्टइंडीज का चौथा विकेट 120 के स्कोर पर गिर गया।   हालांकि इसके बाद चंद्रपाल और ड्वेन ने अर्धशतकीय साझेदारी की मगर ड्वेन मोर्न मोर्कल के सीधे थ्रो पर रनआउट हो गए।  इसके बाद तो जैसे वेस्टइंडीज की पारी का पुलिंदा बंध  गया। वेस्टइंडीज को पोलार्ड से बहुत उम्मीदें थी लेकिन स्टेन ने अपने नए ओवर की पहली गेंद पर पोलार्ड को पगबाधा कर दिया। हालांकि अंपायर ने पोलार्ड को नाटआउट दिया था मगर दक्षिण अफ्रीका ने रैफरल मांगा जिसका उसे फायदा मिला और पोलार्ड पवेलियन लौट चले।  वेस्टइंडीज ने 213 के स्कोर पर पोलार्ड, एवोन थामस (15) और कप्तान डेरेन सैमी (शून्य) के विकेट गंवाए। वेस्टइंडीज की पारी का 47.3 ओवर में 222 रन पर पतन हो गया।  ताहिर ने यादगार गेंदबाजी करते हुए 41 रन पर चार विकेट झटक लिए। स्टेन ने 24 रन पर तीन विकेट और बोथा ने 48 रन पर दो विकेट लिए।
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 स्कोर कार्ड
वेस्टइंडीज                                 रन  गेंद    4          6
गेल कै कैलिस बो बोथा                      2       3          0          0
स्मिथ कै एंड बो ताहिर                      36     57        3          0
डैरेन पगबाधा बो बोथा                       73     82        8          1
सरवन पगबाधा बो ताहिर                     2       10        0          0
चंद्रपाल कै पीटरसन बो ताहिर                 31     51        1          1
ड्वेन ब्रावो रनआउट                         40     37        1          3
थामस कै डुमिनी बो ताहिर                    15     26        1          0
पोलार्ड पगबाधा बो स्टेन                      0       1          0          0
सैमी पगबाधा बो स्टेन                       0       1          0          0
बेन कै मोर्केल बो स्टेन                       6       8          1          0
रोच नाबाद                                 2       6          0          0
अतिरिक्त : 15, कुल :  47.3 ओवर में 222 रन (आलआउट)। विकेटपतन : 1-2 (क्रिस गेल, 0.3), 2-113 (डैरेन ब्रावो, 23.1), 3-117 (डेवोन स्मिथ, 24.4), 4-120 (रामनरेश सरवन, 26.1), 5-178 (ड्वेन ब्रावो, 37.5), 6-209 (शिवनारायण चंद्रपाल, 42.2), 7-213(कीरोन पोलार्ड, 43.3), 8-213 (डेवोन थामस, 44.6), 9-213 (डैरेन सैमी, 45.1), 10-222 (सुलेमान बेन, 47.3). गेंदबाजी : जोहान बोथा 9-0-48-2, डेल स्टेन 7.3-1-24-3, मोर्न मोर्केल 8-0-35-0, जैक्स कैलिस 3-0-21-0, इमरान ताहिर 10-1-41-4, राबिन पीटरसन 10-0-49-0.
दक्षिण अफ्रीका                              रन  गेंद    4          6
अमला कै थामस बो रोच                      14     15        2          0
स्मिथ बो पोलार्ड                             45     78        2          0
कैलिस कै सैमी बो बेन                        4       7          0          0
डीविलियर्स नाबाद                             107   105      8          2
डुमिनी नाबाद                                42     53        1          0
ृअतिरिक्त : 11, कुल :  42.5 ओवर में 3 विकेट पर 223 रन। विकेटपतन : 1-15 (हाशिम अमला, 3.3), 2-20 (जैक्स कैलिस, 4.6), 3-139 (ग्रीम स्मिथ, 28.3). गेंदबाजी : सुलेमान बेन 10-0-51-1, कैमर रोच 8-0-42-1, ड्वेन ब्रावो 2.1-0-12-0, डैरेन सैमी 8-0-40-0, कीरोन पोलार्ड 7.5-0-37-1, क्रिस गेल 6-0-26-0, डेवोन स्मिथ 0.5-0-5-0.
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आईसीसी पवार की शरण में
नई दिल्ली. अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने दो अप्रैल को मुंबई के वानखेडेÞ स्टेडियम में होने वाले विश्व कप फाइनल के टिकटों की ब्रिकी और वितरण में मामले में बढ़ते विवाद के बीच अपने अध्यक्ष शरद पवार से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
 आईसीसी के कानूनी सलाहकार डेविड बेकर ने पवार को एक पत्र लिखकर कहा है कि आईसीसी के वित्तीय साझीदारों के लिए तय टिकट उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं जिससे उनमें रोष बढ रहा है। इससे आईसीसी की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। बेकर ने साथ ही कहा कि फाइनल के लिए जो 4000 टिकट बेचे जाने हैं उन्हें टूर्नामेंट से जुड़े क्रिकेट प्रेमियों को ही बेचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फाइनल के लिए टिकटों की भारी मांग हैं और अगर इन्हें सबके लिए खोल दिया गया तो टिकट काउंटर पर मारामारी हो जाएगी।  पवार विश्व कप की केन्द्रीय आयोजन समिति के अध्यक्ष होने के साथ-साथ मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के भी अध्यक्ष हैं। वानखेडेÞ स्टेडियम एमसीए के ही अधीन है। पवार इसके अलावा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के भी अध्यक्ष रह चुके हैं और बोर्ड में उनका अब भी बड़ा प्रभाव है।
 विश्व कप के मेजबानी समझौते के मुताबिक सभी तरह की टिकटों के वितरण और मुद्रण के लिए मेजबान बोर्ड ही जिम्मेदार हैं। बेकर ने अपने पत्र में पवार का ध्यान इस तरफ आकर्षित करते हुए कहा है कि कुछ बोर्ड समझौते की शर्तों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। टिकटों की बिक्री और वितरण के मामले में आम जनता में रोष बढता जा रहा है। इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला यह कि फाइनल के लिए बहुत कम टिकट उपलब्ध हैं और दूसरा है टिकटों का वितरण। आनलाइन टिकट खरीदने वालों को भी कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बेकर ने कहा कि इस मुद्दे को बोर्डों के साथ हालिया बैठकों में कई बार उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि टिकटों की आनलाइन बिक्री के लिए जिम्मेदार कंपनी उन टिकटों को वितरण नहीं कर पायी है जो कि कई महीने पहले ही खरीदे जा चुके हैं क्योंकि इसके लिए उसे संबंधित स्थल या संघ के टिकट नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि हमें टिकट खरीद चुके क्रिकेटप्रेमियों की तरफ से कई शिकायतें मिली हैं।  कई लोग छह महीने पहले ही टिकट खरीद चुके हैं और इसके लिए भुगतान भी कर चुके हैं लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिली। तब उनसे कहा गया था कि आपको फरवरी की शुरुआत में कूरियर के जरिए टिकट मिल जाएंगे। टिकट खरीदने वाले लोगों के अब मुआवजे मांगने का खतरा है। साथ ही इससे आम जनता की नजर में आईसीसी की छवि भी खराब हो रही है। बेकर ने कहा कि फाइनल के लिए टिकटों की आनलाइन बिक्री शुर होने के बाद संबंधित वेबसाइट कई बार क्रैश कर चुकी है क्योंकि इन टिकटों की भारी मांग है। साथ ही बेकर ने आईसीसी के वित्तीय साझीदारों को टिकटों के वितरण में   सामने आ रही परेशानी को भी पवार के समक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि आईसीसी को फाइनल की एक भी टिकट नहीं मिली है और उसे अपने वित्तीय साझीदारों से कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि इससे आईसीसी के अपने वित्तीय साझीदारों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं और वे मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
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पोंटिंग टीवी तोड़ने के दोषी करार
आईसीसी की फटकार
मुंबई.  अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को ड्रेसिंग रूम में टीवी तोड़ने का दोषी करार देते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है। पोंटिंग ने आईसीसी के फैसले को स्वीकार करते हुए नुकसान की भरपाई करने पर सहमति जता दी है जिसके साथ ही यह मामले का पटाक्षेप हो गया है।
 पोंटिंग ने गत सोमवार को अहमदाबाद में जिम्बाब्वे के खिलाफ विश्वकप मैच में रन आउट होने के बाद गुस्से में आकर टीम के ड्रेसिंग रूम में टेलीविजन सेट को नुकसान पहुंचा दिया था। गुजरात क्रिकेट संघ (जीसीए) ने मामले की रिपोर्ट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजी थी जिसने इसे आईसीसी के समक्ष रखा।  आईसीसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि खिलाड़ियों की इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईसीसी ने कहा कि पोंटिंग को इस मामले में दोषी पाया गया है और उन्हें फटकार लगाई गई है। आस्ट्रेलियाई कप्तान ने आईसीसी के फैसले को स्वीकार किया है जिसके बाद इस मामले की आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है। आईसीसी के मैच रेफरी रोशन महानामा ने कहा कि पोंटिंग जानते हैं कि उनकी हरकत आईसीसी आचारसंहिता का उल्लंघन है। उन्होंने तैश में आकर ऐसा किया और उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। उन्होंने अपनी हरकत के लिए तुरंत माफी मांग ली और नुकसान की भरपाई करने को सहमत हो गए।
आईसीसी ने कहा कि इस मामले में आस्ट्रेलियाई कप्तान को सिर्फ फटकार लगाकर छोड दिया है जबकि पोंटिंग की हरकत को देखते हुए उन पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना किया जा सकता था।

Wednesday, 23 February 2011

विश्व कप : पाक ने केन्या को दबोचा


पाकिस्तान ने एकतरफा 205 रन से रौंदकर शाही आगाज किया
हम्बनतोता. मध्यक्रम के बल्लेबाजों की बेमिसाल पारियों और कप्तान शाहिद अफरीदी की बलखाती गेंदों के दम पर पाकिस्तान ने आईसीसी विश्व कप ग्रुप ए में बुधवार को कमजोर कीनिया को 205 रन से रौंदकर क्रिकेट महाकुंभ में अपने अभियान का शाही आगाज किया। उमर अकमल मैन आफ द मैच रहे। 
उमर अकमल
मध्यक्रम के चार बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों और विशेषकर बल्लेबाजी पावरप्ले में दिखाई गई पावर से पाकिस्तान ने बेहद लचर और भयावह शुरुआत से उबरकर सात विकेट 317 रन बनाए। कीनिया ने लक्ष्य के बजाय अधिक से अधिक ओवर तक टिके रहने को तरजीह दी लेकिन वह इस उद्देश्य में भी नाकाम रहा और उसकी पूरी टीम 33.1 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई। अफरीदी ने 16 रन देकर पांच विकेट लिए।
पाकिस्तान का स्कोर एक समय दो विकेट पर 12 रन था। कामरान अकमल (55) और यूनिस खान (50) ने उसे इस खराब शुरुआत से उबारा जबकि बाद में मिसबाह उल हक (65) और उमर अकमल (71) ने इसे आगे बढ़ाया। पाकिस्तान ने स्लाग ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरे और अंतिम सात ओवर में 101 रन जोड़े। इसमें से 44वें ओवर से लिए गए पावरप्ले में बने 70 रन भी शामिल हैं। कीनिया के किसी भी बल्लेबाज के पास पाकिस्तान के तेज और स्पिन आक्रमण का जवाब नहीं था। उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ देर संघर्ष किया लेकिन मध्य और निचला क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया। कीनिया के चार बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिसमें कोलिन्स ओबुया ने सर्वाधिक 47 रन बनाए। उसने अपने अंतिम आठ विकेट 39 रन के अंदर गंवाए।
शाहिद अफरीद
 इस मैच में फिर से अनुभवहीनता का बड़ा अंतर देखने को मिला। कीनिया के गेंदबाजों ने शुरू में कसी हुई गेंदबाजी की लेकिन अनुभवहीनता उनके आड़े आई। उन्होंने 46 अतिरिक्त रन दिए जिसमें 37 वाइड शामिल हैं। इससे पाकिस्तान को खराब शुरुआत से उबरने में मदद भी मिली। इसके अलावा कामरान और यूनिस की तीसरे विकेट के लिए 98 रन तथा मिसबाह और उमर ने पांचवें विकेट के लिए 13 ओवर में 118 रन जोड़कर भी कीनिया की मेहनत पर पारी फेरा। बल्लेबाजी में भी अनुभव का अंतर साफ दिखाई दिया। कीनिया ने पावरप्ले के पहले 15 ओवर में 51 रन जोड़े लेकिन इस बीच दो विकेट भी गंवाए। इसके बाद पाकिस्तानी स्पिनरों के सामने उसके बल्लेबाज असहाय से दिखे। सेरेन वाल्टर्स (17) और मौरिस ओउमा (16) ने शोएब अख्तर के तूफान का डटकर मुकाबला किया।वाल्टर्स इस बीच रन आउट हो गए जबकि उमर गुल ने ओउमा को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया। कीनियाई बल्लेबाज जब बेहद रक्षात्मक रवैया अपना रहे थे तब अफरीदी ने 19वें ओवर में खुद गेंद संभाली जिसके बाद विकेटों का पतन भी शुरू हुआ। कीनिया ने 13 रन के अंदर चार विकेट गंवाए जिसमें से तीन अफरीदी ने लिए। उन्होंने स्टीव टिकोलो (13) को बोल्ड करके उनका 33 गेंद का चला संघर्ष खत्म किया और उसके बाद तन्मय मिश्र और कप्तान जिमी कमांडे को भी पवेलियन भेजा। अफरीदी की लेग ब्रेक और गुगली का जादू आगे भी चला और उन्होंने थामस ओडोयो को पगबाधा आउट करने के बाद ओबुया की पारी का भी अंत किया जिसमें तीन चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। कीनिया की यह लगातार दूसरी हार है। पाकिस्तान की बल्लेबाजी में शुरुआत अनुकूल नहीं रही। पहले चार ओवर में उसका स्कोर छह रन था और सातवें ओवर तक उसके सलामी बल्लेबाज पवेलियन में थे। मोहम्मद हफीज आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे जिनका एलजाह ओटिनो की गेंद पर वाटर्स ने बाईं तरफ दौड़ लगाकर बेहतरीन कैच लपका। ओडोयो ने अगले ओवर में अहमद शहजाद को भी आउट कर दिया जिन्होंने 18 गेंद पर एक रन बनाया।यूनुस और कामरान ने टीम को संकट से उबारने का बीड़ा उठाया तथा एक दो रन लेकर पारी आगे बढ़ाई। कामरान अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद नगोचे की गेंद पर बड़ा शाट खेलने से चूक गए और स्टंप आउट हुए। मिसबाह ने विश्व कप में छक्के से रन बनाने की शुरुआत की लेकिन टिकोलो की अगली गेंद पर ही उन्हें जीवनदान मिल गया जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। यूनुस और मिस्बाह जैसे अनुभवी बल्लेबाजों ने भी किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई और विकेट पर टिके रहने को तरजीह दी। इस बीच 16 ओवर में केवल तीन बार गेंद ने सीमा रेखा के दर्शन किये जबकि यूनिस पवेलियन लौटे। वह टिकोलो की गेंद पर स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हुए। पावरप्ले के बाद पाकिस्तानी बल्लेबाजी की असली ताकत देखने को मिली। ओडियाम्बो के पहले ओवर में मिस्बाह ने छक्का जड़ा तो उमर ने ओटिनो के अगले ओवर में चार चौके लगाए। उन्होंने इसके बाद कमांडे की गेंद पर लगातार चौका और छक्का जमाया। मिसबाह इसी ओवर में सीमा रेखा पर लपके गए। ओडोयो ने 49वें ओवर में लगातार गेंद पर उमर और शाहिद अफरीदी को आउट किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कीनिया के लिए अनुभवी थामस ओडोयो ने 41 रन देकर तीन विकेट लिए।
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 स्कोर कार्ड
पाकिस्तान                                     रन    गेंद  4          6
हफीज कै वाटर्स बो ओटिनो              9          20        1          0
शेहजाद कै कमांडे बो ओडोयो       1          18        0          0
कामरान स्टंप्स ओउमा बो न्गोचे    55        67        5          0
यूनुस पगबाधा बो टिकोलो               50        67        2          0
मिस्बा कै ओटिनो बो कमांडे             65        69        1          2
उमर कै ओबुया बो ओडोयो          71        52        8          1
अफरीदी पगबाधा बो ओडोयो             7          4          1          0
रज्जाक नाबाद                                  4          4          0          0
रहमान   नाबाद                            2          2          0          0
अतिरिक्त : 46, कुल :  50 ओवर में 7 विकेट पर 317 रन। 
विकेटपतन : 1-11 (मो. हफीज, 5.3), 2-12 (अहमद शेहजाद, 6.5), 3-110 (कामरान अकमल, 24.4), 4-155 (यूनुस खान, 33.4), 5-273 (मिस्बा-उल-हक, 46.5), 6-289 (उमर अकमल, 48.2), 7-289 (शाहिद अफरीदी, 48.3).
गेंदबाजी : थामस ओडोयो 6-2-27-1, एलिजाह ओटिनो 9-1-49-1, नेहेमियाह ओधियाम्बो 7-0-64-0, शेम न्गोचे 10-0-46-1, जिम्मी कमांडे 7-0-64-1, स्टीव टिकोलो 9-0-44-1, कोलिंस ओबुया 1-0-5-0.
केन्या                      रन    गेंद   4          6
ओउमा कै कामरान बो गुल        16        37        1          0
वाटर्स रनआउट                            17        31        2          0
ओबुया कै शेहजाद बो अफरीदी     47        58        3          3
टिकोलो बो अफरीदी                        13        33        1          0
तन्मय पगबाधा बो अफरीदी        6          16        1          0
पटेल कै उमर बो हफीज              0          6          0          0
कमांडे पगबाधा बो अफरीदी         2          3          0          0
ओडोयो पगबाधा बो अफरीदी           0          8          0          0
ओधियाम्बो रनआउट                       0          6          0          0
न्गोचे बो गुल                                  0          1          0          0
ओटिनो नाबाद                                 0          1          0          0
अतिरिक्त : 11, कुल :  33.1 ओवर में 112 रन (आलआउट)। 
विकेटपतन : 1-37 (वाटर्स, 9.1), 2-43 (ओउमा, 12.2), 3-73 (टिकोलो, 22.2), 4-79 (तन्मय मिश्रा, 26.3), 5-85 (राकेप पटेल, 27.5), 6-87 (जिम्मी कमांडे, 28.3), 7-101 (थामस ओडोयो, 30.5), 8-112 (कोलिंस ओबुया, 32.1), 9-112 (ओधियाम्बो, 32.5), 10-112 (एलिजाह न्गोचे, 33.1). 
गेंदबाजी : शोएब अख्तर 5-1-10-0, अब्दुल रज्जाक 5-1-23-0, उमर गुल 4.1-0-12-2, अब्दुर रहमान 7-1-18-0, शाहिद अफरीदी 8-3-16-5, मो. हफीज 4-1-26-1.
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कोटला में गूंजेगा बैंड बाजे का शोर
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जहां चीयर लीडर्स के जलवों की धूम रहती थी वहीं क्रिकेट विश्व कप में राजधानी के फिरोजशाह कोटला मैदान में मैचों के दौरान बैंड बाजे का शोर गूंजेगा।
 आमतौर पर इस तरह के बैंड बाजे वाले शादियों या अन्य समारोहों में देखे जाते हैं जिनके ढोल की धूम पर या तो बाराती नाचते हैं या फिर युवा वर्ग झूमता है। आईपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम के चार हिस्सों में चार-चार चीयर गर्ल्स अपने जलवों से दर्शकों का मनोरंजन करती थी लेकिन विश्व कप में दर्शकों के मनोरंजन के लिए ठेठ भारतीय शैली में अनूठा तरीका ढूंढ़ा गया है और बैंड बाजे वालों को सीधे स्टेडियम पहुंचा दिया गया है। कोटला में चार-चार के ग्रुप में बैंड बाजे वाले स्टेडियम के चार हिस्सों में बने मंचों पर मौजूद रहेंगे और हर ओवर के बाद अपने जोरदार धमाल से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। वेस्टइंडीज में 2007 में हुए पिछले विश्वकप में आयोजकों ने स्थानीय लोगों को उनकी पसंद के हिसाब से मैचों में बाजे इत्यादि ले जाने से मना कर दिया था जिससे कैरेबियाई विश्व कप पर कै का रंग नहीं चढ़ पाया था।  लेकिन मौजूदा विश्व कप में एक अन्य सहमेजबान श्रीलंका ने भी दर्शकों को मैदानों में खींचने के लिए स्टेडियम में बैंड बाजे ले जाने की छूट दे दी है ताकि दर्शक खुलकर मैचों का मजा उठा सकें।
दक्षिण अफ्रीका में गत वर्ष हुए फुटबाल विश्वकप में कानफोडू बाजे वुवुजेला ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया था और वुवुजेला विश्वकप फुटबाल की सफलता का एक सबसे बडा कारण बन गया था। क्रिकेट विश्व कप में अभी तक स्टेडियम में इस तरह के प्रयोग नहीं दिखाई दे रहे लेकिन बैंड बाजे की यह शुरुआत विश्वकप में नया रंग भर सकती है। आईपीएल में भी दर्शक गीत, संगीत और नृत्य का भरपूर लुत्फ उठाते थे। ठीक उसी तरह बैंड बाजों की थाप पर कोटला में दर्शक हर चौके छक्के पर थिरकने के लिए मजबूर हो जाएंगे। कोटला में जो बैंड बाजे वाले बुलाए गए हैं वे फरीदाबाद से हैं और इनमें शामिल चार सदस्यों सुनील, विजय डान, राहुल और राजा ने बताया कि उनके लिए यह पहला मौका है जब वह क्रिकेट मैच में इस तरह का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह में उन्होंने काफी धूमधडाका किया है लेकिन क्रिकेट मैदान में इस तरह का धूमधड़ाका करने का यह पहला मौका होगा।
 ये बैंड बाजे वाले कोटला में अगले तीन मैचों में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे।
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पोंटिंग के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुंबई. आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को ड्रेसिंग रूम में टीवी पर गुस्सा निकालना भारी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) इस मामले को लेकर पोंटिंग पर आरोप तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
रिकी पोंटिंग
 पोंटिंग ने गत सोमवार को अहमदाबाद में जिम्बाब्वे के खिलाफ विश्व कप मैच में रन आउट होने के बाद गुस्से में आकर टीम के ड्रेसिंग रूम में टेलीविजन सेट को नुकसान पहुंचा दिया था। गुजरात क्रिकेट संघ (जीसीए) ने इस मामले की रिपोर्ट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजी थी जिसने अपनी रिपोर्ट आईसीसी को भेजी थी। आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा कि पोंटिंग के खिलाफ आरोप तय किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि आईसीसी आस्ट्रेलियाई टीम के अगले मैच के लिए बुधवार को नागपुर पहुंचने का इंतजार कर रही है ताकि इस बात की जानकारी पोंटिंग को दी जा सके।  उन्होंने कहा कि हमें पोंटिंग से बात करने की जरूरत है क्योंकि हम नहीं जानते कि उन्हें इस मामले में क्या कहना है। प्रवक्ता ने बताया कि जीसीए की रिपोर्ट बीसीसीआई ने मंगलवार को आईसीसी को भेज दी थी।  आस्ट्रेलियाई कप्तान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के दौरान जब दूसरा रन लेने की कोशिश कर रहे थे तो क्रिस एमपोफू  के मिडविकेट बाउंड्री से फेंके गए सीधे थ्रो से वह   रनआउट हो गए।