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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Wednesday, 29 June 2011

संजय शर्मा वर्ल्ड फेडरेशन वाबा के प्रतिनिधि नियुक्त


0 छत्तीसगढ़ के इंटरनेशनल निर्णायक हैं संजय
रायपुर।  छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय बाडी बिल्डिंग निर्णायक संजय शर्मा को वर्ल्ड एमेच्योर बाडी बिल्डिंग एसोसिएशन (वाबा) ने अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। बाडी बिल्डिंग के इंडिया फेडरेशन को अब किसी भी तरह का पत्राचार सीधे वर्ल्ड फेडरेशन से न करके संजय शर्मा के माध्यम से करना होगा। इस आशय का पत्र वाबा के जर्मनी स्थित मुख्यालय से प्रेसिडेंट गेरहार्ड न्यूमर ने संजय शर्मा और इंडिया फेडरेशन को भेजा है। वाबा ने विभिन्ना वर्ल्ड चैंपियनशिप में निर्णायक के रूप उनके अनुभव को देखते हुए श्री शर्मा को यह जिम्मेदारी दी है।
गौरतलब है कि प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक व हनुमान सिंह अवार्डी श्री शर्मा कई अंतरराष्ट्रीय बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में निर्णायक रह चुके हैं। वे वर्तमान में इंडिया फिटनेस एंड बाडी बिल्डर फेडरेशन (नेशनल एमेच्योर बाडी बिल्डिंग फेडरेशन) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश संघ के सचिव हैं। लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
श्री शर्मा वर्ष 2010 में जर्मनी के अल्जाई में हुई वर्ल्ड मिस्टर वाबा यूनिवर्स चैंपियनशिप के नौ सदस्यीय निर्णायक जुरी के सदस्य रहे। साथ ही पिछले साल मास्को में हुई यूरोपियन यूथ बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भी निर्णायक रहे। इसके पूर्व वे वर्ष 2008 में फिलीपींस के इंगु में हुई एशियन पैसिफिक बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप के निर्णायक रहे। वर्ष 2006 में एथेंस के ग्रीस में हुई वर्ल्ड बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में नौ सदस्यीय जुरी के सदस्य रहे। इसके अलावा वर्ष 2005 में इंडो-पाक बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप, 1997 में फ्रांस के केस्ट्रीज में व 1995 में स्पेन के पुर्तबानी में हुई वर्ल्ड बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में निर्णायक रहे।

गौरव की बात : शर्मा
अपनी नियुक्ति पर श्री शर्मा ने कहा कि वर्ल्ड फेडरेशन की ओर से उन्हें भारत में प्रतिनिधि नियुक्त करना उनके लिए गौरव की बात है। वे जिम्मेदारी से अपना काम करेंगे और बाडी बिल्डिंग को आगे बढ़ाने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। यह खुशी की बात है कि वे वर्ल्ड फेडरेशन की नजरों में आ गए हैं। भविष्य में यदि वर्ल्ड फेडरेशन में कोई महत्वपूर्ण पद मिलता है तो वे उसे भी जिम्मेदारी से स्वीकार करेंगे।
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Tuesday, 28 June 2011

भारतीय जंप रोप टीम दिल्ली में रुकी

0 अमेरिकी दूतावास ने अभी तक जारी नहीं किया वीजा
0 टीम में रायपुर के राजदीप सिंह शामिल

रायपुर। अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में 1 से 8 जुलाई तक होने वाली वर्ल्ड जंप रोप चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम को अभी तक वीजा नहीं मिला है। इसके कारण भारतीय टीम दिल्ली में ही रुकी हुई है, जबकि टीम को सोमवार को अमेरिका रवाना हो जाना था। छह सदस्यीय टीम में रायपुर के अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी राजदीप सिंह हरगोत्रा भी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ जंप रोप एसोसिएशन के सचिव अखिलेश दुबे ने बताया कि भारतीय फेडरेशन ने महीनेभर पहले से ही वीजा के लिए आवेदन दे दिया था, लेकिन कुछ समस्या के कारण भारतीय टीम को अभी तक अमेरिकी दूतावास से वीजा नहीं मिल पाया है। फेडरेशन के पदाधिकारी शीघ्र ही वीजा के लिए अमेरिकी दूतावास से चर्चा कर रहे हैं। यदि समय पर टीम को वीजा नहीं मिल पाया तो वह अमेरिका नहीं जा पाएगी। सभी खिलाड़ियों को दिल्ली से बैरंग लौटना  पड़ेगा। खासकर छत्तीसगढ़ के राजदीप सिंह के लिए यह बेहद निराशाजनक होगा, क्योंकि राजदीप ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए कड़ी मेहनत की है और भारतीय टीम को उनसे पदक की उम्मीद थी।
 

Monday, 27 June 2011

जब दो खेल दिग्गज एक साथ मिले

0 क्रिकेट के जानकर हैं फेडरर : सचिन
लन्दन. पूरी दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित कर चुके सचिन तेंडुलकर को दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रॉजर फेडरर के क्रिकेट ज्ञान ने प्रभावित किया है।
सचिन के अनुसार वे खुद फेडरर के प्रशंसक हैं। सचिन और उनकी पत्नी अंजलि विम्बल्डन में फेडरर का मैच देखने पहुँचे। इस दौरान 16 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके फेडरर ने सचिन से मुलाकात भी की। दोनों करीब एक घंटे तक साथ रहे। बाद में सचिन ने इस बारे में टि्वटर पर कहा- फेडरर के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। हम विम्बल्डन के रॉयल बॉक्स की बालकनी में मिले। वे बहुत सरल व्यक्ति हैं। सबसे खास बात यह कि वे क्रिकेट के बारे में बहुत जानकारी रखते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने मैच के बाद साथ में खाना खाया। फेडरर ने भी फेसबुक पर इस चर्चा के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने सचिन से मुलाकात को बेहद खास बताया। फेडरर ने कहा- आज का दिन बहुत खास है। मैंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर से मिलने का मौका मिला।

अमेरिका में कलाबाजी दिखाएंगे छत्तीसगढ़ के राजदीप

0 वर्ल्ड जंप रोप चैंपियनशिप में हिस्सा लेने रवाना
रायपुर। राजधानी के अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी राजदीप सिंह हरगोत्रा अमेरिका में अपनी कलाबाजी दिखाएंगे। वाशिंगटन डीसी के जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में 1 से 8 जुलाई तक होने वाली वर्ल्ड जंप रोप चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए वे रविवार को अमेरिका रवाना हुए।
वे फ्रीस्टाइल व ट्रिपल अंडर इवेंट में अपना प्रदर्शन दिखाएंगे। राजदीप की यह दूसरी वर्ल्ड चैंपियनशिप है। इससे पहले वे पिछले साल लंदन में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में जलवा बिखेर चुके हैं। इसमें उन्होंने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर दुनियाभर के 1200 प्रतिभागियों में 13वां स्थान बनाया था। 
अमेरिका रवाना होने से पहले राजदीप ने कहा कि इस बार उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए कड़ी मेहनत की है। पिछले वर्ल्ड कप में हुई गलती को सुधारने का प्रयास किया है। हालांकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है फिर भी पिछली चैंपियनशिप के अनुभव का लाभ मिलेगा। पदक जीतने की पूरी कोशिश करेंगे। छत्तीसगढ़ जंप रोप एसोसिएशन के सचिव अखिलेश दुबे ने कहा कि राजदीप ने जिस तरह मेहनत की है उससे पदक की उम्मीद कर सकते हैं। इसके पूर्व वे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के साथ-साथ लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दर्ज करा चुके हैं। 

अमेरिका के बाद द. कोरिया जाएंगे
राजदीप वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद अमेरिका से ही दक्षिण कोरिया जाएंगे। वे वहां 21 से 25 जुलाई तक मोक्पो सिटी में होने वाली छठी एशियन जंप रोप चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। उनके साथ प्रदेश के तीन और खिलाड़ी अभिजीत, हिमांशु व दिव्यांश भी हिस्सा लेंगे। अभिजीत, हिमांशु व दिव्यांश अंडर-12 में प्रदर्शन करेंगे, जबकि राजदीप सीनियर वर्ग के मास्टर इवेंट में भारत को पदक दिलाने के लिए उतरेंगे।
26 एससी1
 

ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना मुख्य लक्ष्य

0 अपनी पदोन्नाति स्वीकार करने आए अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग ने कहा
रायपुर। प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग साई इंस्टीट्यूट पटियाला में वर्ल्ड चैंपियनशिप और लंदन ओलिंपिक की तैयारी के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं। अपनी पदोन्नाति स्वीकार करने के लिए संक्षिप्त प्रवास पर रायपुर आए रुस्तम ने चर्चा के दौरान कहा कि उनका व भारतीय टीम का मुख्य लक्ष्य लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।
रुस्तम ने बताया कि इस समय साई सेंटर पटियाला में भारतीय टीम में 24 खिलाड़ी वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे हुए हैं। वे इस संभावित टीम में चुने गए छत्तीसगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप इस साल नवंबर में फ्रांस की राजधानी पेरिस में होगी। एक तरह से यह लंदन ओलिंपिक- 2012 के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। इसमें प्रदर्शन के आधार पर टॉप टेन देशों की टीम लंदन ओलिंपिक के लिए टिकट कटाएगी, इसलिए इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक से कहीं ज्यादा अलग-अलग वर्गों में प्वाइंट हासिल करना महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम का चयन अगस्त के अंतिम या सितंबर के पहले सप्ताह में किया जाएगा। रुस्तम ने भारतीय टीम में अपने चयन के बारे में कहा कि वे 62 किग्रा वर्ग में खेलते हैं और उनकी कैटेगरी में चार खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस कैटेगरी से एक या दो खिलाड़ी का चयन होना है, इसलिए भारतीय टीम में उनका चयन प्रशिक्षण कैंप में प्रदर्शन के आधार पर ही निर्भर है।

टीम को मिलता है प्रवेश
रुस्तम ने बताया कि वेटलिफ्टिंग में किसी खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम को ओलिंपिक के लिए प्रवेश दिया जाता है। किसी देश की टीम में आठ पुरुष व सात महिला खिलाड़ी होते हैं। इनमें से दोनों वर्गों के पांॅच विशेष कैटेगरी में प्रदर्शन के आधार पर टीम को प्वाइंट दिया जाता है। इसी प्वाइंट के आधार पर बेस्ट टॉप टेन टीम को ओलिंपिक में जगह दी जाती है।

ओलिंपिक के लिए चयन जरूरी नहीं
रुस्तम ने बताया कि ओलिंपिक का क्वालीफाइंग टूर्नामेंट करीब साल-डेढ़ साल पहले होता है। इस कारण जिस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया हो, उसका चयन इंडिया टीम में ओलिंपिक के लिए हो, जरूरी नहीं। सालभर के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई नए खिलाड़ी आ जाते हैं और उनका प्रदर्शन खराब रहा तो उन्हें भारतीय टीम से हटाया जा सकता है। खिलाड़ियों का ओलिंपिक में खेलना भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन व खुद खिलाड़ी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
चोट से 80 फीसदी उबर गए हैं
रुस्तम ने बताया कि दिल्ली कामनवेल्थ गेम्स के दौरान वे घायल हो गए थे और अब  80 फीसदी ठीक हैं। पटियाला में वे साई के डॉक्टर से नियमित इलाज करवा रहे हैं। रायपुर के डॉक्टर से भी परामर्श लेते रहते हैं। रुस्तम ने उम्मीद जताई कि वर्ल्ड चैंपियनशिप तक वे पूरी तरह चोट से उबर जाएंॅगे।  

Friday, 24 June 2011

दौड़ा पूरा रायपुर

0 अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक दिवस पर हुई दौड़ में जुटे हजारों लोग
0 सुरक्षा कारणों से नहीं दौड़ीं रवीना व मल्लेश्वरी
0 दौड़ में बस्तर-बालाओं का रहा दबदबा



रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक दिवस पर गुरुवार को राजधानी में हुई ओलिंपिक दौड़ में रायपुरियंस का उत्साह छलक पड़ा। राजधानी समेत प्रदेशभर से हजारों की संख्या में जुटे विभिन्ना आयु वर्ग के लोगों ने दौड़ लगाकर राज्य में खेल को बढ़ावा देने का संदेश दिया। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के इस सालाना आयोजन में शामिल होने आई अभिनेत्री रवीना टंडन और ओलिंपियन कर्णम मल्लेश्वरी सुरक्षा कारणों से दौड़ में हिस्सा नहीं ले पाईं, लेकिन उन्होंने दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों की जमकर हौसला अफजाई की। वे उद्घाटन व समापन समारोह में मौजूद रहीं और आयोजन व यहांॅ के लोगों की खूब तारीफ की। इस बार ओलिंपिक दौड़ की खासियत रही कि इसमें बच्चों से लेकर 80 साल के बुजुर्गों ने दौड़ लगाकर अपने हौसले व जोश का प्रदर्शन किया। दौड़ में हमेशा की तरह इस बार भी बस्तर बालाओं ने बाजी मारी और अपना दबदबा बनाए रखा।
राज्यपाल शेखर दत्त ने देर से शुरू हुई दौड़ को 'रचेंगे इतिहास, दौड़ेंगे साथ" स्लोगन के साथ सुबह 8.25 बजे शहीद भगत सिंह चौक पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सबसे पहले 11 से 15 आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने दौड़ शुरू की। इसके बाद 15 वर्ष से अधिक उम्र वाले प्रतिभागी और बाद बुजुर्गों ने दौड़ लगाई। 11 से 15 आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने शहीद भगत सिंह चौक से जयस्तंभ चौक फिर वापस शहीद भगत सिंह चौक तक चार किमी की एक लैप में दौड़ लगाई। 15 वर्ष से अधिक उम्र वाले प्रतिभागियों ने शहीद स्मारक चौक से जयस्तंभ चौक फिर वापस शहीद भगत सिंह चौक तक आठ किमी की दो लैप में दौड़ लगाई। इस दौरान चेक पर खिलाड़ियों की सहायता के लिए वालिंटियर भी मौजूद रहे और प्रतिभागियों को पानी पाउच बांॅटते रहे। दो किमी की इस दूरी पर प्रतिभागियों के पीछे-पीछे उनकी सहायता के लिए पुलिस गाड़ी व एम्बुलेंस भी दौड़ती रही। दौड़ के दौरान एक बुजुर्ग के बेहोश होने को छोड़कर और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
इसके पूर्व उद्घाटन समारोह में अभिनेत्री रवीना टंडन जैसे ही मंच पर आईं, उन्होंने दर्शकों व प्रतिभागियों में जोश भर दिया। रवीना ने सभी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'गुड मार्निंग रायपुर" से करके कद्रदानों की तालियांॅ बटोरीं। ओलिंपियन वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी का भी जोरदार स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया ने स्वागत भाषण में ओलिंपिक दौड़ के महत्व व इतिहास की जानकारी दी। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
उद्घाटन समारोह में राज्यपाल शेखर दत्त के साथ विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खेल मंत्री लता उसेंडी, संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू व विजय बघेल, महापौर डॉ. किरणमयी नायक, विधायक द्वय कुलदीप जुनेजा व नंदकुमार, नगर निगम के सभापति संजय श्रीवास्तव व विभिन्ना खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रतिभागी हुए निराश
कार्यक्रम देरी होने के कारण आयोजकों ने जल्दबाजी में दौड़ शुरू कर दी। इससे थोड़ी देर के लिए वहांॅ पर अव्यवस्था हो गई। तय कार्यक्रम के मुताबिक पहले 11 से 15 वर्ष तक के प्रतिभागियों को रवाना करना था, लेकिन जल्दबाजी में दोनों वर्गों के खिलाड़ियों व प्रतिभागियों को एक साथ रवाना कर दिया गया। इसके कारण 15 वर्ष से अधिक उम्र के पंजीकृत प्रतिभागी भीड़ के पीछे रहे गए और वे दौड़ में हिस्सा लेने से चूक गए। वहीं सभी प्रतिभागियों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आईं अभिनेत्री रवीना टंडन व ओलिंपियन कर्णम मल्लेश्वरी के साथ दौड़ने की उत्सुकता थी, लेकिन सुरक्षा कारणों व अफरा-तफरी में दोनों ही दौड़ में हिस्सा नहीं ले सकीं। इससे प्रतिभागी व आम नागरिक निराश हो गए।
यहां खेल माहौल बनने में मदद मिलेगी : राज्यपाल
समारोह में राज्यपाल श्री दत्त ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि इस दौड़ के माध्यम से प्रदेश में खेलों के प्रति नया जोश और उत्साह का माहौल दिख रहा है। इससे यहांॅ खेल माहौल बनने में मदद मिलेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि राज्य में शीघ्र ही नेशनल गेम्स का आयोजन भी होना है। ऐसे में दौड़ से यहांॅ खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ेगा और खेल के लिए स्वयं को तैयार करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी देश का गौरव बढ़ाएंॅगे। इस मौके पर राज्यपाल ने विशाल बैनर पर स्कैच पेन से 'छत्तीसगढ़ खेलों में सर्वश्रेष्ठ बनें" लिखकर अपनी शुभकामनाएंॅ व्यक्त कीं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खेल मंत्री लता उसेंडी व महापौर डॉ. किरणमयी नायक ने भी संबोधित किया।

रायपुर दिलवालों का शहर : रवीना
कार्यक्रम में अभिनेत्री रवीना टंडन ने कहा कि यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यहांॅ के बच्चे व लोग खुद को आगे दिखाने पीछे नहीं हैं। सात साल पहले भी वे रायपुर आई थीं और अब भी यहांॅ के लोग पहले जैसे ही हैं। रायपुर दिलवालों का शहर है। मशहूर अभिनेत्री ने कहा कि सही मायने में छत्तीसगढ़िया, बहुत बढ़िया हंै।

मेहनत करें और मेडल लाएं : मल्लेश्वरी
कार्यक्रम में ओलिंपिक पदक विजेता वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी ने कहा कि ओलिंपिक दिवस पर सभी को शुभकामनाएंॅ। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में भारत पिछले दस साल से मेडल लाने में तरस रहा है। यहांॅ के खिलाड़ी कड़ी मेहनत करें और मेडल लाएंॅ। उन्होंने कहा कि उम्मीद करती हूंॅ कि यहांॅ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मौके मिलते रहे और देश के मेडल दिलाते रहे।

इस बार भी बस्तर बालाओं ने मारी बाजी
राज्य मैराथन दौड़ की तरह ओलिंपिक दौड़ में भी बस्तर की बालिकाओं ने बाजी मारी। महिला वर्ग में बस्तर की छह बालिकाओं ने प्रथम दस में स्थान बनाईं। इनमें एक को छोड़ पांॅच बालिकाएंॅ माता रुक्मणी आश्रम डिमराबाल बस्तर की हंै। 15 वर्ष से अधिक महिला वर्ग में लोहांडीगुड़ा बस्तर की बालमती यादव प्रथम रहीं। डिमरापाल बस्तर की ललिता कश्यप दूसरे, दसरी कुमारी तीसरे व हेमेश्वरी चौथे स्थान पर रहीं। इसी तरह रामिन निषाद पांॅचवें, मुन्नाी छठें, कोमल कैवर्त्य सातवें, श्याला धर आठवें, प्रमिला कश्यप नौवें व प्रमिला ध्रुव दसवें स्थान पर रहीं।
बालकों में भिलाई के चमनलाल साहू प्रथम रहे। रमेश्वरनाथ दूसरे, नरेंद्र कुमार साहू तीसरे, तुलसी साहू चौथे, उमेश कुमार पांॅचवें, मनोज कुमार छठे, होरीलाल सोनकर सातवें, महेश कुमार साहू आठवें, तामेश्वर साहू नौवें व कृष्ण कुमार कैवस्ती दसवें स्थान पर रहे।
11 से 15 वर्ष : इस वर्ग के बालिका वर्ग में डिमरापाल बस्तर की चैती प्रथम रहीं। ज्योति वर्मा दूसरे, रेणुका साहू तीसरे व भुवेश्वरी निषाद चौथे स्थान पर रहीं। बालक वर्ग में मनोज करतम प्रथम, रामनाथ द्वितीय, केशव यादव तृतीय व राहुल देशमुख चतुर्थ रहे।
संदेश वर्ग : स्लोगन वर्ग में अमरनाथ निर्मलकर प्रथम व गणेश प्रसाद द्वितीय रहे। बुजुर्गों में ब्राह्मणपारा के 78 वर्ष के डॉ. जेपी शर्मा को पूरे आठ किमी तक सफलतापूर्वक दौड़ने के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।

राज्यपाल ने बांटे पुरस्कार समापन व पुरस्कार समारोह में मुख्यअतिथि राज्यपाल शेखर दत्त ने सभी विजेताओं को पुरस्कार बांॅटे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ की ओर से राज्यपाल समेत सभी अतिथियों, अभिनेत्री रवीना टंडन व ओलिंपियन कर्णम मल्लेश्वरी का स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ वेटलिफ्टिंग संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी का स्मृति चिह्न भेंटकर विशेष सम्मान किया गया।

Tuesday, 21 June 2011

राज्यपाल ओलिंपिक दौड़ को दिखाएंगे हरी झंडी

0 मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, खेल मंत्री समेत मंत्री, विधायक भी उपस्थित रहेंगे
0 विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी अभिनेत्री रवीना टंडन

रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक दिवस पर राजधानी में होने वाली ओलिंपिक दौड़ को राज्यपाल शेखर दत्त 23 जून को सुबह 7 बजे हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। दौड़ शहीद भगत सिंह चौक से शुरू होकर जयस्तंभ चौक पहुंॅचेगी, फिर वहां से वापस शहीद भगत सिंह चौक पहुंॅचकर समाप्त होगी।
उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेंगे। विशेष अतिथि विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद रमेश बैस, भारतीय ओलिंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल, लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, खेल मंत्री लता उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष रवींद्र चौबे, महापौर डॉ. किरणमयी नायक, रायपुर विधायक द्वय कुलदीप जुनेजा व नंदकुमार साहू होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अभिनेत्री रवीना टंडन मौजूद रहेंगी।
छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया ने मंगलवार को दौड़ की तैयारियों को लेकर पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दौड़ की तैयारियांॅ अंतिम चरण में हंै। ओलिंपिक दिवस पर दुनियाभर के देशों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री व छग ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में यह दौड़ भव्य रूप से आयोजित की जा रही है। इसमें सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा लेंगे, लेकिन पंजीकृत धावकों को ही इनाम दिए जाएंॅगे। 15 वर्ष से अधिक के प्रतिभागियों के लिए आठ किमी की दो लैप में तथा 11 से 15 वर्ष के प्रतिभागियों के लिए चार किमी की एक लैप में दौड़ होगी। इसमें सभी जिलों से प्रतिभागी हिस्सा लेने आएंॅगे। विभिन्ना जिले से पंजीयन शुरू हो गया है। दौड़ का मार्ग सुनिश्चित हो चुका है और चेक प्वाइंट की तैयारियांॅ भी पूरी हो चुकी हैं।

अब तक 250 प्रतिभागियों का पंजीयन
श्री भाटिया ने बताया कि मंगलवार तक 250 प्रतिभागियों ने पंजीयन करा लिए हैं। पंजीयन 22 जून शाम 6 बजे तक छग ओलिंपिक संघ के अस्थायी कार्यालय सोना भवन, स्टेट बैंक जोनल आफिस के सामने कटोरातालाब में होगा। दौड़ में बस्तर से 10 खिलाड़ी पंजीकृत हो चुके हैं। इसमें राज्य मैराथन दौड़ की विजेता ललिता कश्यप व उपविजेता चैती कश्यप का भी पंजीयन हो चुका है। इसके अलावा दल्लीराजहरा, भिलाई-दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा आदि के धावकों ने आवेदन किया है। ओलिंपिक दौड़ में करीब 400 धावक-धाविकाओं के हिस्सा लेने की संभावना है। बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए 22 जून दोपहर से आवास व भोजन की व्यवस्था की गई है। पुरुष प्रतिभागियों के आवास की व्यवस्था साहू भवन बैरनबाजार और महिला प्रतिभागियों के लिए डॉ. अंबेडकर मांगलिक भवन सिविल लाइंस में गई है।

सभी विभागों व संस्थाओं का सहयोग
श्री भाटिया ने बताया कि ओलिंपिक दौड़ को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, जनसंपर्क विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्थानीय समाजसेवी संस्था, औद्योगिक संस्थान, छग चैंबर आफ कामर्स, लायंस क्लब, रोटरी क्लब समेत अनेक स्कूल-कालेजों, सभी खेल संस्थाओं, खिलाड़ियों, उत्साही नागरिकों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार भी हिस्सा लेंगे।
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Monday, 20 June 2011

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब 'शहीद वीरनारायण सिंह" के नाम पर


रायपुर। नई राजधानी क्षेत्र के ग्राम परसदा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब 'शहीद वीरनारायण सिंह" के नाम पर कर दिया गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सोमवार को मंत्रालय से इस आशय की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नामकरण की घोषणा 10 दिसंबर 2010 को शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान दिवस पर सोनाखान में आयोजित लोककला महोत्सव के समापन अवसर पर की थी। गौरतलब है कि मध्यभारत के इस सबसे बड़े स्टेडियम का उद्घाटन 11 सितंबर 2008 को हुआ था। पिछले दो सालों से इसके नामकरण को लेकर माँग उठ रही थी।
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स्टेडियम एक नजर में
उदघाटन :  11  सितम्बर २००८.
स्थिति : ग्राम परसदा, नई राजधानी क्षेत्र।
क्षेत्रफल : 50 एकड़।
अनुमानित लागत : 98.45 करोड़ रुपए।
दर्शक क्षमता : 60 हजार से अधिक।
पार्किंग व्यवस्था : 6000 चार पहिया वाहन, अलग से मोटरसाइकिल व साइकिल स्टैंड।
परिवहन व्यवस्था : हावड़ा-मुंबई राष्ट्रीय मार्ग क्र.-6, रायपुर-भुवनेश्वर-पुरी रेलमार्ग, माना विमानतल, स्टेडियम के पास हेलीपैड।
पिच : 9 मैच पिच, 3 अभ्यास पिच।
सिंचाई व्यवस्था : स्वचलित स्प्रिंकलर।
कार्पोरेट बाक्स : 40.
स्कोरबोर्ड : इलेक्ट्रानिक लाइट।
फ्लड लाइट : 6 हाई मास्क लाइट।
म्यूजियम : क्रिकेट म्यूजियम बनाया जाएगा।
टिकट प्लाजा : 11 प्लाजा।
रेस्टारेंट : एक पांच सितारा सुविधायुक्त रेस्टारेंट।
पैवेलियन : पूर्णत: एयरकंडिशंस।


इंडिया कैंप जाने के पहले लिया था पैन किलर

0 डोप टेस्ट में फंसे वेटलिफ्टर ओमप्रकाश साहू ने किया खुलासा
0 खुद की गलती मानी, किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया

रायपुर। वेटलिफ्टिंग के यूथ इंडिया कैंप में डोप टेस्ट में फंसे रायपुर के वेटलिफ्टर ओमप्रकाश साहू ने सोमवार को खुलासा करते हुए कहा कि वह कैंप में जाने से पहले पैन किलर लिया था। इसके कारण उसका ए सैंपल पॉजिटिव निकला। इसके लिए उसने खुद की गलती मानी और किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया।
ओमप्रकाश ने रायपुर पहुंचने पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि इंडिया कैंप में बुलावा आने से पहले उसके शरीर के अंदरुनी हिस्से में फोड़ा-फुंसी हो गया था। इस कारण घाव सूखने के लिए मेडिकल स्टोर्स से पैन किलर की दवाई ली थी। उसी दौरान इंडिया कैंप में चयन की सूचना आई और कैंप में हिस्सा लेने चला गया। गलती यह हुई कि यह दवाई उसने बिना डॉक्टर की सलाह से मेडिकल स्टोर्स से ले ली। कैंप में अन्य किसी प्रकार की दवाई नहीं ली, लेकिन इस दौरान चेहरे पर भी कुछ फुंसी हो गई थी, उसके लिए कैंप के डॉक्टर से ही जांच कराकर एक बार दवाई ली थी। ओमप्रकाश ने कहा कि इस पूरे मामले के लिए मैं सिर्फ खुद को जिम्मेदार मानता हूँ। इसमें कोच व छत्तीसगढ़ वेटलिफ्टिंग संघ जिम्मेदार नहीं है। उसका अभी बी सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। यदि बी सैंपल भी पॉजिटिव आया तो फेडरेशन उसे जो भी सजा देगा, वह स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा कि डोप टेस्ट में ए सैंपल पॉजिटिव आने के बाद उसने सारी बातें टेस्ट लेने वाले अधिकारी को बता दी थी। इसके बाद इंडिया फेडरेशन के सचिव सहदेव यादव के निर्देश पर वह कैंप से लौट आया।   
प्रैक्टिस जारी रखेंगे
ओमप्रकाश ने कहा कि वह अपनी प्रैक्टिस जारी रखेंगे। पंडरी स्थित वन खेल परिसर में वह मंगलवार से नियमित अभ्यास शुरू कर देगा और बी सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार करेगा। रिपोर्ट यदि निगेटिव आया और फेडरेशन से वापस बुलावा आया तो फिर वह कैंप ज्वाइन कर लेगा।
चार गोल्ड दिला चुका है ओमप्रकाश
डोप टेस्ट में फंसे ओमप्रकाश सब-जूनियर वर्ग में उभरता हुआ प्रतिभावान खिलाड़ी है। वह अब तक प्रदेश को ग्रामीण नेशनल, स्कूल नेशनल व ओपन चैंपियनशिप में चार गोल्ड व तीन ब्रांज मेडल दिला चुका है। ऐसे में उसकी एक गलती ने उसके करियर को ब्रेक लगा दिया।
 

Saturday, 18 June 2011

भारत में स्पोर्ट्स को साइंटिफिक बनाना होगा

हंगरी से विशेष ट्रेनिंग लेकर लौटे साई के एनआईएस कोच गजेंद्र पांडे व सरिता कुजूर से चर्चा

एनआईएस कोच गजेंद्र पांडे
 रायपुर। भारत अभी स्पोर्ट्स में काफी पीछे है। आगे बढ़ने के लिए यहां स्पोर्ट्स को विदेश की तरह साइंटिफिक बनाना होगा, तभी हम ओलिंपिक में पदक हासिल कर पाएंॅगे। विदेश में प्रत्येक गेम के खिलाड़ियों को साइंटिफिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाता है। उनकी प्रत्येक गतिविधि पर ध्यान दिया जाता है और एक खिलाड़ी के पीछे चार-पांॅच कोच रहते हैं। उनकी ट्रेनिंग उच्च स्तर की है। यही सिस्टम भारत में भी खिलाड़ियों को उपलब्ध कराना चाहिए, तभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम ज्यादा से ज्यादा पदक हासिल कर सकते हैं। यह कहना है कि हंगरी के बूडापेस्ट से इंटरनेशनल कोच कोर्स (आईसीसी) करके रायपुर लौटे साई के एनआईएस कोच गजेंद्र पांडे का।
वेटलिफ्टिंग के कोच श्री पांडे ने शनिवार को रायपुर पहुंॅचने पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए करते हुए कहा कि वहांॅ की ट्रेनिंग उच्च गुणवत्तायुक्त है। उसकी ट्रेनिंग पद्धति पूरी तरह भारत में लागू नहीं की जा सकती, क्योंकि यहांॅ खिलाड़ियों को वैसी सुविधाएंॅ व सुरक्षा नहीं मिलती। अगर उसे पूरी तरह इंप्लीमेंट किया गया तो यहांॅ के खिलाड़ी चोटिल हो सकते हैं। फिर भी काफी हद तक यहांॅ के हिसाब से उसे इंप्लीमेंट किया जा सकता है। वेटलिफ्टिंग जैसे पावर गेम में खिलाड़ियों के लिए डाइट बेहद महत्वपूर्ण होती है। 

 34 कोच गए थे ट्रेनिंग लेने
श्री पांडे ने बताया कि साई (स्पोट्रर्स अथॉरिटी आफ इंडिया) की ओर से इंटरनेशनल कोच कोर्स के लिए भारत से वेटलिफ्टिंग, जूडो, फुटबाल, स्वीमिंग व एथलेटिक्स के 34 एनआईएस प्रशिक्षकों का दल हंगरी गया था। इनमें सात महिला कोच भी शामिल थीं। दल में छत्तीसगढ़ से वेटलिफ्टिंग के कोच गजेंद्र पांडे व फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर शामिल थीं। सरिता फुटबाल की एकमात्र महिला कोच थीं। सभी कोच ने वहांॅ तीन माह की ट्रेनिंग ली। कोर्स का एग्जाम भी हुआ और सर्टिफिकेट भी प्रदान की गई। इसमें भारत समेत इरान, रूस, यूगांडा, मारीशस, कोलंबिया, श्रीलंका, द. अफ्रीका समेत 12 देशों के कोच भी उनके साथ ट्रेनिंग ली। श्री पांडे नेबताया कि बूडापेस्ट स्थित टीएफ सेम्मेल्यूएस यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग दी गई। यह विश्व के प्रसिद्ध फिजिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है। यहां सालभर विश्व के अनेक देशों के कोच व खिलाड़ियों की ट्रेनिंग चलती रहती है।

हाई लेवल है यूरोपियन फुटबाल : सरिता

सरिता कुजूर
 विशेष ट्रेनिंग कोर्स से हंगरी से लौटी फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर का कहना है कि यूरोपियन फुटबाल हाई लेवल की है। उनकी तुलना में भारत 50 साल पीछे है। उस लेवल तक भारत को पहुंचने में काफी लंबा सफर तय करना होगा।
सुश्री कुजूर ने बताया कि वहां खिलाड़ियों को तीन लेवल में ट्रेनिंग दी जाती है। पहले लेवल में बेहतरीन खेलने वाले खिलाड़ियों को रखा जाता है। दूसरे लेवल में उनसे कम प्रतिभा वाले खिलाड़ियों कोजगह दी जाती है। तीसरे लेवल में खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों स्थान दिया जाता है। भारत के खिलाड़ी यूरोपियन देशों के दूसरे व पहले लेवल के खिलाड़ियों से बहुत दूर हैं। वहांॅ गोलकीपर के लिए अलग से कोच होता है। इसी तरह रनिंग, वार्मअप, फारवर्ड व बैकवर्ड के लिए अलग-अलग कोच होता है। फिजियो, साइकोलाजिस्ट व डाइटिशियन अलग से होता है, जबकि भारत में दो कोच ही काफी होता है।
सुश्री कुजूर ने कहा कि यूरोपीय देशों की ट्रेनिंग बेहद हाई लेवल की है। उसे यहां इंप्लीमेंट नहीं किया जा सकता, क्योंकि वैसी सुविधाएं यहां नहीं है। उनके अनुसार यहां खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाए तो खिलाड़ी इंज्यूर हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के बारे में उन्होंने कहा कि यहां की सुविधा के अनुसार प्रैक्टिस कराई जाएगी। 

 

Tuesday, 14 June 2011

छत्तीसगढ़ क्रिकेट की एक और छलांग

प्रदेश की अंडर-22 टीम बीसीसीआई के प्लेट ग्रुप में जगह बनाई
अंडर-16 टीम भी अब बोर्ड के सेंट्रल जोन से खेलेगी


रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट ने बीसीसीआई से पूर्ण मान्यता हासिल करने की दिशा में एक और छलांग लगा दी है। प्रदेश की अंडर-22 टीम अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एक कदम आगे बढ़ाते हुए बीसीसीआई के प्लेट ग्रुप में पहुंच गई। इस तरह अंडर-16 टीम भी अब बोर्ड के सेंट्रल जोन से खेलने की पात्रता हासिल कर ली है।
छत्तीसगढ़ को अभी बीसीसीआई से एसोसिएट मान्यता मिली हुई है। इस कारण प्रदेश टीम को बोर्ड के प्लेट ग्रुप में खेलने की पात्रता नहीं थी, लेकिन बीसीसीआई की घोषणा के मुताबिक इस साल एसोसिएट ट्राफी चैंपियनशिप में विजेता बनने के बाद छत्तीसगढ़ टीम ने प्लेट ग्रुप में जगह बना ली। इसी तरह अंडर-16 टीम भी एसोसिएट ट्राफी चैंपियनशिप में विजेता बनकर सेंट्रल जोन से खेलने की पात्रता हासिल कर ली, जबकि अंडर-19 टीम उपविजेता होने से प्लेट ग्रुप में पहुंचने से चूक गई।  अंडर-22 टीम के प्लेट ग्रुप में पहुंचने से बरसों से बीसीसीआई से पूर्ण मान्यता के लिए तरस रहे प्रदेश क्रिकेट के लिए यह खुशी होने वाली बात है। अब यहां के खिलाड़ियों को बोर्ड के बड़े टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा। 

2013 से पहले भी मिल सकती पूर्ण मान्यता
छत्तीसगढ़ को बीसीसीआई से नियमानुसार 2013 में पूर्ण मान्यता मिलना है, लेकिन पिछले तीन सालों के प्रदर्शन को देखते हुए इससे पहले भी बोर्ड छत्तीसगढ़ को पूर्ण मान्यता दे सकता है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के सचिव राजेश दवे का कहना है कि 2008 में छत्तीसगढ़ को एसोसिएट मान्यता मिली थी। पाँच साल बाद पूर्ण मान्यता देने का नियम है। इस हिसाब से छत्तीसगढ़ को 2013 में पूर्ण मान्यता मिलना तय है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के कार्यकलापों से काफी संतुष्ट है। बोर्ड पदाधिकारियों ने कई बार तारीफ भी की है। यहां अब बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर व मैदान डेवलप हो चुके हैं। खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। इसको देखते हुए बीसीसीआई पाँच साल पूरा होने से पहले भी छत्तीसगढ़ को पूर्ण मान्यता दे सकता है, लेकिन यह सिर्फ बोर्ड पर निर्भर करता है।

रणजी अभी दूर
पूर्ण मान्यता मिलने के बाद भी छत्तीसगढ़ को रणजी मैच के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। रणजी ट्राफी के लिए क्वालीफाई करने से पहले प्रदेश टीम को एलीट ग्रुप में पहुंचकर बेहतर प्रदर्शन करना होगा। एलीट ग्रुप में टीम के प्रदर्शन के आधार पर ही रणजी ट्राफी की अनुमति मिलेगी। एलीट ग्रुप में पहुंचने के लिए प्रदेश टीम को प्लेट ग्रुप में अपने वर्ग में शीर्ष पर पहुंचना होगा, तभी वह एलीट ग्रुप के लिए क्वालीफाई कर सकेगी।

जुलाई में लगेगा फिटनेस कैंप
प्रदेश के क्रिकेटरों के लिए दो माह का फिटनेस कैंप लगेगा। कैंप रायपुर में जुलाई से सितंबर तक चलेगा। इसमें प्रदेश के खिलाड़ियों को एनसीए के ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगे। श्री दवे ने बताया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन अब तक अन्य एसोसिएट मान्यता प्राप्त राज्यों के खिलाड़ियों से बेहतर रहा है, लेकिन आगे प्लेट ग्रुप में उन्हें नेशनल लेवल पर मजबूत टीम के साथ खेलना पड़ेगा, इसलिए अभी से इसकी तैयारी करने के लिए फिटनेस कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है। खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा कमजोरी फिटनेस की होती है। इसमें खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए एनसीए से फिटनेस ट्रेनर बुलाया जाएगा, लेकिन अभी निर्णय नहीं लिया गया है।
 

Sunday, 3 April 2011

इंडिया ने दिखाया दम, बना विश्व चैंपियन


वर्ल्ड कप ट्राफी के साथ जोश में टीम इंडिया के खिलाड़ी
 मुंबई. गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी की उत्कृष्ट पारियां तथा 121 करोड़ लोगों की दुआ शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में भारत को 28 साल बाद क्रिकेट का विश्व चैंपियन बना गई। भारतीय टीम ने श्रीलंका को छह विकेट से हराकर 1983 के बाद दूसरी बार विश्व कप जीता।
उस दिन भी शनिवार था जब 25 जून, 1983 को कपिल देव के धुरंधरों ने लार्ड्स में इतिहास रचा था। धोनी के रणबांकुरों ने फिर से शनिवार भारतीयों के लिए यादगार बना दिया। भारत ने नया रिकार्ड भी बनाया। वह अपनी सरजमीं पर फाइनल जीतने वाला पहला देश बन गया है। यही नहीं आस्ट्रेलिया (चार बार) और वेस्टइंडीज (दो) के बाद भारत तीसरा देश है जिसने कम से कम दो बार विश्व कप जीता।

पिछले तीन टूर्नामेंट की तरह इस बार फाइनल हालांकि एकतरफा नहीं रहा और इसमें उतार चढ़ाव भी देखने को मिले। गंभीर भले ही शतक से चूक गए लेकिन उनकी 97 रन की पारी और धोनी के नाबाद 91 रन महेला जयवर्धने के सैकड़े पर भारी पड़ गए।
जयवर्धने ने 88 गेंद पर नाबाद 103 रन की पारी खेली। उनके अलावा कुमार संगकारा (48), तिलकरत्ने दिलशान (33) और नुवान कुलशेखरा (32) ने भी अच्छा योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरू में कसी हुई गेंदबाजी लेकिन आखिर में जमकर रन लुटाए। श्रीलंका ने आखिरी पांच ओवर में 63 रन बटोरकर छह विकेट पर 274 रन का अच्छा स्कोर खड़ा किया।
वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के 31 रन के अंदर पवेलियन लौटने के बाद गंभीर ने एंकर की भूमिका बखूबी निभाई। उन्हें विराट कोहली (35) और कप्तान धोनी के रूप में कुशल सहयोगी मिले। धोनी ने विजयी छक्का जड़ा और भारत ने चार विकेट पर 277 रन बनाकर देश में चार दिन के अंदर दूसरी बार दीवाली का माहौल बना दिया।
भारत के चैंपियन बनते ही क्या युवराज और क्या हरभजन सभी खिलाड़ी भावनाओं में बह गए। उनकी आंखों में आंसुओं की धारा बह निकली। तेंदुलकर का विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा बनने का सपना आखिर में पूरा हो गया जिसे वह 1992 के बाद से देख रहे थे। धोनी सहित कई भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से पहले कहा था कि वह तेंदुलकर के लिए कप जीतना चाहते हैं और उन्होंने वादा पूरा किया। युवराज सिंह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी बने। भारतीय टीम ने कोच गैरी कर्स्टन को भी स्वर्णिम विदाई दी।
भारत को इस जीत से 30 लाख डालर (लगभग 14 करोड़ रुपये) मिले जबकि 1996 के चैंपियन श्रीलंका को लगातार दूसरी बार उप विजेता से संतोष करना पड़ा और उसे 15 लाख डालर मिले। इसके साथ ही धोनी दुनिया के पहले कप्तान बन गये जिनके नाम पर टवेंटी 20 और वनडे दोनों का विश्व खिताब है।
भारतीय पारी के शुरू में हालात हालांकि काफी खराब थे। लेसिथ मालिंगा ने दूसरी गेंद पर ही सहवाग को पगबाधा आउट कर दिया जिसमें रेफरल भी खराब गया। तेंदुलकर ने अपने घरेलू मैदान पर एक दो शाट जमाकर दर्शकों में जोश भरने की कोशिश की लेकिन मालिंगा के तीसरे ओवर में संगकारा ने जब विकेट के पीछे उनका नीचा कैच लिया तो सभी के मुंह खुले के खुले रह गए। इसके साथ ही तेंदुलकर का 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतजार भी बढ़ गया।
गंभीर इसके बाद न सिर्फ विकेट पर टिके रहे बल्कि उन्होंने करारे शाट जमाकर रन गति भी नहीं गिरने दी। इस बीच जब वह 16 रन पर थे तब सूरज रणदीव की गेंद पर कुलशेखरा ने उनका कैच छोड़ा। श्रीलंका को यह चूक महंगी पड़ी और गंभीर ने कोहली के साथ लगभग 15 ओवर में 83 रन और धोनी के साथ लगभग 20 ओवर में 109 रन की साझेदारी करके दबाव मिटा दिया।
कोहली ने जब बल्ले से ताकत दिखानी शुरू की थी तभी उनके आन ड्राइव को दिलशान ने अपनी ही गेंद पर डाइव लगाकर कैच में बदल दिया। कोहली ने 49 गेंद खेली और चार चौके लगाये। धोनी आते ही स्टंप आउट होने से बचे लेकिन इसके बाद उन्होंने ऐसी कोई गलती नहीं की।
गंभीर की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिनरों का अच्छी तरह से सामना किया। मुथैया मुरलीधरन का जादू उन पर नहीं चला जबकि नुवान कुलशेखरा और तिसारा परेरा जैसे मध्यम गति के गेंदबाजों को पिच से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही थी। श्रीलंका को लचर क्षेत्ररक्षण की भी कीमत चुकानी पड़ी। संगकारा ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए। वह बीच में मालिंगा को भी एक ओवर के लिए आक्रमण पर लाए लेकिन गंभीर या धोनी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। भारतीय कप्तान पीठ दर्द से भी परेशान दिखे लेकिन उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और मुरलीधरन पर चौका जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया।
गंभीर जब शतक से केवल तीन रन दूर थे तब बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दर्शकों के अति उत्साह में खुद को शामिल करके आगे बढ़कर स्लाग शाट खेलना चाहा लेकिन वह चूककर बोल्ड हो गए। उन्होंने 122 गेंद खेली और नौ चौके लगाए। इस तरह से फाइनल में पहली बार दो शतक बनने का रिकार्ड नहीं बना।
धोनी के साथ अब प्लेयर आफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह (नाबाद 21) थे और उनके सामने स्लाग ओवरों के कातिल मालिंगा की भी नहीं चली। भारत को जब 18 गेंद पर 16 रन चाहिए थे तब धोनी ने मालिंगा पर दो चौके जड़ने के बाद कुलशेखरा पर लांग आन पर छक्का जमाकर वानखेड़े को शोर के आगोश में डुबो दिया। धोनी ने 79 गेंद खेली तथा आठ चौके और दो छक्के लगाए।
टॉस को लेकर बने असमंजस में संगकारा जब सिक्के की उछाल में सफल रहे तो उन्होंने पहले बल्लेबाजी ली। विश्व कप फाइनल में इससे पहले दस में से आठ अवसरों पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम पराजित हुई थी। मैच के शुरू में जहीर का जलवा देखने को मिला। उन्होंने अपने पहले पांच ओवर में छह रन देकर एक विकेट लिया लेकिन अंतिम पांच ओवर में वह 54 रन दे गए।
जहीर के पहले तीन ओवर मेडन थे। उन्होंने 19वीं गेंद पर फार्म में चल रहे उपुल थरांगा को सहवाग के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद हरभजन की लूप लेती गेंद पर दिलशान ने स्वीप करने के प्रयास में चूककर बोल्ड हो गए। संगकारा और जयवर्धने के बीच जब 11 ओवर में 62 रन की साझेदारी हो गई थी तब इस टूर्नामेंट में भारत के ट्रंप कार्ड युवराज ने वानखेड़े स्टेडियम में जोश भरा। संगकारा ने उन पर दो रन लिए, चौका जड़ा लेकिन आखिर में कट करने के प्रयास में विकेट के पीछे धोनी को कैच थमा गए।
जयवर्धने ने बाद में तिलन समरवीरा के साथ 57 रन जोड़े। युवराज ने समरवीरा को पगबाधा आउट करके यह साझेदारी तोड़ी। साइमन टफेल ने उनकी अपील हालांकि ठुकरा दी थी लेकिन रेफरल भारत के पक्ष में रहा था। युवराज ने 49 रन देकर दो विकेट लिए। वह टूर्नामेंट में कुल 15 विकेट लेने में सफल रहे।
जहीर ने चमारा कापुगेदारा आउट करके टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट (21) लेने में शाहिद अफरीदी की बराबरी की। जयवर्धने और कुलशेखरा लगभग आठ ओवर में 66 रन जोड़ दिए। जहीर ने अंतिम दो ओवर में 35 रन दिए। कुलशेखरा ने 48वें ओवर में उन पर पारी का पहला छक्का जड़ा जबकि जयवर्धने ने लगातार दो चौके जड़कर विश्व कप में तीसरा और वनडे में 14वां शतक पूरा किया। तिसारा परेरा ने आखिर में नौ गेंद पर नाबाद 22 रन ठोके।
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टीम इंडिया ने देर रात तक जश्न नहीं
मुंबई. भारतीय टीम ने क्रिकेट विश्व कप खिताब जीतने के बाद देर रात तक उधम भरी पार्टी नहीं की क्योंकि यह जश्न उनके लिए भावनाओं से भरा था जिसमें कुछ खिलाड़ियों का परिवार भी यहां मौजूद था। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर ज्यों ही टीम को जीत दिलाई तो वानखेड़े स्टेडियम में खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और एक दूसरे को गले लगाने लगे।
28 साल बाद आए इस अविश्वसनीय क्षण को कुछ ने सहेजने के लिए स्टंप उखाड़ लिए और फिर भावनाओं का उद्गार आसुंओं से भी हुआ। मैदान पर जीत का जश्न मनाने और पुरस्कार समारोह वितरण के बाद जश्न सिर्फ ड्रेसिंग रूम तक ही सीमित रहा जिसमें शैंपेन की बोतलें खोली गई और सभी खिलाड़ियों को इसमें भिगो दिया गया। इसके अलावा खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रूप में रात का खाना खाया और शैंपेन पी, लेकिन टीम के होटल में किसी भी तरह का जश्न नहीं मनाया गया। टीम मैनेजर रंजीब बिस्वाल ने कहा, 'टीम होटल में किसी भी तरह का विशेष जश्न नहीं मनाया गया क्योंकि यह काफी भरा हुआ था। खिलाड़ी अपने कमरों में चले गए।'
बिस्वाल ने कहा कि ज्यादातर जश्न सिर्फ स्टेडियम तक ही सीमित रहा। उन्होंने कहा, 'यह खिलाड़ियों के लिए काफी भावुक क्षण था। इसे हासिल करने के लिए उन्होंने काफी कड़ी मेहनत की है इसलिए यह उनके लिए विशेष था।' बिस्वाल ने कहा, 'ड्रेसिंग रूम में काफी खिलाड़ियों की आंखों में आंसू थे। वे काफी खुश थे। उन्होंने एक दूसरे को गले लगाया और इस क्षण का लुत्फ उठाया। इसमें काफी शैंपेन भी खोली गई। उन्होंने फोटो भी लिए।'
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धोनी बहुत बुद्धिमान और
चतुर कप्तान है : संगकारा
मुंबई. श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने क्रिकेट विश्व कप फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की टीम से मिली शिकस्त के बाद कहा कि भारत का बल्लेबाजी क्रम इतना मजबूत है कि 300 रन का स्कोर भी जीत के लिए पर्याप्त नहीं होता।
संगकारा ने कहा कि जब आपका बल्लेबाजी क्रम इतना शानदार हो तो जीत के लिए 300 रन भी काफी नहीं होते। उन्होंने कहा कि उनकी (भारत) बल्लेबाजी अविश्वसनीय है, जो वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ है। महेंद्र सिंह धोनी बहुत बुद्धिमान और चालाक कप्तान हैं।
संगकारा ने बीती रात मैच के बाद कहा कि बाएं हाथ मैंने जो भी बल्लेबाज देखे हैं, उसमें गंभीर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने विराट कोहली के साथ मिलकर साझेदारी की। महेंद्र सिंह धोनी जानते थे कि क्या करना चाहिए।
यह पूछने पर कि टॉस को लेकर क्या भ्रम हुआ था तो उन्होंने कहा कि किसी ने भी अपनी पसंद नहीं बोली थी। उन्होंने कहा कि किसी ने भी अपनी पंसद नहीं बोली थी। धोनी ने सोचा कि मैं हार गया जबकि हम दोनों टॉस जीतना चाहते थे।
संगकारा ने स्वीकार किया कि श्रीलंकाई टीम ने शुरू में वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर को आउट करने के बावजूद मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा कि जब हमें पहले दो विकेट मिल गए थे, उसके बाद हम अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाए। महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर जम गए।
संगकारा ने कहा कि पूरे मैच के दौरान पिच काफी अच्छी थी। पारी के बीच में यह थोड़ी टर्न कर रही थी। हम उन्हें ज्यादा परेशान नहीं कर पाए। जहां तक स्पिन की बात है मुरली हमारा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। वह गेंद टर्न कर रहा था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 18वें या 19वें ओवर में 100 रन बना लिए, हम समझ गए थे कि वे अच्छा प्रयास कर रहे हैं। इसी समय हमें उन पर थोड़ा दबाव बनाना चाहिए था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए। अंजता मेंडिस की जगह सूरज रणदीव को शामिल करना फायदेमंद नहीं हुआ लेकिन श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि भारत के खिलाफ रणदीव के शानदार रिकार्ड को देखते हुए उसे अंतिम एकादश में शामिल किया गया। संगकारा ने कहा कि हम मेंडिस के विकल्प के बारे में सोच रहे थे। हमें एंजलो मैथ्यूज के कारण क्रम में बदलाव करने पर बाध्य होना पड़ा। रणदीव ने भारत के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया है। श्रीलंका ने 1996 की विश्व कप खिताब जीता था। संगकारा ने कहा कि मैथ्यूज का बाहर होना हमारे लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में करारा झटका था लेकिन इसके बारे में हम कुछ नहीं कर सकते।
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फफक पड़े युवराज-भज्जी
सचिन को कंधे पर घुमाया
मुंबई. सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतने का वादा करने वाली टीम इंडिया ने जब श्रीलंका को फाइनल में हराकर इसे पूरा किया तो खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और इस चैम्पियन बल्लेबाज को कंधे पर बिठाकर टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर ज्यों ही टीम को जीत दिलाई, दूसरे छोर पर उनके साथ खड़े युवराज सिंह दौड़कर उनके गले मिले और फफक पड़े। ड्रेसिंग रूम में बैठे तमाम भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर दौड़कर युवराज और धोनी को गले लगा लिया। हरभजन सिंह हो या सचिन तेंदुलकर या फिर पहला विश्व कप खेल रहे विराट कोहली, सभी की आंखों में खुशी के आंसू थे।
युसूफ पठान, सुरेश रैना और विराट कोहली ने मिलकर सचिन को कंधे पर उठा लिया और पूरी टीम ने सचिन सचिन चिल्लाते हुए वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया। विराट ने कहा कि इस चैम्पियन खिलाड़ी ने 21 साल तक देश की उम्मीदों का बोझ उठाया है और आज हमारी बारी थी उन्हें कंधे पर उठाकर सम्मान देने की।
फाइनल में 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाले गौतम गंभीर ने कहा कि हम सभी की आंखों में खुशी के आंसू हैं। हमने 2007 विश्व कप में खराब खेला था लेकिन आज जीतने का सपना सच हो गया।
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सचिन के लिए विश्वकप
जीतना चाहता था : युवी 
मुंबई. भारत की खिताबी जीत के सूत्रधार रहे मैन आफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह ने खुलासा किया कि वह सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतना चाहते थे।
फाइनल मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में युवराज ने कहा कि मुझे खेद है कि मैं आपको निराश कर रहा हूं। मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतना चाहता था। युवराज ने अहमदाबाद में क्वार्टर फाइनल मैच में आस्ट्रेलिया पर टीम को जीत दिलाने के बाद कहा था कि वह किसी खास व्यक्ति के लिए विश्व कप जीतना चाहते हैं और फाइनल के बाद ही उसका खुलासा करेंगे। युवराज ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को संकट के दौर में उनका साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब मैंने अपना कैरियर शुरू किया तब सौरव कप्तान थे और उन्होंने मेरा खूब साथ दिया। जब मैंने उतार चढ़ाव देखे तो माही ने मेरा साथ दिया। माही बेहतरीन कप्तान है और जिसे जो भी छूता है, वह सोना बन जाता है। सौरव और धोनी ने मेरा खूब साथ दिया। युवराज ने कहा कि पिछले साल मैं चोट और खराब फार्म से जूझता रहा। रणजी मैचों के दम पर मैंने वापसी की और सही समय में फार्म में लौटा। नौ मैचों में 369 रन बनाने और 15 विकेट लेने वाले युवराज ने कहा कि खराब दौर में मिली आलोचना से वह हैरान नहीं थे। उन्होंने कहा कि आलोचना भी खेल का हिस्सा है। अच्छा नहीं खेलने पर इसे झेलना पड़ता है। अब हम जीत गए हैं तो आलोचना नहीं होगी।
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विश्व कप में दिखा बदला हुआ युवराज
मुंबई. पिछले साल ही भारतीय टीम से बाहर किए गए युवराज सिंह विश्व कप में भारत के सफल अभियान में पूरी तरह से बदले हुए से नजर आए। इस क्रिकेट महाकुंभ में पंजाब के इस खिलाड़ी का वह अंदाज देखने को मिला जिसके कारण उन्हें भारतीय टीम का मैच विजेता कहा जाता है।
भारत की जीत के बाद युवराज भावुक हो गए थे और वानखेड़े स्टेडियम में 33 हजार दर्शकों और टेलीविजन पर देख रहे करोड़ों लोगों के सामने फफक-फफक कर रो पड़े थे। युवराज ने कहा कि जीत के बाद भावनाओं पर काबू पाना मुश्किल था और पहली बार उनकी आंखों में आंसू आए। उन्होंने इस क्षण को टीम के लिए सपना सच होने जैसा बताया।
युवराज ने कहा कि शायद पहली बार मेरी आंखों में आंसू आए। मेरी आंखों में इसलिए आंसू आए क्योंकि सभी की आंखें भरी हुई थी। इस आलराउंडर ने टूर्नामेंट में 369 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी लिए। उन्होंने कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के लिए यह टूर्नामेंट जीतना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि मैं यह टूर्नामेंट उनके लिए जीतना चाहता था क्योंकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट में जितना योगदान दिया है उतना किसी ने नहीं दिया है। उनकी उपलब्धियां बेमिसाल है। मैं हमेशा भगवान से प्रार्थना करता था कि उनके संन्यास लेने से पहले भारत विश्व कप जीत जाए।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का भाग्य तेजी से बदला क्योंकि कुछ महीने पहले ही खराब फार्म के कारण उन पर उंगलियां उठ रही थी। वह वनडे टीम के नियमित सदस्य रहे लेकिन कभी टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए जिसके बारे में उनका कहना है कि यह किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है।
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के संन्यास के बाद युवराज को टेस्ट टीम में जगह पक्की करने का मौका मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए। युवराज टेस्ट टीम से अंदर बाहर होते रहे और आखिर में पिछले साल अक्टूबर में आस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। यहां तक कि उन्हें जून में एशिया कप की एकदिवसीय टीम में भी नहीं चुना गया।
उन्होंने कहा कि टवेंटी20 विश्व कप में हार के बाद मेरी काफी आलोचना हुई। सात आठ साल बाद भारतीय टीम से बाहर होना मेरे लिए बड़ा झटका था। इसके बाद ही मैंने बेहतर करने की सोची और अतिरिक्त मेहनत करनी शुरू की विश्व कप से पहले तक युवराज चोट और खराब फार्म से जूझते रहे और उन्होंने स्वीकार किया कि टूर्नामेंट से पहले वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में नहीं थे।
उन्होंने कहा कि वास्तव में मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में नहीं था। मैं धीरे-धीरे फार्म में लौटा। मैंने अच्छी गेंदबाजी, अच्छी बल्लेबाजी और अच्छा क्षेत्ररक्षण करना शुरू किया। पिछले साल से वास्तव में मैंने अपने खेल पर बहुत काम किया। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि मैं इतना चोटिल क्यों हो रहा हूं।
युवराज ने कहा कि वह मेरे लिए मुश्किल दौर था। यह पिछले दस साल में मेरे लिए सबसे मुश्किल दौर था। तब ऐसा भी समय आया जब मैंने खुद से पूछा कि क्या मुझे खेलना जारी रखना चाहिए। मैंने गंभीरता से यह सोचना शुरू कर दिया कि क्या मैं आगे खेलना चाहता हूं या नहीं। मैं बहुत नकारात्मक बातें सोच रहा था।
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ट्विटर पर विजेता भारतीय

टीम को बधाईयों का तांता
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के 28 साल बाद दोबारा विश्व कप ट्राफी जीतने के बाद बालीवुड की मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, क्रिकेट प्रशासकों और खिलाड़ियों की बधाईयों का तांता लग गया है।
महान स्पिनर शेन वार्न और अन्य खिलाड़ी जैसे महेश भूपति, सानिया मिर्जा, राज्यवर्धन राठौड़, करुण चंडोक से लेकर खेल मंत्री अजय माकन, बालीवुड तारिका शिल्पा शेट्टी सभी ने टीम इंडिया की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए टि्वटर पर बधाई दी।
बीती रात सह मेजबान भारत ने मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को छह विकेट से हरा दिया, जिसके बाद देश के सभी राज्यों की सड़कों पर जश्न के अलग-अलग तरीके अपनाए गए और माइक्रो ब्लागिंब वेबसाइट पर बधाईयों की कतार लग गई।
खेल मंत्री अजय माकन ने टि्वट किया, धोनी और टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत जीत का हकदार था। वार्न ने भारतीय टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत को एक बार और बधाई हो। आईपीएल चार का राजस्थान रायल्स का पहला ट्रेनिंग सत्र आज शुरू होगा। खिलाड़ियों ने शायद नींद पूरी नहीं की।
वार्न ने लिखा कि दोनों टीमों को शानदार टूर्नामेंट और बेहतरीन फाइनल के लिए बधाई। भारतीय टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और खिताब जीता। इसका लुत्फ उठाओ। आईपीएल टीम राजस्थान रायल्स की सह मालिक शिल्पा शेट्टी ने लिखा कि सड़कों पर जश्न देखा जाना चाहिए और इस पर विश्वास करना चाहिए। भारत जश्न मना रहा है और यह इसका सबूत है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा।
उन्होंने लिखा कि इतिहास रच गया। अद्भुत क्षण जो हमेशा के लिए हमारे दिमाग पर चिन्हित हो गया। बधाई हो टीम इंडिया। हमारा सपना सच कर हमें खुशी से रोने पर मजबूर कर दिया। आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने भी भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि शानदार समापन। सर्वश्रेष्ठ टीम जीती। चारों ओर बढ़िया क्रिकेट। दुनिया के क्रिकेट प्रेमी इसकी प्रशंसा कर रहे हैं। निश्चित रूप से क्रिकेट ने पैर पसारे। भारतीय टीम अद्भुत।
मोदी ने लिखा कि एमएसडी भारत के लिए शानदार कप्तान हैं। वह लगातार प्रदर्शन कर रहा है। उन्हें बधाई। मेरे दोस्त युवी को मैन आफ द टूर्नामेंट के लिए बधाई। वह हमेशा की तरह बेहतरीन था और इसका हकदार था। उन्होंने श्रीलंकाई टीम को भी बधाई दी जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
अनुभवी टेनिस खिलाड़ी भूपति ने लिखा कि इस जीत को शब्द बयां नहीं कर सके। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम। अद्भुत प्रयास। हम भी जश्न का हिस्सा होने के लिए निकल पड़े।
सानिया मिर्जा ने लिखा कि टीम इंडिया और सभी खिलाड़ियों को जीत के लिए बधाई। तुम लोगों ने अरबों लोगों को गर्व महसूस कराया और उनके चेहरों पर मुस्कान लाए। धन्यवाद टीम इंडिया। गॉड ब्लैस यू।
उन्होंने टि्वट किया कि सचिन कितने महान हैं इस अहसास को बयां नहीं किया जा सकता। भारतीय होकर काफी गर्व महसूस कर रही हैं, जैसा इस समय आप महसूस कर रहे हैं।
ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले निशानेबाज राठौड़ ने कहा कि बधाई हो टीम इंडिया। श्रीलंका ने अच्छा खेल दिखाया लेकिन आप पड़ोसी टीम से सर्वश्रेष्ठ थे। फार्मूला वन ड्राइवर चंडोक ने टि्वट किया, याहा...कितना शानदार अंत।
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सचिन, जहीर और युवराज आईसीसी
टीम ऑफ द टूर्नामेंट में
नई दिल्ली. भारत की विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और जहीर खान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टूर्नामेंट की टीम में शामिल किया गया है।
कुमार संगकारा को इस 12 सदस्यीय टीम का कप्तान चुना गया है जिसमें श्रीलंका के महेला जयवर्धने, तिलकरत्ने दिलशान और मुथैया मुरलीधरन भी शामिल हैं। फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे महेंद्र सिंह धोनी हालांकि इस टीम में जगह नहीं बना पाए।
आईसीसी की मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार इस टीम को विशेषज्ञों के समूह ने चुना है जिन्हें उपमहाद्वीप की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर टीम चुनने के लिए कहा गया था। आंकड़ों पर ध्यान दिया गया, लेकिन केवल वही चयन के आधार नहीं थे।
पाकिस्तान के एकमात्र खिलाड़ी कप्तान शाहिद अफरीदी जबकि दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स और डेल स्टेन को इस टीम में जगह मिली है। ऑस्ट्रेलिया से शेन वाटसन इस टीम में शामिल हैं जबकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउथी को 12वां खिलाड़ी चुना गया है। इंग्लैंड का कोई भी खिलाड़ी इस टीम में नहीं है।
टूर्नामेंट की टीम इस प्रकार है
सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, जहीर खान (सभी भारत), तिलकरत्ने दिलशान, कुमार संगकारा (विकेटकीपर और कप्तान), महेला जयवर्धने, मुथैया मुरलीधरन (सभी श्रीलंका), एबी डिविलियर्स, डेल स्टेन (दोनों दक्षिण अफ्रीका), शेन वाटसन (ऑस्ट्रेलिया) शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान)। 12वां खिलाड़ीः टिम साउथी (न्यूजीलैंड)।
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Wednesday, 16 March 2011

फुटबाल बालाओं का हुआ स्वागत

लगातार दूसरी बार श्रीलंका में प्रतिनिधित्व
 कर लौटीं सुप्रिया और निकिता
फुटबाल संघ के पदाधिकारियों के साथ सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना

रायपुर. राजधानी की 13 वर्षीय सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना छत्तीसगढ़ के खेल जगत में इतिहास रचकर बुधवार को वापस लौटीं। इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल ही श्रीलंका में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था और टीम इंडिया ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। एक बार फिर से इन खिलाड़ियों ने श्रीलंका की एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप में अपना जौहर दिखाया और भारतीय टीम ने ओवरआल बेहतर प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों का यहां पुलिस मुख्यालय में स्वगात  किया गया।
कोच सरिता कुजूर के साथ सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना
शंकर नगर निवासी सुप्रिया कुकरेती एमजीएम स्कूल की सातवीं की छात्रा हैं। सुप्रिया ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व स्टाइकर के तौर पर किया। कचना की निकिता पन्ना होलीक्रास स्कूल कांपा में आठवीं की छात्रा हैं। निकिता टीम की गोलकीपर थीं। पुलिस मुख्यालय में इन खिलाड़ियों का डीजीपी विश्वरंजन, एडीजी रामनिवास सहित छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ के सचिव जीडी गांधी, रायपुर जिला फुटबाल संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अली प्रधान, सचिव दिवाकर थिटे, कोच सरिता कुजूर सहित कई पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान इन खिलाड़ियों के परिजन भी  मौजूद थे। इन खिलाड़ियों ने खेल संचालक जीपी सिंह से भी मुलाकात की। श्री सिंह ने इन्हें आगे बढ़ाने हरसंभव सुविधा मुहैया कराने आश्वस्त किया। निकिता और सुप्रिया ने इस दौरान कहा कि वे काफी आगे बढ़ना चाहती हैं और राज्य व देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती हैं। निकिता और सुप्रिया की प्रशिक्षक फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए एएफटी ने नियम बनाया था कि एक  देश से 22 खिलाड़ियों को खिलाया जाए और ए व बी दो टीमें बनाई जाएं जिससे सभी खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले। भारत की ए व बी दो टीमें बनाई गईं और दोनों टीमों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने कुल दस मैच खेले और सभी में जीत हासिल की। श्रीलंका के साथ खेला गया पहला मैच ड्रा रहा। ग्रुप बी में श्रीलंका को भारत ने 0-1 से, जार्डन को 1-0 व 1-8 से, इरान को 1-0 व 2-0 से, पलीस्तीन को 10-0, 6-0 और 7-0 से पराजित किया। सुश्री कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में फाइनल मैच नहीं हुआ बल्कि ओवरआल प्रदर्शन देखा गया।

विश्व कप : आस्ट्रेलिया क्वार्टर फाइनल में

 बेंगलूरू. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप मुकाबले में आस्ट्रेलिया ने कनाडा को सात विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही आस्ट्रेलिया ग्रुप ए में शीर्ष पर पहुंच गया है। कनाडा द्वारा दिए गए 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आस्ट्रेलिया की सलामी जोड़ी ब्रड हेडिन और शेन वाटसन ने टीम को मजबूत शुरूआत दी। इसके बाद पुछल्ले बल्लेबाजों को जीत का लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और महज 34.5 ओवर में ही जीत हासिल कर ली।
29वें ओवर में पहले विकेट के रूप में ब्रैड हेडिन (88) जेएम डेविशन की गेंद पर आशीष बगाई के हाथों लपके गए। अगले ही ओवर में शेन वाटसन (94) चलते बने। उन्हें हरवीर बेडवॉन की गेंद पर ऑनरे आसिंडे ने लपका। 35वें ओवर में रिकी पोंटिंग (7) रन बनाकर ओसिंदे की गेंद पर लपके गए। माइकल क्लार्क (16) और कैमरन वाइट (04) नाबाद रहे।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कनाडा की टीम ने ग्रुप "ए" के इस मुकाबले में हीरल की तूफानी पारी की बदौलत 16 ओवरों में ही 100 रन बना लिए थे लेकिन बाद के बल्लेबाजों ने धीमे खेल से अपेक्षित लक्ष्य पर पानी फेर दिया।
45 गेंदों पर पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 54 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले हीरल के अलावा जुबिन सुरकारी ने 34 रनों का योगदान दिया जबकि कप्तान बगाई ने 39 रन बनाए। कार्ल व्हाथम ने 18 और हरबीर बैदवान ने 17 रनों का योगदान दिया।
कनाडा का तीसरा विकेट कप्तान आशीष बगाई के रूप में 150 रनों पर गिरा था। इसके बाद 61 रन जोड़कर बाकी के सात बल्लेबाज पेवेलियन लौट गए। कनाडाई पारी की तीन सबसे बड़ी साझेदारियां शुरूआती तीन विकेटों के लिए हुई। पहले विकेट के लिए जॉन डेविसन और हीरल ने 3.5 ओवरों में ही 41 रन जोड़ दिए थे। इसके बाद हीरल और सुरकारी ने 7.4 ओवरो में 41 रनों की साझेदारी को अंजाम दिया। तीसरी और सबसे बड़ी साझेदारी सुरकारी और बगाई के बीच हुई, जिसमें दोनों ने 16.5 ओवरों में विकेट बचाते हुए 68 रन जोड़े। अंतिम ओवरों में व्हाथम और बैदवान ने आठवें विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी की।
आस्टे्रलिया की ओर से ब्रेट ली ने सर्वाधिक चार विकेट लिए जबकि जेसन क्रेजा और शॉन टेट को दो-दो सफलता मिली। इसके अलावा मिशेल जानसन और शेन वॉटसन को भी एक-एक विकेट मिला।
ग्रुप "ए" के इस मुकाबले में जीत के साथ ही मौजूदा चैम्पियन आस्टे्रलिया शीर्ष पर पहुंच गया। इस ग्रुप से पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की टीमें चार-चार जीत के साथ पहले ही क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं।
दोनों टीमों के 8-8 अंक हैं जबकि आस्ट्रेलिया के पांच मैचों से नौ अंक हो गए है और वह ग्रुप में चोटी पर पहुंच गया है। श्रीलंका 7 अंक हासिल किया हुआ है। इस ग्रुप से इन्हीं चार टीमों का क्वार्टर फाइनल में पहुंचना तय है क्योंकि जिम्बाब्वे, केन्या और कनाडा पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके हैं।
कनाडा ने बनाया नया रिकार्ड
इस मैच की खास बात यह रही कि कनाडा ने गत चैंपियन टीम के शक्तिशाली गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ मौजूदा टूर्नामेंट में सबसे तेज 50 रन बनाने का नया रिकार्ड बना दिया। कनाडा ने मात्र 4.4 ओवरों में ही 50 रन ठोक डाले जिनमें से ओपनर हीरल पटेल का योगदान 36 रन है। पिछला रिकार्ड बंगलादेश के नाम था जिसने भारत के खिलाफ उदघाटन मैच में 4.5 ओवर में 50 रन बनाए थे।
इससे पहले, हीरल पटेल ने जिस अंदाज में पारी की शुरूआत की थी, उसे देखकर यही लगा था कि कनाडा विश्व चैम्पियन आस्टे्रलिया को बड़ा लक्ष्य देने में सफल रहेगा लेकिन अनुभव की कमी और आस्टे्रलियाई गेंदबाजी के अच्छे प्रदर्शन ने उसे 45.4 ओवरों में 211 रनों के मामूली योग पर सीमित कर दिया।

अधूरी टीम इंडिया का अधूरा अभ्यास


चेन्नई. गल्तियों से सबक लेना तो दूर उसमें सुधार भी न करने वाली टीम इंडिया के सारे खिलाड़ी दूसरे दिन भी अभ्यास के लिए इकट्ठा नहीं हो पाए। वेस्टइंडीज से होने वाले अहम मुकाबले के तीन दिन पहले भारत के कुछ ही खिलाड़ियों ने अभ्यास किया। युवराज सिंह समेत इन सात भारतीय खिलाड़ियों ने भी अभ्यास सत्र के दौैरान सिर्फ सवा दो घटे ही पसीना बहाना मुनासिब समझा।
हारकर भी मस्ती में माहिर भारतीय टीम अभी भी नहीं चेत रही है। फिसड्डी टीमों के साथ हुए लीग मैचों को अगर किसी ने रोमांचक बनाया तो उसका श्रेय भी टीम इंडिया को ही जाता है। दक्षिण अफ्रीका के हाथों नजदीकी हार के बाद भी भारतीय खिलाड़ी अभ्यास पर ध्यान देने के बजाए अपना ध्यान कहीं और दे रहे हैं। विश्व कप जीतना का सपना संजोने वाली टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज को हराना बेहद जरूरी है, वरना हो सकता है कि वो क्वार्टर फाइनल में भी न पहुंचे और उसका दिल और सपने दोनों चकनाचूर हो जाएं। बाकी प्रशंसकों को तो जैसे इसकी आदत ही हो गई है।
कप्तान महेंद्र सिंह धौनी, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौैतम गंभीर, जहीर खान को अभ्यास की जरूरत नहीं महसूस हुई। वहीं युवराज, सुरेश रैना, विराट कोहली, यूसुफ पठान, आर अश्विन, पीयूष चावला और मुनफ पटेल ने कोच गैरी क‌र्स्टन और मानसिक अनुकूलन कोच पैडी उप्टोन के साथ मैदान पर ज्यादा समय देने की जहमत नहीं उठाई। हां कोच क‌र्स्टन ने थोड़ा ध्यान देते हुए कोहली और पठान के साथ ज्यादा समय बिताया। भारत ग्रुप-बी के आखिरी लीग मैच में रविवार को वेस्टइंडीज से भिड़ेगा। भारत ने अभी तक पांच मैच खेले हैं जिसमें से उसने तीन मैच जीते और एक हारा है जबकि इंग्लैंड के साथ मुकाबला टाई रहा था। इस आधार पर भारत के अभी सात अंक हैं।

Tuesday, 15 March 2011

विश्व कप : द. अफ्रीका क्वार्टर फाइनल में

आयरलैंड को 131 रनों से हराया, 
डुमिनी फंसे 99 के फेर में
डुमिनी
कोलकाता.  दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक ईडन गार्डंस स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप-बी मुकाबले में आयरलैंड को 131 रनों से हरा दिया। 273 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही आयरलैंड की टीम 33.3 ओवरों में 141 रन बनाकर पेवेलिटन लौट गई।
इस जीत ने दक्षिण अफ्रीका को अपने ग्रुप में आठ अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंचा दिया है। उसके खाते में पांच मैचों में चार जीत दर्ज हैं जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था। उसे अपना अंतिम मुकाबला बांग्लादेश के साथ खेलना है। आयरिश टीम ने 51 रन के कुल योग पर ही अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद केविन ओ' ब्रायन तथा गैरी विल्सन ने छठे विकेट के लिए 41 रन जोड़कर थोड़ा संघर्ष किया लेकिन 92 रन के कुल योग पर इन दोनों के आउट होने के बाद आयरलैंड की पारी सस्ते में सिमट गई। केविन ने 19 रन बनाए जबकि विल्सन ने 48 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 31 रनों की अच्छी पारी खेली। कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड छह रन बनाकर पेवेलियन लौटे जबकि पॉल स्टर्लिग 10 रन बना सके। एड जॉएस से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह भी 12 रन बनाकर आउट हो गए। आयरलैंड के स्टार बल्लेबाज नियाल ओ' ब्रायन 10 रन बना सके। इसके अलावा जॉन मूनी ने 14, ट्रेंट जान्सटन ने 12 और जार्ज डॉकरेल ने 16 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से मोर्ने मोर्कल और रोबिन पीटरसन ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि जैक्स कैलिस को दो सफलता मिली। जोहान बोथा और ज्यां पॉल ड्यूमिनी ने भी एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, मध्यक्रम के धुरंधर बल्लेबाज डुमिनी (99) की शानदार पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने आयरलैंड के सामने 273 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अपने पांच महत्वपूर्ण विकेट 117 रनों पर ही गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद ड्यूमिनी ने कोलिन इंग्रैम (46) और जेहान बोथा (नाबाद 21) के साथ शानदार साझेदारियां निभाकर अपनी टीम को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचा दिया।
106 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से अपनी पारी को संवारने वाले ड्यूमिनी के साहस की बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 272 रन बनाने में सफल रही। ड्यूमिनी और इंग्रैम के अलावा मोर्ने वैन विक ने भी 42 रनों की बेहद उपयोगी पारी खेली। पहला विकेट 24 रन के कुल योग पर गिरने के बाद कप्तान ग्रीम स्मिथ (7) और विक ने दूसरे विकेट के लिए 28 रन जोड़े लेकिन स्मिथ के दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट होने के बाद विक ने जैक्स कैलिस (19) के साथ तीसरे विकेट के लिए 32 रन जोड़े। इसके बाद विक पेवेलियन लौटे। कैलिस का विकेट भी सस्ते में गिर गया। कैलिस 95 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे थे। इसके बाद ड्यूमिनी ने फाफ डू प्लेसिस के साथ पांचवें विकेट के लिए 22 रन, इंग्रैम के साथ छठे विकेट के लिए 87 रन और बोथा के साथ सातवें विकेट के लिए 65 रन जोड़े। भारत के खिलाफ अर्धशतक लगाने वाले आमला 18 रन ही बना सके जबकि स्मिथ सात रन के व्यक्तिगत योग पर रन आउट हुए। स्मिथ का विकेट 52 रन के कुल योग पर गिरा जबकि विक का विकेट 84 रन के कुल योग पर गिरा। विक ने अपनी 41 गेंदों की तेज पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया।
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स्कोर कार्ड
दक्षिण अफ्रीका                                          रन    गेंद    4    6
अमला कै डोकरेल बो रैनकिन                        18    17    1    1
स्मिथ रनआउट                                           7    18    0    0
वान विक बो डोकरेल                                   42    41    7    1
कैलिस रनआउट                                         19    31    3    0
डुमिनी कै के ओब्रायन बो मूनी                      99    103    6    1
प्लेसिस कै जानसन बो स्टर्लिंग                   11    19    0    0
इनग्राम बो जानसन                                  46    43    7    0
बोथा नाबाद                                            21    28    1    0
पीटरसन नाबाद                                       0    0    0    0
अतिरिक्त : 9, कुल : 50 ओवर में 7 विकेट पर 272 रन। विकेटपतन : 1-24 (हाशिम अमला, 4.4), 2-52 (ग्रीम स्मिथ, 9.4), 3-84 (वान विक, 15.5), 4-95 (जैक्स कैलिस, 20.3), 5-117 (फाफ डू प्लेसिस, 26.3), 6-204 (इनग्राम, 39.4), 7-269 (जेपी डुमिनी, 49.4). गेंदबाजी : रैनकिन 10-0-59-1, टेÑंट जानसन 10-0-76-1, जान मूनी 8-0-36-1, जार्ज डोकरेल 10-0-37-1, पाल स्टर्लिंग 10-0-45-1, अलेक्स कुसैक 2-0-14-0.
आयरलैंड                                            रन    गेंद    4    6
पोर्टरफील्ड कै स्मिथ बो मोर्केल                 6    8    1    0
स्टर्लिंग कै कैलिस बो मोर्केल                    11    21    2    0
जोयसे पगबाधा बो बोथा                         12    24    2    0
एन ओब्रायन कै वान विक बो कैलिस         10    16    0    1
विल्सन पगबाधा बो पीटरसन                   31    48    4    1
केविन कै अमला बो पीटरसन                   19    24    2    0
कुसैक कै स्मिथ बो पीटरसन                    7    11    1    0
मूनी कै वान विक बो कैलिस                    14    28    1    0
जानसन कै वान विक बो डुमिनी               12    16    0    1
डोकरेल कै वान विक बो मोर्केल                16    12    3    0
रैनकिन नाबाद                                      0    2    0    0
अतिरिक्त : 4, कुल : 33.2 ओवर में 141 रन (आलआउट)। विकेटपतन : 1-8 (विलियम पोर्टरफील्ड, 1.6), 2-19 (पाल स्टर्लिंग, 3.3), 3-35 (एन ओब्रायन, 8.5), 4-51 (जोयसे, 11.5), 5-92 (केविन ओब्रायन, 21.3), 6-92 (विल्सन, 21.5), 7-107 (कुसैक, 25.5), 8-123 (टेट जानसन, 29.5), 9-137 (जान मूनी, 32.4), 10-141 (डोकरेल, 33.2). गेंदबाजी : डेल स्टेन 4-1-13-0, मोर्न मोर्केल 5.2-0-33-3, जैक्स कैलिस 6-1-20-2, जोहान बोथा 8-0-32-1, रोबिन पीटरसन 8-0-32-3, जेपी डुमिनी 2-0-11-1.
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आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के 
बाद संन्यास ले लेंगे डेविसन
जान डेविस
बेंगलुरु. विश्व कप के   सबसे उम्रदराज खिलाड़ी कनाडा के आलराउंडर जान डेविसन ने आज घोषणा की कि वह बुधवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ ग्रुप-ए मैच के बाद अंतरराष्टÑीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
41 वर्षीय डेविसन दक्षिण अफ्रीका में हुए 2003 के टूर्नामेंट के दौरान बुलंदियों पर पंहुचे थे जहां उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ उस समय विश्व कप का सबसे तेज शतक बनाया था। डेविसन विश्व कप के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी है। हालांकि इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और वह चार पारियों में मात्र 19 रन बना पाए थे। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच उनका 32वां एकदिवसीय अंतरराष्टÑीय मैच होगा। वह अब तक 27.06 के औसत से 785 रन बना चुके हैं जिनमें पांच अर्धशतक और एक शतक शामिल है।
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Sunday, 13 March 2011

विश्व कप : न्यूजीलैंड क्वार्टर फाइनल में

कनाडा को 97 रनों से हराया, ब्रैंडन ने लगाया वर्ल्ड कप का पहला शतक
मुंबई.  ब्रैंडन मैकुलम (101) के पहले विश्व कप शतक और कप्तान रोस टेलर की 74 रन की विस्फोटक पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने कनाडा को आज बेरहमी से 97 रन से रौंदते हुए बड़ी शान के साथ ग्रुप-ए से टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया।
 विश्व कप के फाइनल के मेजबान स्थल वानखेड़े स्टेडियम में खेले गये पहले मैच में न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में छह विकेट पर 358 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद कनाडा के सराहनीय संघर्ष को अंतत: नौ विकेट पर 261 रन के स्कोर पर रोक दिया।  कीवी टीम की पांच मैचों में यह चौथी जीत है और आठ अंकों के साथ ग्रुप-ए में चोटी पर पहुंच गया है। श्रीलंका सात अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे और पाकिस्तान छह अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। कनाडा को पांच मैचों में अपनी चौथी पराजय झेलनी पड़ गई है। न्यूजीलैंड ने विशाल स्कोर बनाने के साथ ही यह सुनिश्चित कर लिया था कि कनाडा की टीम उसके आसपास भी न पहुंच पाए।
मैकुलम ने 109 गेंदों में 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 101 रन बनाए जबकि कार्यवाहक कप्तान टेलर ने और भी ज्यादा विस्फोट करते हुए सिर्फ 44 गेंदों में छह चौकों और पांच छक्कों की मदद से 74 रन ठोक डाले।  जेम्स फ्रेंकलिन को सिर्फ आखिरी ओवर खेलने को मिला था जिसमें उन्होंने दो चौके और तीन छक्के उडाते हुए 31 रन बटोर डाले। इस ओवर का ही कमाल था कि न्यूजीलैंड का एक झटके में 358 रन पहुंच गया।  कनाडा ने हालांकि अपने दो विकेट सिर्फ चार रन पर गंवा दिए थे और हीरल पटेल (31) के आउट होने के बाद उसका स्कोर तीन विकेट पर 50 रन हो गया था। लेकिन कप्तान आशीष बगई (84) और जिमी हंसरा (नाबाद 70) ने चौथे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर कनाडा की शर्मनाक हार को सम्मानजनक हार में बदल दिया।  बगई ने 87 गेंदों पर 84 रन की अपनी पारी में दस चौके लगाए जबकि हंसरा 105 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 70 रन बनाकर अंत तक डटे रहे। जान डेविसन ने 15 और खुर्रम चौहान ने 22 रन बनाए।  न्यूजीलैंड की तरफ से जैकब ओरम ने दस ओवर में 47 रन पर तीन विकेट और काइल मिल्स ने 2.4 ओवर में दो रन पर दो विकेट झटके। टिम साउथी, जेसी राइडर और नाथन मैकुलम को एक-एक विकेट मिला। इससे पहले मैकुलम के शानदार शतक और कप्तान टेलर की 74 रन की धुआंधार पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने छह विकेट पर 358 रन का विशाल स्कोर बना लिया।
 मैकुलम ने 109 गेंदों की अपनी पारी में 12 चौकों और दो छक्के लगाए जबकि टेलर ने मात्र 44 गेंदों में छह चौकों और पांच गगनचुम्बी छक्कों की मदद से ताबडतोड 74 रन बनाए।  कनाडा ने टास जीतकर न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। कीवी ओपनरों मार्टिन गुप्तिल (17) और मैकुलम ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े लेकिन 10वें ओवर में गुप्तिल हरवीर बैदवान की गेंद पर क प्तान आशीष बगई को कैच थमा बैठे।  लेकिन इसके बाद मैकुलम और जेसी राइडर (38) ने दूसरे विकेट के लिए 96 रन की मजबूत साझेदारी कर टीम को 149 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया। मैकुलम ने इसी बीच 38 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया1 लेकिन पारी के 30वें ओवर में राइडर जान डेविसन की गेंद पर हेनरी ओसिंदे के हाथों लपके गए।
इसके बाद चौथे नंबर पर खेलने आए टेलर ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कनाडाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। मैकुलम के साथ मिलकर टेलर ने तीसरे विकेट के लिए 69 विकेट  की साझेदारी की। लेकिन 37वें ओवर में 185 के स्कोर पर मैकुलम बैदवान का शिकार हो गए।  मैकुलम के आउट होने के बाद टेलर भी 41वें ओवर में बालाजी राव की गेंद पर हंसरा को कैच थमा बैठे। टेलर ने 36 गेंदों में तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से अपना अर्द्धशतक पूरा किया। इसके बाद जल्द ही नाथन मैकुलम के रूप में 43वें ओवर में 259 के स्कोर पर टीम का पांचवां विकेट भी गिर गया।  स्काट स्टाइरिस 35 रन बनाकर बैंदवान का तीसरा शिकार बने। लेकिन इसके बाद टीम का कोई विकेट नहीं गिरा।  केन विलियम्सन 34 और जेम्स फ्रेंकलिन 31 रन बनाकर नाबाद रहे।  कनाडा की ओर से बैदवान ने 84 रन लुटाकर तीन विकेट और बालाजी राव ने 62 रन देकर दो विकेट लिए जबकि डेविसन को एक विकेट मिला।
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स्कोर कार्ड
न्यूजीलैंड                                              रन    गेंद    4    6
गुप्तिल कै बगई बो बैदवान                      17    29    3    0
मैक्कुलम कै गुणसेकरा बो बैदवान        101    109    12    2
रायडर कै ओसिंडे बो डेविसन                 38    56    3    0
टेलर कै हंसरा बो बालाजी                     74    44    6    5
नाथन कै एंड बो बालाजी                      10    9    2    0
विलियम्सन नाबाद                            34    27    4    0
स्टायरिस कै डेविसन बो बैदवान          35    20    3    2
फ्रैंकलिन नाबाद                                  31    8    2    3
अतिरिक्त : 18, कुल : 50 ओवर में 6 विकेट पर 358 रन।
विकेटपतन : 1-53 (मार्टिन गुप्तिल, 9.5), 2-149 (जेसी रायडर, 29.2), 3-185 (ब्रेंडन मैक्कुलम, 36.4), 4-254 (रोस टेलर, 40.5), 5-259 (नाथन मैक्कुलम, 42.1), 6-318 (स्काट स्टायरिस, 47.6).  
गेंदबाजी : खुर्रम चौहान 7-0-40-0, हेनरी ओसिंडे 7-0-52-0, हरवीर बैदवान 9.1-0-84-3, रिजवान चीमा 4.5-0-64-0, बालाजी राव 10-0-62-2, जान डेविसन 10-1-30-1, जिम्मी हंसरा 2-0-21-0.
कनाडा                                                  रन    गेंद    4    6
गुणसेकरा कै टेलर बो   मिल्स                 2    7    0    0
पटेल कै मैक्कुलम बो ओरम                   31    35    5    1
सुरकारी कै टेलर बो मिल्स                      1    11    0    0
बगई कै मैक्कुलम बो नाथन                  84    87    10    0
हंसरा नाबाद                                         70    105    4    1
रिजवान कै मैक्कुलम बो ओरम              2    4    0    0
डेविसन रनआउट                                  15    21    2    0
बालाजी कै नाथन बो ओरम                    9    9    1    0
बैदवान कै फ्रैंकलिन बो साउथी               8    6    1    0
खुर्रम कै टेलर बो रायडर                       22    16    2    1
ओसिंडे नाबाद                                     0    0    0    0
अतिरिक्त : 17, कुल :  50 ओवर में 9 विकेट पर 261 रन। 
विकेटपतन : 1-2 (रुविंदु गुणसेकरा, 2.1), 2-4 (जुबीन सुरकारी, 4.3), 3-50 (हीरल पटेल, 12.3), 4-175 (आशीष बगई, 36.6), 5-179 (रिजवान चीमा, 38.1), 5-185* (जिम्मी हंसरा रिटायर्ड नाबाद, 40.1), 6-205 (बालाजी राव, 42.5), 7-213 (जान डेविसन, 44.1), 8-222 (हरवीर बैदवान, 45.2), 9-261 (खुर्रम चौहान, 49.4). गेंदबाजी : काइल मिल्स 2.4-1-2-2, टिम साउथी 10-1-36-1, जेसी रायडर 1.2-0-15-1, जैकब ओरम 10-1-47-3, जेम्स फ्रैंकलिन 4-0-31-0, नाथन मैक्कुलम 8-0-56-1, स्काट स्टायरिस 10-0-41-0, केन विलियम्सन 4-0-26-0.
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कंगारू भी क्वार्टर फाइनल में
आस्ट्रेलिया ने केन्या को 60 रनों से हराया

बेंगलुरु. आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत रविवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए गु्रप-ए के एक मुकाबले में आस्ट्रेलिया ने केन्या पर 60 रनों से जीत दर्ज की। जीत के लक्ष्य 325 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करती हुई केन्या की टीम निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट पर 264 रन ही बना पाई। कोलिंस ओबुया (98) और जिमी कमांडे (0) नाबाद रहे। वर्ल्डकप में आस्ट्रेलिया की यह चौथी जीत है।
केन्या का पहला विकेट मौरिस ओउमा के रूप में तीसरे ओवर में गिरा। वह चार रन के निजी योग पर ब्रेट ली की गेंद पर हैडिन को कैच थमा बैठे। उस समय टीम का कुल योग 12 रन था। दूसरा विकेट एलेक्स ओबान्दा के रूप में 21 रन के कुल योग पर गिरा। ओबान्दा ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। वह शान टेट की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद डेविड ओबयुआ 12 रन बनाकर रन आउट हो गए। उस समय टीम का कुल योग 46 रन था। 36वें ओवर में तन्मय मिश्रा(72) रन आउट हुए। 48वें ओवर में थॉमस ओडोयो (35) टेट की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए। अंतिम ओवर में आरआर पटेल (6) रन आउट हो गए।
इससे पहले आस्ट्रेलिया ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 324 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज ब्रैड हैडिन की 65 रनों की अर्धशतकीय पारी के बाद उपकप्तान माइकल क्लार्क और डेविड हसी ने भी अर्धशतक जड़ आस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। माइकल क्लार्क ने 93, ब्रैड हैडिन ने 65 और माइकल हसी ने 54 रनों का योगदान दिया। आस्ट्रेलिया ने 38 के योग पर पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन दूसरे विकेट के लिए कप्तान रिकी पोटिंग और हैडिन ने 89 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। लेकिन इसके बाद आस्ट्रेलिया ने जल्दी-जल्दी तीन अहम विकेट गंवा दिए। आस्ट्रेलिया की शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शेन वाटसन रन गति को तेजी से आगे बढ़ाने के चक्कर में 21 रन के निजी योग पर नेहमिया ओधियाम्बो की गेंद पर मौरिस औमा को कैच थमाकर चलते बने। वाटसन ने 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद हैडिन 79 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 65 रन बनाकर चलते बने। अगले ही ओवर में पोंटिंग आउट हो गए। उन्होंने 54 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 36 रन बनाए। अगले ओवर में आस्ट्रेलिया को एक और झटका लगा। विस्फोटक बल्लेबाज क्रेग व्हाइट दो रन बनाकर चलते बने। उन्होंने सिर्फ छह गेंदों का सामना किया। इसके बाद माइकल हसी 72 गेंदों में 54 रन बनाकर आउट हुए। स्टीवन स्मिथ 17 और मिशेल जानसन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। केन्या के गेंदबाज नेहमिया ओधियाम्बो को तीन सफलता मिली।  जबकि जिम्मी कामान्डे को दो और कोलिन्स ओबयुआ को एक विकेट मिला।
आस्ट्रेलिया अब तक चार मुकाबले जीता
इस विश्व कप में आस्ट्रेलिया ने अब तक चार मुकाबले खेले हैं जिसमें तीन में उसे जीत मिली है जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। आस्ट्रेलिया ने अपने पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 91 रनों से हराया था जबकि दूसरे मुकाबले में उसने न्यूजीलैंड को सात विकेट से मात दी थी वहीं श्रीलंका के खिलाफ तीसरा मुकाबला रद्द हो गया था। रविवार को हुए मुकाबले में भी उसने केन्या को मात दी है।
केन्या की लगातार पांचवीं हार
केन्या ने अब तक इस विश्व कप में पांच मुकाबले खेले हैं और सभी मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। केन्या को पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के हाथों 10 विकेट से मात खानी पड़ी थी जबकि दूसरे मुकाबले में उसे पाकिस्तान ने 205 रनों से करारी शिकस्त दी थी। तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने केन्या को नौ विकेट से हराया था जबकि चौथे मुकाबले में कनाडा ने उसे पांच विकेट से पराजित किया था। रविवार को हुए मुकाबले में उसें आस्ट्रेलिया के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा।
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score card

Australia innings (50 overs maximum) R M B 4s 6s SR
SR Watson c †Ouma b Odhiambo 21 32 17 3 1 123.52
BJ Haddin† c Patel b Kamande 65 109 79 9 1 82.27
RT Ponting* lbw b CO Obuya 36 83 54 5 0 66.66
MJ Clarke c Patel b Odhiambo 93 109 80 7 1 116.25
CL White b Kamande 2 6 6 0 0 33.33
MEK Hussey c DO Obuya b Odhiambo 54 72 43 4 0 125.58

SPD Smith not out 17 32 15 2 0 113.33

MG Johnson not out 12 9 7 2 0 171.42

Extras (b 2, lb 5, w 16, nb 1) 24











Total (6 wickets; 50 overs; 229 mins) 324 (6.48 runs per over)
Did not bat B Lee, JJ Krejza, SW Tait
Fall of wickets1-38 (Watson, 7.2 ov), 2-127 (Haddin, 24.4 ov), 3-131 (Ponting, 25.4 ov), 4-143 (White, 26.6 ov), 5-257 (Hussey, 43.1 ov), 6-304 (Clarke, 48.1 ov)










Bowling O M R W Econ


TM Odoyo 10 0 50 0 5.00 (1w)

E Otieno 8 0 75 0 9.37

NN Odhiambo 10 1 57 3 5.70 (2w)

JO Ngoche 8 0 56 0 7.00 (1w)
JK Kamande 10 0 46 2 4.60 (2w)
CO Obuya 4 0 33 1 8.25 (1nb, 1w)









Kenya innings (target: 325 runs from 50 overs) R M B 4s 6s SR
MA Ouma† c †Haddin b Lee 4 14 13 0 0 30.76
AA Obanda b Tait 14 20 10 0 2 140.00

CO Obuya not out 98 199 129 9 3 75.96
DO Obuya run out (Hussey/†Haddin) 12 27 16 2 0 75.00
T Mishra run out (Clarke) 72 92 89 8 1 80.89
TM Odoyo b Tait 35 59 38 4 1 92.10
RR Patel run out (Krejza/Tait) 6 10 7 1 0 85.71

JK Kamande* not out 0 1 0 0 0 -

Extras (b 2, lb 6, w 12, nb 3) 23











Total (6 wickets; 50 overs; 214 mins) 264 (5.28 runs per over)
Did not bat NN Odhiambo, E Otieno, JO Ngoche
Fall of wickets1-12 (Ouma, 2.5 ov), 2-21 (Obanda, 3.6 ov), 3-46 (DO Obuya, 9.4 ov), 4-161 (Mishra, 35.3 ov), 5-247 (Odoyo, 47.3 ov), 6-263 (Patel, 49.4 ov)










Bowling O M R W Econ

B Lee 8 1 26 1 3.25

SW Tait 8 0 49 2 6.12 (2nb, 5w)

MG Johnson 8 1 40 0 5.00 (2w)

SPD Smith 6 0 36 0 6.00


JJ Krejza 8 0 36 0 4.50


MJ Clarke 5 0 21 0 4.20


SR Watson 7 0 48 0 6.85 (1w)

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13वीं बार सचिन के शतक के बावजूद हारा  भारत
नई दिल्ली. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर शतक तो भारत के जीतने के लिए बनाते हैं। लेकिन इसे उनका दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि बाकी बल्लेबाजों और गेंदबाजों से सहयोग नहीं मिलने के कारण उनकी शतकीय मेहनत पर पानी फिर जाता है।
 सचिन ने शनिवार को नागपुर में दक्षिण अप्रीका के खिलाफ विश्व कप मैच में अपना 48वां   वनडे और विश्व कप इतिहास का कुल छठा शतक बनाया। लेकिन भारत यह मैच तीन विकेट से हार गया।  शतकों के विश्वरिकार्डधारी और अन्तर्राष्टÑीय क्रिकेट में कुल 99 शतक (टेस्ट 51 और वनडे 48)  बना चुके सचिन के लिए वनडे में यह 13वां मौका था जब उनके शतक के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा। मौजूदा टूर्नामेंट में सचिन ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ शतक बनाया था लेकिन वह मैच टाई छूट गया था। यानी इस विश्व  कप में सचिन के दोनों शतक भारत को जीत नहीं दिला सके हैं। सचिन का यह आंकड़ा भी एक तरह से विश्व रिकार्ड ही कहा जा सकता हेै क्योंकि दूसरे नम्बर पर वेस्ट इंडीज के क्रिस गेल हैं जिनके नौ शतक उनकी टीम को जीत नहीं दिला पाए हैं। सचिन का यह शतक भारत को जीत नहीं दिला पाया लेकिन उन्होंने इस दौरान कई दिलचस्प आंकड़े बना दिए। सचिन और वीरेन्द्र सहवाग इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों में ओपनिंग साझेदारी में 54 रन ही जुटा पाए थे लेकिन इस बार उन्होंने 142 रन की साझेदारी कर डाली जो भारत के लिए विश्व कप में तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है।  मास्टर ब्लास्टर विश्व कप में भारत के लिए पांच शतकीय ओपनिंग साझेदारियों में तीन में शामिल है। इस मैच में सचिन, सहवाग और गौतम गंभीर ने 50 से ज्यादा रन बनाए जो विश्व कप मैच में एक पारी में शीर्ष तीन बल्लेबाजों के 50 से ऊपर रन बनाने का तीसरा मौका है। पिछले दो अवसर 1975 के विश्व कप में आए थे।  भारत का दूसरा विकेट 267 रन के स्कोर पर गिरने के बाद अंतिम आठ विकेट 29 रन जोड़कर गंवाना एक दिवसीय इतिहास में तीसरा ऐसा मौका है जब किसी टीम ने 29 रन से कम में अपने अंतिम आठ विकेट गंवा दिए। सचिन का विश्व कप में यह छठा और 19 वां फिफ्टी प्लस स्कोर था और दोनों ही विश्व कप में रिकार्ड है। वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2000 (दो हजार) वनडे रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। दक्षिण अफ्रीका चौथी ऐसी टीम है जिसके खिलाफ सचिन ने 2000 वनडे रन पूरे किए हैं। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 3005, पाकिस्तान के खिलाफ 2389 और श्रीलंका के खिलाफ 2965 रन बनाए हैं।
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देश के लिए नहीं भीड़ के लिए खेल 
रहे थे बल्लेबाज : धोनी
नागपुर. दक्षिण अफ्रीका के हाथों विश्व कप के ग्रुप बी मैच में तीन विकेट से मिली हार से निराश भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बल्लेबाजों को लताड़ते हुए कहा है कि उन्हें उत्साह में बड़े शाट लगाते हुए यह ध्यान में रखना चाहिए कि वह स्टेडियम में मौजूद भीड के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए खेलते हैं।
 दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम के आखिरी नौ विकेट मात्र 29 रन जोडकर गिर गए थे। भारतीय टीम एक समय 40वें ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 267 रनों क ी मजबूत स्थिति में थी लेकिन उसके बाद पूरी पारी 48.4 ओवर में 296 रनों पर सिमट गई थी। धोनी ने मैच के बाद  एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब आप बडे शाट लगाते हैं तो आप भूल जाते हैं कि आप स्टेडियम में मौजूद भीड़ के लिए बल्कि पूरे देश के लिए खेल रहे हैं। इसी कारण 20 अतिरिक्त रन बनाने के चक्कर में आप अंत में 40 कम रन बनाकर ही आलआउट हो जाते हैं। धोनी ने कहा कि कभी कभी आपको हर गेंद पर बल्ला घुमाने से बचना होता है।  अगर आप आराम से पूरे 50 ओवर खेल पाते हैं तो आप 325 से 330 रन बना सकते हैं। मैंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजी के क्रम में परिवर्तन करने की कोशिश की थी पर यह कामयाब नहीं हुई जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को चुनने का फैसला ठीक था तो उन्होंने कहा कि आशीष अब तक के मैचों में मुश्किल समय में टीम के लिए काफी  सधे हुए गेंदबाज साबित हुए हैं। लेकिन यह तिकड़म कल के मैच में कामयाब नहीं हुई। धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शून्य पर आउट होने वाले यूसुफ पठान का पक्ष लेते हुए कहा कि यूसुफ ऐसे ही खेलते हैं, या तो वह जल्दी ही आउट हो जाते हैं या फ्रि एक लंबी पारी खेलते हैं। अगर वह दो.तीन ओवर तक टिक जाते हैं तो फिर वह लंबी पारी ही खेलते हैं।
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आखिर अपने रंग में लौट आए हरभजन
नई दिल्ली.  भारत दक्षिण अफ्रीका से शनिवार रात विश्वकप ग्रुप-बी मुकाबला तीन विकेट से हार गया लेकिन इस हार में आफस्पिनर हरभजन सिंह का अपनी लय में लौट आना टीम इंडिया का एकमात्र सकारात्मक पक्ष रहा।
 लंबे समय से अपनी फार्म के लिए संघर्ष कर रहे टीम के शीर्ष स्पिनर हरभजन ने मैच में नौ ओवर में 53 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और उनकी गेंदबाजी वही धार दिखाई दी जिसके लिए वह जाने जाते हैं। हालांकि मैच की समाप्ति पर इस बात का अफसोस रह गया कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतिम ओवर हरभजन से क्यों नहीं फिंकवाया।  हरभजन के पास एक ओवर बचा हुआ था और जिस तरह की गेंदबाजी इस मैच में उन्होंने की थी उसे देखते हुए वह दक्षिण अफ्रीका को अंतिम ओवर में जीत के लिए 13 रन बनाने से रोक सकते थे। लेकिन धोनी के एक गलत फैसले ने भारतीय उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया।  करीब सवा वर्ष के अंतराल के बाद हरभजन ने एक वनडे में तीन विकेट हासिल किए और साथ ही एकदिवसीय क्रिकेट में 250 विकेट भी पूरे कर लिए1 वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले   दुनिया के 22वें और भारत के छठे गेंदबाज बन गए।
 इस मैच से पहले हरभजन के खाते में 248 विकेट थे। उन्होंने हाशिम अमला को अपना 249वां और एबी डीविलियर्स को अपना 250वां शिकार बनाया। भारत में वनडे में अब उनसे आगे कपिल देव (253),  जहीर खान (264), अजीत आगरकर (288), जवागल श्रीनाथ (315) और अनिल कुंबले (337) हैं।
हरभजन विश्व कप में इस मैच से पहले चार मैचों में सिर्फ दो विकेट ही हासिल कर पाए थे लेकिन उनका अब फार्म में लौट आना भारत के लिए सुखद संकेत है कि वह वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी लीग मैच और फिर नाकआउट क्वार्टरफाइनल में भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दे सकते हैं।
 हरभजन ने बंगलादेश के खिलाफ उद्घाटन मैच में 41  रन पर एक विकेट लिया था जबकि इंग्लैंड के खिलाफ अगले मैच में वह 58 रन देकर एक विकेट ही हासिल कर पाए थे। हरभजन आयरलैंड और हालैंड जैसी स्पिन को खेलने में कमजोर टीमों के खिलाफ क्रमश: 29 और 31 रन देकर कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। लेकिन दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हरभजन ने दिखाया कि वह बड़ी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। अनिल कुंबले के संन्यास के बाद भारत के शीर्ष स्पिनर बन गए हरभजन ने आखिरी बार एक मैच में तीन विकेट पांच जनवरी 2010 को ढाका में श्रीलंका के खिलाफ लिए थे। लेकिन उसके बाद से 14 मैचों में वह सिर्फ 12 विकेट ही हासिल कर पाए थे। मगर इस सूखे को उन्होंने नागपुर में समाप्त कर दिया।
 इस मैच से पूर्व पिछले 14 मैचों में हरभजन का प्रदर्शन 56 रन पर एक विकेट, 41 पर दो, 32 पर एक, 47 पर दो, 30 पर शून्य, 56 पर एक, 32 पर एक, 23 पर दो, 61 पर शून्य, 33 पर शून्य, 41 पर एक, 58 पर एक, 29 पर शून्य और 31 रन पर शून्य विकेट था।  हरभजन ने आखिरी बार एक मैच में पांच विकेट 14 सितंबर 2009 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ हासिल किए थे। हरभजन के फार्म में लौटने का सीधा सा मतलब है कि दूसरे आफ स्पिनर आर अश्विन को विश्वकप में खेलने का मौका पाने के लिए इंतजार करना पड सकता है।