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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Saturday, 17 September 2011

परसदा डेम में होगी नेशनल ट्राइथलॉन चैंपियनशिप

0 भारतीय ट्राइथलॉन फेडरेशन के महासचिव राकेश गुप्ताने लिया तैयारियों का जायजा
0 नई राजधानी क्षेत्र को आयोजन स्थल तय किया गया

लोगो का विमोचन करते ट्राइथलॉन फेडरेशन के महासचिव राकेश गुप्ता (दायें से दूसरे)
 रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार 26 एवं 27 नवंबर को होने वाली नेशनल ट्राइथलॉन व एक्वाथलॉन चैंपियनशिप नई राजधानी क्षेत्र में होगी। इसके लिए स्थान का निर्धारण तय कर लिया गया है। भारतीय ट्राइथलॉन फेडरेशन के महासचिव राकेश गुप्ता ने नई राजधानी क्षेत्र का निरीक्षण कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास स्थित परसदा डेम को मुख्य आयोजन के लिए  तय किया। श्री गुप्ता ने छत्तीसगढ़ ट्रायथलॉन संघ के पदाधिकारियों से आयोजन की तैयारियों की जानकारी भी हासिल की।
दिल्ली से आए फेडरेशन के महासचिव श्री गुप्ता ने यहां स्पर्धा की तैयारी पर संतोष जताया। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इसे भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के 400 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी मुलाकात की है। मुख्यमंत्री ने आयोजन में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स पर बेहतर काम हो रहा है। छह माह पहले राज्य सरकार ने यहां प्रस्तावित नेशनल गेम्स की तैयारियों को लेकर सभी खेलों के इंडिया फेडरेशन को पत्र लिखकर जरूरी रिक्वायरमेंट की जानकारी मांगी थी। ट्राइथलॉन फेडरेशन ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा दी है। उन्होंने कहा कि यदि परसदा डेम को अच्छी तरह डेवलप कर दिया जाए, तो यहां वाटर स्पोर्ट्स व टूरिज्म को अच्छा बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही ट्राइथलॉन, कयाकिंग एवं केनोइंग, रोइंग, याटिंग जैसे कई तरह के वाटर गेम्स भी आयोजित किए जा सकते हैं, जिसका फायदा यहां के खिलाड़ियों को मिलेगा।
लोगो का विमोचन

इस मौके पर फेडरेशन के महासचिव राकेश गुप्ता, एडिशनल एसपी आईएच खान, सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव व विनीत सक्सेना ने 11वीं सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर नेशनल ट्राइथलॉन व एक्वाथलॉन चैंपियनशिप के लोगो का विमोचन किया। लोगो में तीनों खेल स्वीमिंग, साइकिलिंग व दौड़ को अंकित किया गया है। 
 

छग में डेवलप नहीं वाटर स्पोर्ट्स
छत्तीसगढ़ ट्राइथलॉन संघ के सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अभी वाटर स्पोर्ट्स डेवलप नहीं है, इस कारण यहां आयोजन के लिए वाटर बाडी ढूंढ़ने में मुश्किल हो रही है। इस कारण अब तक सिर्फ पांच राज्य स्तरीय स्पर्धा हो पाई है। परसदा डेम डेवलप हो जाने पर सभी तरह के वाटर गेम्स हो सकते हैं।
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छत्तीसगढ़ में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का प्रयास 
0 राज्यपाल से वायएआई के इवेन्ट मैनेजर ने मुलाकात की
0 रायपुर व धमतरी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशेंगे

वायएआई के इवेन्ट मैनेजर से चर्चा करते हुए राज्यपाल शेखर दत्त.
रायपुर। राज्य में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में शनिवार को राजभवन में राज्यपाल शेखर दत्त से याटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के निर्वाचित कौंसिल मेंबर तथा इवेन्ट कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केएस राव ने मुलाकात की। श्री राव छत्तीसगढ़ में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशेंगे।
इस अवसर पर रायपुर के बूढ़ातालाब तथा धमतरी के गंगरेल बांध में वाटर स्पोर्ट्स की सम्भावनाओं पर विचार किया गया। याटिंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए प्राकृतिक हवा के प्रवाह की जरूरत होती है। सामान्य रूप से ऐसी हवाएं राज्य में मानसून या उसके पहले बहती है। लेफ्टिनेंट जनरल केएस राव इस संबंध में बूढ़ातालाब तथा गंगरेल बांध का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन कर यहां वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं को भी तलाशेंगे। उल्लेखनीय है कि याटिंग, सेलिंग, रोइंग, कयानिंग एवं केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के प्रति युवाओं में उत्साह रहता है। छत्तीसगढ़ में 37वें राष्ट्रीय गेम्स प्रस्तावित है। इस संदर्भ में भी वाटर स्पोर्ट्स और इसके लिए अधोसंरचनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
   इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल श्री राव के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास, खेल संचालक जीपी सिंह, प्रभारी कमांडर छत्तीसगढ़ उड़ीसा सब-एरिया कर्नल बिश्नोई, कमाडिंग ऑफिसर वन एनसीसी नेवल विंग कर्नल वाययू सूरी मौजूद थे।






Tuesday, 13 September 2011

वेटलिफ्टर जगदीश भी खेलेंगे कामनवेल्थ

0 यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन
0 रुस्तम सारंग का चयन पहले से ही सीनियर टीम में हो चुका है

रायपुर।
छत्तीसगढ़ का वेटलिफ्टर जगदीश विश्वकर्मा का चयन भारतीय यूथ वेटलिफ्टिंग टीम में हुआ है। वे भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में 8 से 16 अक्टूबर तक होने वाली कामनवेल्थ यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे।
जगदीश इस साल भारतीय टीम में चयनित होने वाले छत्तीसगढ़ के दूसरे खिलाड़ी हैं। इसके पूर्व प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रुस्तम सारंग का चयन सीनियर भारतीय टीम में हुआ है। वे भी केपटाउन में ही होने वाली कामवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे।
छत्तीसगढ़ वेटलिफ्टिंग संघ के सचिव सुकलाल जंघेल ने बताया कि भारतीय फेडरेशन से जगदीश का चयन संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। वर्तमान में जगदीश बेंगलुरू में वेटलिफ्टिंग के इंडिया कैंप में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उनके चयन पर संघ के अध्यक्ष विजय बघेल, कोषाध्यक्ष नंदू जंघेल, डीडी चंदेल, अजय पराशर, बीएमएस ठाकुर, घनश्याम जंघेल, नरेंद्र साहू, सुंदर सारंग, उत्तम शिंदे, तेजा साहू, छगन यादव व संघ के अन्य सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। 

 

Tuesday, 6 September 2011

शाहबाज बने छत्तीसगढ़ के पहले इंटरनेशनल बाइक रेसर

0 चेन्नाई में हुई इंटरनेशनल बाइक रेस चैंपियनशिप में पांचवें व छठे स्थान पर रहे
शाहबाज
 रायपुर। राजधानी के शेख शाहबाज छत्तीसगढ़ के पहले इंटरनेशनल बाइक रेसर बन गए हैं। वे 4 सितंबर को चेन्नाई में हुई एमआरएफ नायलो ग्रीप जैप्पर इंटरनेशनल बाइक रेस चैंपियनशिप में पांचवे व छठे स्थान पर रहे।
छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव उज्जवल दीपक ने बताया कि शाहबाज ने इस इंटरनेशनल चैंपियनशिप के दो इवेंट में हिस्सा लिया था। 250 सीसी वर्ग की बाइक रेस में वे 11 प्रतिभागियों में छठे स्थान पर रहे।
 इसी तरह वे 600 सीसी की रेस में 10 बाइक रेसरों में पांचवें स्थान पर रहे। यह उपलब्धि हासिल करने वाले शाहबाज प्रदेश के पहले बाइक रेसर बन गए हैं। अभी तक इस चैंपियनशिप के लिए प्रदेश का कोई भी बाइक रेसर क्वालीफाई नहीं कर पाया था। दीपक ने कहा कि शाहबाज की उपलब्धि से छत्तीसगढ़ में मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। यहां दो बार सुपर मोटोक्रास बाइक रेस चैंपियनशिप आयोजित की चुकी है। उसी का नतीजा है कि शाहबाज को यहां तक पहुंचने में सफलता मिली।
 बाइक रेसिंग के पूर्व शाहबाज.

Friday, 2 September 2011

ओटामेंडी ने अर्जेन्टीना को जीत दिलाई

अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच : वेनेजुएला को 1-0 से हराया
 ०दर्शकों में सर चढ़कर बोला मैसी का जादू 
  गोल दागने के बाद जश्न मानते अर्जेंटीना के खिलाड़ी.
कोलकाता। निकोलस ओटामेंडी द्वारा हैडर के जरिए किए गए गोल की मदद से अर्जेन्टीना ने सॉल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच में वेनेजुएला को 1-0 से पराजित किया। मैच का एकमात्र गोल ओटामेंडी ने 67वें मिनट में दागा। मैच में सभी की निगाहें सुपर स्टार लियोनेल मैसी पर थी, लेकिन वे कोई गोल नहीं दाग पाए।
 मैच के दौरान शानदार मूव बनाते मैसी
 इस बहुप्रतीक्षित मैच में अधिकांश समय अर्जेन्टीना का दबदबा बना रहा और यदि उसके खिलाड़ियों ने मिले मौकों को भुनाया होता तो उसकी जीत का अंतर ज्यादा होता। खेल के शुरुआती मिनटों में अर्जेन्टीना का दबदबा रहा और गेंद ज्यादा समय तक उनके खिलाड़ियों के नियंत्रण में थी। गेंद जैसे ही  मैसी के पास जाती, दर्शक सीटी बजाने लग जाते थे और पूरा स्टेडियम शोर में डूब जाता था। नौवें मिनट में अर्जेन्टीना के डी मारिया के पास अच्छा मौका मिला था, लेकिन वेनेजुएला के रक्षकों ने उम्दा तरीके से गेंद क्लियर की। वेनेजुएला के पास 16वें मिनट में बढ़त बनाने का अवसर था, लेकिन बॉक्स के अंदर गोलपोस्ट के ठीक सामने गेंद को टच करने के लिए उनका कोई खिलाड़ी मौजूद ही नहीं था। मैसी ने दो मिनट बाद ही बॉक्स के अंदर मारिया को सटीक पास दिया, लेकिन उनका शॉट बाहर निकल गया। मैसी 30वें मिनट में अपनी टीम को बढ़त दिलाने की स्थिति में थे, लेकिन उनके कमजोर शॉट पर विपक्षी गोलकीपर रफेल रोमो ने बचाव कर लिया। 33वें मिनट में मैसी का शॉट विपक्षी बॉक्स में अपने ही खिलाड़ी से टकराकर गोल पोस्ट के बाहर से निकल गया। वेनेजुएला के फेल्टशर के पास 35वें मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट के थोड़े बाहर से निकल गया। पहले हाफ के अंतिम कुछ मिनटों में वेनेजुएला के खिलाड़ियों ने कई आक्रमण किए और उनकी टीम बेहतर नजर आ रही थी।
गोलरहीत मध्यांतर के बाद 67वें मिनट में कॉर्नर पर मैसी ने गेंद पोस्ट के समक्ष भेजी जिस पर ओटामेंडी ने हैडर के जरिए गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। 82वें मिनट में मैसी के पास टीम की बढ़त को 2-0 करने का मौका था लेकिन उनके कमजोर शॉट पर गोलकीपर रोमो ने गेंद क्लियर की। 89वें मिनट में अर्जेन्टीना के सोसा ने जोरदार शॉट लगाया, लेकिन विपक्षी गोलकीपर रोमो ने फिर अच्छा बचाव किया। अर्जेन्टीना ने यह मैत्री मुकाबला 1-0 से जीतकर वेनेजुएला के खिलाफ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। 

Tuesday, 30 August 2011

अलंकृत होकर खिले चेहरे


0 खेल दिवस पर राज्य खेल पुरस्कार से अलंकृत हुए 21 खिलाड़ी
0 मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद विनोद चौबे व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से नवाजे

रायपुर।
राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए तो खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए।  वर्ल्ड कप खेलने के 33 साल बाद सरकारी मंच से पुरस्कृत होने वाले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा के चेहरे का भाव उनकी खुशी बयां कर रहे थे। तकरीबन यही भाव सभी खिलाड़ियों के चेहरे पर था। पं. रविवि प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यअतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को पांच खिलाड़ियों को शहीद राजीव पांडे, छह को शहीद कौशल यादव, दो को वीर हनुमान सिंह, एक को शहीद विनोद चौबे एवं सात खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से नवाजे। इस तरह कुल 21 खिलाड़ियों को कुल 21.25 लाख रुपए के पुरस्कार बांटे गए। इसके अलावा राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले 374 खिलाड़ियों को भी 46.06 लाख रुपए के नकद पुरस्कार दिए गए।
समारोह की शुरुआत में अतिथियों ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीदों के माता-पिता व उनकी धर्मपत्नी का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा को शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया। जैसे ही श्री लकड़ा के नाम की घोषणा हुई, पूरा हाल तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। 33 साल बार पहली बार मिले सम्मान से श्री लकड़ा भावविभोर हो गए। इसके बाद बाक्सिंग के निर्णायक आर. राजेंद्रन व पावरलिफ्टिंग के कोच हरिनाथ को वीर हनुमान सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खेल मंत्री लता उसेंडी, छग गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष सुभाष राव, महापौर डॉ. किरणमयी नायक, युवा आयोग के अध्यक्ष संतोष पांडे, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवकुमार पांडेय व छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया मौजूद थे।
खेल में नई बुलंदियों को छुएगा छग : रमन
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को सिर्फ मेडल ही नहीं नकद राशि के रूप में पुरस्कृत कर उन्हें आर्थक सहायता दे रही है। साथ ही प्रदेश संघ खिलाड़ियों को जिस तरह से तैयार कर रहे हैं, इससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ खेल जगत में नई बुलंदियों को छुएगा। यहां के खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का नाम देश व दुनिया में रोशन करेंगे।
खेल वातावरण तैयार होगा : कौशिक
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस तरह से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं। सरकार जिस तरह से उन्हें प्रोत्साहित कर रही है, उससे यहां बेहतर खेल वातावरण बनेगा और भविष्य में यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पहचान बनाएंगे।
समर्पण की भावना पैदा होगी : बृजमोहन
लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यहां सभी अवार्ड के नाम हमारे शहीदों के नाम पर दिए जा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों में देश के प्रति समर्पण की भावना पैदा होगी। छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों को करीब 70 लाख रुपए पुरस्कार बांट रही है,जो  देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे ज्यादा पुरस्कार है। 
खेलोगे कूदोगे, बनोगे नवाब : उसेंडी
समारोह में खेल मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इतना अधिक पुरस्कार दिया जा रहा है कि अब पुराने मुहावरा को बदलकर रख दिया है। अब यहां 'खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब" की जगह अब 'खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब" हो गया है। अब नौ नए राज्य बनने से खिलाड़ियों को और ज्यादा फायदा होगा।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ी
शहीद राजीव पांडे अवार्ड
खिलाड़ी                              खेल                                     स्थान
अंजनी पटेल                         पैराओलिंपिक                     बिलासपुर
रोशिता केरकेट्टा                  पावरलिफ्टिंग                     दुर्ग
अनिता शिंदे                         वेटलिफ्टिंग                       दल्ली राजहरा
सीमा सिंह                           बास्केटबाल                        भिलाई
एम. अनिता राव                  हैंडबाल                              भिलाई
शहीद कौशल यादव अवार्ड
खिलाड़ी                             खेल                                    स्थान
एल. दीपा                            बास्केबाल                          भिलाई
संगीता मंडल                      बास्केटबाल                         भिलाई
केशव साहू                         वेटलिफ्टिंग                         रायपुर
जय कुंजाम                       कराते                                  भिलाई
संध्या उर्वशा                     पावरलिफ्टिंग                      दल्ली राजहरा
सृष्टि नाग                          तैराकी                                बिलासपुर
वीर हनुमान सिंह अवार्ड
कोच/निर्णायक                  खेल                                 स्थान
हरिनाथ                              पावरलिफ्टिंग                  दल्ली राजहरा
आर. राजेंद्रन                       बाक्सिंग                         भिलाई
शहीद विनोद चौबे सम्मान
खिलाड़ी                             खेल                               स्थान
विंसेंट लकड़ा                       हॉकी                              धरमजयगढ़
शहीद पंकज विक्रम अवार्ड
खिलाड़ी                            खेल                                  स्थान
सुरेश सिंह                          वालीबाल                           रायपुर
ज्योति पटेल                      फुटबाल                              दुर्ग
पी. किशोर                         जूडो                                 भिलाई
श्रद्धा सोनवानी                   तीरंदाजी                           बिलासपुर
मनोज धृतलहरे                 साफ्टबाल                         रायपुर
राजेश कुमार                     बेसबाल                          बिलासपुर
फारुख अहमद खान             कैरम                             रायपुर
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हॉकी खेलने अब नहीं आते बच्चे : विंसेंट
0 सम्मानित होने के बाद पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट ने कहा

मुक्यमंत्री डॉ. रमण सिंह के हाथों सम्मानित होते विन्सेंट लकड़ा 
रायपुर। 33 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार प्रदेश सरकार से सम्मानित होने वाले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा को किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं है। पुरस्कार मिलने से बेहद खुश नजर आए श्री लकड़ा ने कहा कि अब हॉकी खेलने के लिए उनके पास बच्चे ही नहीं आते तो कैसे उन्हें सिखाएं।
उन्होंने कहा कि देर से ही सही पर पुरस्कार तो उन्हें मिल ही गया। इससे खुशी की क्या बात होगी। उन्होंने देश व प्रदेश में हॉकी की दयनीय स्थिति पर कहा कि इसके लिए सिर्फ सरकार ही नहीं सभी जिम्मेदार हैं। बच्चे भी अब हॉकी खेलने में इच्छा नहीं दिखाते तो उन्हें कैसे सिखाया जाए।
   अवार्ड के साथ विन्सेंट लकड़ा
शुरू में उन्होंने बच्चों को हॉकी सिखाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अब बच्चों ने इसमें रूचि लेना कम कर दिया। सुविधाओं के बारे में कहा कि यह दुर्भाग्य है कि राज्य बनने के दस साल बाद भी हॉकी का एक भी एस्टोटर्फ मैदान नहीं बन पाया है। यहां एस्टोटर्फ बनने व खेल मैदान विकसित करने से ही यहां के खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैदान तक लाने के लिए अच्छी सुविधा व खेल मैदान मिलना जरूरी है। खेती-बाड़ी कर जीवन-यापन करने वाले विंसेंट अब तक सिर्फ आर्मी से मिलने वाले पेंशन पर ही निर्भर हैं। उनके तीनों बेटे भी खेती-किसानी में उनका हाथ बंटाते हैं।
 

Sunday, 28 August 2011

गिनीज वर्ल्ड रिकार्डधारी राजदीप का जोरदार स्वागत

0 बीजिंग से नया गिनीज रिकार्ड बनाकर लौटे
   छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया के साथ राजदीप सिंह हरगोत्रा.
 रायपुर। चीन के बीजिंग में हुए एक कार्यक्रम में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाकर लौटे राजदीप सिंह हरगोत्रा का शनिवार को रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। स्टेशन से वे छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के कार्यालय गए, जहां संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया ने उनका स्वागत किया।
स्टेशन पर राजदीप के पहुंचते ही वहां बाजे-गाजे बजने लगे। ट्रेन से उतरते ही राजदीप के माता-पिता, कोच व छत्तीसगढ़ जंप रोप के सचिव अखिलेश दुबे और खिलाड़ियों ने पुष्पहार से जोरदार स्वागत किया। इस दौरान राजदीप के पिता बलवीर सिंह हरगोत्रा, मांॅ इंदरजीत कौर, कोच श्री दुबे, क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष विजय शाह, श्याम मोहदीकर, नवनीत झा, नन्हे खिलाड़ी अभिजीत, अनुराग, हिमांशु, रक्षक समेत अन्य खिलाड़ी मौजूद थे। स्टेशन पर स्वागत के बाद राजदीप ने छग ओलिंपिक संघ के कार्यालय पहुंॅचकर संघ के महासचिव श्री भाटिया से मुलाकात की। श्री भाटिया ने वहां पर राजदीप का पुष्पहार से स्वागत किया और उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। श्री भाटिया ने कहा कि राजदीप की उपलब्धि भारत व छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। राजदीप ने अपनी सफलता को छत्तीसगढ़ को समर्पित किया। इसके लिए उन्होंने प्रदेश ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह व महासचिव श्री भाटिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
अगला लक्ष्य वर्ल्ड कप : राजदीप

  रायपुर पहुँचाने के बाद रेलवे स्टेशन पर राजदीप अपने माता-पिता के साथ.
 राजदीप ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य 2012 में यूएसए में होने वाले वर्ल्ड कप में पदक जीतकर भारत का परचम फहराना। उन्होंने कहा कि चीन में मिली सफलता से वे बेहद खुश हैं। नया रिकार्ड बनाना उनके लिए चुनौती थी, लेकिन वे सफल हो गए। उन्होंने अमेरिका में इंटरनेशनल ट्रेनिंग के लिए फेडरेशन से चर्चा की है। राजदीप ने कहा कि जंप रोप का प्रदर्शन वुडन फ्लोर पर किया जाता है। यहां इसकी कमी है, इसलिए सीमेंट फ्लोर में प्रैक्टिस करनी पड़ती है, इससे प्रदर्शन प्रभावित होता है। राजधानी के इंडोर स्टेडियम में वुडन फ्लोर है। वहांॅ पर नियमित प्रैक्टिस की सुविधा मिल जाए तो बेहतर होगा।

Thursday, 25 August 2011

विंसेंट लकड़ा समेत 21 को छत्तीसगढ़ राज्य खेल पुरस्कार

0 खेल मंत्री ने शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड विजेताओं की घोषणा की
विंसेंट लकड़ा
  रायपुर । हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा समेत 21 खिलाड़ियों को इस साल राज्य खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। खेल मंत्री लता उसेंडी ने गुरुवार को राज्य खेल पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। पांच खिलाड़ी शहीद राजीव पांडे, छह शहीद कौशल यादव, एक कोच व एक निर्णायक वीर हनुमान सिंह अवार्ड, एक शहीद विनोद चौबे व सात खिलाड़ी शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से सम्मानित होंगे।
खेल मंत्री ने बताया कि चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को शाम 6 बजे पं. रविशंकर शुक्ल प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों सम्मानित होंगे। इसके अलावा समारोह में राष्ट्रीय स्पर्धाओं में प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले राज्य के 305 खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद यहां के खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने नए जिले बनने पर हर्ष व्यक्त करते कहा कि इससे खिलाड़ियों को ज्यादा फायदा होगा। बड़े जिला होने से कई खिलाड़ी उपेक्षित हो जाते थे, लेकिन नए जिले बनने से उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
 खेल मंत्री ने जताई नाराजगी
विजेताओं की घोषणा करती हुईं खेल मंत्री लता उसेंडी 
खेल मंत्री ने घोषणा के पूर्व ही विजेताओं की सूची लीक होने के मामले में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। आगे से इसका ध्यान रखा जाएगा। सूची लीक होने पर यदि कोई दोषी पाया जाता है तो विभाग के संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गलती न हो।




नेशनल गेम्स की तैयारी सही दिशा में
खेल मंत्री सुश्री उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 37वें नेशनल गेम्स की तैयारी सही दिशा में है। इसके लिए अलग से सचिवालय बन गया है। इसके लिए डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है। सही समय पर सभी इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार हो जाएगा।
सेटअप व अकादमी शीघ्र
खेल मंत्री ने कहा कि खेल विभाग का सेटअप शीघ्र की पूर्ण कर लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। राज्य में अकादमी स्थापित करने का काम भी चल रहा है। अकादमी के लिए 13 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। इस पर जल्द ही कार्य किया जाएगा।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ी 
केशव साहू रायपुर
 शहीद राजीव पांडे अवार्ड : अंजनी पटेल बिलासपुर पैराओलिम्पिक गेम,
हरिनाथ दल्ली राजहरा
रोशिता केरकेट्टा दुर्ग पावरलिफ्टिंग, अनिता शिंदे वेटलिफ्टिंग, सीमा सिंह बास्केटबाल व एम. अनिता राव हैंडबाल शामिल हैं। इन्हें ढाई-ढाई लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
शहीद कौशल यादव अवार्ड : एल. दीपा व संगीता मंडल दोनों दुर्ग बास्केटबाल, केशव साहू रायपुर वेटलिफ्टिंग, जया कुंजाम भिलाई कराते, संध्या उर्वशा दल्ली राजहरा पावरलिफ्टिंग व सृष्टि नाग बिलासपुर तैराकी शामिल हैं।
आर. राजेंद्र भिलाई
इन्हें एक-एक लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।

संध्या उर्वशा दल्ली राजहरा
वीर हनुमान सिंह अवार्ड : कोच हरिनाथ दल्ली राजहरा पावरलिफ्टिंग व निर्णायक आर. राजेंद्र भिलाई बाक्सिंग शामिल हैं। इन्हें पुरस्कार के रूप में एक-एक लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
शहीद विनोद चौबे अवार्ड : विंसेंट लकड़ा धरमजयगढ़ (पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी)। इन्हें 25 हजार रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
सुरेश सिंह रायपुर

सृष्टि नाग बिलासपुर
शहीद पंकज विक्रम अवार्ड : सुरेश सिंह रायपुर वालीबाल, ज्योति पटेल दुर्ग फुटबाल, पी. किशोर दुर्ग जूडो, श्रद्धा सोनवानी बिलासपुर तीरंदाजी, मनोज धृतलहरे रायपुर साफ्टबाल, राजेश कुमार बिलासपुर बेसबाल व फारुख अहमद खान रायपुर कैरम शामिल हैं। इन्हें पुरस्कार के रूप में 25-25 हजार रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।

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अवार्ड के लिए 33 साल लंबा इंतजार!
0 वर्ल्ड कप हाकी खेलने वाले विन्सेंट लकड़ा को राज्य बनने के दस साल बाद मिला सम्मान
विन्सेंट लकड़ा
 रायपुर। हाकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जशपुर के विन्सेंट लकड़ा को किसी अवार्ड के लिए पूरे 33 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में वे उपेक्षित तो रहे ही, राज्य बनने के बाद भी छत्तीसगढ़ में अवार्ड के हकदार होने के बावजूद उन्हें 10 साल इंतजार करना पड़ा। खेल विभाग ने इस साल उन्हें शहीद विनोद चौबे अवार्ड (खेल विभूति) से सम्मानित करने की घोषणा की है। कई बार मांग उठने के बाद आखिरकार सरकार ने उन्हें सम्मानित करने के लिए 10 साल बाद सुध ली।
बेहद सीधे-साधे विन्सेंट ने 1978 में अर्जेंटीना के ब्यूनसआयर्स में हुए वर्ल्डकप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। यह प्रतियोगिता 18 मार्च से एक अप्रैल तक हुई थी। 1 जुलाई 1954 को जन्में विन्सेंट के पास उनकी उपलब्धियों के पदक भी हैं। भारतीय टीम के कई सितारा खिलाड़ियों के साथ वे हॉकी खेल चुके हैं। बड़े राज्य होने से वे हमेशा अविभाजित मध्यप्रदेश में उपेक्षित रहे। उन्होंने कभी किसी से पुरस्कार के लिए गुहार नहीं लगाई और न ही कभी आवेदन दिया। उनकी सोच थी कि यदि उन्होंने इस राज्य के लिए कुछ किया है तो उन्हें पुरस्कार मांगने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें देना चाहिए। उनकी इस तमन्नाा को पूरा होने में पूरे दस साल लग गए।
विन्सेंट छत्तीसगढ़ के ऐसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिनका पूरा जीवन सादगी से परिपूर्ण रहा है। वे खेती-किसानी कर जीवन-यापन कर रहे हैं। कभी-कभी तो परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें हाट-बाजारों में फल्ली बेचने का काम भी करना पड़ता है। खेल विभाग की ओर से उन्हें एक हजार रुपए पेंशन मिलता है। पर सुनने में आया है कि वह पेंशन भी अब बंद हो गया है।
आवेदन भरवाया गया
इस साल खेल अधिकारियों ने विन्सेंट से अवार्ड के लिए आवेदन भरवाया। वे स्वयं होकर कभी भी आवेदन नहीं किया। हालांकि उन्हें कई बार राज्य की खेल पुरस्कारों की चयन समिति के सदस्य भी बनाए गए। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के ग्राम सिधरा के रहने वाले विन्सेंट को पिछले साल ही अवार्ड देने की मांग काफी जोरों से उठी थी, तब कहीं जाकर खेल विभाग ने इस साल उनके नाम पर विचार किया। विन्सेंट राजधानी में पिछले साल आयोजित की गई कामनवेल्थ गेम्स की बैटन रिले के पहले धावक थे। उन्हें पिछले साल भी अवार्ड नहीं दिया जा सका, क्योंकि उन्होंने कोई आवेदन नहीं किया था। इस साल खेल संचालक जीपी सिंह की पहल पर उनसे आवेदन भरवाया गया। इस साल वे खेल विभूति सम्मान से सम्मानित होने वाले एकमात्र खिलाड़ी होंगे।
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Tuesday, 23 August 2011

राजदीप के नाम डबल गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड

0 स्केटिंग पहनकर बनाया नया गिनीज रिकार्ड
0 जापान की मेगुमी सुजुकी नहीं तोड़ पाईं उनके रिकार्ड

 गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के ऑफिशियल हेड के साथ राजदीप हरगोत्रा
 रायपुर। चीन में टीवी कार्यक्रम 'झेंग डा जोंग यी" में छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी राजदीप हरगोत्रा ने एक और गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। उनके पूर्व रिकार्ड को तोड़ने की चुनौती देने वाली जापान की खिलाड़ी मेगुमी सुजुकी उनके रिकार्ड की बराबरी भी नहीं कर सकी। इस तरह उनका पूर्व रिकार्ड भी बरकरार है।
गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड और चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) के संयुक्त तत्वावधान में बीजिंग में हुए कार्यक्रम में राजदीप ने यह कारनामा किया। जापान की मेगुमी ने राजदीप के 30 सेकंड में 159 जंप्स के रिकार्ड को तोड़ने की चुनौती दी थी। इसके लिए सोमवार देर रात मुकाबला हुआ। इसमें मेगुमी ने 30 सेकंड में मात्र 149 जंप्स ही लगा पाईं। इसके बाद राजदीप ने मेगुमी को नए रिकार्ड 'मोस्ट स्कीप्स इन 30 सेकंड्स ऑन स्केट्स" के लिए चुनौती दी, जिसे मेगुमी ने स्वीकार नहीं की, लेकिन राजदीप ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के अधिकारियों के सामने स्केट्स (स्केटिंग) पहनकर 30 सेकंड में 117 जंप्स लगाकर नया वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया। अभी तक इस इवेंट में किसी का भी इतने जंप्स का रिकार्ड नहीं है। इस दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के आफिशियल हेड मारको, निर्णायक क्रिस्टन टौफेल, सीसीटीवी के डायरेक्टर लिउ मिंग, सीसीटीवी के प्रोड्यूसर गुओ तांग, अन्य वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर्स, क्रू मेंबर व 200 से अधिक दर्शक स्टूडियो में मौजूद थे।
दोहरी खुशी : राजदीप 
    नए रिकॉर्ड पदक के साथ जश्न मानते राजदीप
 
राजदीप ने 'नईदुनिया" से कहा कि यह मेरे लिए दोहरी खुशी है। जंप रोप में सर्वाधिक स्कीपिंग का गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में मेरा ही नाम दर्ज है। 
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राजदीप को अपना ही वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ने की चुनौती
0 जापान की पूर्व रिकार्डधारी मेगुमी सुजुकी ने दी चुनौती
    अन्य रिकॉर्ड होल्डर के साथ राजदीप
 रायपुर। चीन में टीवी कार्यक्रम 'झेंग डा जोंग यी" में हिस्सा लेने गए छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी राजदीप को अपना ही वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ने की चुनौती मिली है। उन्हें यह चुनौती पूर्व वर्ल्ड रिकार्डधारी जापान की मेगुमी सुजुकी ने दी है। राजदीप ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है। दोनों के बीच मुकाबला सोमवार देर रात को हुआ। इसका परिणाम मंगलवार को घोषित किया गया। 
चीन के सबसे बड़े टीवी नेटवर्क सीसीटीवी और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के संयुक्त तत्वावधान में बीजिंग में चल रहे इस कार्यक्रम में दुनियाभर के वर्ल्ड रिकार्डधारियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें भारत से एकमात्र राजदीप को बुलाया गया है। कार्यक्रम के दौरान जापान की अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी मेगुमी सुजुकी ने राजदीप को चुनौती दी। मेगुमी के नाम पहले 30 सेकंड में 152 जंप्स का वर्ल्ड रिकार्ड था, जिसे राजदीप ने इस साल 21 फरवरी को कलर्स टीवी चैनल के कार्यक्रम 'गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड, अब इंडिया तोड़ेगा" में 30 सेकंड में 159 जंप्स लगाकर तोड़ा था। अब मेगुमी ने राजदीप के रिकार्ड को ब्रेक करने की चुनौती दी है। राजदीप ने फोन पर बताया कि भारत को मिली इस चुनौती को उन्होंने स्वीकार कर ली है। वे भारत का सम्मान व अपना रिकार्ड बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगा देंगे।
गौरतलब है कि बीजिंग में चल रहे इस कार्यक्रम में राजदीप ने अपने प्रदर्शन से वहां के लोगों की खूब वाहवाही लूटी। उनका प्रदर्शन देखकर वहां एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। अभी जंप रोप में सर्वाधिक स्कीपिंग का गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड दोनों ही राजदीप के नाम दर्ज है।

राजदीप ने चीन में बजाया भारत का डंका

0 चीन के चैनल सीसीटीवी के कार्यक्रम में लिया हिस्सा
0 जंपरोप का प्रदर्शन कर रोमांचित किया

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय जंपरोप खिलाड़ी राजदीप ने चीन में भारत का डंका बजाया है। उन्होंने चीन के सबसे बड़े टीवी नेटवर्क चाइना सेंट्रल टेलीविजन के कार्यक्रम 'झेंग डा जोंग यी" में देश का प्रतिनिधित्व किया। बीजिंग में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने जंपरोप का प्रदर्शन कर सबको रोमांचित कर दिया।
इसका आयोजन सीसीटीवी और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने संयुक्त रूप से किया था। इसमें दुनियाभर के गिनीज बुक रिकार्डधारियों को आमंत्रित किया गया था। भारत से गिनीज बुक व लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डधारी छत्तीसगढ़ के राजदीप को आमंत्रित किया गया था। राजदीप ने बीजिंग से फोन पर बताया कि चीन में प्रदर्शन के बाद एक समारोह में मुख्य अतिथि बनाकर उन्हें सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि इसके पूर्व उन्होंने सोनी चैनल के 'इंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा" और कलर्स के 'गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड, अब इंडिया तोड़ेगा" में हिस्सा लेकर धूम मचाया था।

Friday, 19 August 2011

रायपुर में ''टूर डी फ्रांस" सा नजारा

0 नेशनल साइकिल रेस 'ग्रीन साइकिल-ऑन" में जुटे देशभर के 120 साइकिलिस्ट
 
0 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रेसिंग
0 अभिनेत्री मिनिषा लांबा ने की साइकिलिस्टों की खूब हौसला अफजाई

रायपुर।
रविवार 14 अगस्त को राजधानी रायपुर में पहली बार विश्व प्रसिद्ध साइकिल रेस 'टूर डी फ्रांस" सा नजारा देखने को मिला। शास्त्री चौक से तेलीबांधा चौक तक गौरव पथ पर सात किमी तक 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रेसिंग करते साइकिलिस्टों को देख राजधानीवासी खूब रोमांचित हुए। उनके इस रोमांच को बालीवुड अभिनेत्री मिनिषा लांबा ने कार्यक्रम में शिरकत कर दोगुना कर दिया। नेशनल साइकिल रेस 'ग्रीन साइकिल-ऑन" में देशभर के 120 साइकिलिस्ट अपने प्रदर्शन से दर्शकों में जोश भरते रहे। इसमें छत्तीसगढ़ के जूनियर-सीनियर साइकिलिस्टों ने भी अलग से हुई राज्य स्तरीय रेसिंग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नेशनल साइकिल रेस का विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। खेल मंत्री लता उसेंडी, महापौर डॉ. किरणमयी नायक व अभिनेत्री मनीषा लांबा ने भी उनका साथ देकर साइकिलिस्टों की हौसला अफजाई की। रेसिंग निर्धारित समय से पूर्व ही शुरू हो गई। रेस शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पहुंॅचे। मुख्यमंत्री ने भी अन्य अतिथियों के साथ पूरे समय साइकिल रेस का आनंद लिया। साइकिलिस्ट जैसे ही अपना लैप पूरी कर मंच के पास पहुंॅचते मंचस्थ अतिथियों के साथ दर्शक भी जोरदार तालियों से उनका हौसला बढ़ाते। 70 किमी की दूरी 10 लैप में करीब डेढ़ घंटे में पूरी की गई, लेकिन दर्शकों में इतना अधिक रोमांच रहा कि समय का पता ही नहीं चला। इसके पूर्व छत्तीसगढ़ साइकिलिंग संघ की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष परमिंदर सिंह ढिंढसा, सचिव ओंकार सिंह, छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया, खेल संचालक जीपी सिंह, नगर निगम के सभापति संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साइकिलिंग संघ के चेयरमैन अनिल कुमार व अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
साई पटियाला के पंकज कुमार चैंपियन
 नेशनल साइकिल रेसिंग में साई एक्सीलेंस सेंटर पटियाला के पंकज कुमार प्रथम स्थान पर रहे। दिल्ली के अरविंद पनवाल दूसरे स्थान पर रहे। पंजाब के अमनदीप सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया। समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार बांॅटे। नेशनल चैंपियन बनने वाले पंकज कुमार को एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। साथ ही उनके कोच श्रीवेणु को 10 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर आने वाले अरविंद को 50 हजार रुपए व उनके कोच को सात हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। तीसरे स्थान पर रहे अमनदीप सिंह को 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।
स्टेट रेसिंग के विजेताओं को साइकिल
नेशनल साइकिलिंग रेसिंग के साथ हुई स्टेट रेसिंग में पहली बार राज्य के खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया। इसमें जूनियर व सीनियर बालक-बालिका वर्ग के प्रथम पांॅच खिलाड़ियों को 20 साइकिल दी गई। सीनियर बालक वर्ग में कांॅकेर के संग्राम सिंह प्रथम, भूपेंद्र कुमार द्वितीय, आत्माराम यादव तृतीय, गौतम दुबे चतुर्थ व अभिषेक दुबे पांॅचवें स्थान पर रहे। सीनियर बालिकाओं में सुमन ध्रुव प्रथम, कामिनी द्वितीय, सुमन यादव तृतीय, नंदनी साहू चौथे व नेहा जायसवाल पांॅचवें स्थान पर रहीं। जूनियर बालक वर्ग में इबाम बुइंग प्रथम, अनमोल अभय काले द्वितीय, शैंकी जैन तृतीय, लोकेश साहू चौथे व रथेश दीप पांॅचवें स्थान पर रहे। जूनियर बालिका वर्ग में गुलाबी पहले, सपना चक्रधारी दूसरे व तापसी चक्रवर्ती तीसरे स्थान पर रहीं।
जो फिट, वही हिट : रमन
 ज्यादातर खेल समारोहों में संक्षिप्त भाषण देने वाले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह रविवार को पूरे रंग में दिखे। वे अभिनेत्री मिनिषा लांबा की चुटकी लेने से भी नहीं चूके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में जो फिट है, वही हिट है। इसलिए फिट रहने के लिए साइकिल चलाना चाहिए। बच्चों को भी साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जो संकल्प लेकर हौसले के साथ आगे बढ़ता है, वही विजेता होता है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने यहां पर साइकिलिंग के लिए ट्रैक व वेलोड्रम की बनाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ में 37वें नेशनल गेम्स होना है और साइकिल भी उसमें शामिल है, इसलिए इसका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इसके लिए चिंता करने की बात नहीं है।
खिलखिलाई मिनिषा
 मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान जब मिनिषा ने उन्हें बताई कि वे 12वीं तक साइकिल चलाती थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि इसीलिए मिनिषा अभी तक फिट और हिट भी हैं। यह सुनकर पूरे दर्शक ही नहीं अभिनेत्री मिनिषा भी खिल-खिलाकर हंस पड़ी।




मील का पत्थर साबित होगा : कौशिक
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि राजधानी में नेशनल साइकिल रेसिंग मील पत्थर साबित होगा। रेस में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ी इससे प्रोत्साहित होंगे और नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर पदक जीतेंगे। साइकिलिंग से पर्यावरण संरक्षण के लिए अच्छा संदेश मिलेगा।
नेशनल गेम्स की तैयारी चल रही : उसेंडी
समारोह में खेल मंत्री लता उसेंडी ने कहा कि राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ खेल में तेजी से विकास कर रहा है। पहले मेडल नहीं था, लेकिन आज छत्तीसगढ़ कई खेलों में मेडल जीत रहा है। उन्होंने कहा कि 37वें नेशनल गेम्स की तैयारी ठीक से चल रही है और समय पर सभी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा।
विदेशों व बड़े शहरों के तर्ज साइकिल ट्रैक : महापौर
समारोह में महापौर डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि बचपन ऐसे ही साइकिल रेस में हिस्सा लेने का सपना था, लेकिन वे कभी साइकिल रेस में हिस्सा नहीं ले पाईं, पर वह सपना आज इसे देखकर पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी साइकिल ट्रैक व वेलोड्रम बनना चाहिए। रायपुर में भी बड़े शहरों व विदेशी के तर्ज पर यहां सड़क किनारे साइकिल ट्रैक बनाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में यहां की संकरी सड़कें व ट्रैफिक समस्या के चलते नहीं बनाई जा सकती। अब सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
साइकिलिंग को बढ़ावा देने विशेष फंड : ढिंढसा
भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष परमिंदर सिंह ढिंढसा ने कहा कि यहां शानदार आयोजन हुआ। उन्होंने बताया कि फेडरेशन पूरे देश में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड बनाई है। जिसके तहत सभी राज्यों को साइकिल उपलब्ध कराई जा सके। राज्य हमें सिर्फ ट्रैक बनाकर दें, बाकी तकनीकी जानकारी फेडरेशन मुहैया कराएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में दिल्ली, मुंबई व नासिक में इंटरनेशनल लेवल की साइकिल रेस आयोजित की जा रही है। अब इसे बेंगलुरू या कोलकाता में भी आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
खूब साइकिल चलाई : मिनिषा
अभिनेत्री मिनिषा लांबा समारोह में विजेताओं को बधाई दी और उन्हें यहां बुलाने के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया। मिनिषा ने कहा कि बचपन ने उन्होंने अपने भाई के साथ खूब साइकिल चलाई। साइकिलिंग एक ग्रोविंग स्पोर्ट है और इसमें यहां के खिलाड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतना लक्ष्य : पंकज
नेशनल साइकिल रेस में पहले स्थान पर आए साई सेंटर पटियाला के पंकज कुमार का कहना है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना उनका लक्ष्य है। अब तक सीनियर लेवल पर सात व जूनियर वर्ग में 25 नेशनल मेडल जीत चुके पंकज ने कहा कि इस समय वे पटियाला में थाईलैंड में होने वाली एशियन चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। पंकज झारखंड नेशनल गेम्स में दो स्वर्ण व एक कांस्य पदक जीत चुके हैं।

Thursday, 18 August 2011

छग के खिलाड़ियों में रणजी खेलने की क्षमता

0 एनसीए के फिटनेस कोच जी. नागेश प्रसाद ने कहा,
0 यहां के खिलाड़ी बेहद काबिल

एनसीए के कोच जी. नागेश प्रसाद (मध्य में)
 रायपुर। नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के फिटनेस कोच जी. नागेश प्रसाद ने कहना है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में सीखने की बेहद ललक है और उनमें रणजी ट्रॉफी मैच खेलने की क्षमता है। छत्तीसगढ़ की अंडर-22 क्रिकेट टीम को विशेष ट्रेनिंग देने के लिए रायपुर आए श्री प्रसाद ने सात दिनों तक यहांॅ खिलाड़ियों को फिटनेस की विशेष ट्रेनिंग दी। वे बुधवार को बेंगलुरू लौट जाएंॅगे। 
श्री प्रसाद ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने पाया कि यहांॅ के खिलाड़ी बेहद काबिल हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को जो भी बातें सिखाईं, उसे उन्होंने बखूबी सीखा। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में स्ट्रेचिंग, स्पीड, एंडुरेंस, एलिजबिलिटी व पावर पर ध्यान फोकस किया गया। खिलाड़ियों को क्रिकेट के हिसाब से अलग-अलग तरीके से रनिंग, जिम व स्वीमिंग पूल में ट्रेनिंग दी गई। श्री प्रसाद ने कहा कि क्रिकेट एक स्किल गेम है और उन्होंने खिलाड़ियों को उसी हिसाब से ट्रेनिंग दी। यहांॅ प्रत्येक खिलाड़ी फोकस होकर सीख रहा है।
श्री प्रसाद ने कहा कि खिलाड़ियों को डाइट के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के अनफिट रहने का परिणाम टीम को भुगतना पड़ता है। इसमें सपोर्टिंग स्टाफ का महत्वपूर्ण रोल रहता है। विदेश में तो ग्रास रूट लेवल पर खिलाड़ी तैयार करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि वे सात दिनों तक यहांॅ खिलाड़ियों को फिटनेस से संबंधित जरूरी बातें सिखा दी हैं। टीम के लोकल कोच राहुल पांडे को भी उन्होंने जरूरी टिप्स दे दिए हैं। वे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देंगे।
अकादमी पर काम शुरू
छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया ने कहा कि यहांॅ पर क्रिकेट अकादमी स्थापित करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। जैसे ही बीसीसीआई से अनुमति मिलेगी, इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए शहर के अंदर या आसपास जमीन की तलाश की जा रही है। इसके लिए शासन से भी जमीन की मांॅग की है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने एजीएम की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रिकेट के कार्यों की काफी सराहना की और निर्धारित समय पर प्रदेश संघ को पूर्ण मान्यता मिलने की बात कही। संघ के सचिव राजेश दवे ने कहा कि यह ट्रेनिंग 14 अक्टूबर से गोवा के साथ प्लेट ग्रुप खेलने वाली अंडर-22 टीम के लिए था। खिलाड़ियों को अलग-अलग मैदान में ट्रेनिंग दी गई।
 

Saturday, 30 July 2011

भारतीय यूथ बास्केटबाल टीम में छत्तीसगढ़ के तीन खिलाड़ी

0 तीनों खिलाड़ी मिडिल एशिया क्वालीफाइंग बास्केटबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे
 रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन खिलाड़ी अजय प्रताप सिंह, संजीव कुमार व आकाश भसीन का चयन भारतीय यूथ बास्केटबाल टीम में हुआ है। भारतीय बास्केटबाल संघ के सीईओ हरीश शर्मा ने शनिवार को नई दिल्ली में भारतीय टीम की घोषणा की। भारतीय टीम नई दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम में 1 से 4 अगस्त तक होने वाली मिडिल एशिया क्वालीफाइंग बास्केटबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी। इसमें भारत के अलावा ीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, उज्बेकिस्तान व कजाकिस्तान की टीमें शिरकत करेंगी। 
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के महासचिव राजेश पटेल ने बताया कि भारतीय टीम में चयनित अजय प्रताप सिंह भिलाई से तथा संजीव कुमार व आकाश भसीन राजनांदगांव से हैं। अजय प्रताप बीएसपी के उभरते हुए खिलाड़ी हैं और दो बार भारतीय यूथ एवं जूनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संजीव व आकाश साई सेंटर राजनांदगांव के खिलाड़ी हैं। आकाश ने हाल ही में नागपुर में हुई नेशनल यूथ बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। संजीव अमेरिका के फ्लोरिडा में आईएमजी रिलायंस की बास्केटबाल अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। अजय के मुख्य कोच आरएस गौर तथा सहायक कोच एस. दुर्गेश राजू हैं। संजीव व आकाश के कोच साई सेंटर राजनांदगांव के प्रशासनिक अधिकारी के. राजेश्वर राव हैं। श्री पटेल ने बताया कि इस चैंपियनशिप की प्रथम दो टीमें सितंबर में वियतनाम में होने वाली दूसरी एशियन यूथ बास्केटबाल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करेंगी। भारतीय यूथ बालक टीम मजबूत है। उम्मीद है कि भारतीय टीम फाइनल तक पहुंचने सफल होगी। भारतीय टीम में प्रदेश के तीनों खिलाड़ियों के चयन पर के पीछे भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई इंजीनियरिंग कार्पोरेशन, भिलाई तथा छत्तीसगढ़ यूथ एवं वेलफेयर विभाग द्वारा जा रही सुविधाओं का परिणाम है।
छत्तीसगढ़ की पांच बालिकाएं बास्केटबाल               यूथ इंडिया कैंप में
0 पांचों खिलाड़ी भारतीय टीम के संभावित 18 सदस्यीय टीम में शामिल
0 दूसरे चरण के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी

 
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की पांच बालिकाओं ए. कविता, संगीता कौर, पूनम चतुर्वेदी, अंजना डेजी एक्का व शरणजीत कौर का चयन बास्केटबाल यूथ इंडिया कैंप के लिए हुआ है। पांचों बालिकाएं 18 सदस्यीय संभावित भारतीय टीम के साथ दूसरे चरण के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी। पहले चरण के प्रशिक्षण शिविर में 30 लड़कियां शामिल थीं, जिनमें छत्तीसगढ़ से सात खिलाड़ी थीं।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के राजीव जैन ने बताया कि दूसरे चरण का इंडिया कैंप 16 अगस्त से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में लगेगा। इसके बाद अंतिम रूप से 12 सदस्यीय भारतीय यूथ टीम का चयन किया जाएगा, जो अक्टूबर में होने वाली दूसरी एशियन यूथ बालिका बास्केटबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने चीन जाएगी। ी जैन ने बताया कि संभावित टीम में शामिल कविता भारतीय यूथ टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साथ ही उनका चयन अमेरिका के फ्लोरिडा में रिलायंस आईएमजी अकादमी मंे बास्केटबाल के उच्च प्रशिक्षण के लिए हुआ है। संगीता कौर का चयन दूसरी बार इंडिया कैंप के लिए हुआ है, जबकि शरणजीत कौर, अंजना व पूनम पहली बार यूथ इंडिया कैंप के लिए चयनित हुई हैं। शरणजीत और संगीता बीएसपी डे-बोर्डिंग की खिलाड़ी हैं। वहीं कविता, अंजना व पूनम को भिलाई इंजीनियरिंग कार्पोरेशन द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। कोच राजेश पटेल ने कहा कि पांचों खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए उनके भारतीय टीम में चुने जाने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ की बालक-बालिका टीम की उपलब्धि पर खेल मंत्री लता उसेंडी, छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के चेयरमैन सोनमणि बोरा, खेल संचालक जीपी सिंह, संघ के संरक्षक विनोद अरोरा, भिलाई इंजीनियरिंग कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अरविंद जैन, छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन, संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश डाकलिया, छत्तीसगढ़ लान टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, बीएसपी के कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन एसके शर्मा, बीएसपी के महाप्रबंधक प्रभारी (कार्मिक) आरके नरूला, छत्तीसगढ़ आर्म रेसलिंग संघ के अध्यक्ष जी. सुरेश, छत्तीसगढ़ जिम्नास्टिक संघ के अध्यक्ष अश्विनी महेंद्रु, छत्तीसगढ़ तैराकी संघ के अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, छग तैराकी संघ के सचिव सहीराम जाखड़, बीएसपी के महाप्रबंधक (मैनेजमेंट सर्विसेज) माधुरी मेनन, बीएसपी के महाप्रबंधक (कार्मिक) आरके शर्मा, बीएसपी बास्केटबाल क्लब के अध्यक्ष एसआरए रिजवी, छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के संरक्षक द्वय नवीन सिंह व रूपा जैन, बीएसपी के उपमहाप्रबंधक (कार्मिक) एके कयाल, सहायक महाप्रबंधक मेहमूद हसन, छत्तीसगढ़ बाक्सिंग संघ के  अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान, छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन सिंह, अजय प्रताप सिंह व अनिल पुसदकर, उपाध्यक्ष योगेश कुमार, विनोद नेमी, निलांजल नियोगी, एससी त्रिपाठी व मधु तिवारी, सहसचिव दिनेश शर्मा, राजेंद्र तंबोली, प्रमोद सिंह ठाकुर, संस्कार द्विवेदी व विजय देशपांडे, छत्तीसगढ़ वालीबाल संघ के सचिव मो. अकरम खान, छत्तीसगढ़ बाल बैडमिंटन संघ के सचिव वाय. राजाराव, छत्तीसगढ़ जूडो संघ के सचिव अरुण द्विवेदी, इकबाल अहमद खान, साजी टी. थामस, सरजीत चक्रवर्ती, एमवीवी जे. सूर्यप्रकाश, रामकुम्ाार चंद्रा, अशोक धर, शिशांत पांडे आदि ने बधाई देते हुए उनके अच्छे प्रदर्शन की कामना की है।  

Thursday, 28 July 2011

लंदन ओलिम्पिक के पदकों का अनावरण

लंदन ओलिम्पिक-2012 :  पदक बड़े और खूबसूरत भी  
अनावरण अवसर पर प्रिंसेस एन (बाएँ) और आयोजन समिति के प्रमुख सैबेस्टियन को। 
 लंदन। लंदन ओलिम्पिक में एक वर्ष शेष रहते खेलों के इस महाकुंभ की उल्टी गिनती शुरू हो गई और पदकों का भी अनावरण कर दिया गया। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वेयर में आयोजित पदक अनावरण समारोह में ओलिम्पिक में विजेताओं को मिलने वाले स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों को पहली बार प्रदर्शित किया गया। लंदन इससे पहले दो बार ओलिम्पिक खेलों की मेजबानी कर चुका है। वर्ष 1908 और 1948 के बाद वह तीसरी बार ओलिम्पिक की मेजबानी करने जा रहा है।
ब्रिटेन के प्रसिद्ध डिजाइनर डेविड वॉटकिंस द्वारा डिजाइन किए गए ये पदक पिछले पदकों के मुकाबले ज्यादा बड़े और वजनी हैं। इन पदकों का व्यास 85 मिलीमीटर है और वजन 400 ग्राम है। अगर कोई खिलाड़ी बीजिंग ओलिम्पिक के दौरान तैराकी में सात-आठ पदक जीतने वाले माइकल फेल्प्स की तरह इस बार इतने पदक जीतता है तो उसे अपनी गर्दन मजबूत रखनी होगी।
पदक के बीच में ऐसा डिजाइन बनाया गया है जिससे आड़ी-तिरछी रेखाएँ निकल रही हैं। ये रेखाएँ लंदन से निकलती ऊर्जा की द्योतक हैं। इसमें टेम्स नदी को एक रिबन के रूप में दिखाया गया है जो बीच में है। गोलाकार इस पदक के दूसरी तरफ यूनानी मिथकों में जीत और खेल की भावना की प्रतीक मानी जाने वाली देवी 'नाइकी" की तस्वीर उकेरी गई है। पदक पर उस खेल का नाम लिखा होगा जिसमें खिलाड़ी विजेता बनेंगे। हालाँकि इस बार ओलिम्पिक के स्वर्ण पदक विजेताओं को भारी निराशा होगी क्योंकि उन्हें दिए जाने वाले इन वजनी पदकों में मात्र 1.34 प्रतिशत ही सोना है। इसमें 92.5 प्रतिशत चाँदी और अन्य धातुएँ हैं। इन पदकों को इस वर्ष के अंत में दक्षिणी वेल्स के टकसाल में ढाला जाएगा। 
 वॉटकिंस ने कहा- मैंने वर्ष 2000 में हुए सिडनी ओलिम्पिक के लिए जो पदक डिजाइन किए थे, ये पदक उससे बड़े हैं और खूबसूरत भी हैं। उन्होंने कहा- मैं बेसब्री से उस पल की प्रतीक्षा कर रहा हूँ जब 2100 पदकों में से पहला पदक किसी खिलाड़ी को दिया जाएगा। मैं यह सोचकर रोमांचित हूँ कि ओलिम्पिक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मेरा डिजाइन किया हुआ पदक पहनेंगे।

फुटबॉल टूर्नामेंट के सभी टिकट बिकने की उम्मीद
ओलिम्पिक खेलों की आयोजन समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल डीटन ने फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए बाकी बचे 15 लाख टिकटों की बिक्री की उम्मीद जताई है। डीटन ने कहा-ड्रॉ निकलने के बाद टिकटों की बिक्री में तेजी आएगी क्योंकि तभी लोगों को पता चलेगा कि कौन-सी टीम कहाँ खेल रही है।
ओलिम्पिक में पुरुष और महिला टीमों के फुटबॉल मुकाबले  ब्रिटेन के कई शहरों में आयोजित किए जाएँगे। इनमें कार्डिफ का मिलेनियम स्टेडियम, ग्लास्गो का हैम्पडन पार्क और लंदन का वेम्बली स्टेडियम शामिल है। इस वर्ष के अंत में तीसरी बार फुटबॉल मैचों के टिकटों की बिक्री की जाएगी, जिनकी कीमत 20 से 185 पाउंड के बीच होगी। बाकी सभी खेलों के अधिकांश टिकट पहले ही बिक चुके हैं। डीटन ने कहा-हम अब तक आठ लाख टिकट बेच चुके हैं जबकि टिकट खरीदने वालों को यह अभी तक यह पता नहीं है कि वे किसे देखने जा रहे हैं। उन्होंने कहा-फाइनल और सेमीफाइनल के टिकट तो कब के बिक चुके हैं। क्वार्टर फाइनल के टिकट भी बिक रहे हैं लेकिन लीग मैचों के टिकट धीरे-धीरे बिक रहे हैं। इनका कोई पैटर्न नहीं है क्योंकि सप्ताहाँत वाले टिकट सबसे अधिक बिकते हैं। हालाँकि शेष टिकट बिकते हैं या नहीं, इसका ज्यादा असर हमारे बजट पर नहीं पड़ने जा रहा क्योंकि ये सस्ते टिकट हैं। फाइनल के टिकट महँगे होते हैं जिसकी बिक्री पहले ही हो चुकी है।
 

वेस्टइंडीज क्रिकेट खेलने जाएंगे छत्तीसगढ़ के तीन वकील

0 7 से 20 अगस्त तक होने वाली तृतीय अधिवक्ता विश्वकप क्रिकेट स्पर्धा में हिस्सा लेंगे
0 14 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन अधिवक्ता भारतीय टीम के साथ वेस्टइंडीज के बारबाडोस में 7 से 20 अगस्त तक होने वाली तृतीय अधिवक्ता विश्वकप क्रिकेट स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत समेत 14 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम में चयनित प्रदेश के तीन खिलाड़ी भूपेंद्र जैन, अरमान खान व वजाहत रिजवी हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष फैजल रिजवी ने बताया कि 18 सदस्यीय भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ के तीन आलराउंडर खिलाड़ियों का चयन हुआ है। तीनों खिलाड़ी 2 अगस्त को दिल्ली रवाना होंगे। भारतीय टीम 4 अगस्त को इंग्लैंड रवाना होगी। भारतीय टीम 5 अगस्त को लंदन के लार्ड्स मैदान पर इंग्लिश बैरिस्टर टीम के साथ अभ्यास मैच खेलेगी। इसके बाद लंदन में होने वाली इंटरनेशनल लीगल सेमिनार में हिस्सा लेने बाद दोनों टीमें उसी शाम वेस्टइंडीज के लिए रवाना होंगी।
श्री रिजवी ने बताया कि इस विश्वकप में क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। पिछला विश्वकप लंदन में हुआ था, जिसमें भारतीय टीम उपविजेता थी। इस टीम में भी छत्तीसगढ़ से भूपेंद्र जैन व अरमान खान शामिल थे। वजाहत रिजवी पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुए। तीनों खिलाड़ियों का चयन हैदराबाद में भारतीय अधिवक्ता क्रिकेट एसोसिएशन (आईएसीए) की मेजबानी में हुई राष्ट्रीय अधिवक्ता क्रिकेट चैंपियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे, रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामनारायण व्यास, सचिव सत्येंद्र ठाकुर समेत छग अधिवक्ता क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वकप में तीनों खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन की कामना की है।
 

Sunday, 24 July 2011

उड़ीसा सेंट्रल जोन रग्बी चैंपियन

0 मेजबान छत्तीसगढ़-ए की टीम चौथे स्थान पर रही
ट्राफी के साथ ओड़िसा की महिला टीम 
रायपुर। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स आउटडोर स्टेडियम में हुई सेंट्रल जोन सीनियर महिला रग्बी सेवन-ए-साइड फुटबाल चैंपियनशिप का रविवार को समापन हुआ। दो दिनों तक चली स्पर्धा के फाइनल में उड़ीसा (भुवनेश्वर) ने अपने ही राज्य की कीस भुवनेश्वर की टीम को संघर्षपूर्ण मुकाबले में शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा किया। स्पर्धा में मेजबान छत्तीसगढ़-ए को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। उत्तरप्रदेश की टीम तीसरे स्थान पर रही।
खिताबी भिड़ंत उड़ीसा की दोनों टीमों के बीच हुई। दोनों टीमों की खिलाड़ियों के बीच संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ। पहले हाफ तक दोनों टीम दो-दो गोल करके 10-10 अंक हासिल करने में कामयाब रही। दूसरे हाफ में दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने गोल करने में पूरी ताकत लगा दी, लेकिन किसी को भी गोल करने में सफलता नहीं मिली और मैच 10-10 अंक की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद फैसला गोल्डन गोल से किया गया, लेकिन इसमें भी किसी को भी गोल करने में सफलता नहीं मिली। अंत में निर्णायकों ने मैच का फैसला सिक्का उछालकर टॉस से किया, जिसमें उड़ीसा (भुवनेश्वर) की टीम ने जीत हासिल की।
तीसरे स्थान के लिए कांटे का मुकाबला
 तीसरे के लिए हुए मैच में मेजबान छत्तीसगढ़-ए और उत्तरप्रदेश के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। दोनों टीमों ने मैच समाप्ति तक गोल करने के लिए खूब जोर-आजमाइश की, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली और मैच शून्य पर बिना परिणाम के समाप्त हुआ। इसके बाद दोनों टीमों को गोल्डन गोल के लिए पांच मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया, मगर इसमें भी गोल नहीं हो सका। अंत में फैसला टॉस से किया गया, जिसमें उत्तरप्रदेश की टीम जीत गई और छत्तीसगढ़ को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इसके पूर्व खेले गए पहले सेमीफाइनल कीस भुवनेश्वर ने उत्तरप्रदेश को रोमांचक मुकाबले में 4-1 से अर्थात 20-5 अंकों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरे सेमीफाइनल में उड़ीसा (भुवनेश्वर) ने छत्तीसगढ़-ए को एकतरफा 5-0 से अर्थात 25-0 अंकों से शिकस्त दी।
महापौर ने दिया सहायता का आश्वासन
समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यअतिथि महापौर डॉ. किरणमयी नायक ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान किया। अध्यक्षता सेंट्रल जोन के डायरेक्टर यूके मोहंती ने की। समारोह महापौर ने कहा कि खुशी की बात है कि वे पहली बार किसी महिला खिलाड़ियों के टूर्नामेंट में शामिल हो रही हैं। रग्बी को छत्तीसगढ़ में बढ़ावा देने के लिए वे हरसंभव सहायोग करेंगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रग्बी फुटबाल संघ के अध्यक्ष ललित चौरसिया ने कहा कि भविष्य में यहां और भी बड़ा टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। इस मौके पर संघ के सचिव अयाज अहमद खान, इमरान खान, संजय राठी, जुगल किशोर झंवर समेत खिलाड़ी व संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
 

Friday, 22 July 2011

छत्तीसगढ़ के 16 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे नेशनल ट्रायथलान में

0 तैयारी में जुटे प्रदेश के खिलाड़ी
0 अगस्त के अंतिम सप्ताह में होगी राज्य स्पर्धा
   
सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव
रायपुर। ट्रायथलान व एक्वाथलान की नेशनल चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने के बाद यहां के खिलाड़ी इसकी तैयारी में जुट गए हैं।   नवंबर में प्रस्तावित नेशनल चैंपियनशिप के सभी वर्गों में छत्तीसगढ़ के 16 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रदेश टीम का चयन अगस्त के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। राज्य बनने के बाद यहां पहली बार ट्रायथलान व एक्वाथलान की नेशनल चैंपियनशिप होगी। छत्तीसगढ़ ट्रायथलान संघ ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अभी रायपुर में विभिन्ना वर्गों के करीब 20 खिलाड़ी भाठागांव एनिकट व कचना तालाब में इसकी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों को संदीप गोविलकर, डॉ. प्रमोद मैने व दिलीप फरिकार अपने स्तर पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। रतनपुर में 15, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में सात-सात, जांजगीर व रायगढ़ में पांच-पांच खिलाड़ी इसकी तैयारी कर रहे हैं। संघ के सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रायथलान व एक्वाथलान के सभी चार वर्गों में कुल 16 पुरुष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस खेल में प्रदेश की लड़कियों का हिस्सा लेना अभी निश्चित नहीं है, लेकिन कसडोल की दो लड़कियों ने इसमें हिस्सा लेने में रुचि दिखाई है। उन्हें पूरी तरह परखने के बाद ही हिस्सा लेने दिया जाएगा।

साइकिल व कोच उपलब्ध कराना चुनौती
संघ के सचिव डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि इस खेल के लिए खिलाड़ियों को साइकिल और कोच उपलब्ध कराना चुनौती है, क्योंकि यह खेल छत्तीसगढ़ में डेवलप होने की स्थिति में है। अभी खिलाड़ियों के पास रेसिंग के लायक साइकिल नहीं है। यह साइकिल दो-तीन लाख रुपए की होती है। भारत में सामान्य स्तर की साइकिल की कीमत ही 80 से 90 हजार रुपए है। अभी खिलाड़ी सामान्य साइकिल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए 10-12 हजार कीमत वाली साइकिल उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। ट्रायथलान को छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी ने गोद लिया है। कंपनी से मिलने वाले अनुदान के लिए प्रदेश संघ प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। इसमें पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छी रेंज की साइकिल व कोच उपलब्ध कराना है। कोच पर ही महीने में 60 हजार रुपए खर्च आएगा, क्योंकि तीनों खेलों के लिए अलग-अलग कोच रखना पड़ता है। फिर भी बाहर से एक कोच बुलाने पर विचार किया जा रहा है। 

नई राजधानी क्षेत्र उपयुक्त
प्रदेश संघ ट्रायथलान व एक्वाथलान की नेशनल चैंपियनशिप आयोजित कराने के लिए नई राजधानी क्षेत्र में उपयुक्त स्थान देख रहा है, क्योंकि वहां नवनिर्मित चौड़ी सड़कें साइकिलिंग और दौड़ दोनों के लिए उपयुक्त हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास स्थित परसदा डेम को स्वीमिंग के लिए डेवलप किया जा सकता है। इस संबंध में संघ के सचिव डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि वहां इसके आयोजन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। सिर्फ उसे आयोजन के लायक बनाना होगा। इसके लिए ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद रमेश बैस, लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत व खेल मंत्री लता उसेंडी से मिलकर सहयोग का आग्रह करेंगे। साथ ही सफल आयोजन के लिए सभी खेल संघों से भी सहयोग लिया जाएगा।


इंफ्रास्ट्रक्चर सामान्य पर गेम खर्चीला
ट्रायथलान में स्वीमिंग, साइकिलिंग और दौड़ के लिए सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। इसके बावजूद यह खर्चीला गेम है। खासकर साइकिलिंग बेहद महंगा गेम है। एक साइकिल की कीमत दो से तीन लाख रुपए है। यह भारत में बनती नहीं है। इसे विदेशों से मंगाई जाती है। विदेशों से कल-पुर्जे मंगाकर भारत में बनाई साइकिल की कीमत ही 80 से 90 हजार रुपए है। स्वीमिंग के लिए समान रूप से अच्छी चौड़ाई, लंबाई व गहराई वाले डेम या तालाब की जरूरत होती है, जहां स्वच्छ पानी हो। इसी तरह साइकिलिंग व दौड़ के लिए चौड़ी व साफ-सुथरी सड़क चाहिए।