About Me

My photo
"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Thursday 30 December 2010

डरबन में बजा भारत का डंका

डरबन. तेज गेंदबाजों जहीर खान (57/3) और शांतकुमारन श्रीसंथ (45/3) की गेंदों की पैनी धार और आफ स्पिनर हरभजन सिंह (70/2) की मारक फिरकी से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को दूसरे क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन आज 87 रन से कुचलकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली और इसके साथ ही टेस्ट रैंकिंग में अपना नंबर एक का ताज बरकरार रखा। भारतीय टीम के संकटमोचक वीवीएस लक्ष्मण को मैन आफ द मैच चुना गया।
लक्ष्मण की 96 रनों की शानदार पारी की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 303 रनों की चुनौती रखी। जिसके जवाब में मेजबान टीम केवल 215 रन ही बना सकी। दक्षिण अफ्रीका का आखिरी विकेट गिरते ही सभी भारतीय खिलाड़ी खुशी से झूम उठे और सबने एकदूसरे को गले लगाकर इस शानदार जीत की बधाई दी।  भारत की दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर 14 टेस्टों में यह दूसरी जीत है। इससे पहले भारत ने दिसंबर 2006 में दक्षिण अफ्रीका को जोहानसबर्ग में 123 रन से हराया था।  विश्व की नंबर एक टीम भारत ने सेंचुरियन में पहला टेस्ट पारी और 25 रन से गंवा दिया था। लेकिन दूसरे टेस्ट में भारत ने गजब की वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को उसकी सबसे घरेलू तेज पिच पर जमीन सुंघा दी और उसका विश्व की नंबर एक टीम बनने का सपना भी तोड़ दिया।
दक्षिण अफ्रीका को विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर पहुंचने के लिए यह सीरीज 3-0 से क्लीन स्वीप करनी है। लेकिन 1-1 की बराबरी हो जाने के बाद अब भारत के पास यह मौका बन गया है कि वह दक्षिण अफ्रीका में पहली बार टेस्ट सीरीज भी जीत सकता है। जहीर ने 57 रन पर तीन विकेट, श्रीसंथ ने 45 रन पर तीन विकेट और हरभजन ने 70 रन पर दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका का चौथे दिन लंच के बाद पुलिंदा 215 रन पर बांध दिया। दक्षिण अफ्रीका की हार की इबारत तो उसी समय लिख दी गई थी जब जहीर ने पहली पारी में तीन और हरभजन ने चार विकेट लेकर मेजबान टीम का पहली पारी में 131 रन पर पुलिंदा बांध दिया था। हालांकि भारत जब पहली पारी में 205 रन पर आउट हुआ था तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह इतनी शानदार वापसी करते हुए यह मैच जीत जाएगा। लेकिन जहीर की वापसी से धारदार हुई भारतीय गेंदबाजी और दूसरी पारी में वैरी वैरी स्पेशल वीवीएस लक्ष्मण की 96 रन की विलक्षण पारी ने भारत को वह जीत दिला दी जिसका उसे पिछले कई वर्षों से इंतजार था। दक्षिण अफ्रीका ने कल के तीन विकेट पर 111 रन से आगे खेलना शुरू किया। जैक्स कैलिस 12 और एबी डीविलियर्स 17 रन पर नाबाद थे। इन दोनों बल्लेबाजों पर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी थी। लेकिन श्रीसंथ ने कैलिस को ज्यादा देर जमने का मौका नहीं दिया और उन्हें वीरेन्द्र सहवाग के हाथों गली में कैच कराते हुए भारत के रास्ते का सबसे बडा कांटा दूर कर दिया। श्रीसंथ का यह तीसरा विकेट था। उन्होंने इस तरह दक्षिण अफ्रीका के चार शीर्ष बल्लेबाजों में से तीन को निपटा दिया।
 कैलिस अपने स्कोर में सिर्फ पांच रन का इजाफा कर सके। उन्होंने 52 गेंदों में दो चौकों की मदद से 17 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका का चौथा विकेट 123 के स्कोर पर गिरा। डी विलियर्स भारत के लिए खतरनाक बनते लेकिन इससे पहले हरभजन ने उन्हें पगबाधा कर दिया। डी विलियर्स ने 103 मिनट क्रीज पर रहकर 76 गेंदों का सामना किया और एक छक्के की मदद से 33 रन बनाए। इन दो विकेटों के गिरने के बाद जहीर ने अपने रंग में आते हुए मार्क बाउचर (एक) को पगबाधा किया।  डेल स्टेन (10) को चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच कराया और लंच के बाद पाल हैरिस (सात) को राउंड द विकेट आते हुए बोल्ड कर दिया।
 जहीर ने खासतौर पर स्टेन के लिए दो गली लगा रखी थी। उन्होंने एक गेंद को बाहर निकालते हुए स्टेन को फंसाया और स्टेन पुजारा को कैच थमाकर पैवेलियन लौट गए।  लंच के समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर सात विकेट पर 182 रन था। लेकिन लंच के तुंरत बाद जहीर ने राउंड द विकेट आते हुए हैरिस को छकाया और उनकी अंदर आती हुई गेंद हैरिस के बल्ले के पास से निकलकर आफ स्टंप ले उड़ी।
दक्षिण अफ्रीका का आठवां विकेट 182 के स्कोर पर गिरा। एश्वेल प्रिंस एक छोर पर अड़े हुए लगातार भारतीय इंतजार को लंबा खींच रहे थे। भारत को दक्षिण अफ्रीका के 206 के स्कोर पर नौवां विकेट भी मिल जाता जब ईशांत की राउंड द विकेट गेंद पर मोर्न मोर्कल गली में सहवाग के हाथों लपके गए मगर भारतीय खुशी अगले ही सेकंड निराशा में बदल गई क्योंकि इशांत की यह गेंद नो बाल थी। सहवाग ने निराशा में गेंद को जमीन पर पटक दिया।

No comments:

Post a Comment