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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Saturday 19 February 2011

विश्व कप : वीरू, विराट का विस्फोट

भारत ने बांग्लादेश को 87 रन से हराया, पिछले वर्ल्ड कप में मिली हार का लिया बदला
मीरपुर. विध्वंसक वीरेन्द्र सहवाग (175) की सर्वश्रेष्ठ पारी और युवा विराट कोहली (नाबाद 100) के पहले विश्व कप शतक के दम पर भारत ने उद्घाटन मैच में चार विकेट पर 370 रन का रिकार्ड स्कोर खड़ा करने के बाद बांग्लादेश को शनिवार रात 87 रन से रौंदकर उससे पिछले वर्ल्ड कप में मिली हार का बदला चुका लिया। विस्फोटक पारी खेलने वाले सहवाग मैन आफ द मैच रहे।
      सहवाग ने विश्व कप शुरू होने से पहले कहा था कि उनका लक्ष्य बांग्लादेश से 2007 में मिली हार का बदला लेना है और उन्होंने अपने इस वादे को पूरा करते हुए न केवल विश्व कप के उद्घाटन मैच की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली बल्कि अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए बांग्लादेश को शेरे बांग्ला स्टेडियम में जमींदोज कर दिया।  भारत के ग्रुप-बी के इस मैच में चार विकेट पर 370 रन के विशाल स्कोर के जवाब में बांग्लादेश की टीम कड़ा संघर्ष करने के बावजूद पहाड़नुमा स्कोर के दबाव में दम तोड़ गई और नौ विकेट पर 283 रन ही बना सकी।
मैन आफ द मैच सहवाग ने प्रतिभाशाली बल्लेबाज कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 203 रन की शानदार साझेदारी की। कोहली विश्व कप के अपने पहले ही मैच में शतक जमाने का कारनामा कर दिखाया। सहवाग ने 140 गेंदों में 14 चौकों और पांच छक्कों की मदद से बेहतरीन 175 रन बनाए जबकि कोहली ने 83 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन ठोके।
 बांग्लादेश के लिए ओपनर तमीम इकबाल ने 70 रन और कप्तान शाकिब अल हसन ने 55 रन की तेजतर्रार पारियां खेली लेकिन भारत का स्कोर इतना बड़ा था कि वे लक्ष्य से बहुत दूर रहे। इसके बावजूद बंगलादेश ने सराहनीय संघर्ष दिखाया और ओपनर इमरूल कायेस ने 34. ुजुनैद सिद्दकी ने 37 और मुशफिकुर रहीम ने 25 रन बनाए। भारत के लिए मुनाफ पटेल ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए दस ओवर में 48 रन पर सर्वाधिक चार विकेट और जहीर खान ने 41 रन पर दो विकेट लिए।  विश्व कप का उद्घाटन मैच पूरी तरह दिल्ली के दो बल्लेबाजों सहवाग और कोहली के नाम रहा। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट की साझेदारी में 203 रन की विशाल साझेदारी कर भारत को विराट स्कोर पर पहुंचा दिया। सहवाग का वनडे करियर का यह 14वां और विश्व कप का दूसरा शतक था जबकि कोहली का कुल पांचवां और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा शतक था।
 बांग्लादेश का टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला उसके ही गले पड गया और भारत ने शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम का शेर होने के अपने रतबे को कायम रखते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों की तबियत से धुनाई कर दी।  भारत ने इस तरह बंगलादेश से इस स्टेडियम में सभी छह मैच जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने 2007 विश्व कप के मैच को याद करते हुए टास जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया। उस मैच में भारतीय पारी 200 से नीचे सिमट गई और बांग्लादेश ने पांच विकेट से वह मैच जीत लिया था।
 शाकिब का इरादा यही था कि भारत को सस्ते में लपेटा जाए।  लेकिन वह भूल गए कि इस बार उनका वास्ता उस वीरू से पड़ा है जो विश्व कप शुरू होने से पहले यह कह चुके थे कि बांग्लादेश से उस हार का बदला लेना है और वह 50 ओवर तक खेलने की ठान चुके हैं। वीरू अपने शब्दों पर कायम रहते हुए 48वें ओवर में जाकर आउट हुए और तब तक भारत का स्कोर 355 रन पहुंच चुका था। हालांकि वीरू को इस पारी के दौरान रनर का भी सहारा लेना पड़ा लेकिन उन्होंने इस समस्या को अपने शाटों पर हावी नहीं होने दिया।  बांग्लादेश की गेंदबाजी में कहीं कोई डंक नहीं दिखाई दिया और सहवाग तथा कोहली ने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए बांग्लादेश को उसी के मैदान में धोकर रख दिया।  सहवाग और सचिन ने भारत को विस्फोटक शुरुआत देते हुए 10.5 ओवर में 69 रन की साझेदारी कर डाली। सहवाग ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ा और पहले ओवर में 12 रन बटोर डाले। यहीं तय हो गया था कि भारतीय बल्लेबाज क्या ठानकर मैदान में उतरे हैं।
सचिन का यह दुर्भाग्य रहा कि वह एक अनावश्यक रन चुराने की कोशिश में रन आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंदों में चार चौकों की मदद से 28 रन बनाए। इसके बाद सहवाग ने अपने दिल्ली के जोड़ीदार गौतम गंभीर (39) के साथ दूसरे विकेट के लिए  83 रन जोड़ डाले। गंभीर 39 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 39 रन बनाकर महमूदुल्ला की गेंद पर बोल्ड हुए।  गंभीर के आउट होने के बाद वीरू का साथ देने उतरे दिल्ली के एक अन्य बल्लेबाज विराट कोहली। जबर्दस्त फार्म में चल रहे कोहली ने विश्वकप के विराट मंच पर खुद को साबित करते हुए अपने से कहीं अनुभवी सहवाग का शाट दर शाट साथ दिया1 इस जोडी की तेजी का आलम यह था कि बंगलादेश के गेंदबाज पनाह मांगते नजर आए। सहवाग ने अपना अर्द्धशतक 45 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से और अपना शतक 94 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से पूरा किया1 सहवाग के 100 रन पूरे होने के साथ भारत के भी 200 रन पूरे हो गए1 बंगलादेशी कप्तान शाकिब को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह इन दोनों बल्लेबाजों को रोकने के लिए क्या करें।
 कोहली ने अपना अर्धशतक 46 गेंदों   में पांच चौकों की मदद से पूरा किया। सहवाग शतक पूरा करने के बाद खासे आक्रामक हो गए और अपनी परेशानी के बावजूद उन्होंने पांच चौके और चार छक्के ठोके। आखिर पारी के 48वें ओवर में शाकिब की गेंद पर बिना पैरों के मूवमेंट के शाट खेलने की कोशिश में वह गेंद को विकेट पर खेल गए।  अपनी 175 रन की पारी खेलकर सहवाग जब पवेलियन लौट रहे थे तो ड्रेसिंग रूम में सभी भारतीय खिलाडी और स्टेडियम में मौजूद सभी दर्शक उनका तालियां बजाते हुए अभिवादन कर रहे थे।  विराट ने अपना शतक आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर पूरा किया लेकिन यूसुफ पठान (आठ) पारी की आखिरी गेंद पर आउट हो गए। भारतीय पारी चार विकेट पर 370 रन का विशाल स्कोर बनाकर थमी।  बांग्लादेश की तरफ से शफीउल ने 69 रन पर एक विकेट, शाकिब ने 61 रन पर एक विकेट और महमूदुल्ला ने 49 रन पर एक विकेट लिया। रूबेल हुसैन ने 60 रन, अब्दुर रज्जाक ने 74 रन और नईम इस्लाम ने 54 रन लुटाए।
बांग्लादेश को तमीम (70) और कायेस (34) ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 6.5 ओवर में 56 रन जोड़कर तूफानी शुरआत दी। कायेस सात चौकों की मदद से 29 गेंदों में 34 रन बनाकर मुनाफ का पहला शिकार बने1 तमीम ने सिद्दकी के साथ बंगलादेश के स्कोर को 24वें ओवर में 129 तक पहुंचा दिया। लेकिन सिद्दकी हरभजन की एक बेहतरीन गेंद पर विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप हो गए।  सिद्दकी ने 37 रन की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। कप्तान शाकिब और तमीम ने स्थिति को संभालने की कोशिश लेकिन मुनाफ की गेंद पर युवराज सिंह ने तमीम का बेहतरीन कैच लपक लिया। तमीम ने 70 गेंदों की अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया1 इसके बाद बंगलादेश की पारी दबाव में आ गई।  हालांकि कप्तान शाकिब ने 50 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 55 रन बनाए मगर लगातार बढती रनगति ने बंगलादेश की उम्मीदों को तोड दिया। यूसुफ पठान ने शाकिब का शिकार किया जबकि जहीर ने मुशफिकुर और रज्जाक के विकेट चटकाए1 मुनाफ ने महमूदुल्ला और नईम इस्लाम का शिकार कर बंगलादेश का संघर्ष समाप्त कर दिया।  भारत की ओर से मुनाफ ने दस ओवर में 48 रन पर चार विकेट चटकाए जबकि जहीर को दो विकेट मिले1 हरभजन सिंह और पठान को एक-एक विकेट मिला। शांतकुमारन श्रीसंथ पांच ओवर में 53 रन लुटाकर कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए।
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स्कोर कार्ड
भारत    रन    गेंद    4    6
सहवाग बो शाकिब     175    140    14    5
सचिन रनआउट    28    29    4    0
गंभीर बो महमूद्दुल्लाह    39    39    3    0
कोहली नाबाद    100    83    8    2
यूसुफ कै मुसफिकुर बो इस्लाम    8    10    0    0
अतिरिक्त : 20, कुल :  50 ओवर में 4 विकेट पर 370 रन। विकेटपतन : 1-69 (सचिन तेंदुलकर, 10.5), 2-152 (गौतम गंभीर, 23.2), 3-355 (वीरेंद्र सहवाग, 47.3), 4-370 (यूसुफ पठान, 49.6).
गेंदबाजी : शफीउल इस्लाम 60-0-69-1, रूबेल हुसैन 10-0-60-0, अब्दुर रज्जाक 9-0-74-0, शाकिब उल हसन 10-0-61-1, नईम इस्लाम 7-0-54-0, महमूद्दुल्लाह 7-0-49-1.
बांग्लादेश    रन    गेंद    4    6
तमीम कै युवराज बो मुनाफ    70    86    3    1
इमरुल बो मुनाफ    34    29    7    0
जुनैद स्टंप्स धोनी बो हरभजन    37    52    1    1
शाकिब कै हरभजन बो यूसुफ    55    50    5    0
रहीम कै रैना बो जहीर    25    30    2    0
रकीबुल नाबाद    28    28    0    1
महमूद्दुल्लाह बो मुनाफ    6    6    0    0
नईम पगबाधा बो मुनाफ    2    8    0    0
रज्जाक पगबाधा जहीर    1    5    0    0
शफीउल रनआउट    0    1    0    0
रूबेल नाबाद    1    6    0    0
अतिरिक्त : 24, कुल :  50 ओवर में 9 विकेट पर 283 रन। विकेटपतन : 1-56 (इमरूल कायेस, 6.5), 2-129 (जुनैद सिद्दीकी, 23.1), 3-188 (तमीम इकबाल, 32.1), 4-234 (शाकिब उल हसन, 39.4), 5-248 (मुशफिकुर रहीम, 42.3), 6-261 (महमूद्दुल्लाह, 44.3), 7-275 (नईम इस्लाम, 46.3), 8-279 (अब्दुर रज्जाक, 47.6), 9-280 (शफिउल इस्लाम, 48.3). गेंदबाजी : एस श्रीसंथ 5-0-53-0, जहीर खान 10-0-40-2, मुनाफ पटेल 10-0-48-4, हरभजन सिंह 10-0-41-1, यूसुफ पठान 8-0-49-1, युवराज सिंह 7-0-42-0.
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सहवाग का बेस्ट, कपिल की बराबरी की

मीरपुर. दुनिया के मौजूदा क्रिकेट में सबसे विध्वंसक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने विश्व कप के उद्घाटन मैच में आज टूर्नामेंट का पहला चौका और पहला शतक लगाने के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर बना दिया और महान कपिलदेव के 1983 के विश्वकप में 175 रन बनाने की बराबरी कर ली।
 सहवाग ने 140 गेंदों में 14 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 175 रन की ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कपिल के 1983 विश्वकप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रन के स्कोर की बराबरी भी कर ली1 कपिल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 गेंदों में 16 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 175 रन की पारी खेली थी। बेरहम बल्लेबाजी के पर्याय माने जाने वाले सहवाग ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 146 रन था जो उन्होंने दिसंबर 2009 में राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। सहवाग वनडे में सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों में अब सहवाग से आगे सौरभ गांगुली (183), महेन्द्र सिंह धोनी (नाबाद 183) और सचिन तेंदुलकर (नाबाद 186 तथा नाबाद 200 रन) हैं।
वीरू के बल्ले से निकला पहला चौका और शतक
सहवाग के नाम विश्वकप में पहला चौका और पहला शतक बनाने की शानदार उपलब्धि भी दर्ज हो गई। विस्फोटक ओपनर सहवाग ने बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप के उद्घाटन मैच में पहली ही गेंद पर चौका जडा और फिर 99 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से अपना शतक पूरा कर लिया। सहवाग का 229 वनडे करियर में यह 14वां शतक और विश्व कप का दूसरा शतक था। सहवाग ने महमूदुल्ला की गेंद को लेग साइड में खेलकर एक रन लिया और बंगलादेश के खिलाफ अपना पहला शतक बना दिया1 सहवाग ने इस शतक के साथ ही विश्व कप में 15 मैचों में 600 रन पूरे कर लिए। इससे पहले विश्वकप में उनके खाते में इससे पहले 14 मैचों में 463 रन थे1 उनके अब विश्वकप में 638 रन हो गए हैं। विश्वकप की शुरुआत सहवाग ने चौके के साथ की। उन्होंने बांग्लादेश के मध्यम तेज गेंदबाज शफीउल इस्लाम की गेंद पर कवर में शानदार चौका जड़कर विश्व कप की विस्फोटक शुरुआत की। विश्वकप का पहला ओवर फेंकने का सौभाग्य शफीउल इस्लाम को मिला। लेकिन उन्होंने इस ओवर में 12 रन लुटाए। सहवाग ने साथ ही इस ओवर की अंतिम गेंद पर भी चौका मारा। सहवाग फिर तो रोके नहीं रके और उन्होंने 94 गेंदों पर शतक जड़ दिया।  सहवाग विश्वकप में अपने दूसरे शतक के साथ ही विदेशी और तटस्थ मैदानों में दस शतक बनाने वाले तीसरे भारतीय और ओवरआल 13वें बल्लेबाज बन गए।
मैं खुद से कह रहा था 20-30 ओवर टिके रहो : सहवाग
ढाका. भारत की बांग्लादेश के खिलाफ विश्वकप उद्घाटन मैच में 87 रन की शानदार जीत के   सूत्रधार वीरेंद्र सहवाग ने आज कहा कि वह पारी की शुरआत से खुद से लगातार कह रहे थे कि उन्हें 20-30 ओवर तक क्रीज पर टिके रहना है। शानदार 175 रन बनाकर मैन आफ द मैच बने सहवाग ने कहा कि मैंने मैच में अच्छी शुरआत की थी और मैं चाहता था कि मैं अपनी पारी को लंबा खींचूं। मैं लगातार खुद से कह रहा था कि विकेट पर टिके रहो, रन बनते रहेंगे। मुझे खुशी है कि मैं लगभग आखिर तक विकेट पर टिका रहा।  खुशी व्यक्त करते हुए वीरू ने कहा कि हम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चाहते थे कि इस मैच को हर हाल में जीतें। हमने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत हासिल की। उन्होंने अपने फीजियो और ट्रेनर का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्होंने उनपर खासी मेहनत की जिससे वह लंबी पारी खेल सके। अपने जोड़ीदार विराट कोहली की भी तारीफ करते हुए सहवाग ने कहा कि उसने शानदार पारी खेली और वह इस शतक का हकदार था। सहवाग ने हालांकि सभी खिलाड़ियों की तारीफ की लेकिन तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंथ पर वह थोड़ा कटाक्ष कर गए कि उन्हें छोड़कर बाकी सभी अच्छा खेले।
सचिन का नया विश्व रिकार्ड, मियांदाद की बराबरी की

मीरपुर. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने विश्व कप के उद्घाटन मैच में आज यहां बंगलादेश के खिलाफ उतरने के साथ ही सर्वाधिक वनडे खेलने का रिकार्ड अपने नाम कर लिया। साथ ही उन्होंने सर्वाधिक छह विश्व कप खेलने के पाकिस्तान के जावेद मियांदाद की भी बराबरी कर ली।
 सचिन का यह 445वां मैच है और उन्होंने श्रीलंका के सनत जयसूर्या (444 वनडे) को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि अपने नाम की।  इसके साथ ही सर्वाधिक टेस्ट और वनडे खेलने के दोनों रिकार्ड एक साथ उनके नाम हो गए। सचिन टेस्ट और वनडे में सर्वाधिक रन और सर्वाधिक शतक बनाने के रिकार्ड भी अपने नाम रखते हैं। मास्टर ब्लास्टर ने इसके साथ ही मियांदाद के सर्वाधिक छह विश्व कप खेलने के रिकार्ड की भी बराबरी कर ली। मियांदाद ने 1975 से लेकर 1996 तक विश्व कप खेले थे जबकि सचिन ने 1992 से विश्व कप खेलना शुरू किया था। सचिन के पास इस टूर्नामेंट में विश्व कप में 2000 रन पूरे करने और वनडे में 18000 रन पूरे करने का भी मौका रहेगा। विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन के नाम इस टूर्नामेंट में 36 मैचों में 1796 रन और 444 वनडे में 17629 रन हैं।
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क्षेत्ररक्षण में अभी काफी सुधार की जरूरत : धोनी
मीरपुर. विश्व कप में विजयी आगाज और टीम के शानदार प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आ रहे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खेल के एक पहलू क्षेत्ररक्षण पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसमें काफी सुधार करने की जरूरत है। धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को उद्घाटन मैच में मिली 87 रन की जीत के बाद कहा कि टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही ओवरआल बढिया प्रदर्शन रहा है। लेकिन क्षेत्ररक्षण अभी ऐसा इलाका है जहां काफी सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि आपको मैदान में रन बचाने की जरूरत है। आप विरोधी को आसानी से क्षेत्ररक्षण में रन नहीं दे सकते। खिलाड़ियों ने मैदान में इस मैच में जो गलतियां की हैं उन्हें अगले मैचों में दोहराने से बचना होगा। हम कोशिश करेंगे कि अगले मैचों में टीम के क्षेत्ररक्षण में काफी सुधार आए। भारतीय कप्तान ने 175 रन बनाने वाले वीरेन्द्र सहवाग और नाबाद 100 रन बनाने वाले विराट कोहली की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी और इन दोनों ही बल्लेबाजों ने दोहरी शतकीय साझेदारी से भारत को बडे स्कोर तक पहुंचाया। धोनी ने कहा कि सहवाग ने अपनी पारी को बेहतरीन तरीके से आगे बढाया और उन्हें कोहली से काफी अच्छा साथ मिला। उन्होंने कहा कि यहां का विकेट धीमा था और नए बल्लेबाज के लिए शाट खेलने में मुश्किल हो सकती थी इसलिए जरूरी था कि टिके हुए बल्लेबाज विकेट पर जमे रहे और साझेदारी को आगे बढ़ाएं। धोनी ने कहा कि टीम ने विश्वकप में मनमाफिक शुरआत की है और इतने बडे टूर्नामेंट में विजयी शुरआत करना बहुत जरूरी होता है। भारतीय कप्तान ने हालांकि इस बात पर राहत जताई कि भारत को अगला मैच छह दिन बाद जाकर खेलना है जिससे छोटी-मोटी चोटों से पीड़ित उनके खिलाड़ियों को इनसे निजात पाने का मौका मिल जाएगा। 
दूसरी तरफ बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि हमने काफी खराब गेंदबाजी की और ऐसी गेंदें डाली जिनपर जमकर बाउंड्री लगी। इस तरह का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारे गेंदबाजों को अपने प्रदर्शन में अगले मैचों के लिए सुधार करना होगा। शाकिब हालांकि अपने बल्लेबाजों के प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि शीर्षक्रम के सभी बल्लेबाजों ने सधी हुई बल्लेबाजी की और सभी क्रिकेटिंग शाट खेले। टाप क्रम में सभी ने रन बनाए जो टीम के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने सहवाग की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय ओपनर ने शानदार पारी खेलकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया।
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वर्ल्ड कप के टाप स्कोरर बल्लेबाज
वर्ष    खिलाड़ी    देश    खिलाफ    रन    मैदान
1996    गैरी कर्स्टन    द. अफ्रीका    यूएई    188*    रावलपिंडी
1999    सौरव गांगुली    भारत    श्रीलंका    183    टांटन
1987    विवियन   रिचर्ड्स    वेस्टइंडीज    श्रीलंका    181    कराची
1983    कपिल देव    भारत    जिम्बाब्वे    175*    टनब्रिज
2011    वीरेंद्र सहवाग    भारत    बांग्लादेश    175    मीरपुर
2003    क्रेग विशार्ट    जिम्बाब्वे    नामीबिया    172*    हरारे
1975    ग्लेन टर्नर    न्यूजीलैंड    ईस्ट अफ्रीका    171*    बर्मिंघम
1996    एंड्रयू हडसन    द. अफ्रीका    नीदरलैंड    161    रावलपिंडी
2007    इमरान नजीर    पाकिस्तान    जिम्बाब्वे    160    किंग्सटन
2007    मैथ्यू हेडन    आस्टेÑलिया    वेस्टइंडीज    158    नार्थ साउंड
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वर्ल्डकप के पहले मैच में शतक बनाने वाले बल्लेबाज
वर्ष    खिलाड़ी    देश    रन
1975    डेनिस एमिस    इंग्लैंड    137
1979    गॉर्डन ग्रीनीज    वेस्टइंडीज    106
1983    एलेन लंब    इंग्लैंड    102   
1987    जावेद मियांदाद    पाकिस्तान    103
1992    मार्टिन क्रो    न्यूजीलैंड    100
1996    नाथन एस्टल    न्यूजीलैंड    101
2003    ब्रायन लारा    वेस्टइंडीज    116
2011    वीरेंद्र सहवाग     भारत    175
2011    विराट कोहली    भारत    100*
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1 comment:

  1. हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसके आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । शुभकामनाओं सहित...
    http://najariya.blogspot.com/2011/02/blog-post_18.html

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