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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Sunday 27 February 2011

विश्व कप : भारत और इंग्लैंड ने खेला सांसें थाम देने वाला टाई

 दोनों टीमों को एक-एक अंक, सचिन व स्ट्रास का शतक
बेंगलुरु. विश्व कप में इससे ज्यादा रोमांचक मैच कोई और नहीं हो सकता था। सांसें रुकी हुर्इं थीं, धड़कनें तेज चल रहीं थीं और हर हाथ दुआ में उठे हुए थे लेकिन भारत और इंग्लैंड के बीच कोई टीम जीत नहीं पाई और दोनों के बीच विश्व कप का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुकाबला आज रात टाई के रूप में समाप्त हो गया। भारत ने 49.5 ओवर में 338 रन बनाए तो इंग्लैंड ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 338 रन बनाए। इंग्लैंड को जीत के मुहाने तक ले जाने वाले स्ट्रास मैन आफ द मैच रहे।
एंड्रयू स्ट्रास
इंग्लैंड एक समय कप्तान एंड्रयू स्ट्रास (158) के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी से आसान जीत की तरफ बढ़ रहा था लेकिन तभी मैच ने पलटा खाया और बल्लेबाजी पावरप्ले में इंग्लैंड ने चार विकेट गंवा दिए। तब एक समय लगने लगा कि भारत जीत जाएगा। आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। इंग्लैंड ने इस ओवर में 13 रन बटोरे और मैच अंतत: टाई हो गया। दोनों टीमों को यह मैच टाई होने से एक-एक अंक मिला।
 भारत को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने विस्फोटक अंदाज में खेलते हुए विश्वकप का रिकार्ड पांचवां और अपना कुल 47वां शतक बनाते हुए  338 रन के विशाल स्कोर पर पहुंचाया था। मगर इंग्लैंड ने स्ट्रास के लाजवाब शतक से भारत को करारा जवाब दिया और बडेÞ स्कोरों वाला यह मैच आखिर अपने सही परिणाम यानी टाई पर पहुंचकर समाप्त हो गया। सचिन ने खचाखच भरे एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 115 गेंदों में दस चौकों और पांच छक्कों की मदद से 120 रन की तूफानी पारी खेलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सचिन का विश्व कप में यह रिकार्ड पांचवां शतक था। इस शतक के साथ ही उन्होंने आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग और उनके हमवतन मार्क वा तथा पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली को पीछे छोड़ दिया जिनके नाम चार चार शतक हैं। मास्टर ब्लास्टर ने वीरेंद्र सहवाग (35) के साथ पहले विकेट के लिए 46  रन, गौतम गंभीर (51) के साथ दूसरे विकेट के लिए 134 रन और युवराज सिंह (58) के साथ तीसरे विकेट के लिए 56 रन जोडेÞ।  सहवाग ने सिर्फ 26 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 35 रन की तूफानी पारी खेली। गंभीर ने 61 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 51 रन,  फार्म में लौटे युवराज ने 50 गेंदों में नौ चौकों की मदद से 58 रन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 25 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 31 रन बनाए।
 यूसुफ पठान ने 14 रन की अपनी संक्षिप्त पारी में एक चौका और एक छक्का ठोका। इंग्लैंड की तरफ से टिम ब्रेसनेन ने बेहतरीन गेंदबाजी की और 10 ओवर में 48 रन देकर पांच खिलाड़ियों को आउट किया जबकि उसके नंबर एक गेंदबाज जेम्स एंडरसन की तबियत से धुनाई हुई और उन्होंने 9.5 ओवर में 91 रन लुटाकर एक विकेट हासिल किया।
इंग्लैंड ने विशाल लक्ष्य के सामने विश्वसनीय शुरुआत करते हुए 9.3 ओवर में 68 रन जोड़ डाले। स्ट्रास और केविन पीटरसन ने अपनी टीम को अच्छा आधार दिया। हालांकि पीटरसन मुनाफ पटेल की गेंद पर उन्हें ही कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 22 गेंदों में पांच चौकों की मदद से तेज तर्रार 31 रन बनाए। स्ट्रास इसके बाद जोनाथन ट्राट (16) के साथ इंग्लैंड के स्कोर को 111 तक ले गए। ट्राट लेग स्पिनर पीयूष चावला की एक गुगली को समझ नहीं आए और विकेट के सामने पगबाधा हो गए।  लेकिन इसके बाद स्ट्रास और बेल ने मजबूत साझेदारी कर इंग्लैंड को लक्ष्य की तरफ बढ़ाना जारी रखा। स्ट्रास ने अपना अर्धशतक 50 गेंदों में छह चौकों की मदद से पूरा किया। इंग्लैंड के कप्तान ने विश्वकप का अपना पहला, भारत के खिलाफ पहला और अपना छठा शतक 99 गेंदों में 13 चौकों की मदद से पूरा कर लिया।  इस साझेदारी के दौरान भारतीय गेंदबाजी बेहद कमजोर नजर आई और क्षेत्ररक्षकों ने कैच टपकाने के साथ साथ खराब फील्डिंग करते हुए दोनों बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने के मौके दे दिए। हालांकि बेल को 25वें ओवर में उस समय रैफरल का फायदा मिला जब भारतीय खिलाड़ियों की पगबाधा की अपील तीसरे अंपायर ने भी ठुकरा दी। हालांकि रीप्ले से साफ जाहिर था कि युवराज सिंह की गेंद स्टंप्स को हिट कर रही है। दोनों बल्लेबाज टीम के स्कोर को 281 तक पहुंचा चुके थे। भारत की स्थिति नाजुक लग रही थी कि तभी इंग्लैंड ने बल्लेबाजी पावर प्ले लिया और इसी के साथ जैसे चमत्कार हो गया। जहीर ने 43वें ओवर की चौथी गेंद पर बेल को कोहली के हाथों कैच करा दिया और अगली ही गेंद पर स्ट्रास को पगबाधा कर दिया।   इंग्लैंड ने इस फैसले पर रैफरल मांगा मगर अंपायर ने पगबाधा का फैसला बरकरार रखा। स्ट्रास 145 गेंदों पर 18 चौकों और एक छक्के की मदद से 158 रन की अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। बेल ने 71 गेंदों पर 69 रन की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। इन दो विकेटों के साथ मैच में जैसे नाटकीय परिवर्तन आ गया और दर्शकों का जोश उफान मारने लगा। जहीर ने अपने अगले ही ओवर में पाल कोलिंगवुड (एक) को बोल्ड कर दिया। मैट प्रायर (चार) ने हरभजन की गेंद को उठाकर मारने की कोशिश की लेकिन वह ऊंचा कैच उछाल बैठे और स्थानापन्न खिलाड़ी सुरेश रैना ने आसानी से गेंद को लपक लिया। इंग्लैंड ने बल्लेबाजी पावरप्ले में 25 रन   जोडकर चार विकेट गंवा दिए।  मुनाफ ने जल्द ही माइकल यार्डी (13) को सहवाग के हाथों कैच करा दिया। इंग्लैंड का सातवां विकेट 307 के स्कोर पर गिर गया। चावला ने 49वें ओवर में दो छक्के खाने के बाद आखिरी गेंद पर टिम ब्रेसनेन (14) को बोल्ड कर दिया। आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 14 रन की जरूरत थी। अहमद शहजाद ने इस ओवर में एक छक्का मारा और इंग्लैंड को जीत के करीब ला दिया। आखिरी गेंद पर इंग्लैंड को दो रन चाहिए थे लेकिन एक रन बना और मैच टाई हो गया।  भारत की तरफ से जहीर ने 64 रन पर तीन विकेट,  मुनाफ ने 70 रन पर दो विकेट, चावला ने 71 रन पर दो विकेट और हरभजन ने 58 रन पर एक विकेट लिया।
 इससे पहले भारतीय पारी को विस्फोटक आगाज तो सहवाग ने दिया लेकिन उसे अंजाम तक सचिन ने पहुंचाया। पहले विकेट की 46 रन की साझेदारी के दौरान सचिन खामोश रहकर वीरू के बल्ले से निकल रहे चौकों का नजारा देखते रहे।  लेकिन उनके आउट होने के बाद सचिन ने रन बनाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली।  मास्टर ब्लास्टर ने पाल कालिंगवुड की गेंदों पर दो छक्के और इंग्लैंड के स्टार आफस्पिनर ग्रीम स्वान की गेंदों पर तीन छक्के जडेÞ। सचिन जब एक छोर से गेंदबाजों की धुनाई कर रहे थे तो गंभीर ने भी  उनका बखूबी साथ निभाते हुए पांच चौके जडेÞ।  ऐसे समय में युवराज भी कैसे पीछे रहते। उन्होंने भी सचिन के शाटों की बहती गंगा में हाथ धोते हुए फार्म में वापसी की और नौ चौकों के सहारे अर्धशतक जड़ा।  अपनी लाजवाब पारी खेलकर सचिन जब पवेलियन लौट रहे थे तो स्टेडियम में सभी दर्शक और ड्रेसिंग रूम में सभी भारतीय खिलाड़ी खड़े होकर तालियां बजाते हुए क्रिकेट के इस  बेताज बादशाह का स्वागत कर रहे थे। मास्टर ब्लास्टर का विकेट 236 के स्कोर पर गिरा जिसके बाद युवराज और धोनी ने पांचवें विकेट के लिए ताबडतोड अंदाज में 69 रन जोडेÞ। भारत ने जल्दी जल्दी रन बटोरने की कोशिश में आखिरी पांच ओवरों में अपने शेष सातों बल्लेबाजों को गंवा दिया।
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आखिरी ओवर का रोमांच
49.1 ओवर में मुनाफ पटेल की गेंद पर ग्रीम स्वान ने आफ साइड में शाट लगाकर दो रन लिये।
49.2 ओवर में स्वान ने धीमी गेंद पर शाट  लगाकर एक रन चुराया।
49.3 ओवर में मुनाफ की खराब गेंद पर शाहजाद ने छक्का जड़ा।
49.4 ओवर में शाहजाद ने बाय से एक रन लिया।
49.5 ओवर में स्वान ने गेंद को बाउंड्री की ओर भेजा लेकिन दो रन लेने में सफल हुए।
49.6 ओवर में स्वान ने एक रन लेकर मैच टाई कर दिया। 

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महाशतक से अब दो कदम दूर सचिन
शतकीय अभिवादन करते सचिन
बेंगलुरु. शतकों और रिकार्डों के बेताज बादशाह सचिन तेंदुलकर आज विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे का अपना 47वां और विश्व कप का रिकार्ड पांचवां शतक बना दिया1 अपने इस शतक के साथ सचिन अब अंतरराष् क्रिकेट में शतकों का महाशतक बनाने से सिर्फ दो कदम दूर रह गए हैं।
 सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 115 गेंदों में 10 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 120 रन बनाए जो उनका 47वां वनडे शतक था। सचिन अपने 446वें वनडे में इस मुकाम पर पहुंचे हैं। टेस्ट और वनडे दोनों तरह की क्रिकेट में सर्वाधिक शतकों का रिकार्ड अपने नाम रखने वाले सचिन के अब कुल 98 शतक हो गए हैं। मास्टर ब्लास्टर के नाम 177 टेस्ट मैचों में 51 शतक हैं। मास्टर ब्लास्टर ने विश्वकप में अपना यह पांचवां शतक बनाया है और विश्व कप में सर्वाधिक शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। सचिन  ने अपना शतक ताबडतोड अंदाज में खेलते हुए मात्र 103 गेंदों में पूरा किया था। बांग्लादेश के खिलाफ उद्घाटन मैच में सचिन सिर्फ 28 रन बनाकर रनआउट हो गए थे लेकिन उस मैच की सारी कसर उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ निकाल दी।  एकदिवसीय इतिहास में दोहरा शतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज सचिन ने गत वर्ष से लेकर अब तक ज्यादा वनडे नहीं खेले थे। पिछले वर्ष उन्होंने शुरू में दो वनडे खेले थे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल की एकदिवसीय श्रृंखला में वह सिर्फ दो मैच खेलने के बाद चोट के कारण स्वदेश लौट आए थे। अब तक कोई विश्व कप नहीं जीत पाए सचिन का एकमात्र सपना देश के लिए एक विश्वकप जीतना है। उन्होंने अपने 47वें शतक से एक बार फिर यह बता दिया है कि उनके अंदर रनों की भूख अभी थमी नहीं है। अप्रैल में 38 वर्ष के होने जा रहे सचिन आज भी उसी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं जिस अंदाज में वह अपसे कई वर्ष पहले किया करते थे1 विश्वकप के ब्रांड एम्बेसेडर सचिन के इस धमाकेदार शतक ने विश्वकप के जुनून को और तेजी दे दी है।
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स्कोर कार्ड
भारत                                               रन    गेंद    4    6
सहवाग कै प्रायर बो ब्रेस्नन                35    26    6    0
सचिन कै यार्डी बो एंडरसन                120    115    10    5
गंभीर बो स्वान                                 51    61    5    0
युवराज कै बेल बो यार्डी                     58    50    9    0
धोनी कै राइट बो ब्रेस्नन                   31    25    3    1
यूसुफ कै स्वान बो ब्रेस्नन                14    8    1    1
कोहली बो ब्रेस्नन                            8    5    1    0
हरभजन पगबाधा बो ब्रेस्नन            0    1    0    0
जहीर रनआउट                               4    5    0    0
चावला रनआउट                             2    4    0    0
मुनाफ नाबाद                                 0    0    0    0
अतिरिक्त : 15, कुल : 49.5 ओवर में 338 रन (आलआउट)।
विकेटपतन : 1-46 (वीरेंद्र सहवाग, 7.5), 2-180 (गौतम गंभीर, 29.4), 3-236 (सचिन तेंदुलकर, 38.2), 4-305 (युवराज सिंह, 45.6), 5-305 (महेंद्र सिंह धोनी, 46.1), 6-327 (यूसुफ पठान, 48.1), 7-327 (विराट कोहली, 48.2), 8-328 (हरभजन सिंह, 48.4), 9-338 (पीयूष चावला, 49.5), 10-338 (जहीर खान, 49.5).
गेंदबाजी : जेम्स एंडरसन 9.5-0-91-1, अजमल शहजाद 8-0-53-0, टिम ब्रेस्नन 10-1-48-5, ग्रीम स्वान 9-1-59-1, पाल कोलिंगवुड 3-0-20-0, माइकल यार्डी 10-0-64-1.
इंग्लैंड                                         रन    गेंद    4    6
स्ट्रास पगबाधा बो जहीर               158    145    18    1
पीटरसन कै एंड बो मुनाफ            31    22    5    0
ट्राट पगबाधा बो चावला                16    19    1    0
बेल कै कोहली बो जहीर                69    71    4    1
कोलिंगवुड बो जहीर                     1    5    0    0
प्रायर कै रैना बो हरभजन             4    8    0    0
यार्डी कै सहवाग बो मुनाफ           13    10    1    0
ब्रेस्नन बो चावला                        14    9    0    1
स्वान नाबाद                               15    9    0    1
शहजाद नाबाद                            6    2    0    १
 अतिरिक्त : 11, कुल :  50 ओवर में 8 विकेट पर 338 रन।
विकेटपतन : 1-68 (केविन पीटरसन, 9.3), 2-111 (जोनाथन ट्राट, 16.4), 3-281 (इयान बेल, 42.4), 4-281 (एंड्रयू स्ट्रास, 42.5), 5-285 (पाल कोलिंगवुड, 44.3), 6-289 (मैट प्रायर, 45.2), 7-307 (माइकल यार्डी, 47.3), 8-325 (टिम ब्रेस्नन, 48.6).
गेंदबाजी : जहीर खान 10-0-64-3, मुनाफ पटेल 10-0-70-2, पीयूष चावला 10-0-71-2, हरभजन सिंह 10-0-58-1, युवराज सिंह 7-0-46-0, यूसुफ पठान 3-0-21-0.
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भारत के नए सिक्सर किंग बने सचिन
स्ट्रेट सिक्स लगाते हुए सचिन.
बेंगलुरु. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड के खिलाफ आज यहां विश्व कप मैच में अपने रिकार्ड 47वें शतक के दौरान पांच छक्के उड़ाकर देश के नए सिक्सर किंग बन गए। सचिन ने 115 गेंदों पर अपनी 120 रन की पारी में दस चौके और पांच छक्के लगाए। उन्होंने इन पांच छक्कों के साथ एकदिवसीय मैचों में अपने छक्कों की संख्या 190 पहुंचाने के साथ ही पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली के भारतीय रिकार्ड की बराबरी कर ली।  गांगुली ने 311 मैचों में 190 छक्के मारे थे जबकि सचिन ने 446 मैचों में 190 छक्के मारे हैं। वनडे में सर्वाधिक छक्के मारने का विश्वरिकार्ड पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी के नाम है जिन्होंने 314 मैचों में 288 छक्के मारे हैं। श्रीलंका के सनत जयसूर्या 270 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
वनडे में सर्वाधिक छक्के मारने वाले खिलाड़ी
खिलाड़ी                            देश               मैच    छक्के
शाहिद आफरीदी                 पाकिस्तान    314    288   
सनथ जयसूर्या                  श्रीलंका          444    270   
सचिन तेंदुलकर                 भारत            446    190   
सौरभ गांगुली                    भारत            311    190   
क्रिस गेल                         वेस्टइंडीज      224    166

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