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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Monday 21 February 2011

विश्व कप : आस्ट्रेलिया का विजयी आगाज

 जिम्बाब्वे को 91 रन से हराया, शेन वाटसन ने बनाए 79 रन
शेन वाटसन
अहमदाबाद. शेन वाटसन और माइकल क्लार्क की अर्धशतकीय पारियों और मिशेल जानसन की उम्दा गेंदबाजी से पिछले तीन बार का चैंपियन आस्ट्रेलिया सोमवार को जिम्बाब्वे को 91 रन से शिकस्त देकर पांचवां विश्व कप जीतने के अपने अभियान का जानदार आगाज करने में सफल रहा।
वाटसन ने 79 रन बनाए जिसके लिए उन्होंने 92 गेंद खेली तथा आठ चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क 55 गेंद पर चार चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद रहे। इन दोनों के अलावा ब्रैड हैडिन (29) और कप्तान रिकी पोंटिंग (28) ने भी योगदान दिया जिससे आस्ट्रेलिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 262 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। जिम्बाब्वे ने शुरू में ही चार विकेट गंवाने के बाद संघर्ष जारी रखा लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम 46.2 ओवर में 171 रन पर सिमट गई और इस तरह से हार का अंतर ही कम कर पाई। जिम्बाब्वे की तरफ से नौवें नंबर के बल्लेबाज ग्रीम क्रेमर ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। आस्ट्रेलिया की तरफ से जानसन ने 19 रन देकर चार जबकि शान टैट और जैसन क्रेजा ने दो-दो विकेट लिए। आस्ट्रेलिया की जीत भले ही आसान दिख रही हो लेकिन उसके बल्लेबाजों को स्पिनरों के सामने काफी परेशानी हुई जबकि जानसन को छोड़कर उसके अन्य गेंदबाज भी जिम्बाब्वे के कम अनुभवी खिलाड़ियों पर अपना पूरा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के खेलने की कोशिश की। चार्ल्स कावेंट्री (14) ने ब्रेट ली पर छक्का जड़कर अपने इरादे जतलाए लेकिन यह तूफानी गेंदबाज शार्ट पिच गेंद पर उनकी कमजोरी भांप गया और अपने अगले ओवर में उन्होंने ऐसी ही गेंद पर वापस कैच लपककर जिम्बाब्वे को पहला झटका दिया। जानसन ने अनुभवी टातैंडा टैबू (7) और क्रेग इर्विन तथा शाट टैट ने सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर (16) को आउट करके जिम्बाब्वे का स्कोर चार विकेट पर 44 रन कर दिया। कप्तान एल्टन चिंगुबुरा (14) और सीन विलियम्स (28) ने अगले नौ ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच पांचवें विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी की। इन दोनों के पवेलियन लौटने के बाद क्रेमर और प्रोस्पर उत्सेया (24) ने आस्ट्रेलिया को आसानी से नहीं जीतने दिया और जब स्कोर सात विकेट पर 104 रन था तब आठवें विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी की। पोंटिंग को यह साझेदारी तोड़ने के लिए डेविड हस्सी को बुलाना पड़ा जिनकी लेग की तरफ टर्न होती गेंद पर उत्सेया ने आस्ट्रेलियाई कप्तान को आसान कैच थमाया। क्रेमर भी इसके कुछ देर बाद पवेलियन लौट गए जिसके बाद जिम्बाब्वे की पारी सिमटने में देर नहीं लगी।
इससे पहले, आस्ट्रेलिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरा लेकिन उसे शुरू से ही स्पिनरों का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे के स्पिनर आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर अंकुश लगाए रखने में कामयाब रहे। उसके तीनों मुख्य स्पिनरों रेमंड प्राइस, प्रास्पर उत्सेया और ग्रीम क्रेमर ने 30 ओवर में केवल 127 रन दिए और तीनों को एक-एक विकेट भी मिला। तेज गेंदबाज क्रिस मपोफु ने नौ ओवर में 58 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
वाटसन और हैडिन ने आस्ट्रेलिया को सकारात्मक शुरुआत दी लेकिन वे तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे। पहले 13 ओवर तक स्कोर केवल 32 रन था और इस बीच दो बार गेंद सीमा रेखा पार गई थी। इसके बाद मपोफु के ओवर में वाटसन और हैडिन ने दो-दो चौके जड़कर तेजी दिखाने की कोशिश लेकिन फिर भी पावरप्ले के पहले 15 ओवर में स्कोर 53 रन ही पहुंच पाया था। जिम्बाब्वे ने हैडिन के रूप में पहली सफलता हासिल की जिन्हें उत्सेया ने पगबाधा आउट किया। अंपायर अशोका डिसिल्वा ने हालांकि तब उन्हें नाटआउट दिया था और जिम्बाब्वे को रेफरल का सहारा लेना पड़ा था। हैडिन ने कितनी धीमी बल्लेबाजी की उसका अंदाजा इसी से लग सकता है कि उन्होंने अपने 29 रन के लिए 66 गेंद खेली।
वाटसन के खिलाफ भी जब क्रेमर ने पगबाधा की जोरदार अपील की थी तो इंग्लैंड के अंपायर रिचर्ड केटलबोरोग ने उसे ठुकरा दिया। जिम्बाब्वे ने फिर से रेफरल मांगा और दूसरी बार भी उसे सफलता मिली। वाटसन ने इस बीच कुछ अच्छे शाट लगाए जिसमें क्रेमर पर डीप मिडविकेट क्षेत्र में लगाया गया छक्का भी शामिल है। अभ्यास मैचों में दो अर्धशतक जमाकर अच्छी वापसी करने वाले पोंटिंग शुरू से ही स्पिनरों के सामने रन बनाने के लिए जूझते रहे। उन्होंने मपोफु के सीधे थ्रो पर रन आउट होने से पहले 36 गेंद खेली लेकिन इस बीच एक भी गेंद को सीमा रेखा के दर्शन नहीं करवा पाए। पोंटिंग के आउट होने के बाद भी गेंद सीमा रेखा पार जाने के लिए तरसती रही। इस बीच दस ओवर तक केवल एक चौका पड़ा। नए बल्लेबाज कैमरून वाइट (22) भी टीम को अपेक्षित तेजी नहीं दिला पाए। आस्ट्रेलिया ने 40वें ओवर के बाद पावरप्ले लिया और इससे रन गति में भी तेजी आई। वह भले ही पावरप्ले के इन पांच ओवर में 35 रन जुटा पाया लेकिन आखिर के पांच ओवरों में वह 55 रन जुटाने में सफल रहा। इसमें क्लार्क के अलावा डेविड हस्सी (आठ गेंद पर 14) और स्टीवन स्मिथ (चार गेंद पर 11) का योगदान भी अहम रहा।
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स्कोर कार्ड
आस्टेलिया                                             रन    गेंद    4    6
वाटसन पगबाधा बो क्रेमर                         79    92    8    1
हैडिन पगबाधा बो उत्सेया                        29    66    3    0
पोंटिंग रनआउट                                      28    36    0    0
क्लार्क   नाबाद                                        58    55    4    0
व्हाइट बो म्पोफु                                      22    36    0    0
हसी बो प्राइस                                         14    8    1    1
स्मिथ कै चकाब्वा बो म्पोफु                     11    4    1    1
जानसन नाबाद                                     7    3    1    0
अतिरिक्त : 14, कुल :  50 ओवर में 6 विकेट पर 262 रन।  
विकेटपतन : 1-61 (ब्रैड हैडिन, 18.5), 2-140 (शेन वाटसन, 31.2), 3-144 (रिकी पोंटिंग, 32.5), 4-207 (कैमरन व्हाइट, 44.6), 5-241 (डेविड हसी, 6-254 (स्टीवन स्मिथ, 49.1).
गेंदबाजी : क्रिस म्पोफु 9-0-58-2, रे प्राइस 10-0-43-1, प्रास्पर उत्सेया 10-2-43-1, ग्रीम क्रेमर 10-0-41-1, ब्रेंडन टेलर 3-0-23-0, एल्टन चिगुम्बुरा 2-0-18-0, सीन विलियम्सन 6-0-29-0.
जिम्बाब्वे                               रन    गेंद    4    6
टेलर बो टैट                             16    24    1    0
कोवंट्री कै एंड बो ली                 14    24    1    1
टैबू कै वाटसन बो जानसन     7    17    1    0
इरविन पगबाधा बो जानसन     0    6    0    0
चिगुम्बुरा कै हैडिन बो क्रेजा      14    25    2    0
विलियम्स कै वाटसन बो टैट    28    40    1    1
चकाब्वा पगबाधा बो क्रेजा        6    18    0    0   
उत्सेया कै पोंटिंग बो हसी        24    45    1    0
क्रेमर कै हैडिन बो जानसन    37    51    4    0
प्राइस नाबाद                          5    19    0    0
म्पोफु कै हैडिन बो जानसन    2    11    0    0
अतिरिक्त : 18, कुल :  46.2 ओवर में 171 रन (आलआउट)।
विकेटपतन : 1-22 (चार्ल्स कोवेंट्री, 5.4), 2-40 (टैटेंडा टैबू, 10.3), 3-40 (टेलर, 11.2), 4-44 (इरविन, 12.3), 5-88 (चिगुम्बुरा, 21.2), 6-96 (विलियम्स, 24.6), 7-104 (चकाब्वा, 27.2), 8-153 (प्रास्पर उत्सेया, 39.2), 9-167 (ग्रीम क्रेमर, 42.4), 10-171 (म्पोफु, 46.2).  
गेंदबाजी : शान टैट 9-1-34-2, ब्रेट ली 8-1-34-1, मिशेल जानसन 9.2-2-19-4, शेन वाटसन 3-0-7-0, स्टीवन स्मिथ 5-0-24-0, डेविड हसी 4-1-12-1.
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फाइनल की टिकटों के लिए मारामारी
के कारण वेबसाइट हुई क्रैश

 मुंबई. मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में दो अप्रैल को होने वाले विश्वकप के फाइनल मैच के लिए मात्र 1000 टिकटें बेच रही वेबसाइट आज इनकी बिक्री शुरू करने के कुछ सेकंड बाद ही भारी ट्रेफिक के कारण क्रैश हो गई।
 टिकटों की बिक्री में अंतरराष्टीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की साझेदार क्याजूंगा. काम ने दोपहर साढे बारह बजे टिकटों की बिक्री शुरू की लेकिन भारी ट्रेफिक के कारण वेबसाइट क्रैश हो गई।  वानखेडे स्टेडियम में कुल 31000 सीटों में मात्र 4000 सीटें आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं उनमें से 1000 टिकटों की बिक्री आनलाइन की जा रहा है जबकि 3000 टिकटें स्टेडियम के  टिकट काउंटर पर ही बेची जाएंगी। बाकी की टिकटें आईसीसी और मुंबई क्रिकेट संघ द्वारा मान्यता प्राप्त क्लबों को दी जाएंगी।  याहू के एक सूत्र ने बताया कि उनके पास सैंकडों क्रिकेटप्रेमियों की शिकायतें आ रही हैं जो उनकी वेबसाइट पर मौजूद लिंक के जरिए आधिकारिक टिकट एजेंसी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आईसीसी के प्रवक्ता ने इस बारे में शिकायत करने पर कहा कि हमने पहली बार इस बारे में सुना है इसलिए अभी हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते। टिकटों की बिक्री से पहले आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने आज कहा था कि टिकटों की मांग उनकी आपूर्ति के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतने लोगों की मांग पूरी कर पाना असंभव है। लेकिन हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने का मौका मिले। इसलिए हमने कुछ टिकटों को आनलाइन बेचने का निर्णय लिया है।  भारत जैसे क्रिकेट के दीवाने देश में यदि आम लोगों के लिए इतनी कम मात्रा में इस मेगा टूर्नामेंट के फाइनल के टिकट उपलब्ध लगाए जाए तो ऐसे में टिकटों को लेकर मारामारी होना कोई हैरानी की बात नहीं है। उद्घाटन मैच में बंगलादेश को बुरी तरह हराने वाली भारतीय टीम इस बार विश्वकप की प्रबल दावेदार मानी जा रही है इसलिए क्रिकेटप्रेमी इस मैच की टिकट हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।
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करोड़ों धड़कनें बढ़ाने के बाद सचिन फिट
मुंबई. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के  बाएं घुटने के दर्द ने अचानक ही करोडों धड़कनों को तेज कर दिया था लेकिन उनके घुटने का एमआरआई स्कैन होने के बाद उन्हें विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मैच के लिए क्लीन चिट दे दी गई है।
37 वर्षीय सचिन को उनके बाएं घुटने में दर्द महसूस होने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में रविवार रात उनके घुटने का स्कैन कराया गया1 ढाका में टीम इंडिया के बांग्लादेश के खिलाफ उद्घाटन मैचें जीत के बाद ही सचिन को घुटने में दिक्कत होने लगी थी। जहां टीम इंडिया के बाकी साथी 27 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मैच के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए जबकि सचिन स्कैन के लिए मुंबई रुक गए थे। टीम मैनेजर रंजीव बिस्वाल ने आज बताया कि यह पुरानी चोट है और इसे हल्का फुल्का ही कहा जा सकता है।
चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। एमआरआई स्कैन रिपोर्ट में सबकुछ ठीक है। मास्टर ब्लास्टर सोमवार की  बेंगलूर में शेष टीम के साथ जुड़ जाएंगेसचिन ने आज यहां अपने घुटने की परेशानी को चोट बताने से इनकार करते हुए संवाददाताओं से कहा था कि अब वह बिल्कुल ठीक है। उन्होंने कहा कि मैं ठीक हूं। मेरे घुटने में कोई गंभीर परेशानी नहीं है और मैंने एहतियातन एमआरआई स्कैन कराया था। भारतीय टीम विश्वकप में विजयी आगाज करने के बावजूद अपने खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही है। बांग्लादेश के खिलाफ 175 रन बनाने वाले विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के भी घुटने में चोट है।
जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा चोट के कारण पहले मैच में नहीं   खेल पाए थे।
 भारत की इस विश्वकप में उम्मीदों का दारोमदार उसके टाप क्रम के बल्लेबाजों पर टिका हुआ है। सचिन ने घुटने के दर्द की खबर फैलते ही जैसे हड़कंप मच गया था और हर तरफ यह प्रार्थना की जाने लगी थी कि अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे सचिन पूरी तरह फिट हो जाए और यह विश्व कप पूरा खेलकर खिताब जीतने का अपना सपना पूरा करें। सचिन के घुटने में दर्द महसूस होने के बाद टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें एमआरआई स्कैन कराने की सलाह दी थी जिसके कारण सचिन टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ बेंगलूर जाने के बजाए घुटने की स्कैनिंग के लिए मुंबई आ गए थे।  सचिन बंगलादेश के खिलाफ मैच में उतरने के साथ ही सर्वाधिक वनडे खेलने वाले खिलाड़ी बन गए थे। अपने विश्व रिकार्ड 445वें मैच में वह 28 रन बनाकर रनआउट हो गए थे।
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