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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Monday 28 November 2011

मणिपुर के महेश व नंदा जूनियर ट्रायथलॉन चैंपियन


0 20वीं नेशनल ट्रायथलॉन चैंपियनशिप शुरू 0 सब-जूनियर एक्वाथलॉन में कर्नाटक के सुहास व मीनल विजेता



रायपुर। 
20वीं नेशनल सब-जूनियर, जूनियर व सीनियर ट्रायथलॉन चैंपियनशिप के जूनियर वर्ग में मणिपुर के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। स्पर्धा के पहले दिन जूनियर ट्रायथलॉन के बालक वर्ग में मणिपुर के एल. महेश सिंह और बालिकाओं में मणिपुर की ही एस. नंदा देवी चैंपियन बनीं। सब-जूनियर एक्वाथलॉन में कर्नाटक के खिलाड़ियों ने बाजी मारी। इसमें बालक वर्ग में सुहास वाय. और बालिकाओं में मीनल बी. शिवप्रकाश विजेता रहीं।


स्पर्धा की शुरुआत जूनियर ट्रायथलॉन से हुई। इसमें खिलाड़ियों ने 750 मीटर तैराकी 20 किमी साइकिलिंग व 5 किमी दौड़ में हिस्सा लिया। तीनों इवेंट के बाद जूनियर ट्रायथलॉन के बालक वर्ग में मणिपुर के एल. महेश सिंह एक घंटा तीन मिनट 48.87 सेकंड का समय लेकर पहले स्थान पर रहे। मणिपुर के ही पेरिश सिंह एक घंटा पांच मिनट 59.30 सेकंड का समय लेकर दूसरे और महाराष्ट्र के अक्षय कदम एक घंटा छह मिनट व 46.65 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह बालिका वर्ग में मणिपुर की एस. नंदा देवी एक घंटा 15 मिनट 48.10 सेकंड का समय लेकर प्रथम, महाराष्ट्र की स्वप्नाली यादव एक घंटा 17 मिनट 43.72 सेकंड के साथ द्वितीय व गुजरात की कहर क्रुथिका ए. एक घंटा 21 मिनट 31.21 सेकंड के साथ तृतीय रहीं। 
इसके बाद सब-जूनियर एक्वाथलॉन की स्पर्धा हुई। इसमें खिलाड़ियों ने 350 मीटर तैराकी व 3 किमी दौड़ में हिस्सा लिया। स्पर्धा के बाद सुहास वाय. 15 मिनट 16.93 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। कर्नाटक के ही सूरज कुमार ने 15 मिनट 45.50 सेकंड का समय लेकर रजत पदक जीता। उड़ीसा के रूबेन बिलुंग ने 15 मिनट 46.86 सेकंड के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। बालिका एक्वाथलॉन में कर्नाटक की मीनल बी. शिवप्रकाश ने 18 मिनट 11.40 सेकंड के साथ स्वर्ण व चेतना गौड़ा ने 18 मिनट 14.46 सेकंड का समय लेकर रजत पदक जीता। तमिलनाडु की प्रियंका पुगल अरसु ने 18 मिटन 50.60 सेकंड का समय में स्पर्धा पूरी कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। 


नेशनल गेम्स को चुनौती की तरह लें 
इसके पूर्व स्पर्धा का उद्घाटन राज्यपाल शेखर दत्त ने झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री दत्त ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 37वें नेशनल गेम्स प्रस्तावित है, जो इसी जगह होना है। यहां के खिलाड़ियों को इसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। इसकी तैयारी कर ज्यादा मेडल जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ट्रायथलॉन दमखमभरा ओलिंपिक गेम है। इसमें पूरी क्षमता का प्रयोग किया जाता है। राज्यपाल ने कहा कि लोग खेलों को गोद लेकर छत्तीसगढ़ में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने दूसरे राज्यों के कोच व खिलाड़ियों से कहा कि वे यहां आकर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सिखाएं। उन्हें भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्यपाल ने अभिभावकों से भी कहा कि वे अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि आजकल के ज्यादातर आइकॉन स्पोर्ट्स से ही हैं। समारोह को खेल मंत्री लता उसेंडी, भारतीय ट्रायथलॉन संघ के महासचिव राकेश गुप्ता, छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया व पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन आयोजन सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर संसदीय सचिव विजय बघेल, खेल सचिव मनोहर पांडे, खेल संचालक जीपी सिंह, संजय बाजपेयी समेत अन्य पदाधिकारी, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद थे। 

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