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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Thursday 25 August 2011

विंसेंट लकड़ा समेत 21 को छत्तीसगढ़ राज्य खेल पुरस्कार

0 खेल मंत्री ने शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड विजेताओं की घोषणा की
विंसेंट लकड़ा
  रायपुर । हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा समेत 21 खिलाड़ियों को इस साल राज्य खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। खेल मंत्री लता उसेंडी ने गुरुवार को राज्य खेल पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। पांच खिलाड़ी शहीद राजीव पांडे, छह शहीद कौशल यादव, एक कोच व एक निर्णायक वीर हनुमान सिंह अवार्ड, एक शहीद विनोद चौबे व सात खिलाड़ी शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से सम्मानित होंगे।
खेल मंत्री ने बताया कि चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को शाम 6 बजे पं. रविशंकर शुक्ल प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों सम्मानित होंगे। इसके अलावा समारोह में राष्ट्रीय स्पर्धाओं में प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले राज्य के 305 खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद यहां के खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने नए जिले बनने पर हर्ष व्यक्त करते कहा कि इससे खिलाड़ियों को ज्यादा फायदा होगा। बड़े जिला होने से कई खिलाड़ी उपेक्षित हो जाते थे, लेकिन नए जिले बनने से उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
 खेल मंत्री ने जताई नाराजगी
विजेताओं की घोषणा करती हुईं खेल मंत्री लता उसेंडी 
खेल मंत्री ने घोषणा के पूर्व ही विजेताओं की सूची लीक होने के मामले में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। आगे से इसका ध्यान रखा जाएगा। सूची लीक होने पर यदि कोई दोषी पाया जाता है तो विभाग के संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गलती न हो।




नेशनल गेम्स की तैयारी सही दिशा में
खेल मंत्री सुश्री उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 37वें नेशनल गेम्स की तैयारी सही दिशा में है। इसके लिए अलग से सचिवालय बन गया है। इसके लिए डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है। सही समय पर सभी इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार हो जाएगा।
सेटअप व अकादमी शीघ्र
खेल मंत्री ने कहा कि खेल विभाग का सेटअप शीघ्र की पूर्ण कर लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। राज्य में अकादमी स्थापित करने का काम भी चल रहा है। अकादमी के लिए 13 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। इस पर जल्द ही कार्य किया जाएगा।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ी 
केशव साहू रायपुर
 शहीद राजीव पांडे अवार्ड : अंजनी पटेल बिलासपुर पैराओलिम्पिक गेम,
हरिनाथ दल्ली राजहरा
रोशिता केरकेट्टा दुर्ग पावरलिफ्टिंग, अनिता शिंदे वेटलिफ्टिंग, सीमा सिंह बास्केटबाल व एम. अनिता राव हैंडबाल शामिल हैं। इन्हें ढाई-ढाई लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
शहीद कौशल यादव अवार्ड : एल. दीपा व संगीता मंडल दोनों दुर्ग बास्केटबाल, केशव साहू रायपुर वेटलिफ्टिंग, जया कुंजाम भिलाई कराते, संध्या उर्वशा दल्ली राजहरा पावरलिफ्टिंग व सृष्टि नाग बिलासपुर तैराकी शामिल हैं।
आर. राजेंद्र भिलाई
इन्हें एक-एक लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।

संध्या उर्वशा दल्ली राजहरा
वीर हनुमान सिंह अवार्ड : कोच हरिनाथ दल्ली राजहरा पावरलिफ्टिंग व निर्णायक आर. राजेंद्र भिलाई बाक्सिंग शामिल हैं। इन्हें पुरस्कार के रूप में एक-एक लाख रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
शहीद विनोद चौबे अवार्ड : विंसेंट लकड़ा धरमजयगढ़ (पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी)। इन्हें 25 हजार रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।
सुरेश सिंह रायपुर

सृष्टि नाग बिलासपुर
शहीद पंकज विक्रम अवार्ड : सुरेश सिंह रायपुर वालीबाल, ज्योति पटेल दुर्ग फुटबाल, पी. किशोर दुर्ग जूडो, श्रद्धा सोनवानी बिलासपुर तीरंदाजी, मनोज धृतलहरे रायपुर साफ्टबाल, राजेश कुमार बिलासपुर बेसबाल व फारुख अहमद खान रायपुर कैरम शामिल हैं। इन्हें पुरस्कार के रूप में 25-25 हजार रुपए, प्रशस्ति फलक व ट्राफी दी जाएगी।

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अवार्ड के लिए 33 साल लंबा इंतजार!
0 वर्ल्ड कप हाकी खेलने वाले विन्सेंट लकड़ा को राज्य बनने के दस साल बाद मिला सम्मान
विन्सेंट लकड़ा
 रायपुर। हाकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जशपुर के विन्सेंट लकड़ा को किसी अवार्ड के लिए पूरे 33 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में वे उपेक्षित तो रहे ही, राज्य बनने के बाद भी छत्तीसगढ़ में अवार्ड के हकदार होने के बावजूद उन्हें 10 साल इंतजार करना पड़ा। खेल विभाग ने इस साल उन्हें शहीद विनोद चौबे अवार्ड (खेल विभूति) से सम्मानित करने की घोषणा की है। कई बार मांग उठने के बाद आखिरकार सरकार ने उन्हें सम्मानित करने के लिए 10 साल बाद सुध ली।
बेहद सीधे-साधे विन्सेंट ने 1978 में अर्जेंटीना के ब्यूनसआयर्स में हुए वर्ल्डकप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। यह प्रतियोगिता 18 मार्च से एक अप्रैल तक हुई थी। 1 जुलाई 1954 को जन्में विन्सेंट के पास उनकी उपलब्धियों के पदक भी हैं। भारतीय टीम के कई सितारा खिलाड़ियों के साथ वे हॉकी खेल चुके हैं। बड़े राज्य होने से वे हमेशा अविभाजित मध्यप्रदेश में उपेक्षित रहे। उन्होंने कभी किसी से पुरस्कार के लिए गुहार नहीं लगाई और न ही कभी आवेदन दिया। उनकी सोच थी कि यदि उन्होंने इस राज्य के लिए कुछ किया है तो उन्हें पुरस्कार मांगने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें देना चाहिए। उनकी इस तमन्नाा को पूरा होने में पूरे दस साल लग गए।
विन्सेंट छत्तीसगढ़ के ऐसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिनका पूरा जीवन सादगी से परिपूर्ण रहा है। वे खेती-किसानी कर जीवन-यापन कर रहे हैं। कभी-कभी तो परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें हाट-बाजारों में फल्ली बेचने का काम भी करना पड़ता है। खेल विभाग की ओर से उन्हें एक हजार रुपए पेंशन मिलता है। पर सुनने में आया है कि वह पेंशन भी अब बंद हो गया है।
आवेदन भरवाया गया
इस साल खेल अधिकारियों ने विन्सेंट से अवार्ड के लिए आवेदन भरवाया। वे स्वयं होकर कभी भी आवेदन नहीं किया। हालांकि उन्हें कई बार राज्य की खेल पुरस्कारों की चयन समिति के सदस्य भी बनाए गए। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के ग्राम सिधरा के रहने वाले विन्सेंट को पिछले साल ही अवार्ड देने की मांग काफी जोरों से उठी थी, तब कहीं जाकर खेल विभाग ने इस साल उनके नाम पर विचार किया। विन्सेंट राजधानी में पिछले साल आयोजित की गई कामनवेल्थ गेम्स की बैटन रिले के पहले धावक थे। उन्हें पिछले साल भी अवार्ड नहीं दिया जा सका, क्योंकि उन्होंने कोई आवेदन नहीं किया था। इस साल खेल संचालक जीपी सिंह की पहल पर उनसे आवेदन भरवाया गया। इस साल वे खेल विभूति सम्मान से सम्मानित होने वाले एकमात्र खिलाड़ी होंगे।
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