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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Tuesday 30 August 2011

अलंकृत होकर खिले चेहरे


0 खेल दिवस पर राज्य खेल पुरस्कार से अलंकृत हुए 21 खिलाड़ी
0 मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद विनोद चौबे व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से नवाजे

रायपुर।
राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए तो खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए।  वर्ल्ड कप खेलने के 33 साल बाद सरकारी मंच से पुरस्कृत होने वाले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा के चेहरे का भाव उनकी खुशी बयां कर रहे थे। तकरीबन यही भाव सभी खिलाड़ियों के चेहरे पर था। पं. रविवि प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यअतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को पांच खिलाड़ियों को शहीद राजीव पांडे, छह को शहीद कौशल यादव, दो को वीर हनुमान सिंह, एक को शहीद विनोद चौबे एवं सात खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम अवार्ड से नवाजे। इस तरह कुल 21 खिलाड़ियों को कुल 21.25 लाख रुपए के पुरस्कार बांटे गए। इसके अलावा राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले 374 खिलाड़ियों को भी 46.06 लाख रुपए के नकद पुरस्कार दिए गए।
समारोह की शुरुआत में अतिथियों ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीदों के माता-पिता व उनकी धर्मपत्नी का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा को शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया। जैसे ही श्री लकड़ा के नाम की घोषणा हुई, पूरा हाल तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। 33 साल बार पहली बार मिले सम्मान से श्री लकड़ा भावविभोर हो गए। इसके बाद बाक्सिंग के निर्णायक आर. राजेंद्रन व पावरलिफ्टिंग के कोच हरिनाथ को वीर हनुमान सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव व शहीद पंकज विक्रम अवार्ड के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खेल मंत्री लता उसेंडी, छग गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष सुभाष राव, महापौर डॉ. किरणमयी नायक, युवा आयोग के अध्यक्ष संतोष पांडे, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवकुमार पांडेय व छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया मौजूद थे।
खेल में नई बुलंदियों को छुएगा छग : रमन
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को सिर्फ मेडल ही नहीं नकद राशि के रूप में पुरस्कृत कर उन्हें आर्थक सहायता दे रही है। साथ ही प्रदेश संघ खिलाड़ियों को जिस तरह से तैयार कर रहे हैं, इससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ खेल जगत में नई बुलंदियों को छुएगा। यहां के खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का नाम देश व दुनिया में रोशन करेंगे।
खेल वातावरण तैयार होगा : कौशिक
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस तरह से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं। सरकार जिस तरह से उन्हें प्रोत्साहित कर रही है, उससे यहां बेहतर खेल वातावरण बनेगा और भविष्य में यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पहचान बनाएंगे।
समर्पण की भावना पैदा होगी : बृजमोहन
लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यहां सभी अवार्ड के नाम हमारे शहीदों के नाम पर दिए जा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों में देश के प्रति समर्पण की भावना पैदा होगी। छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों को करीब 70 लाख रुपए पुरस्कार बांट रही है,जो  देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे ज्यादा पुरस्कार है। 
खेलोगे कूदोगे, बनोगे नवाब : उसेंडी
समारोह में खेल मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इतना अधिक पुरस्कार दिया जा रहा है कि अब पुराने मुहावरा को बदलकर रख दिया है। अब यहां 'खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब" की जगह अब 'खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब" हो गया है। अब नौ नए राज्य बनने से खिलाड़ियों को और ज्यादा फायदा होगा।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ी
शहीद राजीव पांडे अवार्ड
खिलाड़ी                              खेल                                     स्थान
अंजनी पटेल                         पैराओलिंपिक                     बिलासपुर
रोशिता केरकेट्टा                  पावरलिफ्टिंग                     दुर्ग
अनिता शिंदे                         वेटलिफ्टिंग                       दल्ली राजहरा
सीमा सिंह                           बास्केटबाल                        भिलाई
एम. अनिता राव                  हैंडबाल                              भिलाई
शहीद कौशल यादव अवार्ड
खिलाड़ी                             खेल                                    स्थान
एल. दीपा                            बास्केबाल                          भिलाई
संगीता मंडल                      बास्केटबाल                         भिलाई
केशव साहू                         वेटलिफ्टिंग                         रायपुर
जय कुंजाम                       कराते                                  भिलाई
संध्या उर्वशा                     पावरलिफ्टिंग                      दल्ली राजहरा
सृष्टि नाग                          तैराकी                                बिलासपुर
वीर हनुमान सिंह अवार्ड
कोच/निर्णायक                  खेल                                 स्थान
हरिनाथ                              पावरलिफ्टिंग                  दल्ली राजहरा
आर. राजेंद्रन                       बाक्सिंग                         भिलाई
शहीद विनोद चौबे सम्मान
खिलाड़ी                             खेल                               स्थान
विंसेंट लकड़ा                       हॉकी                              धरमजयगढ़
शहीद पंकज विक्रम अवार्ड
खिलाड़ी                            खेल                                  स्थान
सुरेश सिंह                          वालीबाल                           रायपुर
ज्योति पटेल                      फुटबाल                              दुर्ग
पी. किशोर                         जूडो                                 भिलाई
श्रद्धा सोनवानी                   तीरंदाजी                           बिलासपुर
मनोज धृतलहरे                 साफ्टबाल                         रायपुर
राजेश कुमार                     बेसबाल                          बिलासपुर
फारुख अहमद खान             कैरम                             रायपुर
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हॉकी खेलने अब नहीं आते बच्चे : विंसेंट
0 सम्मानित होने के बाद पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट ने कहा

मुक्यमंत्री डॉ. रमण सिंह के हाथों सम्मानित होते विन्सेंट लकड़ा 
रायपुर। 33 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार प्रदेश सरकार से सम्मानित होने वाले हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विंसेंट लकड़ा को किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं है। पुरस्कार मिलने से बेहद खुश नजर आए श्री लकड़ा ने कहा कि अब हॉकी खेलने के लिए उनके पास बच्चे ही नहीं आते तो कैसे उन्हें सिखाएं।
उन्होंने कहा कि देर से ही सही पर पुरस्कार तो उन्हें मिल ही गया। इससे खुशी की क्या बात होगी। उन्होंने देश व प्रदेश में हॉकी की दयनीय स्थिति पर कहा कि इसके लिए सिर्फ सरकार ही नहीं सभी जिम्मेदार हैं। बच्चे भी अब हॉकी खेलने में इच्छा नहीं दिखाते तो उन्हें कैसे सिखाया जाए।
   अवार्ड के साथ विन्सेंट लकड़ा
शुरू में उन्होंने बच्चों को हॉकी सिखाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अब बच्चों ने इसमें रूचि लेना कम कर दिया। सुविधाओं के बारे में कहा कि यह दुर्भाग्य है कि राज्य बनने के दस साल बाद भी हॉकी का एक भी एस्टोटर्फ मैदान नहीं बन पाया है। यहां एस्टोटर्फ बनने व खेल मैदान विकसित करने से ही यहां के खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैदान तक लाने के लिए अच्छी सुविधा व खेल मैदान मिलना जरूरी है। खेती-बाड़ी कर जीवन-यापन करने वाले विंसेंट अब तक सिर्फ आर्मी से मिलने वाले पेंशन पर ही निर्भर हैं। उनके तीनों बेटे भी खेती-किसानी में उनका हाथ बंटाते हैं।
 

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