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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Monday 6 February 2012

छत्तीसगढ़ को रवि सोनी ने दिलाया स्वर्ण

0 41वीं नेशनल कैरम चैंपियनशिप में राज्य निर्माण के बाद पहला पदक
0 पुरुष एकल में योगेश और महिला में रश्मि बनीं चैंपियन
वेटरन वर्ग के पुरुष वर्ग में छत्तीसगढ़ के रवि सोनी लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से ट्राफी ग्रहण करते हुए. 
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कैरम एसोसिएशन की मेजबानी में खेली जा रही 41वीं सीनियर नेशनल कैरम चैंपियनशिप के छठे और अंतिम दिन वेटरन पुरुष वर्ग में छत्तीसगढ़ के रवि सोनी ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। राज्य निर्माण के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कैरम में यह पहला पदक है।
वेटरन महिला वर्ग की विजेता महाराष्ट्र की शोभा कामथ. 

रवि ने फाइनल मुकाबले में एयर इंडिया के बीएल जिटे  को 25-13, 24-20 से पराजित कर खिताब हासिल किया। छत्तीसगढ़ को पहली बार सीनियर नेशनल कैरम चैंपियनशिप में पदक मिला है। इसके पूर्व रवि सोनी ने एयर इंडिया के के. पंचोली को 25-4, 23-7 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश  किया। सेमीफाइनल में रवि सोनी का मुकाबला कर्नाटक के सी. श्रीनिवास के साथ हुआ। रोमांचक और संघर्षपूर्ण मैच में रवि सोनी ने 25-19, 13-22, 23-12 से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया। 
वेटरन महिला वर्ग में प्रदेश की प्रभा नायडू ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था, लेकिन वे आगे का सफर तय नहीं कर सकीं। क्वार्टर फाइनल में प्रभा नायडू महाराष्ट्र की ज्योति से 13-16, 6-19 से पराजित हो गईं। महिला वेटरन में महाराष्ट्र की शोभा कामथ ने महाराष्ट्र की ही ज्योति कटडरे को 25-0, 25-2 से पराजित कर खिताब हासिल किया।
पुरुष एकल में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पीएसपीबी के योगेश परदेशी ने मणिपुर के मधुप सिंग को 25-0, 25-8 से पराजित कर खिताब जीत लिया। महिला एकल के फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पीएसपीबी की रश्मि कुमारी ने अपने ही संस्थान की एम.प्रमिला देवी को 25-6, 25-4 से हराकर खिताब जीता। 

परिणाम एक नजर
पुरुष वर्ग 
क्र. खिलाड़ी पदक संस्थान
1. योगेश परदेशी विजेता पीएसपीबी
2. मधुप सिंह उपविजेता मणिपुर

पुरुष वेटरन वर्ग

1. रवि सोनी विजेता छत्तीसगढ़
2. वीएल जिटे उपविजेता      एयर इंडिया
महिला वर्ग 
1. रश्मि कुमारी विजेता पीएसपीबी
2. ए. प्रमिला देवी उपविजेता पीएसपीबी

वेटरन महिला वर्ग
1. शोभा कामत विजेता महाराष्ट्र
2. ज्योति कटडरे उपविजेता                   महाराष्ट्र

टीम चैंपियनशिप

पुरुष वर्ग
1.तमिलनाडु
2. विदर्भ
3. हैदराबाद
4. उत्तरप्रदेश

महिला वर्ग
1. तमिलनाडु
2. महाराष्ट्र
3. बिहार
4. हैदराबाद

संस्थान पुरुष वर्ग
1. सीसीएससीएसबी
2. एलआईसी
3. पीएसपीबी
4. एयर इंडिया

संस्थान महिला वर्ग 
1. एलआईसी
2. पीएसपीबी
3. आरबीआई
4. बीएसएनएल

नेशनल की टॉप-8 रैंकिंग
पुरुष एकल
क्र. खिलाड़ी राज्य/संस्थान
1. योगेश परदेशी पीएसपीबी
2. एम. मधुप सिंग मणिपुर
3. के. श्रीनिवास पीएसपीबी
4. फैय्याज शेख महाराष्ट्र
5. टीजे थांगा तमिलनाडु
6. प्रशांत मोरे बीओआई
7. के. प्रेमकुमार उत्तराखंड
8. एस. नागोनकर बीओआई

महिला एकल
1. रश्मि कुमारी पीएसपीबी
2. पी. प्रमिला देवी पीएसपीबी
3. आई. इला वेजाकी पीएसपीबी
4. कविता सोमांची आरबीआई
5. पी. निर्मला एलआईसी
6. एस. चंदोरकर आरबीआई
7. खुशबू पीएसपीबी
8. आयशा मोहम्मद महाराष्ट्र

वेटरन महिला
1. शोभा कामथ महाराष्ट्र
2. ज्योति कटडरे महाराष्ट्र
3. राजलक्ष्मी आरबीआई
4. अंजली दास असम
5. एमडी मालिनी कर्नाटक
6. प्रभा नायडू छत्तीसगढ़
7. रत्ना माला आरबीआई
8. आरके कोशी छत्तीसगढ़

वेटरन पुरुष
1. रवि सोनी छत्तीसगढ़
2. वीएल जिटे एयर इंडिया
3. बाबूलाल श्रीमाल महाराष्ट्र
4. सी.श्रीनिवास कर्नाटक
5. प्रकाश काम्बले महाराष्ट्र
6. निसार अहमद                कर्नाटक
7. गणेश भट्टाम मध्यप्रदेश
8. के. पंचोली एयर इंडिया
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रायपुर लकी रहा : रश्मि
महिला वर्ग की विजेता पीएसपीबी की रश्मि कुमारी. 
0 महिला वर्ग की नेशनल चैंपियन ने कहा, उम्मीद के अनुरूप रहा प्रदर्शन
रायपुर । महिला वर्ग का खिताब जीतने वाली पीएसपीबी की रश्मि कुमारी ने फाइनल जीतने के बाद कहा कि रायपुर उनके लिए हमेशा ही लकी स्थान साबित हुआ है। अब तक वे पांच नेशनल खिताब जीत चुकी हैं, उनमें से वे चार बार रायपुर में चैंपियन बनीं। 
रश्मि ने कहा कि स्पर्धा में उन्होंने उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में उनके ही संस्थान की प्रमिला देवी और सेमीफाइनल में इला से काफी चुनौती मिली। उन्होंने कहा कि बीएसएनल की गीता देवी के साथ खेला गया मैच उनके लिए बेहद इंट्रेस्टिंग रहा। इससे पहले वे 2002 में फेडरेशन कप में हिस्सा लेने पहली बार रायपुर आई थीं और उसमें वे विजेता रहीं। फिर 2007 में इंटर जोनल व एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए रायपुर आई और दोनों में ही चैंपियन बनीं। वर्ष 2000 में लंदन में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीतने वाली खिलाड़ी ने कहा कि हमेशा ही रायपुर में होने वाले आयोजनों में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। यह आयोजन भी बहुत ही बढ़िया रहा। 

कैरम को भी मिले तवज्जो : परदेशी
पुरुष वर्गे के विजेता पीएसपीबी के योगेश परदेशी. 
पुरुष एकल वर्ग के विजेता योगेश परदेशी ने फाइनल जीतने के बाद कहा कि यह उनकी तीसरा राष्ट्रीय खिताब है। उन्होंने कहा कि अन्य खेलों की तरह कैरम को भी तवज्जो मिलना चाहिए, जिससे कैरम खिलाड़ियों को अन्य अवार्ड व सरकारी सुविधाएं मिल सकें। 
2008 में फ्रांस में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले परदेशी का कहना है कि कैरम खिलाड़ी बेहद उपेक्षित हैं। उनके पास इतने सारे पदक होने के बावजूद अभी तक उन्हें कोई अवार्ड भी नहीं मिल पाया है। 1995 के बाद किसी कैरम खिलाड़ी को राष्ट्रीय स्तर का कोई अवार्ड प्राप्त नहीं हुआ है। एक अनुशासित खेल के रूप में कैरम काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसलिए इसे शीघ्र ही नेशनल गेम्स में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए भारतीय कैरम फेडरेशन महासंघ प्रयास कर रहा है। 

कैरम अकादमी खोलने का सपना : रवि
छत्तीसगढ़ को सीनियर नेशनल में पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले रवि सोनी का सपना राज्य में कैरम अकादमी खोलने का है। फाइनल जीतने का श्रेय रवि ने प्रदेश कैरम संघ, अपने परिजनों व शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के कठिन क्षणों में सभी ने आर्थिक मदक की। इससे वे इस खेल से जुड़े रहे और इसी का परिणाम है कि वे नेशनल चैंपियनशिप में राज्य के लिए पदक हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने। रवि ने अविभाजित मध्यप्रदेश में भी आल इंडिया कैरम चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और वे ग्वालियर में स्टेट चैंपियन बने थे। वेटरन वर्ग में खिताब जीतने वाले रवि वर्तमान में युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रहे हैं। विशेष रूप से बालिका वर्ग में रवि ने राज्य को कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। 
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अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा की मेजबानी की पेशकश


0 41वीं सीनियर नेशनल कैरम चैंपियनशिप के समापन समारोह में बृजमोहन ने बांटे पुरस्कार
रायपुर। छह दिनों तक इंडोर स्टेडियम में चली 41वीं सीनियर नेशनल कैरम चैंपियनशिप का शुक्रवार को समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय कैरम चैंपियनशिप की मेजबानी की दावेदारी की है। उन्होंने कहा है कि यदि ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन हमारी मेजबानी से संतुष्ट है तो जो भी अंतरराष्ट्रीय कैरम प्रतियोगिता फेडरेशन लेगा, उसकी मेजबानी करने के लिए छत्तीसगढ़ तैयार है।  
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर विजयी  खिलाड़ियों को पुरस्कार बांटे तथा उनके लिए नकद पुरस्कार की घोषणा भी की। उन्होंने पुरुष एकल वर्ग में विजेता को 31 हजार रुपए, उपविजेता को 21 हजार रुपए, तीसरे स्थान पर 11 हजार रुपए, महिला वर्ग में विजेता  को 21 हजार रुपए, उपविजेता  को 15 हजार और तीसरे स्थान पर 9 हजार रुपए नकद पुरस्कार की घोषणा की। वेटरन पुरुष में विजेता को 11 हजार और महिला वर्ग में विजेता को 5 हजार रुपए नकद पुरस्कार राशि और ट्राफी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इतना  बड़ा आयोजन फेडरेशन के अधिकारियों के सहयोग के बगैर नहीं हो सकता। कैरम भारत का मूल खेल है और फेडरेशन जो इतने साल से इस खेल को बनाए रखा है, उसे छत्तीसगढ़ प्रदेश कैरम को और भी आगे ले जाएगा। समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश कैरम एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप वर्मा ने स्वागत भाषण  में कहा कि इस चैंपियनशिप में बहुत ही बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। सबसे बड़ी उपलब्धि है कि रायपुर के रवि सोनी ने वेटरन में चैंपियनशिप का खिताब जीता। इस मौके पर जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप टंडन, बेबीलान ग्रुप ऑफ होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर परमजीत खनूजा, प्रदेश कैरम एसोसिएशन के सचिव विजय कुमार, उपाध्यक्ष सुरेश सिंग ठाकुर, गणेश सिंग ठाकुर, ऑल इंडिया कौमी एकता के दिनेश सिंग ठाकुर, उपसंचालक खेल ओपी शर्मा, प्रदेश ओलिंपिक संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. विष्णु  श्रीवास्तव, वॉलीबाल एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद अकरम खान  समेत ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन के सभी पदाधिकारी और देशभर के खिलाड़ी मौजूद थे।
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थक गया हूं अवार्ड का इंतजार करते-करते : योगेश परदेशी


रायपुर। कैरम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और वल्र्ड चैम्पियन योगेश उदयभान परदेशी का कहना है कि वे अर्जुन अवार्ड के हकदार हैं और पिछले कई सालों से वे अवार्ड का इंतजार करते-करते थक गए हैं। पेट्रोलियम स्पोट्र्स प्रमोशन बोर्ड के इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का कहना है कि क्रिकेट की तरह कैरम जैसे खेलों को भी मीडिया प्रमोट करे तो इस खेल का विकास होगा और कई प्रायोजक भी मिलेंगे।
कैरम के शीर्ष वरीय खिलाड़ी योगेश परदेशी ने विशेष मुलाकात में कहा कि 1995 में ए मारिया इरुदयम को कैरम में अर्जुन अवार्ड दिया गया था। मारिया जितनी ही उपलब्धियां उनके पास हैं लेकिन उन्हें अवार्ड नहीं दिया जाता। योगेश ने 2006 में दिल्ली वल्र्ड कप, 2008 में फ्रांस की वल्र्ड कैरम चैम्पियनशिप और 2010 में यूएस में वल्र्ड कप जीता है। दो बार वल्र्ड कप जीतने वाले इस खिलाड़ी ने कहा कि वे 1989 से कैरम खेल रहे हैं और इस खेल ने उन्हें काफी ऊंचाइयां दी हैं। मैं कैरम को भगवान मानता हूं। यह पूछने पर कि किस राज्य के खिलाडिय़ों से उन्हें कड़ी  टक्कर मिलती है तो उन्होंने कहा कि हर स्टेट का खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करता है और कैरम जैसे खेल में यह नहीं कहा जा सकता कि कौन सा खिलाड़ी कब बेहतर खेल का प्रदर्शन करके दिखा दे। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश, मलेशिया के खिलाडिय़ों से कड़ी टक्कर मिलती है। योगेश ने यह भी कहा कि क्रिकेट को मीडिया की वजह से प्रोत्साहन मिला है और कैरम जैसे खेलों को भी मीडिया ही आगे बढ़ा सकती है। यदि मीडिया का सहयोग मिले तो इस खेल को भी कई प्रायोजक मिलेंगे जिसका फायदा खिलाडिय़ों को मिलेगा। मारिया ने बताया कि ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन इस खेल को नेशनल गेम्स  में शामिल करने की मांग कर र हा है और उम्मीद है कि कैरम को राष्ट्रीय  खेलों में पूरी तवज्जो मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक में ऐसे बहुत से खेल हैं जिनके न तो ब्लाक स्तर पर खेल आयोजन होते हैं और न स्टेट अथवा लगातार राष्ट्रीय स्तर पर लेकिन उन खेलों को ओलंपिक में तवज्जो दी गई है।

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