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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Saturday 2 July 2011

सुविधाओं में अभी पीछे है छत्तीसगढ़

0 भारतीय हॉकी टीम की कप्तान व प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सबा अंजुम ने कहा
रायपुर। आयरलैंड से अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का नेतृत्व कर लौटीं प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सबा अंजुम ने कहा कि हॉकी में सुविधाओं के मामले में अभी छत्तीसगढ़ पीछे है। यहांॅ अभी तक एक भी एस्ट्रोटर्फ मैदान नहीं है। यदि यहांॅ एस्टोटर्फ मैदान बन जाए और अकादमी या हॉस्टल खुल जाए, तो बाकी काम अपने आप हो जाएगा। अंजुम शनिवार को प्रेस क्लब में 'प्रेस से मिलिए" कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा कर रही थीं।
अंजुम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा जैसे आदिवासी इलाके में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, उन्हें सिर्फ थोड़ी-सी सुविधा देने की जरूरत है। भारतीय टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दूरस्थ इलाकों से हैं और अभावों के बावजूद आगे बढ़ी हैं। उनकी इच्छा है कि भविष्य में छत्तीसगढ़ से एक नहीं, बल्कि पांॅच-छह लड़कियांॅ भारतीय टीम से खेलें, मगर भारतीय टीम का हिस्सा होना बहुत मुश्किल है। इसके लिए यहांॅ के खिलाड़ियों को कठिन मेहनत करनी होगी। 
उन्होंने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान को ज्यादा अधिकार नहीं है। कप्तान का काम बस टॉस उछालना है। भारतीय टीम की कप्तान बनने के बारे में कभी सोचा नहीं था। टीम की कमान संभालकर खुश हैं, लेकिन इसे वे सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में ही लेती हैं और उसी रूप में खेलती हैं।

अब ओलिंपिक पर नजरउन्होंने कहा कि भारतीय टीम की नजर अब ओलिंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट पर है, जो फरवरी में होगी। अभी इसका फिक्चर तय नहीं है। भारतीय टीम शीघ्र ही इसकी तैयारी में लग जाएगी। उन्होंने विदेशी कोच के बारे में कहा कि हर कोच का अपनी टेक्निक होती है। देशी हो या विदेशी कोच खिलाड़ियों को उससे सीखने में थोड़ा समय लगता है। खिलाड़ियों का काम सिर्फ खेलना होता है।

मौके का इंतजार
अंजुम ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाएंॅ देने के लिए मौके का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं छत्तीसगढ़ की बेटी हूंॅ और मौका मिला तो छत्तीसगढ़ की सेवा करना चाहती हूंॅ।" वे हर स्तर पर छत्तीसगढ़ को सेवाएंॅ देने के लिए तैयार हैं। चाहे कोच के रूप में हों या खिलाड़ी के रूप में। शासन की ओर से नौकरी मिले तो उसे वे सहर्ष स्वीकार कर लेंगी। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी दे दिया है। वर्तमान में वे वेस्टर्न रेलवे मुंबई में अपनी सेवाएंॅ दे रही हैं।
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सम्मानित हुईं
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सबा अंजुम को प्रेस क्लब में आयोजित 'प्रेस से मिलिए" कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब, नागरिक संघर्ष समिति व शेरा क्रीड़ा समिति की ओर से स्मृति चिन्ह व शाल भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सबा ने हॉकी की अपनी संघर्ष यात्रा के बारे में पत्रकारों से चर्चा की। अपने अनुभव बांटते हुए सबा ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कठिन मेहनत की। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उनके माता-पिता और कोच की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल पुसदकर ने सबा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। नागरिक संघर्ष समिति की ओर से विश्वजीत मित्रा, डॉ. राकेश गुप्ता व अमिताभ दीक्षित ने स्मृति चिन्ह व स्पोर्ट्स बेग भेंटकर सम्मान किया। इसी तरह शेरा क्रीड़ा समिति की ओर से समिति के सचिव मुश्ताक अली प्रधान, पवन झुनझुनवाला व शिरीष यादव ने शाल भेंटकर सबा का सम्मान किया। इस मौके पर अनेक पत्रकार मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने दिया नौकरी देने का आश्वासन
सबा अंजुम ने शनिवार शाम को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से उनके निवास में मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाएं देने की इच्छा प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने उन्हें शीघ्र ही योग्यातानुसार डीएसपी के पद पर नियुक्ति देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी को बढ़ावा देने के लिए राज्य में रायपुर, राजनांदगांव समेत तीन स्थानों पर शीघ्र ही एस्ट्रोटर्फ का निर्माण शुरू किया जाएगा। सबा के साथ गए नागरिक संघर्ष समिति के पदाधिकारी विश्वजीत मित्रा, अमिताभ दीक्षित व मुश्ताक अली प्रधान ने मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्टेट हॉस्टल खोलने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस पर भी शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही।



 

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