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"खेल सिर्फ चरित्र का निर्माण ही नहीं करते हैं, वे इसे प्रकट भी करते हैं." (“Sports do not build character. They reveal it.”) shankar.chandraker@gmail.com ................................................................................................................................................. Raipur(Chhattigarh) India

Tuesday 4 January 2011

सचिन का नए साल में शतक से आगाज

केपटाउन. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (146) के ताबड़तोड़ साल के पहले व 51वें टेस्ट शतक और हरभजन सिंह (40) की शानदार पारी की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मुकाबले के तीसरे दिन सभी विकेट खोकर 364 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत ली।
सचिन ने अपना 51वां शतक शानदार छक्का लगाकर बनाया। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 13 चौके और एक छक्का जमाया। तेंदुलकर का हरभजन बखूबी साथ निभा रहे हैं। फिलहाल दोनों ही खिलाड़ी भारत की मुश्किलों को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के 362 रन के जवाब में भारत ने सुबह के सत्र में गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण (15) के विकेट गंवाए। तेंदुलकर 94 रन और चेतेश्वर पुजारा दो रन बनाकर खेल रहे हैं। भारत अब भी दक्षिण अफ्रीका से 125 रन पीछे है। भारत ने सुबह के 32 ओवर में 95 रन जोड़े। गंभीर और तेंदुलकर ने तीसरे विकेट के लिए 176 रन की साझेदारी की। बाएं हाथ के स्पिनर पाल हैरिस ने गंभीर को विकेटकीपर मार्क बाउचर के हाथों कैच आउट कराकर यह साझेदारी तोड़ी।
लक्ष्मण आते ही पूरी लय में दिख रहे थे और उन्होंने तीन शानदार चौके ही जमाए लेकिन उन्हें जल्द ही बेहद दुखी मन से पवेलियन लौटना पड़ा। विडंबना देखिए कि तब हैरिस ने तेंदुलकर का कैच छोड़ दिया था लेकिन इस पर लक्ष्मण रन आउट हो गए। तेंदुलकर ने आगे बढ़कर शाट जमाया लेकिन गेंदबाज हैरिस उस पर केवल हाथ ही स्पर्श कर पाए। लक्ष्मण तब क्रीज से बाहर थे और गेंद नानस्ट्राइकर छोर पर विकेट पर लग गई। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा (2) भी जल्द ही चलते बने। पुजारा को डेल स्टेन ने एलबीडब्ल्यू किया। पुजारा के बाद तेंदुलकर का साथ देने आए कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी बिना खाता खोले ही चलते बने। धोनी स्टेन की गेंद पर एश्वेल प्रिंस के हाथों लपके गए। भारत ने सुबह दो विकेट पर 142 रन से आगे खेलना शुरू किया। गंभीर और तेंदुलकर को कुछ विषम पलों से गुजरना पड़ा। डेल स्टेन का तेंदुलकर के लिए पहला ओवर बेहद खतरनाक था जिसमें गेंद स्विंग कर रही थी।

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